Sanjeev Bunty Midha
Sanjeev Bunty Midha Aug 20, 2017

*😡क्रोध😡*

#ज्ञानवर्षा
एक राजा घने जंगल में भटक गया, राजा गर्मी और प्यास से व्याकुल हो गया।
इधर उधर हर जगह तलाश करने पर भी उसे कहीं पानी नही मिला।
प्यास से गला सूखा जा रहा था।
तभी उसकी नजर एक वृक्ष पर पड़ी जहाँ एक डाली से टप टप करती थोड़ी -थोड़ी पानी की बून्द गिर रही थी।
वह राजा उस वृक्ष के पास जाकर नीचे पड़े पत्तों का दोना बनाकर उन बूंदों से दोने को भरने लगा।
जैसे तैसे बहुत समय लगने पर आखिर वह छोटा सा दोना भर ही गया।
राजा ने प्रसन्न होते हुए जैसे ही उस पानी को पीने के लिए दोने को मुँह के पास लाया तभी वहाँ सामने बैठा हुआ एक तोता टें टें की आवाज करता हुआ आया उस दोने को झपट्टा मार कर सामने की और बैठ गया उस दोने का पूरा पानी नीचे गिर गया।
राजा निराश हुआ कि बड़ी मुश्किल से पानी नसीब हुआ और वो भी इस पक्षी ने गिरा दिया।
लेकिन, अब क्या हो सकता है । ऐसा सोचकर वह वापस उस खाली दोने को भरने लगा।
काफी मशक्कत के बाद आखिर वह दोना फिर भर गया।
राजा पुनः हर्षचित्त होकर जैसे ही उस पानी को पीने लगा तो वही सामने बैठा तोता टे टे करता हुआ आया और दोने को झपट्टा मार के गिरा कर वापस सामने बैठ गया ।
अब राजा *हताशा के वशीभूत हो क्रोधित* हो उठा कि मुझे जोर से प्यास लगी है ,मैं इतनी मेहनत से पानी इकट्ठा कर रहा हूँ और ये दुष्ट पक्षी मेरी सारी मेहनत को आकर गिरा देता है अब मैं इसे नही छोड़ूंगा अब ये जब वापस आएगा तो इसे खत्म कर दूंगा।
अब वह राजा अपने एक हाथ में दोना और दूसरे हाथ में चाबुक लेकर उस दोने को भरने लगा।
काफी समय बाद उस दोने में फिर पानी भर गया।
अब वह तोता पुनः टे टे करता हुआ जैसे ही उस दोने को झपट्टा मारने पास आया वैसे ही राजा उस चाबुक को तोते के ऊपर दे मारा।और हो गया बेचारा तोता ढेर।लेकिन दोना भी नीचे गिर गया।
राजा ने सोचा इस तोते से तो पीछा छूट गया लेकिन ऐसे बून्द -बून्द से कब वापस दोना भरूँगा कब अपनी प्यास बुझा पाउँगा इसलिए जहाँ से ये पानी टपक रहा है वहीं जाकर झट से पानी भर लूँ।
ऐसा सोचकर वह राजा उस डाली के पास गया, जहां से पानी टपक रहा था वहाँ जाकर राजा ने जो देखा तो उसके पाँवो के नीचे की जमीन खिसक गई।
उस डाल पर एक भयंकर अजगर सोया हुआ था और उस अजगर के मुँह से लार टपक रही थी राजा जिसको पानी समझ रहा था वह अजगर की जहरीली लार थी।
राजा के मन में पश्चॉत्ताप का समन्दर उठने लगता है, हे प्रभु ! मैने यह क्या कर दिया। जो पक्षी बार बार मुझे जहर पीने से बचा रहा था क्रोध के वशीभूत होकर मैने उसे ही मार दिया ।
काश मैने सन्तों के बताये उत्तम क्षमा मार्ग को धारण किया होता,अपने क्रोध पर नियंत्रण किया होता तो मेरे हितैषी निर्दोष पक्षी की जान नही जाती।
मित्रों,कभी कभी हमें लगता है, अमुक व्यक्ति हमें नाहक परेशान कर रहा है लेकिन हम उसकी भावना को समझे बिना क्रोध कर न केवल उसका बल्कि अपना भी नुकसान कर बैठते हैं।
हैं ना☑☑☑☑
इसीलिये कहते हैं कि,क्षमा औऱ दया धारण करने वाला सच्चा वीर होता है।
क्रोध वो जहर है जिसकी उत्पत्ति अज्ञानता से होती है और अंत पाश्चाताप से ही होता है।

