Heed Herbals Bageshwar
Heed Herbals Bageshwar Aug 18, 2018

चमत्कार किसे कहते है

मैं रोज़ चमत्कार देखता हूँ और आप?

__________________

हम मनुष्य चमत्कार को नमस्कार करते हैं। जो भी अनोखी चीजें दिखती हैं उसके आगे नतमस्तक हो जाते हैं। चमत्कार करके दिखाने वाले के हम अनुयायी, भक्त या बंदे बन जाते हैं। बाबा, फ़क़ीर, जादूगरों, कलाबाजों और झाड़फूंक करने वालों को हमने भगवान तक का दर्जा दे रखा था और दे रखा है। पोटेशियम परमैंगनेट को नारियलों में भरकर उसे खून जैसा लाल रंग दिया गया और उस बाबा या फ़क़ीर के हम अनुयायी बन गए जिसने यह बता दिया कि मैंने तुम्हारी सब भूत बाधाएं/असरात दूर करदी है या तुम्हारे दुश्मन को तुम्हारे रास्ते से हटाने का प्रबंध कर दिया है। फॉस्फोरस को हाथों की उंगलियों पर रगड़कर धुएँ निकालने के चमत्कार या फिर उस धुएं को बोतल में प्रविष्ट करवा देने के चमत्कार को देखकर हम समझ बैठे कि इन्ही बाबा के पास शक्तिशाली जीन कैद है। सोडियम पर पानी डालकर आग लगा देने वाले बाबाओं ने भी अपने भक्तों और बंदों का साम्राज्य खड़ा किया है। कलाबाजियां दिखाकर भभूत, तावीज़, घड़ी, अंडा, सिक्का निकालने वाले बाबाओं ने भी अपने कई अनुयायी बनाए हैं।

क्या वाकई हमें इन छोटे मोटे सड़कछाप बाबाओं के चमत्कार देखकर इनके अनुयायी बन जाना चाहिए? क्या जादूगरी ही पैमाना है किसी के अनुयायी बनने का? नहीं। बिलकुल नहीं। मैं तो रोज़ाना बहुत बड़े बड़े चमत्कार देखता हूँ इस सृष्टि के। पृथ्वी, चंद्रमा, सूर्य और तारों का बिना किसी सहारे के एक निश्चित जगह घूमना वह भी बिना किसी त्रुटी के, क्या यह चमत्कार नहीं है? एक कोशिका से जीवों की उत्पत्ति हो जाना और वह भी अपने आप में पूर्ण, क्या यह चमत्कार नहीं है? सूर्य का अपने निश्चित समय में उगना और सारी सृष्टि को प्रकाशित कर देना तथा उस प्रकाश में सभी के लिए जीवनऊर्जा का होना क्या चमत्कार नहीं है? हमारे शरीर की यह अद्भत रचना और क्रियाविधि क्या चमत्कार नहीं है? हमारी आँखें देखती हैं, कान सुनते हैं, नाक सूंघती है, जीभ स्वाद लेती है, दिमाग का याद रखना और निर्देश देना क्या ये चमत्कार नहीं हैं? बारिश का होना, हवाओं का चलना क्या चमत्कार नहीं है? ना दिखने वाले गुरुत्वाकर्षण बल का सच्चा प्रभाव क्या चमत्कार नहीं है? मछलियों का जल में भी आसानी से जीवन बिताना और पक्षियों का आकाश में उड़ना क्या चमत्कार नहीं है? यह सभी चमत्कार ही हैं जो हम रोज़ देखते हैं लेकिन रोज़ाना होने की वजह से ये हमें चमत्कार नहीं लगते। हम भी अजीब हैं जो रोज़ाना हो उसे महत्वपूर्ण नहीं मानते जबकि रोज़ाना होने वाली घटनाएं ही महत्वपूर्ण होती हैं। उनका महत्व तब पता चलता है जब वे न हो। सोचिये क्या हो अगर एक दिन के लिए सूरज ना निकले तो। हम सभी को सूरज का महत्व समझ आ जाएगा।

तुच्छ चमत्कारों को नमस्कार करना बंद कीजिए, जादूगरों, कलाबाजों, कीमियागिरी करने वालों के झांसे में अब ना फँसे। उससे प्रेम करें और उसी की भक्ति करें जिसने ये सब बड़े बड़े चमत्कार रचे जो हमेशा हमारे सामने हैं, बस ज़रूरत है तो अपनी आँखों को खोलने की। हाँ, उसी सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी खुदा या ईश्वर के दीवाने भक्त बन जाइये जिसने हम सभी को बनाया है।

