vineeta tripathi
vineeta tripathi Jan 20, 2021

+152 प्रतिक्रिया 32 कॉमेंट्स • 81 शेयर

कामेंट्स

🌷JK🌷 Jan 20, 2021
🌹🌹Radhe Radhe🌹🌹 very nice post Good Evening ji 🌹🌹🙏🏼🌹🌹

Bhagat ram Jan 20, 2021
🌹🌹 शुभ रात्रि वंदन 🙏🙏🌺🌿💐🌹 जय श्री कृष्णा राधे राधे जी 🙏🙏🌺🌿💐🌹

hindusthani mohan sen Jan 20, 2021
जय श्री राधे कृष्ण जी शुभ रात्रि वंदन जी

M.S.Chauhan Jan 20, 2021
*शुभ रात्रि वंदन* *जय श्रीकृष्ण गोविंद* *जय श्री राधे राधे जी* *~~~~~~~~~~~~* *हर वक्त "घड़ी"* *मत देखो सिर्फ* *एक "घड़ी"* *"प्रभु"* *को देखो तो* *जिन्दगी की* *हर "घड़ी"* *सुधर जायगी*! *~~~~~~~~~* *Good Night ji🙏* 🏵️🌷🙏🌷🏵️

Mahesh Rathod Jan 20, 2021
जय श्री राधे कृष्ण Good night ji 🌹🙏 स्नेह भरा नमस्कार बहेन जी 🌹🌹🙏 आपका हर पल शुभ और खुशियों से भरा हो 🍎🍎

प्रवीण चौहान "२४७" Jan 20, 2021
🌷..!! जय श्री राधे राधे जी !!..🌷🌷 🦚🦚🐧🐧🐧🙏🏻🙏🏻🐧🐧🐧🦚🦚 🌺🙏🏻🌺 शुभ रात्रि वंदन जी 🌺🙏🏻🌺    अच्युतम केशवं राम नारायणं कृष्ण दामोदरम् वासुदेवं हरि, श्रीधरं माधवं गोपिका वल्लभं, जानकी नायकं रामचंद्रम भजे। अच्युतम केशवं सत्य भामधावं, माधवं श्रीधरं राधिका अराधितम, इंदिरा मन्दिरम चेतसा सुन्दरम, देवकीनन्दनं सम भजे। ⚘⚘आपका हर पल भक्ति मय रहें⚘⚘             🧡 🏹 🧡 जय श्री राम 🧡 🏹 🧡    🔥🔱🔥 जय श्री गणेश 🔥🔱🔥            ‼🔥‼ हर हर महादेव ‼🔥‼    💝💝💝 जय श्री राधे कृष्ण 💝💝💝

madan pal 🌷🙏🏼 Jan 20, 2021
जय श्री राधे राधे कृष्णा जी शुभ रात्रि वंदन जी आपका हर पल शुभ मंगल हो जी 🌷🙏🏼🌷🙏🏼🌷🙏🏼🌷

Hemat Jan 20, 2021
Jai Shree Radhe Krishna Ji Namah, Radhey Radhey Ji, Beautiful Post, Anmol Massage, Dhanywad Vandaniy Bahena Ji Pranam, Aap Aur Aapka Parivar Har Din Mangalmay Ho, Aap Sadaiv Haste Muskurate Rahiye. Shubh Ratri.

Arvid bhai Jan 20, 2021
jay shri radhe krisna subh ratri vandan radhe radhe nmskar ji ram ram ji

r h Bhatt Jan 20, 2021
Jai Shri Radhe Krishna Shubh ratri ji Vandana ji

ललन कुमार-8696612797 Jan 20, 2021
ईमानदारी से काम करने वाले का शौक भले ही पूरी ना हो पर नींद जरूर पूरी होती हैं।जय श्री राधे राधे जी।शुभ रात्रि वंदन जी।

🙏🌹Vanita Kale Jan 20, 2021
🙏🙏!!जय श्री कृष्णा!! 🙏 धराशायी हो जाता है उसके आगे चाहे कितना ही बड़ा महारथी हो, उसे क्या हराएगा इस जहां में कोई....!! कान्हा जिसका खुद सारथी हो.!!🙏शुभ रात्रि मेरे सभी भाइयों और बहना जी काे सदा हंसते मुस्कुराहाते रहीऐ नमस्कार जी.!

