Gajendrasingh kaviya
Gajendrasingh kaviya Jan 27, 2021

Jai maa karani ji

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Adhikari Molay Mar 1, 2021

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ramkumarverma Mar 1, 2021

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Acharya Rajesh Mar 1, 2021

☀️ *विस्तृत लेखमाला:- नवग्रह तथा उपाय, भाग-4* *पूर्व भाग मे प्रकाशित भाग के अंश:-* भचक्र (ब्रह्मांड ) मे घूमते नौ ग्रहो का इंसानी जीवन, समस्त पृथ्वी तथा चराचर जगत पर गहरा प्रभाव होता है, मनुष्यों की जन्मकुंडली के अनुसार जातक को जीवन मे सुख अथवा दुख इन्हीं नवग्रहों के प्रभाव वश ही मिलते है । प्रस्तुत लेख मे ग्रहों का परिचय, उत्पति, स्वरूप एवम प्रकृति, कारकत्व तथा अन्य विशेषताओं के साथ ही ग्रहो के विस्तारपूर्वक उपाय तथा मंत्र स्तोत्र इत्यादि दिए जायेंगे । नौ ग्रहों की कृपा को प्राप्त करने के कई तरीके होते है, जोकि क्रमशः निम्नलिखित प्रकार से होते है 1. ग्रह की आराधना, जप तथा व्रत-उपवास के द्वारा 2. ग्रह के निमित्त दान करके । 3. ग्रह के अधिपति देवता की आराधना के द्वारा । 4. ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हुए रत्न का धारण । 5. ग्रह की औषधियों द्वारा स्नान । 6. ग्रह के निमित्त अन्य उपाय । इस लेख द्वारा हम नवग्रहों के निमित्त उपरोक्त बिंदुओं की सहायता से उनकी कृपा को प्राप्त करने तथा ग्रहो द्वारा जनित दोषो के निवारण हेतु भिन्न-भिन्न प्रकार से उनके उपायों के विषय मे जानेगे *गतांक से आगे.................* *चंद्रमा के उपाय:-* *चंद्र संबंधी दान देने का समय:-* चंद्रमा के निमित्त दान शुक्ल पक्ष के दूसरे सोमवार के दिन या चंद्रमा के नक्षत्र मे, या चंद्रमा की होरा मे अथवा पूर्णिमा के दिन सांध्य काल मे चंद्रमा उदित होने के बाद सुयोग्य ब्राह्मण को करे तथा चंद्रमा को अर्क दे दे । *दान सामग्री :-* बेंत की टोकरी मे सफेद कपड़ा, चांदी, चावल, मिश्री, दही, शंख, कपूर, सफेद चंदन, खोये की मिठाई, फल ( तरबूज़-खरबूजा-ककडी-खीरा ) तथा दक्षिणा का दान सुयोग्य ब्राहमण को करे । *विशेष:-* चंद्रदेव की कृपा प्राप्ति हेतु सोमवार को प्रातः काल स्नानादि करके शिवालय मे जाकर शिवलिंग पर पंचामृत अथवा गन्ने के रस से अभिषेक करना चाहिए । भगवान शिव का पूजन सोमवार के दिन करना तथा पूर्ण चन्द्र के दिन चन्द्रमा को अर्घ्य प्रदान करने से चन्द्र ग्रह की शांति हो जाती है। *चंद्र ग्रह द्वारा निर्मित पीङा को दूर करने हेतु विशेष स्नान :-* किसी पात्र मे जल भरकर, उसमे खस, शिरसा, केसर, लाल चंदन डालकर उस जल से स्नान करने से चंद्र ग्रह द्वारा जनित पीडा दूर होती हैं *सूर्यादि नवग्रहो द्वारा निर्मित पीङा को दूर करने हेतु औषधि स्नान* *चंद्र पीड़ा निवारण हेतु औषधि स्नान:-* पंचगव्य, गोदूध, गोमूत्र, गजमद, सीप, शंख, स्फटिक, खिरनी मूल, सफेद चंदन, गंगाजल और सुगंधित फूल मिश्रित जल से स्नान करें । *चन्द्र शान्ति के अन्य उपाय:-* जन्मकालीन चन्द्र निर्बल होने के कारण अशुभ फल देने वाला हो तो निम्नलिखित उपाय करने से बलवान हो कर शुभ फल दायक हो जाता है । 1. लगातार 16 सोमवार व्रत रखकर सायंकाल सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए तथा छोटी कन्याओं को क्षीर सहित भोजन कराना चाहिए। 