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कामेंट्स

satish sharma Aug 20, 2017
koi bhi kam karnay se pahelay soch vichar kar leni chahiea

RAHUL KUMAR JHA Aug 21, 2018

*रक्षासूत्र मात्र एक धागा नहीं बल्कि शुभ भावनाओं व शुभ संकल्पों का पुलिंदा है । यही सूत्र जब वैदिक रीति से बनाया जाता है और भगवन्नाम व भगवद्भाव सहित शुभ संकल्प करके बाँधा जाता है तो इसका सामर्थ्य असीम हो जाता है,मन

*📿कैसे बनायें वैदिक राखी ?📿*
...

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Narender Kumar Rosa Aug 21, 2018

*आज तक का सर्वश्रेष्ठ पोस्ट है।*

ईश्वर ने सृष्टि की रचना करते समय *तीन* विशेष रच ना की...

*1.* अनाज में *कीड़े* पैदा कर दिए, वरना लोग इसका सोने और चाँदी की तरह संग्रह करते।

*2.* मृत्यु के बाद देह (शरीर) में *दुर्गन्ध* उत्पन्न कर दी, वरना कोई अप...

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Water Pranam +2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 20 शेयर
Prakash Preetam Aug 21, 2018

एक बार हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम से कहा कि अशोक वाटिका में जिस समय रावण क्रोध में भरकर तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ा, तब मुझे लगा कि इसकी तलवार छीन कर इसका सिर काट लेना चाहिये, किन्तु अगले ही क्षण मैंने देखा कि मंदोदरी ने रावण का हाथ प...

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Bell Tulsi Like +9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 39 शेयर

🌹💐🌷🌻🌈🌞🌈🌻🌷💐🌹
*📕✅अगर कभी कोई पानी में डूब के मर जाये और उसका शरीर 3 से 4 घंटे में मिल जाये तो उसकी जिंदगी वापस ला सकता हूँ।अगर कभी किसी को ऐसी दूर्घटना दिखे या सुनाई दे तो तुरंत हमे बताये।।। किसी की जान बच सकती है।।*
*📕आप सभी से विनम्र ...

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ALL INDIA FEDERATION OF ASTROLOGERS SOCIETIES

वर्तमान समय में सामान्य जन अपनी मध्यम आर्थिक स्थिति के कारण तथा छोटे परिवार के कारण छोटे भूखंड पर भवन बनाते हैं। ऐसे में सभी प्रकार के कक्ष बनाना संभव नहीं हो पाता। लेकिन जो कक्ष मुख्य रूप से बनाए जात...

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Hasmukhjadav Aug 21, 2018

🙏🌹ॐ दुर्गायै नमः🌹🙏
मुझको मालूम नहीं चाहत क्या है माँ,⚘
मैंने तेरी बातों के सिवा हर बात भुला रखी है⚘
सफर मुश्किल है मालूम है मुझे ,लेकिन ⚘
तुम मेरी हो तो हर फ़िक्र मिटा रखी हैै ⚘
🙏🌹जय जय माँ🌹🙏


Good Night Jay mataji. Mitro....

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jayati cee Aug 21, 2018

बहुत ही सुंदर कथा

कन्धे पर कपड़े का थान लादे और हाट-बाजार जाने की तैयारी करते हुए नामदेव जी से पत्नि ने कहा- भगत जी! आज घर में खाने को कुछ भी नहीं है।
आटा, नमक, दाल, चावल, गुड़ और शक्कर सब खत्म हो गए हैं।
शाम को बाजार से आते हुए घर के लिए राशन का स...

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 Chapter - 01,  Serial No 66 – 70

भक्ति को प्राप्त करने का सत्संग एक साधन है क्योंकि सत्संग में हम प्रभु के प्रभाव और स्वभाव के बारे में सुनते है जिससे प्रभु के लिए प्रेम का भाव हमारे हृदय में उदित होता है ।

प्रभु के भक्तों के विचारों का सेवन कर...

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T.K Aug 21, 2018

,💝suprabhat💝

Pranam Bell Dhoop +17 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 146 शेयर
T.K Aug 21, 2018

https://goo.gl/AyztSQ

Sindoor Pranam Like +65 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 884 शेयर

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