laltesh kumar sharma Jan 20, 2021
🌹🌿🌹🌿🌹 jai shree radhe krishan ji 🌹🌿🌹🎊🌿🌹 jai shree ganeshay namah ji 🌹🌿🌹🌿🌹🙏🙏

Brajesh Sharma Jan 20, 2021
जय गोविंद जय गोपाल जय जय श्री राधे जय जय श्री राधे कृष्णा जी

R.S.PARMAR⚡JAY MAHAKAL Jan 20, 2021
🍀🌹 शुभ प्रभात स्नेह वंदन जी 🌹🍀 आप हर पल खुश रहे स्वास्थ रहे और सदैव मुस्कराते रहे 🌹🙏 जय श्री राधे राधे 🌹🙏

+43 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 159 शेयर

+172 प्रतिक्रिया 70 कॉमेंट्स • 123 शेयर
RAJ RATHOD Feb 26, 2021

+303 प्रतिक्रिया 73 कॉमेंट्स • 243 शेयर
vineeta tripathi Feb 26, 2021

+122 प्रतिक्रिया 33 कॉमेंट्स • 86 शेयर
Neeta Trivedi Feb 26, 2021

+173 प्रतिक्रिया 39 कॉमेंट्स • 47 शेयर
SunitaSharma Feb 26, 2021

+52 प्रतिक्रिया 16 कॉमेंट्स • 8 शेयर

*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* *💐💐ध्यान के पंख💐💐* बहुत समय पहले की बात है,एक राजा को उपहार में किसी ने बाज के दो बच्चे भेंट किये,वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे और राजा ने कभी इससे पहले इतने शानदार बाज नहीं देखे थे,राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक अनुभवी आदमी को नियुक्त कर दिया। कुछ समय पश्चात राजा ने देखा कि दोनों बाज काफी बड़े हो चुके थे,और अब पहले से भी शानदार लग रहे हैं,राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे, आदमी से कहा, मैं इनकी उड़ान देखना चाहता हूँ, तुम इन्हें उड़ने का इशारा करो, आदमी ने ऐसा ही किया, इशारा मिलते ही दोनों बाज उड़ान भरने लगे पर जहाँ एक बाज आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा था वहीँ दूसरा, कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर आकर बैठ गया जिससे वो उड़ा था ,ये देख राजा को कुछ अजीब लगा, क्या बात है जहाँ एक बाज इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा..? राजा ने सवाल किया, सेवक बोला, जी हुजूर, इस बाज के साथ शुरू से यही समस्या है, वो इस डाल को छोड़ता ही नहीं, राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे, और वो दूसरे बाज को भी उसी तरह उड़ता देखना चाहते थे, अगले दिन पूरे राज्य में ऐलान करा दिया गया, कि जो व्यक्ति इस बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम दिया जाएगा, फिर क्या था, एक से एक विद्वान् आये और बाज को उड़ाने का प्रयास करने लगे, पर हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज का वही हाल था, वो थोडा सा उड़ता और वापस डाल पर आकर बैठ जाता, फिर एक दिन कुछ अनोखा हुआ,राजा ने देखा कि उसके दोनों बाज आसमान में उड़ रहे हैं, उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने को कहा जिसने ये कारनामा कर दिखाया था, वह व्यक्ति एक किसान था, अगले दिन वह दरबार में हाजिर हुआ, उसे इनाम में स्वर्ण मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा, मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ, बस तुम इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे कर दिखाया, मालिक..! मैं तो एक साधारण सा किसान हूँ , मैं ज्ञान की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट दी,जिस पर बैठने का आदि हो चुका था, और जब वो डाल ही नहीं रही तो वो भी अपने साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा । *हम सभी ऊँची उड़ान भरने के लिए ही बने हैं,लेकिन कई बार हम जो कर रहे होते है, उसके इतने आदि हो जाते हैं कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की क्षमता को भूल जाते हैं,जन्म जन्म से हम वासनाओं की डाल पर बैठते आए हैं और अज्ञानवश ये भी हमें ज्ञात नहीं कि जो हम आज कर रहे हैं,वहीं हमने जन्मों जन्मों में किया है,और ये हम भूल ही गए हैं कि हम उड़ान भर सकते हैं,अतृप्त वासनाओं की डाल पर बैठे बैठे हमें विस्मृत हो गया है,कि ध्यानरूपी पंख भी हैं, हमारे पास जिससे हम उड़ान भर सकते हैं,पदार्थ से परमात्मा तक की, व्यर्थ से सार्थक की...* *सदैव प्रसन्न रहिये।* *जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।* 🙏🙏🙏🙏🌳🌳🙏🙏🙏🙏🙏

