Happy Holi

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कामेंट्स

Anjana Gupta Mar 21, 2019
ram ram Bhai ji god bless you and your family happy holi shubh Sandhya ji 🌹🙏

Shama Malhotra Apr 22, 2019

+10 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 24 शेयर
GIRISH Apr 21, 2019

+159 प्रतिक्रिया 53 कॉमेंट्स • 30 शेयर
Manjeet Sobti Apr 21, 2019

💞💞💞💞 🚩🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺🌺 *Sat shri akal ji* *Satnaam shri WAHEGURU ji* *Waheguru ji ka khalsa* *Waheguru ji ki fateh* *Dhan dhan shri guru nanak dev ji maharaj ji* *Dhan dhan shri govind singh maharaj ji* 🙏💐🌹💐🌹💐🙏 *वाहेगुरू वाहेगुरू वाहेगुरू* 🚩कैसे करूँ शुक्रिया आप की मेहरबानियों का🚩 मुझे माँगने का सलीका नहीं है 🌹 पर आप देने की हर अदा जानते है 🌹 🌹 🚩🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺🌺🌹🌹🚩वाहेगुरू वाहेगुरू वाहेगुरू ना सरकार मेरी है ! ना रौब मेरा है ! ना बड़ा सा नाम मेरा है.. मुझे तो एक छोटी सी बात का घमंड है.. मै बाबा जी का और बाबा जी मेरे है..!! 🚩🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺🌺 एक सेठ था। वह बर्तनों को किराये पर देता था और उनसे कमाई था, एक बार किसी को किराये पर बर्तन दिये। वह इन्सान उससे बर्तन ले गया और किराया दे गया, लेकिन जब उसने बर्तन वापस लौटाये तो दो-तीन बर्तन उसे फालतू दे दिये, वह सेठ पूछने लगा कि क्या बात है? तुमने ज्यादा बर्तन क्यों दिये हैं? वह आदमी कहने लगा कि आपने जो बर्तन दिये थे, ये बर्तन उसकी सन्तानें है इसलिए इन्हें भी आप सम्भाल लीजिए। वह सेठ बड़ा खुश हुआ कि यह अच्छा ग्राहक है, यह तो मुझे बहुत फायदा देगा, किराया तो मुझे मिलेगा ही, साथ में फालतू बर्तन भी मिलेंगे, इस तरह चन्द दिन बीते, वही आदमी फिर आ गया, लौटते समय फिर थोड़े बर्तन ज्यादा कर दिये और वही बात कही कि बर्तनों की सन्तान हुई है, सेठ बड़ा खुश हुआ, चुपचाप सब बर्तन रख लिए। एक महीने का समय डालकर वह आदमी सेठ के पास फिर गया और कहने लगा कि मेरे यहां कुछ खास मेहमान आने वाले हैं, अतः कृपा करके आपके पास जो चांदी के बर्तन हैं, वे मुझे दे दीजिए, पहले तो सेठ कुछ सोच में पड़ा, फिर सोचा कि मैंने पहले जितने बर्तन दिए, उनसे ज्यादा मुझे हासिल हुए, इस बार कुछ चांदी के बर्तन ज्यादा मिलेंगे, इसी तरह सोचकर उसने बर्तन दे दिये, समय बीतता गया, पर वह आदमी बर्तन लौटाने नहीं आया, अब सेठ बड़ा परेशान हुआ, वह उसके घर जा पहुंचा और उससे पूछा कि भले मानस! तूने वे बर्तन वापस नहीं किए, वह आदमी बहुत ही मायूस सा होकर कहने लगा कि सेठ जी, क्या करें, आपने जो चांदी के बर्तन दिए थे, उनकी तो हो गई। सेठ बड़ा गुस्से में आया, कहने लगा कि क्या बात है, मैं तुझे अन्दर करवा दूंगा, कभी बर्तनों की भी मौत होती है, वह आदमी कहने लगा "सेठ जी! जब मैंने कहा था कि बर्तनों की संतानें हो रही हैं, उस वक्त आप सब ठीक मान रहे थे, यदि बर्तनों की सन्तान हो सकती है तो वे मर क्यों नहीं सकते?" इसी तरह संसार की हालत है, माया के पीछे इन्सान इतना अन्धा हो जाता है कि उसे कुछ समझ नहीं आता, भक्तजन हर कदम पर इन्सान को चेतावनी देते हैं कि हे इन्सान! तू जिन महात्माओं के, जिन सन्तजनों के वचनों को सुनता है, पढ़ता है, तू इनके ऊपर सत्य को जानकर दृढ़ भी हो जा लालच में पड़कर सत्य का साथ न छोड़, नहीं तो बाद में पछताना पड़ेगा। 🚩🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺🌺 वाहेगुरु जी 🌹वाहेगुरु जी 🥀वाहेगुरु जी 💐वाहेगुरु जी 🌹वाहेगुरु जी 🌺वाहेगुरु जी 🌻वाहेगुरु जी 🌹वाहेगुरु जी 🌹वाहेगुरु जी 🥀वाहेगुरु जी 🌹वाहेगुरु जी 🌹।। 🙏💞सत् नाम श्री वाहेगुरु जी💞🙏 🙏🙏वाहेगुरु सब ते मेहर करना जी🙏🙏 🌹. 🌹. 🌹. 🌹. 🌹

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SATISH Apr 21, 2019

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SATISH Apr 21, 2019

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Raj singh Apr 20, 2019

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Maya Devi Apr 20, 2019

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Raj singh Apr 19, 2019

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Kashmir Singh Apr 20, 2019

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