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Vijay Yadav Apr 18, 2019

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Swami Lokeshanand Apr 18, 2019

इधर भरतजी ननिहाल में हैं, उधर अयोध्या में सुमंत्र जी भगवान को वन पहुँचाकर वापिस लौटे। संध्या हो रही है, हल्का प्रकाश है, सुमंत्र जी नगर के बाहर ही रुक गए। जीवनधन लूट गया, अब क्या मुंह लेकर नगर में प्रवेश करूं? अयोध्यावासी बाट देखते होंगे। महाराज पूछेंगे तो क्या उत्तर दूंगा? अभी नगर में प्रवेश करना ठीक नहीं, रात्रि हो जाने पर ही चलूँगा। अयोध्या में आज पूर्ण अमावस हो गई है। रघुकुल का सूर्य दशरथजी अस्त होने को ही है, चन्द्र रामचन्द्रजी भी नहीं हैं, प्रकाश कैसे हो? सामान्यतः पूर्णिमा चौदह दिन बाद होती है, पर अब तो पूर्णिमा चौदह वर्ष बाद भगवान के आने पर ही होगी। दशरथजी कौशल्याजी के महल में हैं, जानते हैं कि राम लौटने वालों में से नहीं, पर शायद!!! उम्मीद की किरण अभी मरी नहीं। सुमंत्रजी आए, कौशल्याजी ने देखकर भी नहीं देखा, जो होना था हो चुका, अब देखना क्या रहा? दशरथजी की दृष्टि में एक प्रश्न है, उत्तर सुमंत्रजी की झुकी गर्दन ने दे दिया। महाराज पथरा गए। बोले- "कौशल्या देखो वे दोनों आ गए" -कौन आ गए महाराज ? कोई नहीं आया। -तुम देखती नहीं हो, वे आ रहे हैं। इतने में वशिष्ठजी भी पहुँच गए। -गुरुजी, कौशल्या तो अंधी हो गई है, आप तो देख रहे हैं, वे दोनों आ गए। -आप किन दो की बात कर रहे हैं, महाराज? -गुरुजी ये दोनों तपस्वी आ गए, मुझे लेने आए हैं, ये श्रवण के मातापिता आ गए। महाराज ने आँखें बंद की, लगे राम राम करने और वह शरीर शांत हो गया। विचार करें, ये चक्रवर्ती नरेश थे, इन्द्र इनके लिए आधा सिंहासन खाली करता था, इनके पास विद्वानों की सभा थी, बड़े बड़े कर्मकाण्डी थे। इनसे जीवन में एकबार कभी भूल हुई थी, इनके हाथों श्रवणकुमार मारा गया था, इतना समय बीत गया, उस कर्म के फल से बचने का कोई उपाय होता तो कर न लेते? यह जो आप दिन रात, उपाय उपाय करते, दरवाजे दरवाजे माथा पटकते फिरते हैं, आप समझते क्यों नहीं? आप को बुद्धि कब आएगी? अब विडियो देखें- दशरथ जी का देह त्याग https://youtu.be/qO3KqNYTVCU