+48 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 282 शेयर

. इंसान की असलियत की पहचान उसके व्यवहार और उसकी नियत से होती है..!! ✍️✍️ एक राजा के दरबार मे एक अजनबी इंसान नौकरी मांगने के लिए आया। उससे उसकी क़ाबलियत पूछी गई तो वो बोला, "मैं आदमी हो चाहे जानवर शक्ल देख कर उसके बारे में बता सकता हूँ। राजा ने उसे अपने खास "घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज" बना दिया। चंद दिनों बाद राजा ने उससे अपने सब से महंगे और मनपसन्द घोड़े के बारे में पूछा। उसने कहा, "नस्ली नही हैं। राजा को हैरानी हुई। उसने जंगल से घोड़े वाले को बुला कर पूछा। उसने बताया घोड़ा नस्ली तो है पर इसकी पैदायश पर इसकी मां मर गई थी। ये एक गाय का दूध पी कर उसके साथ पला है. राजा ने पूछा तुम को कैसे पता चला कि घोड़ा नस्ली नहीं है? उसने कहा , जब ये घास खाता है तो गायों की तरह सर नीचे करके खाता है जबकि नस्ली घोड़ा घास मुह में लेकर सर उठा लेता है। राजा उसकी काबलियत से बहुत खुश हुआ उसने उसके घर अनाज , घी और काफी सामान बतौर इनाम भिजवा दिए और उसे रानी के महल में तैनात कर दिया। चंद दिनो बाद राजा ने उससे रानी के बारे में राय मांगी। उसने कहा , तौर तरीके तो रानी जैसे हैं लेकिन पैदाइशी नहीं हैं। राजा के पैरों तले जमीन निकल गई। उसने अपनी सास को बुलाया। मामला उसको बताया। सास ने कहा "हक़ीक़त ये है कि आपके पिताजी ने मेरे पति से हमारी बेटी की पैदाइश पर ही रिश्ता मांग लिया था लेकिन हमारी बेटी 6 माह में ही मर गई थी , लिहाज़ा हम ने आपके रजवाड़े से करीबी रखने के लिए किसी और की बच्ची को अपनी बेटी बना लिया। राजा ने फिर अपने नौकर से पूछा "तुम को कैसे पता चला ? उसने कहा,"रानी साहिबा का नौकरो के साथ सुलूक गंवारों से भी बुरा हैं । एक खानदानी इंसान का दूसरों से व्यवहार करने का एक तरीका होता है जो रानी साहिबा में बिल्कुल नही। राजा फिर उसकी पारखी नज़रों से खुश हुआ और बहुत से अनाज , भेड़ बकरियां बतौर इनाम दीं। साथ ही उसे अपने दरबार मे तैनात कर दिया। कुछ वक्त गुज़रा , राजा ने फिर नौकर को बुलाया और अपने बारे में पूछा। नौकर ने कहा "जान की सलामती हो तो कहूँ। राजा ने वादा किया। उसने कहा , न तो आप राजा के बेटे हो और न ही आपका चलन राजाओं वाला है। राजा को बहुत गुस्सा आया। मगर जान की सलामती का वचन दे चुका था। राजा सीधा अपनी मां के महल पहुंचा। मां ने कहा, "ये सच है, तुम एक चरवाहे के बेटे हो। हमारी औलाद नहीं थी तो तुम्हे गोद लेकर हमने पाला है। राजा ने नौकर को बुलाया और पूछा , बता "तुझे कैसे पता चला? उसने कहा " जब राजा किसी को "इनाम" दिया करते हैं तो हीरे मोती और जवाहरात की शक्ल में देते हैं लेकिन आप भेड़ , बकरियां,खाने पीने की चीजें दिया करते हैं। ये रवैया किसी राजाओं का नही किसी चरवाहे के बेटे का ही हो सकता है। दोस्तों यदि किसी इंसान के पास कितनी धन दौलत , सुख समृद्धि , रुतबा , इल्म , बाहुबल है तो ये सब बाहरी दिखावा है।इंसान की असलियत की पहचान उसके व्यवहार और उसकी नियत से होती है।।

+2 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 14 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB