श्री राम
श्री राम Sep 29, 2017

अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक दशहरा आप सभी के लिए मंगलमय हो।

अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक दशहरा आप सभी के लिए मंगलमय हो।
अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक दशहरा आप सभी के लिए मंगलमय हो।
अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक दशहरा आप सभी के लिए मंगलमय हो।

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sumit narang Dec 10, 2019

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👉Malti gupta🌹 Dec 10, 2019

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Narayan Tiwari Dec 10, 2019

समझें कैसे,आज का दुख कल का सौभाग्य बनता हैं!🚩 •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से होंसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था... मजे की बात ये कि इस होंसले की वजह किसी ऋषि-मुनि या देवता का वरदान नहीं बल्कि श्रवण के पिता का श्राप था.... दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया श्राप याद आ जाता था... (कालिदास ने रघुवंशम में इसका वर्णन किया है) श्रवण के पिता ने ये श्राप दिया था कि ''जैसे मैं पुत्र वियोग में तड़प-तड़प के मर रहा हूँ वैसे ही तू भी तड़प-तड़प कर मरेगा.....'' दशरथ को पता था कि ये श्राप अवश्य फलीभूत होगा और इसका मतलब है कि मुझे इस जन्म में तो जरूर पुत्र प्राप्त होगा.... (तभी तो उसके शोक में मैं तड़प के मरूँगा) यानि यह श्राप दशरथ के लिए संतान प्राप्ति का सौभाग्य लेकर आया.... ऐसी ही एक घटना सुग्रीव के साथ भी हुई.... सुग्रीव जब माता सीता की खोज में वानर वीरों को पृथ्वी की अलग - अलग दिशाओं में भेज रहे थे.... तो उसके साथ-साथ उन्हें ये भी बता रहे थे कि किस दिशा में तुम्हें क्या मिलेगा और किस दिशा में तुम्हें जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिये.... प्रभु श्रीराम सुग्रीव का ये भगौलिक ज्ञान देखकर हतप्रभ थे... उन्होंने सुग्रीव से पूछा कि सुग्रीव तुमको ये सब कैसे पता...? तो सुग्रीव ने उनसे कहा कि...''मैं बाली के भय से जब मारा-मारा फिर रहा था तब पूरी पृथ्वी पर कहीं शरण न मिली... और इस चक्कर में मैंने पूरी पृथ्वी छान मारी और इसी दौरान मुझे सारे भूगोल का ज्ञान हो गया....'' सोचिये अगर सुग्रीव पर ये संकट न आया होता तो उन्हें भूगोल का ज्ञान नहीं होता और माता जानकी को खोजना कितना कठिन हो जाता... इसीलिए किसी ने बड़ा सुंदर कहा है :- *"अनुकूलता भोजन है, प्रतिकूलता विटामिन है और चुनौतियाँ वरदान है और जो उनके अनुसार व्यवहार करें.... वही पुरुषार्थी है...."* ईश्वर की तरफ से मिलने वाला हर एक पुष्प अगर वरदान है.......तो हर एक काँटा भी वरदान ही समझो.... मतलब.....अगर आज मिले सुख से आप खुश हो...तो कभी अगर कोई दुख,विपदा,अड़चन आजाये.....तो घबराना नहीं.... क्या पता वो अगले किसी सुख की तैयारी हो. .!! 🚩 !! हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे...!!🚩

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* *जय हिन्द🇮🇳जय नमो🙏* ************************** *🔱शुभ मंगलवार🌞* हम सबका हर पल मंगलमय हो ************************** *॥ॐ श्री रामाय नमः॥👏* *प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम....🙏* ************************** प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम पाप कटें दुःख मिटें, लेत राम नाम। भव समुद्र सुखद नाव, एक राम नाम॥ श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम परम शांति सुख निधान, नित्य राम नाम। निराधार को आधार, एक राम नाम॥ श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम परम गोप्य परम इष्ट, मंत्र राम नाम। संत हृदय सदा बसत, एक राम नाम॥ श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम महादेव सतत जपत, दिव्य राम नाम। कासी मरत मुक्ति करत, कहत राम नाम॥ श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम मात पिता बंधु सखा, सब ही राम नाम। भक्त जनन जीवन धन, एक राम नाम॥ श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम श्री राम राम राम, श्री राम राम राम, श्री राम राम राम 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🔱🌸👏🌸🔱🙏

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