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Prince Trivedi Apr 18, 2019

*🌞🎂हनुमान जन्मोत्सव 2019 - कथा पर्व तिथि व मुहूर्त 2019*🎂🎶🎷🎯 *🔔संकट मोचन, अंजनी सुत, पवन पुत्र हनुमान का जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है| हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की विधिवत पूजा पाठ करने से शत्रु पर विजय और मनोकामना की पूर्ति होती है|*   *🏆संकट मोचन हनुमान जी की जन्म कथा*🏆 *हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार माने जाते हैं| उनके जन्म के बारे में पुराणों में जो उल्लेख मिलता है उसके अनुसार अमरत्व की प्राप्ति के लिये जब देवताओं व असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया को उससे निकले अमृत को असुरों ने छीन लिया और आपस में ही लड़ने लगे। तब भगवान विष्णु मोहिनी के भेष अवतरित हुए। मोहनी रूप देख देवता व असुर तो क्या स्वयं भगवान शिवजी कामातुर हो गए। इस समय भगवान शिव ने जो वीर्य त्याग किया उसे पवनदेव ने वानरराज केसरी की पत्नी अंजना के गर्भ में प्रविष्ट कर दिया| जिसके फलस्वरूप माता अंजना के गर्भ से केसरी नंदन मारुती संकट मोचन रामभक्त श्री हनुमान का जन्म हुआ|* *केसरी नंदन कैसे बने हनुमान*🌹🌹 *केसरी नंदन मारुती का नाम हनुमान कैसे पड़ा?  इससे जुड़ा एक जग प्रसिद्ध किस्सा है| यह घटना हनुमानजी की बाल्यावस्था में घटी| एक दिन मारुती अपनी निद्रा से जागे और उन्हें तीव्र भूख लगी|  उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा| जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े| दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे| वह अमावस्या का दिन था और राहू सूर्य को ग्रहण लगाने वाले थे। लेकिन वे सूर्य को ग्रहण लगा पाते उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। राहु कुछ समझ नहीं पाए कि हो क्या रहा है? उन्होनें इंद्र से सहायता मांगी| इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो,  इंद्र ने बज्र से उनके मुख पर प्रहार किया जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए| वहीं इस प्रहर से मारुती मूर्छित होकर आकाश से धरती की ओर गिरते हैं| पवनदेव इस घटना से क्रोधित होकर मारुती को अपने साथ ले एक गुफा में अंतर्ध्यान हो जाते हैं*| *जिसके परिणामस्वरूप पृथ्वी पर जीवों में त्राहि- त्राहि मच उठती है| इस विनाश को रोकने के लिए सारे देवगण पवनदेव से आग्रह करते हैं कि वे अपने क्रोध को त्याग पृथ्वी पर प्राणवायु का प्रवाह करें| सभी देव मारुती को वरदान स्वरूप कई दिव्य शक्तियाँ प्रदान करते हैं और उन्हें हनुमान नाम से पूजनीय होने का वरदान देते हैं| उस दिन से मारुती का नाम हनुमान पड़ा| इस घटना की व्याख्या तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा में की गई है -*😊😊 *जुग सहस्र जोजन पर भानू।* *लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।* *हनुमान जयंती व्रत पूजा  विधि*📯🚩 *इस दिन व्रत रखने वालों को कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है| व्रत रखने वाले व्रत की पूर्व रात्रि से ब्रह्मचर्य का पालन करें| हो सके तो जमीन पर ही सोये इससे अधिक लाभ होगा| प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर प्रभू श्री राम, माता सीता व श्री हनुमान का स्मरण करें| तद्पश्चात नित्य क्रिया से निवृत होकर स्नान कर हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापित कर विधिपूर्वक पूजा करें| इसके बाद हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें| फिर हनुमान जी की आरती उतारें*|   *इस दिन स्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का अखंड पाठ भी करवाया जाता है| प्रसाद के रुप में गुड़, भीगे या भुने चने एवं बेसन के लड्डू हनुमान जी को चढ़ाये जाते हैं| पूजा सामग्री में सिंदूर, केसर युक्त चंदन, धूप, अगरबती, दीपक के लिए शुद्ध घी या चमेली के तेल का उपयोग कर सकते हैं|पूजन में पुष्प के रूप में गैंदा, गुलाब, कनेर, सूरजमुखी आदि के लाल या पीले पुष्प अर्पित करें|🌿🎷🌹🙏 इस दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से मनोकामना की शीघ्र पूर्ति होती है|* *👇हनुमान जयंती पर्व तिथि व मुहूर्त 2019*👇 *💥हनुमान जयंती तिथि - शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019*💥 पूर्णिमा तिथि आरंभ - 19:26  (18 अप्रैल 2019) से पूर्णिमा तिथि समाप्त - 16:41 (19 अप्रैल 2019) तक *🙏हनुमान जयंती शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019🙏 को  पूर्णिमा पर है। श्री हनुमानजी का जन्म इसी दिन हुआ, ऐसा माना जाता है। वैसे तो हनुमान मंत्रों का प्रयोग किसी भी शुभ मुहूर्त मंगलवार या शनिवार से किया जा सकता है, लेकिन इस मुहूर्त में किए जाने वाले पूजन-अर्चन कई गुना लाभ पहुंचाते हैं।  *🙏🙏🌞🎂हनुमान जन्मोत्सव  2019 - कथा पर्व तिथि व मुहूर्त 2019*🎂🎶🎷🎯LINK👇👇https://www.mymandir.com/p/1wIRhc?ref=share 🙏हनुमान जन्मोत्सव -2019  - हनुमान जी की ख़ास पूजा🙏LINK-https://www.mymandir.com/p/jFt1U?ref=share 🙏हनुमानजयन्ती-2019-श्री हनुमान चालीसा + हनुमान जी के सिद्ध चमत्कारी मंत्र* Link👍👍https://www.mymandir.com/p/37jcLb?ref=share 🏆🌞हनुमान जयंती 2019 - संकटमोचन हनुमानाष्टक मंत्र जप, पाठ, पूजा एवं व्रत Link--👍https://www.mymandir.com/p/VHuwr?ref=share हनुमान जयन्ती 2019 - सम्पूर्ण बजरंग बाण प्राचीन पाण्डुलिपियों के आधार पर -Link 👍https://www.mymandir.com/p/bFketc?ref=share हनुमान जयंती -2019 एकदशमुख हनुमत कवच👍👍Link -https://www.mymandir.com/p/10fHKb?ref=share *📯हनुमान जयंती 2019 - हनुमत्सहस्रनामस्तोत्रम् - श्री हनुमान जी के 1000 नाम*🙏https://www.mymandir.com/p/hrEOrc?ref=share 👍हनुमान जयंती 2019 -हनुमान वडवानल स्तोत्र पाठ करने की विधि*Link-https://www.mymandir.com/p/UQkoFb?ref=share *📯✈हनुमान जयंती - 2019 जीवन रक्षा के लिए करें  श्री पंचमुखी हनुमान कवच 🚀🚩* Link👇👇https://www.mymandir.com/p/0he1z?ref=share *🎯💥हनुमान जयंती 2019- विचित्रवीरहनुमन्मालामन्त्रःLINK👇👇👇https://www.mymandir.com/p/3I6Jc?ref=share हनुमान जयंती 2019 - बजरंग की कैंची चमत्कारी प्रयोग*🔫🔫🔫LINK👇👇👇https://www.mymandir.com/p/aN0yNb?ref=share हनुमान जयंती -2019 एकदशमुख हनुमत कवच*🍀🍂🏆LINK👇👇👇https://www.mymandir.com/p/kWeMjb?ref=share *JAI SHREE RAM* *🙏JAI SHREE MAHAKAL*🙏 *🌿JAI SHREE RAM🍁* *🙏🚩JAI SHREE MAHAKAL*🚩🙏

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