Sindoor Pranam Water +140 प्रतिक्रिया 59 कॉमेंट्स • 290 शेयर

कामेंट्स

Ashok Kapoor Aug 18, 2018
अत्ति उत्तम पंक्तिया

ईश्वर की सर्वव्यापकता को सभी जानते है किन्तु अनुभव नहीँ कोई नहीँ करता । यदि हम ईश्वर की सर्वव्यापकता का अनुभव करने लगेँ तो घर के झगड़े ही समाप्त हो जायँ , घर ही बैकुण्ठ बन जाय । सर्वव्यापकता का अर्थ है , सभी मे बसे हुए । दूध मेँ माखन नही दीखता फिर...

(पूरा पढ़ें)
Jyot Flower +3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 6 शेयर

Chapter - 01,  Serial No  211 –215

हमारे घर को प्रभु का घर मानना चाहिए और हमारी अभिलाषा होनी चाहिए कि प्रभु सुखपूर्वक उस घर में विराजे और हमारी सेवा स्वीकार करें ।

प्रभु हमारे दिनभर के चिंतन के केंद्रबिंदु बने रहने चाहिए ।

प्रभु सेवा में केवल औ...

(पूरा पढ़ें)
Like Tulsi +3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 11 शेयर

🌹"गुरु" और शिष्य के बीच एक दुर्लभ संवाद🌹

🌟शिष्य : मैं समय नहीं निकाल पाता. जीवन आप-धापी से भर गया है.

गुरु : गतिविधियां तुम्हें घेरे रखती हैं. लेकिन उत्पादकता आजाद करती है.

शिष्य : आज जीवन इतना जटिल क्यों हो गया है?

गुरु : ...

(पूरा पढ़ें)
Like Pranam Flower +240 प्रतिक्रिया 26 कॉमेंट्स • 642 शेयर

समुद्र मंथन >>>
संसार ही समुद्र है । जीवन मंथन ही समुद्र मंथन है । संसार समुद्र का मंथन करके ज्ञान और भक्तिरुपी अमृत का पान करने वाला अमर हो जाता है । मन मंदराचल एवं प्रेम डोर वासुकि नाग है ।
जीवन के सोलहवेँ वर्ष मे मनोमंथन शुरु होता है ।
युवाव...

(पूरा पढ़ें)
Like Pranam +3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 14 शेयर

प्रसन्नता का कारण

देवदास बड़ा हैरान था कि गुरु शृणोति, प्रत्येक स्थिति में प्रसन्न कैसे रह लेते हैं। उसका अध्ययन करने के लिये वह कई दिन तक निरन्तर शृणोति के साथ बना रहा।

मध्याह्न का भोजन कर चुकने के पश्चात् मुनि शृणोति ने अपनी धर्मपत्नी शोभा से ...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Jyot Flower +25 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 33 शेयर

Like Pranam Bell +18 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 109 शेयर
neeruguptayadav Sep 19, 2018

जड़भरत की कथा
🌹
जड़भरत के पिता उन्हें पंडित बनाना चाहते थे, किंतु बहुत प्रयत्न करने पर भी वे एक भी श्लोक याद न कर सके। उनके पिता ने उन्हें जड़ समझ लिया। पिता की मृत्यु के पश्चात मां भी चल बसी। कुटुंब में रह गये भाई और भाभियां, जड़भरत के साथ बहुत ...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Like Bell +50 प्रतिक्रिया 19 कॉमेंट्स • 73 शेयर

👉आध्यात्मिक प्रश्नोत्तरी !

प्रश्न → जीवन का उद्देश्य क्या है ?
उत्तर → जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है जो हमारे अन्दर रहकर हमारा संचालन करता है ।उसका साक्षात्कार ही मोक्ष है।

प्रश्न → मोक्ष का तात्पर्य क्या है ?
उत्तर → बार-बार जन्म और म...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Like Jyot +5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 49 शेयर

जै माँ नन्दा सुनंदा

Like Flower Pranam +12 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 6 शेयर

Chapter - 01,  Serial No  201 –205

भक्ति की गहराई में हमें उतरना चाहिए ।

प्रभु के लिए अत्यन्त प्रेम का निर्माण हमारे हृदय में होना चाहिए ।

प्रभु के श्रीकमलचरणों की तरफ हमारे चित्त का प्रवाह बहना चाहिए ।

प्रभु से कोई कार्य करवाने के लिए हम मन क...

(पूरा पढ़ें)
Like Flower Pranam +7 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 11 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB