छठ पूजा की पौराणिक कथा।

छठ पूजा की पौराणिक कथा।

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राजू भूमिहार ब्राह्मण जी Oct 27, 2017
महापर्व छठ पूजा के अवसर पर आपको एवं आपके पूरे परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ । छठ माता आप सभी को मनोकामना पूर्ण करें ।

Sita Sharan Sharma Oct 27, 2017
ऊँ नमः।, महाशय आपका सादर अभार छठ पर्व की इस कथा को बताने के लिए। इसके अलावे महाभारत मे वनवास के दौरान माता कुन्ती द्वारा अपने पुत्रो की सलामती एवं समस्त सुखों की प्राप्ति के लिए यह पर्व किया गया था।

जय श्री गुरुदेव महाराज दोस्तो आप के लिये एक बोधकथा लेके आया हु एक बार जरूर पढ़ें 🙏ऊपर वाले के हाथ🙏 एक महिला ख़ुद के बालक को लेकर किराने की दुकान पर ख़रीदी करने के लिए गई जब स्त्री ख़रीदी कर रही थी तब उसका बालक व्यापारी के सामने देखकर हस रहा था। व्यापारी को बालक निर्दोष हास्य ख़ूब ख़ूब प्यारा लग रहा था। उसे एसा लग रहा था कि इस बालक हास्य उसके पूरे दिन की थकान उतार रहा था। व्यापारी ने उस नन्हें से बालक को अपने पास बुलाया बालक जैसे ही व्यापारी के पास में आया उसने नौकर से चोकलेट का डिब्बा मँगवाया उसने बरनी खोल कर उस बालक की ओर आगे करी ओर बोला- “बेटा तूजे जितनी चोकलेट चाहिए तू उतनी इस बरनी मैसे लेले।” बालक ने उसमें से चोकलेट लेने का मना कर दिया। व्यापारी बालक को बार-बार चोकलेट लेने का बोलता रहा ओर बालक ना करता रहा। बालक की माता दर खड़ी यह पूरी घटना क्रम देख रही थी। थोड़ी देर के बाद व्यापारी ने ख़ुद बरनी में हाथ डालकर मूठी भरकर चोकलेट बालक को दी बालक ने दोनो हाथ का खोबा बनाकर व्यापारी द्वारा दी गई चोकलेटो को ले ली ओर व्यापारी का आभार मानते हुए वह कूदते माँ के पास चला गया। दुकान में से ख़रीदारी करने के बाद माँ ने बालक से पूछा- “बेटा तूजे वह अंकल चोकलेट लेने का बोल रहे थे तो भी तू क्यों चोकलेट नही ले रहा था?” लड़के ने ख़ुद के हाथ को बताते हुए कहा-” देखो मम्मी! अगर मेने मेरे हाथ से चोकलेट ली होती तो मेरा हाथ बहुत छोटा है, तो मेरे हाथ में बहुत कम चोकलेट आती परंतु अंकल का हाथ बड़ा था वो देते तो ढेर सारी चोकलेट आयी ओर मेरी पूरा खोबा भर गया।” हमारे हाथ से ऊपर वाले के हाथ बहुत बड़े है। और उनका दिल भी बहुत बड़ा है। इसलिए उनसे माँगने के बजाय वह क्या देने वाले है वह उन पर छोड़ दीजिए। हम अगर स्वयं कुछ भी लेने जाएँगे तो छोटी सी मुट्ठी भराएगी। परंतु इश्वर के ऊपर छोड़ेंगे तो हमारा पूरा खोबा भर जाएगा। इतना मिलेगा।।

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जय श्री गुरुदेव महाराज दोस्तो आप के लिये एक बोधकथा लेके आया हु एक बार जरूर पढ़ें तृष्णा ======= एक व्यापारी था, वह ट्रक में चावल के बोरे लिए जा रहा था। एक बोरा खिसक कर गिर गया। कुछ चीटियां आयीं 10-20 दाने ले गयीं, कुछ चूहे आये 100-50 ग्राम खाये और चले गये, कुछ पक्षी आये थोड़ा खाकर उड़ गये, कुछ गायें आयीं 2-3 किलो खाकर चली गयीं, एक मनुष्य आया और वह पूरा बोरा ही उठा ले गया। अन्य प्राणी पेट के लिए जीते हैं, लेकिन मनुष्य तृष्णा में जीता है। इसीलिए इसके पास सब कुछ होते हुए भी यह सर्वाधिक दुखी है। आवश्यकता के बाद इच्छा को रोकें, अन्यथा यह अनियंत्रित बढ़ती ही जायेगी, और दुख का कारण बनेगी।✍🏻 _चौराहे पर खड़ी जिंदगी,_ _नजरें दौड़ाती हैं..._ 👀 _काश कोई बोर्ड दिख जाए_ _जिस पर लिखा हो..._ ✍🏻🙏🏻 *"सुकून..* *0. कि.मी."*

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🌿 *आयुर्वेदिक डॉक्टरो को जोलाछाप कहने वालो इस मेसेज को ध़्यान से पढ़े आैर जाने आखिर कोन है जोलाछाप ?* 🌿 ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ❇ हंमेशा से ही ऐलोपैथी विग्यान आयुर्वेद को आधारहीन ऐवं कीसी कामका नही कहकर आयुर्वेदिक डॉक्टरो की बेइज्जती करतां आयां है लेकिन सब पैथी का बाप तो आयुर्वेद ही है | आैर अगर आयुर्वेद नही होतां तो आज ऐलोपैथी भी नही होतां यह बात हमारे इस मेसेज को पुरां पढ़कर आप भी जान जायेंगे | ❇ *ऐलोपैथी मे उपयोग होने वाली महत्वपुर्ण दवाइयां जो निचे दी गइ है वह "आयुर्वेदिक प्लान्ट" से बनती है निचे का मेसेज पुरां पढ़िये आैर जाने केसे ऐलोपैथी वाले आयुर्वेदिक आैषधि को लेटिन नाम देकर अपनी चिकित्सा पैथी कहलाते है |* 1) Tinacardin - यह दवाइ गीलोय के सत्व से बनती है | 2) Curcumin- यह दवाइ आयुर्वेदिक आैषधि हल्दी सत्व से बनती है | 3) Coral - यह दवाइ प्रवाल पिष्टी से बनने वाली दवाइ है | 4) Hyprobromide - यह दवाइ खुरासानी अजवाइन का ऐक्ट्रेक्ट है | 5) Quinone - यह दवाइ कुनैन की जड से तैयार होती है | 6) Pentaprazole - यह दवाइ खाने सा सोडा से तैयार होती है | 7) Pramhexin -यह ऐलोपैथी दवाइ वासा सत्व से बनती है | 8) Revocin - यह दवाइ सर्पगंधा के ऐक्ट्रेक्ट से बनी होती है | 9) Ginseng - यह चाइनां जिनसेंग नामक आैषधि से बनती है | 10) Diclpfenac- यह दवाइ अफिण से बनाइ जाती है | 11) Colcicine - यह दवाइ सुरंजन नामक आैषधी से बनती है | 12) Taxol - यह द्रोणपुष्पी के ऐक्ट्रेक्ट से बनाइ जाती है | 13) Atropine - यह धतुरपञ से बनने वाली ऐलोपैथी दवाइ है | 14 ) Eno - इनो १००% आयुर्वेदिक आैषधी से बनाइ जाती है | ❇ *उपर दी गइ ऐलोपैथी दवाइयो मे १०० % आयुर्वेदिक आैषधी को लेकर इसका ऐक्ट्रेक्ट निकालकर या तो उसका सत्व निकालकर लेटिन नाम देकर अंग्रेजी दवाइयो का नाम देकर मार्केट मे खुब बिक रही है आैर लोग इसको खुब खा भी रहे हे |* यह जानकारी सभी लोगो तक शेयर करें जो आयुर्वेद को जोलाछार समजते है | *राजिव दिक्षित जी अमर रहो* *स्वदेशी अपनाये, देश बचाये |* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

