madan pal 🌷🙏🏼
madan pal 🌷🙏🏼 Apr 20, 2021

🌹🕉️🙏🏼 जय माता दी जय माता दी 🙏🏼🕉️🌹🌹🕉️🙏🏼 शूभ संध्या वंदन जी 🙏🏼🕉️🌹👏🌷🌹🕉️🙏🏼 सभी भाई बहनों को प्रणाम जी 🙏🏼🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡🧡

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कामेंट्स

Sanjay Rastogi Apr 20, 2021
jai mata di jai mahagouri mata ki subh sandhya vandan bhai ap ka har pal subh aur mangalmay ho

Manoj manu Apr 20, 2021
🚩🔔🌹जय माता दी राधे राधे जी,आप सभी पर माँ भगवती की अनंत सुंदर एवं ममतामयी कृपा के साथ में शुभ महाअष्टमी जी, शुभ संध्या जी 🌹🌿🙏

virendra mishra Apr 20, 2021
जय माँ महागौरी सब पर दया रखें💐

Radhe Krishna Apr 20, 2021
जय माता दी🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जी🌹🌹

dhruv wadhwani Apr 20, 2021
जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी

arvind sharma Apr 20, 2021
*🌷राधे-राधे🌷🙏* 🎋🎋🎋 प्रार्थना बहुत ही प्रभावी होती है, भगवान करुण पुकार से शीघ्र ही आकर्षित हो जीवन में इच्छानुरूप परिवर्तन के लिए तत्पर हो सकते हैं, यह कई लोगों द्वारा अनुभव सिद्ध हैं। अतः आज के परिवेश (महामारी) में जिसे जब जहाँ जितना भी समय मिले सबके लिए भावपूर्ण हृदय से अवश्य ही प्रार्थना करने का संकल्प लेना चाहिए, कोई विशेष नियमादि आपेक्षित नहीं बस एक निर्मल आद्र हृदय ही पर्याप्त हैं। प्रभु श्रीराम जी कि असीम कृपा आप पर सदैव बनी रहे; खुश रहो स्वस्थ रहो --राधेराधे *🌷जय श्रीराम श्रीसीताराम🌷🙏*

Madhuben patel Apr 20, 2021
जय माता दी शुभ मंगलवार की मंगल कामनाएं भाईजी आप एव आपके परिवार पर माता रानी का आशीर्वाद बनी रहेवे भाईजी

मेरे साईं (indian women) Apr 20, 2021
🌹*"सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके"*🌹 🌟*"शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते"*🌟 🙏✧══•═•🌹☆🌹•═•══✧🙏 ☆ "जय माता दी" ☆ ═•═•═•═•🔥•═•═•═•═ 🌹*"जय माता दी" 卐 "जय माता दी"*🌹

Yashwant Kunwar { women} Apr 20, 2021
जय श्री कृष्णा 🌹 राधे राधे 🌹 शुभ मंगलमय हो आप ओर आपके परिवार का हर पल जय माता दी 🌹🙏🌹 शुभ रात्रि 🙏🙏🙏

RAJ RATHOD Apr 20, 2021
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 👣🌸🚩ओम देवी महागौर्यै नमः.🚩🌸👣 🌅🌹शुभ मंगलवार.. शुभ रात्रि वंदन 🙏🌅 या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 🚩आज चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि तथा विश्वस्वामिनी का अष्टम स्वरूप महागौरी आराधना का दिन है 🚩 🌹🌹आप सभी को महाअष्टमी एवं महागौरी उपासना की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌹🌹माता महागौरी की कृपा से सभी के जीवन में सुख संवृध्दि, सौभाग्य की प्राप्ति हो 🌻🌻

Seema Sharma. Himachal (chd) Apr 20, 2021
*नसीहत वो सत्य है, जिसे* *कोई ग़ौर से नहीं सुनता..* *और* *तारीफ वह धोखा है जिसे* *सब पूरे ध्यान से सुनते हैं।* जय माता दी 🌹🙏🌹 शुभ रात्रि जी 😊🙏😊

ಗಿರಿಜಾ ನೂಯಿ Apr 20, 2021
Good Night,Sweet Dreams Ji 🚩 🚩🚩Jai Mata Di Ji🔱💐🐯 Have a happy sleep, Mata Di ji bless you & your family always be happy,healthy & wealthy dear brother ji🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷🌷💐💐💐💐🌸🌸🌸🌸✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️

EXICOM Apr 22, 2021
🌹🙏ऊँ🙏🌹 🌹🙏शाँतिं🙏🌹 🌹🙏भाई 🙏🌹 🌹🙏जी🙏🌹

Gopal Jalan May 9, 2021

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SunitaSharma May 9, 2021

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☘️☘️☘️जय संतोषी माता की ☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️सुप्रभात जी☘️☘️☘️☘️ 🙏💐 जय ज्वालामुखी मां 💐🙏 *🌹शुक्रवार के दिन यह 10 उपाय, प्रचुर धन के लिए जरूर आजमाएं🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕क्या आप जानते हैं उन कारणों को, जिनसे मां लक्ष्मी सदा प्रसन्न रहती है। शुक्रवार के दिन जो भक्त देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उनके लिए संसार में कुछ भी अप्राप्य नहीं है। गृहलक्ष्मी देवी गृहिणियों यानी घर की स्‍त्रियों में लज्जा, क्षमा, शील, स्नेह और ममता रूप में विराजमान रहती हैं। वे मकान में प्रेम तथा जीवंतता का संचार कर उसे घर बनाती हैं। इनकी अनुपस्थिति में घर कलह, झगड़ों, निराशा आदि से भर जाता है। गृहस्वामिनी को गृहलक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। जहां गृहस्वामिनी का सम्मान नहीं होता है, गृह लक्ष्मी उस घर को त्याग देती है। आइए जानते हैं शुक्रवार के 10 ऐसे उपाय जो देते हैं धन और समृद्धि का वरदान....* 1️⃣सुबह उठते ही मां लक्ष्मी को नमन कर सफेद वस्त्र धारण करें और मां लक्ष्मी के श्री स्वरूप व चित्र के सामने खड़े होकर श्री सूक्त का पाठ करें एवं कमल का फूल चढ़ाएं। 2️⃣घर से काम पर निकलते समय थोड़ा-सा मीठा दही खाकर निकलें। 3️⃣अगर पति-पत्नी में तनाव रहता है तो शुक्रवार के दिन अपने शयनकक्ष में प्रेमी पक्षी जोड़े की तस्वीर लगाएं। 4️⃣अगर आपके काम में अवरोध आ रहा है, तो शुक्रवार के दिन काली चींटियों को शकर डालें। 5️⃣शुक्रवार को माता लक्ष्मी के मंदिर जाकर शंख, कौड़ी, कमल, मखाना, बताशा मां को अर्पित करें। ये सब महालक्ष्मी मां को बहुत प्रिय हैं। 6️⃣गजलक्ष्मी मां की उपासना करने से संपत्ति और संतान की प्राप्ति होती है। 7️⃣वीरलक्ष्मी माता की उपासना सौभाग्य के साथ स्वास्‍थ्य भी देने वाली होती है। 8️⃣लक्ष्मी मां का एक रूप अन्न भी है। कुछ लोग क्रोध आने पर भोजन की थाली फेंक देते हैं। इस तरह की आदत धन, वैभव एवं पारिवारिक सुख के लिए नुकसानदायक होती है। 9️⃣घर में स्थायी सुख-समृद्धि हेतु पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े रहकर लोहे के बर्तन में जल, चीनी, घी तथा दूध मिलाकर पीपल के वृक्ष की जड़ में डालने से घर में लंबे समय तक सुख-समृद्धि रहती है और लक्ष्मी का वास होता है। 🔟घर में बार-बार धनहानि हो रही हो तो वीरवार को घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़ककर गुलाल पर शुद्ध घी का दोमुखी (दो मुख वाला) दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाते समय मन ही मन यह कामना करनी चाहिए कि भविष्य में घर में धनहानि का सामना न करना पड़ें। जब दीपक शांत हो जाए तो उसे बहते हुए पानी में बहा देना चाहिए। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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Gopal Jalan May 8, 2021

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Ram Belas Sahani May 8, 2021

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💞💕💖🙏विन्ध्यवासिनी जी की कथा🙏💖💕💞 💐'भगवती विंध्यवासिनी आद्या महाशक्ति हैं। विन्ध्याचल सदा से उनका निवास-स्थान रहा है। जगदम्बा की नित्य उपस्थिति ने विंध्यगिरिको जाग्रत शक्तिपीठ बना दिया है। 💐 💖महाभारत के विराट पर्व में धर्मराज युधिष्ठिर देवी की स्तुति करते हुए कहते हैं- विन्ध्येचैवनग-श्रेष्ठे तवस्थानंहि शाश्वतम्। ❤ 💗हे माता! पर्वतों में श्रेष्ठ विंध्याचलपर आप सदैव विराजमान रहती हैं। पद्मपुराण में विंध्याचल-निवासिनी इन महाशक्ति को विंध्यवासिनी के नाम से संबंधित किया गया है- विन्ध्येविन्ध्याधिवासिनी।💗 💚श्रीमद्देवीभागवत के दशम स्कन्ध में कथा आती है, सृष्टिकर्ता ब्रह्माजीने जब सबसे पहले अपने मन से स्वायम्भुवमनु और शतरूपा को उत्पन्न किया। तब विवाह करने के उपरान्त स्वायम्भुव मनु ने अपने हाथों से देवी की मूर्ति बनाकर सौ वर्षो तक कठोर तप किया। 💚 ♥️उनकी तपस्या से संतुष्ट होकर भगवती ने उन्हें निष्कण्टक राज्य, वंश-वृद्धि एवं परम पद पाने का आशीर्वाद दिया। वर देने के बाद महादेवी विंध्याचलपर्वत पर चली गई।♥️ 🙏इससे यह स्पष्ट होता है कि सृष्टि के प्रारंभ से ही विंध्यवासिनी की पूजा होती रही है। सृष्टि का विस्तार उनके ही शुभाशीषसे हुआ।🙏 💕त्रेता युग में भगवान श्रीरामचन्द्र सीताजीके साथ विंध्याचल आए थे। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा स्थापित रामेश्वर महादेव से इस शक्तिपीठ की माहात्म्य और बढ गया है।💕 🌴द्वापरयुग में मथुरा के राजा कंस ने जब अपने बहन-बहनोई देवकी-वसुदेव को कारागार में डाल दिया और वह उनकी सन्तानों का वध करने लगा।🌴 ❣ तब वसुदेवजीके कुल-पुरोहित गर्ग ऋषि ने कंस के वध एवं श्रीकृष्णावतार हेतु विंध्याचल में लक्षचण्डी का अनुष्ठान करके देवी को प्रसन्न किया। जिसके फलस्वरूप वे नन्दरायजीके यहाँ अवतरित हुई।❣ 🌳मार्कण्डेयपुराण के अन्तर्गत वर्णित दुर्गासप्तशती (देवी-माहात्म्य) के ग्यारहवें अध्याय में देवताओं के अनुरोध पर भगवती उन्हें आश्वस्त करते हुए कहती हैं, देवताओं वैवस्वतमन्वन्तर के अट्ठाइसवें युग में शुम्भऔर निशुम्भनाम के दो महादैत्य उत्पन्न होंगे। तब मैं नन्दगोप के घर में उनकी पत्नी यशोदा के गर्भ से अवतीर्ण हो विन्ध्याचल में जाकर रहूँगी और उक्त दोनों असुरों का नाश करूँगी।🌳 💓लक्ष्मीतन्त्र नामक ग्रन्थ में भी देवी का यह उपर्युक्त वचन शब्दश: मिलता है। ब्रज में नन्द गोप के यहाँ उत्पन्न महालक्ष्मीकी अंश-भूता कन्या को नन्दा नाम दिया गया। मूर्तिरहस्य में ऋषि कहते हैं- नन्दा नाम की नन्द के यहाँ उत्पन्न होने वाली देवी की यदि भक्तिपूर्वक स्तुति और पूजा की जाए तो वे तीनों लोकों को उपासक के आधीन कर देती हैं।💓 🙏श्रीमद्भागवत महापुराण के श्रीकृष्ण-जन्माख्यान में यह वर्णित है कि देवकी के आठवें गर्भ से आविर्भूत श्रीकृष्ण को वसुदेवजीने कंस के भय से रातोंरात यमुनाजीके पार गोकुल में नन्दजीके घर पहुँचा दिया तथा वहाँ यशोदा के गर्भ से पुत्री के रूप में जन्मीं भगवान की शक्ति योगमाया को चुपचाप वे मथुरा ले आए।🙏 🌳आठवीं संतान के जन्म का समाचार सुन कर कंस कारागार में पहुँचा। उसने उस नवजात कन्या को पत्थर पर जैसे ही पटक कर मारना चाहा, वैसे ही वह कन्या कंस के हाथों से छूटकर आकाश में पहुँच गई और उसने अपना दिव्य स्वरूप प्रदर्शित किया। कंस के वध की भविष्यवाणी करके भगवती विन्ध्याचल वापस लौट गई।🌳 🙏मन्त्रशास्त्र के सुप्रसिद्ध ग्रंथ शारदातिलक में विंध्यवासिनी का वनदुर्गा के नाम से यह ध्यान बताया गया है-🙏 💖सौवर्णाम्बुजमध्यगांत्रिनयनांसौदामिनीसन्निभां चक्रंशंखवराभयानिदधतीमिन्दो:कलां बिभ्रतीम्।💖 💕ग्रैवेयाङ्गदहार-कुण्डल-धरामारवण्ड-लाद्यै:स्तुतां ध्यायेद्विन्ध्यनिवासिनींशशिमुखीं पा‌र्श्वस्थपञ्चाननाम्॥💕 💐अर्थ-जो देवी स्वर्ण-कमल के आसन पर विराजमान हैं, तीन नेत्रों वाली हैं, विद्युत के सदृश कान्ति वाली हैं, चार भुजाओं में शंख, चक्र, वर और अभय मुद्रा धारण किए हुए हैं, मस्तक पर सोलह कलाओं से परिपूर्ण चन्द्र सुशोभित है, गले में सुन्दर हार, बांहों में बाजूबन्द, कानों में कुण्डल धारण किए इन देवी की इन्द्रादि सभी देवता स्तुति करते हैं।💐 💕विंध्याचलपर निवास करने वाली, चंद्रमा के समान सुन्दर मुखवाली इन विंध्यवासिनी के समीप सदा शिव विराजित हैं।💕 💖सम्भवत:पूर्वकाल में विंध्य-क्षेत्रमें घना जंगल होने के कारण ही भगवती विन्ध्यवासिनीका वनदुर्गा नाम पडा। वन को संस्कृत में अरण्य कहा जाता है। इसी कारण ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की षष्ठी विंध्यवासिनी-महापूजा की पावन तिथि होने से अरण्यषष्ठी के नाम से विख्यात हो गई है।💖 💗💞𓆩༢࿔ྀુ💕जय माता दी💕𓊗༢࿔ྀુ𓆪💞💗 💖´ *•.¸♥¸.•**कुमार रौनक कश्यप**•.¸♥¸.•*´💖

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