krishna
krishna Oct 13, 2019

Jay Radhe Krishna

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कामेंट्स

Renu Singh Oct 13, 2019
🌸 Sharad Purnima ki Hardik Shubh Kamnayen Sister Ji 🙏 Laxmi Narayan Ji Ka Aashirwad Aap aur Aapki family pr hamesha Bna rhe Shubh Ratri Vandan Ji 🙏🌹

Brajesh Sharma Oct 13, 2019
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जय जय श्री राधे राधे श्री मत्कुंजविहारिणे नमः जय जय श्री हरिवंश बांके बिहारी लाल की जय... जय जय श्री राधे कृष्णा जी... आप सभी को शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ और ढ़ेर सारी मंगल बधाई 🙏🌺

K N Padshala🙏 Oct 13, 2019
શરદ પૂનમની હાર્દિક શુભેચ્છાઓ જય શ્રી રાધે કૃષ્ણ જય શ્રી રાધે શ્યામ શુભ રાત્રિ વંદન મારી પ્યારી બહેન જી જય શ્રી કૃષ્ણ જય માતાજી 🌹🌹🙏🙏👌👌👌👌👌👌👌🏵🏵🕉

Munesh Tyagi Oct 14, 2019
जय श्री कृष्णा राधे राधे शुभ प्रभात जी

sumitra Oct 14, 2019
ओम नमः शिवाय🙏 मेरी प्यारी बहना आपका दिन शुभ मंगलमय हो भोलेनाथ मां पार्वती के आशीर्वाद से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो आपका दिन शुभ और मंगलमय हो बहना जी,🙏🚩

sumitra Oct 16, 2019
करवा चौथ की अग्रिम🙏 शुभकामनाएं मेरी प्यारी बहना जी गणपति बप्पा के आशीर्वाद से आपके घर परिवार में सुख समृद्धि बनी रहे आपका आने वाला कल शुभ व मंगलमय हो मेरी बहना जी🌹🚩🙏

Vijay S. Kumar Oct 17, 2019
🙏🌹जय श्री महाकाल 🌹🙏

sumitra Oct 21, 2019
good morning 🙏 dear sister Aapka din shubh v mnglmay ho sister ahoi ashtmi ki Hardik shubkamny Sister ji 🙏🌹🌹🌹

K N Padshala🙏 Oct 21, 2019
जय श्री कृष्णा शुभ रात्रि वंदन 🌹🙏🙏

sumitra Oct 22, 2019
very sweet 🙏 good morning dear sister Aapka din shubh v mnglmay ho sister hnuman ji SDA Àapka mngl kre Sister 🙏 ji 🚩🌹

Brajesh Sharma Oct 24, 2019
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय बांके बिहारी लाल की जय... जय जय श्री राधे ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव

sumitra Oct 25, 2019
धनतेरस की हार्दिक🙏 शुभकामनाएं मेरी बहना धन की देवी महालक्ष्मी और धन के देवता कुबेर आपके घर में सदैव विराजमान रहे आपके घर परिवार में सुख समृद्धि लाएं इसी मंगल कामना के साथ आपका दिन शुभ व मंगलमय हो बहना जी🚩🙏🌹

Brajesh Sharma Oct 25, 2019
जय श्री राधे कृष्णा जी.... जय माता दी... जय माता दी🙏 आपको पूरे परिवार सहित धनतेरस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ 💐 भगवान धनवंतरी आपके घर में सुख , स्वास्थ्य व धन का हमेशा भंडार भरें रखे🙏

simran Feb 18, 2020

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Neha Sharma, Haryana Feb 18, 2020

*जय श्री राम जय वीर बजरंग बली की*शुभ प्रभात् नमन* : 🔱 *शिवनवरात्रि उत्सव विशेष* 🔱 उज्जैन। विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आज से शिवनवरात्रि उत्सव की शुरुआत हुई। शिवनवरात्रि भगवान शिव की आराधना का उत्सव है। देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र श्री महाकाल मंदिर ही है जहाँ शिवनवरात्रि मनाई जाती है। जिस प्रकार शक्ति की आराधना के लिए देवी मंदिरों में नवरात्रि मनाई जाती है उसी प्रकार शिवनवरात्रि में शिव भक्त भगवान शिव की पूजा-अर्चना, उपवास व साधना करते हैं। ऐसी आस्था है कि माता पार्वती ने भी शिवजी को पाने के लिए शिवनवरात्रि में भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ कठिन साधना व तपस्या की थी। सामान्यतः शिवरात्रि को भगवान शिव के विवाह का पर्व माना जाता है। लोकपरंपरा में जिस प्रकार विवाह के समय दूल्हे को कई दिन पूर्व से हल्दी लगाई जाती है उसी प्रकार महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को शिवरात्रि के 9 दिन पूर्व से हल्दी, चंदन अर्पित कर दूल्हा रूप में श्रृंगारित किया जाता है। महाकाल मंदिर में दिनांक 13 से 22 फरवरी तक शिवनवरात्रि उत्सव के दौरान भगवान महाकाल का हल्दी, चंदन के साथ 9 विविध रूपों में आकर्षक वस्त्र, आभूषण, मुकुट, सोला, दुपट्टा, छत्र व मुखौटों से श्रंगार किया जाएगा। महाशिवरात्रि 21 फरवरी की मध्यरात्रि भगवान महाकाल की विशेष महापूजा के पश्चात 22 फरवरी की सुबह भगवान महाकाल को सप्तधान मुखौटा धारण करा कर सवा मन फूल व फल आदि से विशेष सेहरा श्रंगार किया जाएगा। इस आकर्षक सेहरे में सजे दूल्हा बने भगवान महाकाल के दर्शन श्रद्धालुओं को दोपहर 12 बजे तक होंगे। 22 फरवरी को तड़के 4 बजे होने वाली भगवान महाकाल की भस्मारती दोपहर को सेहरा दर्शन सम्पन्न होने के पश्चात होगी। वर्ष में केवल एक दिन ही तड़के होने वाली भस्मारती दोपहर में होती है। शिवनावरात्रि के दौरान पूरे 9 दिन दूल्हे बने भगवान महाकाल हरि कथा का श्रवण करेंगे। इंदौर के कानड़कर परिवार के सदस्य पंडित रमेश कानड़कर भगवान महाकाल को हरि कथा सुनाएंगे। जिस प्रकार देवर्षि नारदजी खड़े रह कर करतल ध्वनि के साथ हरि नाम संकीर्तन करते हैं, उसी प्रकार पं. कानड़कर जी भी मंदिर परिसर स्थित मार्बल चबूतरे पर प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक खड़े रह कर नारदीय संकीर्तन के साथ कथा करेंगे। यह परंपरा मंदिर में पिछले 111 वर्षों से चली आ रही है। सोमवार को शिवनवरात्रि के पहले दिन मंदिर के नैवेद्य कक्ष में भगवान चंद्रमौलेश्वर व कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित कोटेश्वर महादेव व भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना के साथ पुजारियों ने शिवनवरात्रि के पूजन का संकल्प लिया। इसके बाद ब्राह्मणों द्वारा भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक व एकादश-एकदशनी रुद्रपाठ किया गया। दोपहर 1 बजे भोग आरती हुई। भगवान महाकाल को हल्दी, चंदन व उबटन लगाकर दूल्हा बनाया गया। दोपहर 3 बजे संध्या पूजन के पश्चात जलाधारी पर मेखला एवं भगवान महाकाल को नवीन वस्त्र के रूप में सोला व दुपट्टा धारण कराकर दूल्हा स्वरूप में श्रृंगार किया गया। बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों नें बाबा महाकाल के दूल्हा स्वरूप में दर्शन का पुण्य लाभ लिया इस अवसर पर मंदिर में आकर्षक पुष्प व विद्युत सज्जा की गई है। ✍ *डॉ. महेन्द्र यादव* भोग का फल..... एक सेठजी बड़े कंजूस थे। . एक दिन दुकान पर बेटे को बैठा दिया और बोले कि बिना पैसा लिए किसी को कुछ मत देना, मैं अभी आया। . अकस्मात एक संत आये जो अलग अलग जगह से एक समय की भोजन सामग्री लेते थे, . लड़के से कहा, बेटा जरा नमक दे दो। . लड़के ने सन्त को डिब्बा खोल कर एक चम्मच नमक दिया। . सेठजी आये तो देखा कि एक डिब्बा खुला पड़ा था। सेठजी ने कहा, क्या बेचा बेटा ? . बेटा बोला, एक सन्त, जो तालाब के किनारे रहते हैं, उनको एक चम्मच नमक दिया था। . सेठ का माथा ठनका और बोला, अरे मूर्ख ! इसमें तो जहरीला पदार्थ है। . अब सेठजी भाग कर संतजी के पास गए, सन्तजी भगवान् के भोग लगाकर थाली लिए भोजन करने बैठे ही थे कि.. . सेठजी दूर से ही बोले, महाराज जी रुकिए, आप जो नमक लाये थे वो जहरीला पदार्थ था, आप भोजन नहीं करें। . संतजी बोले, भाई हम तो प्रसाद लेंगे ही, क्योंकि भोग लगा दिया है और भोग लगा भोजन छोड़ नहीं सकते। . हाँ, अगर भोग नहीं लगता तो भोजन नही करते और कहते-कहते भोजन शुरू कर दिया। . सेठजी के होश उड़ गए, वो तो बैठ गए वहीं पर। . रात हो गई, सेठजी वहीं सो गए कि कहीं संतजी की तबियत बिगड़ गई तो कम से कम बैद्यजी को दिखा देंगे तो बदनामी से बचेंगे। . सोचते सोचते उन्हें नींद आ गई। सुबह जल्दी ही सन्त उठ गए और नदी में स्नान करके स्वस्थ दशा में आ रहे हैं। . सेठजी ने कहा, महाराज तबियत तो ठीक है। . सन्त बोले, भगवान की कृपा है..!! . इतना कह कर मन्दिर खोला तो देखते हैं कि भगवान् के श्री विग्रह के दो भाग हो गए हैं और शरीर काला पड़ गया है। . अब तो सेठजी सारा मामला समझ गए कि अटल विश्वास से भगवान ने भोजन का ज़हर भोग के रूप में स्वयं ने ग्रहण कर लिया और भक्त को प्रसाद का ग्रहण कराया। . सेठजी ने घर आकर बेटे को घर दुकान सम्भला दी और स्वयं भक्ति करने सन्त शरण चले गए। ** भगवान् को निवेदन करके भोग लगा करके ही भोजन करें, भोजन अमृत बन जाता है। *• जय जय श्रीराधे •* स्वांसों का क्या भरोसा.......... नानक जी के पास सतसंग में एक छोटा लड़का प्रतिदिन आकर बैठ जाता था। एक दिन नानक जी ने उससे पूछाः- "बेटा, कार्तिक के महीने में सुबह इतनी जल्दी आ जाता है, क्यों ? वह छोटा लड़का बोलाः- "महाराज, क्या पता कब मौत आकर ले जाये ?" नानक जीः- "इतनी छोटी-सी उम्र का लड़का, अभी तुझे मौत थोड़े मारेगी ? अभी तो तू जवान होगा, बूढ़ा होगा, फिर मौत आयेगी। लड़का बोलाः- "महाराज, मेरी माँ चूल्हा जला रही थी, बड़ी-बड़ी लकड़ियों को आगने नहीं पकड़ा तो फिर उन्होंने मुझसे छोटी-छोटी लकड़ियाँ मँगवायी माँ ने छोटी-छोटी लकड़ियाँ डालीं तो उन्हें आग ने जल्दी पकड़ लिया। इसी तरह हो सकता है मुझे भी छोटी उम्र में ही मृत्यु पकड़ ले, इसीलिए मैं अभी से सतसंग में आ जाता हूँ।" इसलिए जल्दी से परमात्मा से प्रेम करके जीवन सफल बना लो इन स्वांसो से बडा दगाबाज कोइ नही है, कहीं बाद मे पछताना ना पडे.. जल्दी से जतन करके राघव को रिझाना है, थोड़े दिन ही तो रहना है, माया की कुठरिया में।

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Priti Sarathe Feb 18, 2020

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SHANTI PATHAK Feb 18, 2020

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neeta trivedi Feb 18, 2020

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