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Naresh Bhai Mar 23, 2019

Night story🌝🌝 🧚🏻‍♂🧚🏻‍♂👨🏻‍🦳👨🏻‍🦳 *✍ एक बहुत अमीर आदमी ने रोड के किनारे एक भिखारी से पूछा.. "तुम भीख क्यूँ मांग रहे हो जबकि तुम तन्दुरुस्त हो...??"* *भिखारी ने जवाब दिया... "मेरे पास महीनों से कोई काम नहीं है...* *अगर आप मुझे कोई नौकरी दें तो मैं अभी से भीख मांगना छोड़ दूँ"* *अमीर मुस्कुराया और कहा.. "मैं तुम्हें कोई नौकरी तो नहीं दे सकता ..* *लेकिन मेरे पास इससे भी अच्छा कुछ है* *क्यूँ नहीं तुम मेरे बिज़नस पार्टनर बन जाओ* *भिखारी को उसके कहे पर यकीन नहीं हुआ* *"ये आप क्या कह रहे हैं क्या ऐसा मुमकिन है...?"* *"हाँ मेरे पास एक चावल का प्लांट है.. तुम चावल बाज़ार में सप्लाई करो और जो भी मुनाफ़ा होगा उसे हम महीने के अंत में आपस में बाँट लेंगे.."* *भिखारी के आँखों से ख़ुशी के आंसू निकल पड़े "आप मेरे लिए जन्नत के फ़रिश्ते बन कर आये हैं मैं किस कदर आपका शुक्रिया अदा करूँ.."* *फिर अचानक वो चुप हुआ और कहा.. "हम मुनाफे को कैसे बांटेंगे..?* *क्या मैं 20% और आप 80% लेंगे ..या मैं 10% और आप 90% लेंगे..* *जो भी हो ...मैं तैयार हूँ और बहुत खुश हूँ..."* *अमीर आदमी ने बड़े प्यार से उसके सर पर हाथ रखा "मुझे मुनाफे का केवल 10% चाहिए बाकी 90% तुम्हारा .. ताकि तुम तरक्की कर सको.."* *भिखारी अपने घुटने के बल गिर पड़ा.. और रोते हुए बोला...* *"आप जैसा कहेंगे मैं वैसा ही करूंगा... मैं आपका बहुत शुक्रगुजार हूँ ...।* *और अगले दिन से भिखारी ने काम शुरू कर दिया.. उम्दा चावल और बाज़ार से सस्ते... और दिन रात की मेहनत से.. बहुत जल्द ही उसकी बिक्री काफी बढ़ गई... रोज ब रोज तरक्की होने लगी....* *और फिर वो दिन भी आया जब मुनाफा बांटना था और वो 10% भी अब उसे बहुत ज्यादा लग रहा था... उतना उस भिखारी ने कभी सोचा भी नहीं था... अचानक एक शैतानी ख्याल उसके दिमाग में आया...* *"दिन रात मेहनत मैंने की है...और उस अमीर आदमी ने कोई भी काम नहीं किया.. सिवाय मुझे अवसर देने की.. मैं उसे ये 10% क्यूँ दूँ ... वो इसका हकदार बिलकुल भी नहीं है..।* *और फिर वो अमीर आदमी अपने नियत समय पर मुनाफे में अपना हिस्सा 10% वसूलने आया और भिखारी ने जवाब दिया* *" अभी कुछ हिसाब बाक़ी है, मुझे यहाँ नुकसान हुआ है, लोगों से कर्ज की अदायगी बाक़ी है, ऐसे शक्लें बनाकर उस अमीर आदमी को हिस्सा देने को टालने लगा."* *अमीर आदमी ने कहा के "मुझे पता है तुम्हे कितना मुनाफा हुआ है फिर कयुं तुम मेरा हिस्सा देनेसे टाल रहे हो ?"* *उस भिखारी ने तुरंत जवाब दिया "तुम इस मुनाफे के हकदार नहीं हो ..क्योंकि सारी मेहनत मैंने की है..."* *अब सोचिये... अगर वो अमीर हम होते और भिखारी से ऐसा जवाब सुनते .. तो ...हम क्या करते ?????* *ठीक इसी तरह..... भगवान ने हमें जिंदगी दी.. हाथ- पैर.. आँख-कान.. दिमाग दिया.. समझबूझ दी... बोलने को जुबान दी... जज्बात दिए..."* *हमें याद रखना चाहिए कि दिन के 24 घंटों में 10% भगवान का हक है....* *हमें इसे राज़ी ख़ुशी भगवान के नाम सिमरन में अदा करना चाहिए.* *अपनी Income से 10% निकाल कर अच्छे कामो मे लगाना चाहिए और...* *🙇भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए जिसने हमें जिंदगी दी सुख दिए ....* 🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻

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Naresh Bhai Mar 23, 2019

Night story🌝🌝 🧚🏻‍♂🧚🏻‍♂👨🏻‍🦳👨🏻‍🦳 *✍ एक बहुत अमीर आदमी ने रोड के किनारे एक भिखारी से पूछा.. "तुम भीख क्यूँ मांग रहे हो जबकि तुम तन्दुरुस्त हो...??"* *भिखारी ने जवाब दिया... "मेरे पास महीनों से कोई काम नहीं है...* *अगर आप मुझे कोई नौकरी दें तो मैं अभी से भीख मांगना छोड़ दूँ"* *अमीर मुस्कुराया और कहा.. "मैं तुम्हें कोई नौकरी तो नहीं दे सकता ..* *लेकिन मेरे पास इससे भी अच्छा कुछ है* *क्यूँ नहीं तुम मेरे बिज़नस पार्टनर बन जाओ* *भिखारी को उसके कहे पर यकीन नहीं हुआ* *"ये आप क्या कह रहे हैं क्या ऐसा मुमकिन है...?"* *"हाँ मेरे पास एक चावल का प्लांट है.. तुम चावल बाज़ार में सप्लाई करो और जो भी मुनाफ़ा होगा उसे हम महीने के अंत में आपस में बाँट लेंगे.."* *भिखारी के आँखों से ख़ुशी के आंसू निकल पड़े "आप मेरे लिए जन्नत के फ़रिश्ते बन कर आये हैं मैं किस कदर आपका शुक्रिया अदा करूँ.."* *फिर अचानक वो चुप हुआ और कहा.. "हम मुनाफे को कैसे बांटेंगे..?* *क्या मैं 20% और आप 80% लेंगे ..या मैं 10% और आप 90% लेंगे..* *जो भी हो ...मैं तैयार हूँ और बहुत खुश हूँ..."* *अमीर आदमी ने बड़े प्यार से उसके सर पर हाथ रखा "मुझे मुनाफे का केवल 10% चाहिए बाकी 90% तुम्हारा .. ताकि तुम तरक्की कर सको.."* *भिखारी अपने घुटने के बल गिर पड़ा.. और रोते हुए बोला...* *"आप जैसा कहेंगे मैं वैसा ही करूंगा... मैं आपका बहुत शुक्रगुजार हूँ ...।* *और अगले दिन से भिखारी ने काम शुरू कर दिया.. उम्दा चावल और बाज़ार से सस्ते... और दिन रात की मेहनत से.. बहुत जल्द ही उसकी बिक्री काफी बढ़ गई... रोज ब रोज तरक्की होने लगी....* *और फिर वो दिन भी आया जब मुनाफा बांटना था और वो 10% भी अब उसे बहुत ज्यादा लग रहा था... उतना उस भिखारी ने कभी सोचा भी नहीं था... अचानक एक शैतानी ख्याल उसके दिमाग में आया...* *"दिन रात मेहनत मैंने की है...और उस अमीर आदमी ने कोई भी काम नहीं किया.. सिवाय मुझे अवसर देने की.. मैं उसे ये 10% क्यूँ दूँ ... वो इसका हकदार बिलकुल भी नहीं है..।* *और फिर वो अमीर आदमी अपने नियत समय पर मुनाफे में अपना हिस्सा 10% वसूलने आया और भिखारी ने जवाब दिया* *" अभी कुछ हिसाब बाक़ी है, मुझे यहाँ नुकसान हुआ है, लोगों से कर्ज की अदायगी बाक़ी है, ऐसे शक्लें बनाकर उस अमीर आदमी को हिस्सा देने को टालने लगा."* *अमीर आदमी ने कहा के "मुझे पता है तुम्हे कितना मुनाफा हुआ है फिर कयुं तुम मेरा हिस्सा देनेसे टाल रहे हो ?"* *उस भिखारी ने तुरंत जवाब दिया "तुम इस मुनाफे के हकदार नहीं हो ..क्योंकि सारी मेहनत मैंने की है..."* *अब सोचिये... अगर वो अमीर हम होते और भिखारी से ऐसा जवाब सुनते .. तो ...हम क्या करते ?????* *ठीक इसी तरह..... भगवान ने हमें जिंदगी दी.. हाथ- पैर.. आँख-कान.. दिमाग दिया.. समझबूझ दी... बोलने को जुबान दी... जज्बात दिए..."* *हमें याद रखना चाहिए कि दिन के 24 घंटों में 10% भगवान का हक है....* *हमें इसे राज़ी ख़ुशी भगवान के नाम सिमरन में अदा करना चाहिए.* *अपनी Income से 10% निकाल कर अच्छे कामो मे लगाना चाहिए और...* *🙇भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए जिसने हमें जिंदगी दी सुख दिए ....* 🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻

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