2. सोमवार के दिन चितकबरी गाय को चन्दा बताशे खिलाने चाहिए तथा कौए को भात और चीनी मिलाकर देना चाहिए । 3. किसी ब्राह्मण अथवा गरीब व्यक्ति को दूध में बना हुआ खीर खिलाना चाहिए । 4. प्रतिदिन माता के पैर छूना, उनकी सेवा करना तथा माता का आशीर्वाद प्राप्त करना ।  5. शिव की भक्ति तथा सोमवार का व्रत करने से चंद्रमा प्रसन्न होते है । 6. रात को पानी या दूध को साफ पात्र में सिरहाने रखकर सोएं और सुबह कीकर के वृक्ष की जड़ में डाल दें।  7. चांदी के बर्तनों का प्रयोग करना एवं चारपाई के पायों में चांदी के कील ठुकवाना । 8. सफेद मोतियों की माला अथवा चांदी की अंगूठी में मोती एवं चांदी का कड़ा धारण करना। *यदि कुण्डली में चन्द्र अशुभ हो, तो चन्द्रमा के अशुभत्व के निवारण हेतु उपाय:-* (1) शीशे के गिलास में दूध, पानी आदि पीने से परहेज़ रखना शुभ होगा। (2) पानी में कच्चा दूध मिलाकर चन्द्रमा का बीज मन्त्र पढ़ते हुए पीपल को डालना। *रत्न धारण:-* चंद्र रत्न:- चंद्र ग्रह को बली बनाने हेतु श्वेत तथा गोल मोती चांदी की अंगूठी में जडवाकर रोहिणी, हस्त, श्रवण नक्षत्रों में, सोमवार या पूर्णिमा तिथि में पुरुष दायें हाथ की तथा स्त्री बाएं हाथ की अनामिका या कनिष्टिका अंगुली में धारण करें । उपरत्न:-चंद्र का उपरत्न चन्द्रकान्त मणि अथार्त मून स्टोन है, मोती के अभाव मे यह धारण किया जा सकता है । *जड़ी-बूटी धारण:-* खिरनी की जड को सफेद कपड़े मे बांधकर सोमवार के दिन चंद्रमा के नक्षत्र मे धारण करे । *चन्द्र यंत्र:-*चन्द्रमा ग्रह की शान्ति हेतु चन्द्र होरा में चांदी के पत्र में चन्द्र यंत्र खुदवाकर या अष्टगन्ध से भोजपत्र पर लिखकर उसकी विधिवत, पूजन कर गले या दाहिनी भुजा में धारण करना चाहिए। *वैदिक मंत्र:-* *ॐइमं देवा असपत्न℧ सुवध्वं महते क्षत्राय महते ज्यैष्ठाय महते जानराज्यायेन्द्रस्येन्द्रियाय। इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश वोऽमी राजा सोमोऽस्माकं ब्राह्मणाना ℧ राजा।* *पुराणोक्त मंत्र:-* *ॐ दधिशंख तुषाराम्भं क्षीरोदार्णव सम्भवं।* *नमामि शशिनं सोमं शंभोः मुर्कुटम् भूषणम्।।* स्नान तथा दान काल में यह मंत्र का उच्चारण लाभप्रद होता है। *तंत्रोक्त मंत्र:-* ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः। चन्द्रमा के जप की संख्या 11000 है। *चन्द्र गायत्री मंत्र:-* *ॐ अमृतांगाय विद्महे कला रूपाय धीमहि ।* *तन्नो सोमः प्रचोदयात् ।* *अर्घ्य मंत्र:-* *ॐ सों सोमाय नमः।* *(क्रमशः)* *लेख के पांचवें भाग में कल मंगल ग्रह की विस्तार सहित विवेचना ।* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही महाशिवरात्रि पर लेख ।* *2. शीघ्र ही होलाष्टक तथा होली पर लेख ।* ________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *मंगलवार,2.3.2021* *श्री संवत 2077* *शक संवत् 1942* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-दक्षिण गोल* *ऋतुः- वसन्त ऋतुः ।* *मास- फाल्गुन मास।* *पक्ष- कृष्ण पक्ष ।* *तिथि- चतुर्थी तिथि अगले दिन 3:01 am तक, तृतीया तिथि का क्षय।* *चंद्रराशि- चंद्र कन्या राशि मे 4:30 pm तक तदोपरान्त तुला राशि ।* *नक्षत्र- चित्रा अगले दिन 3:29 am तक* *योग- गंड योग 9:24 am तक (अशुभ है)* *करण- बव करण 4:24 pm तक* *सूर्योदय 6:45 am, सूर्यास्त 6:21 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 12:10 pm से 12:56 pm* *राहुकाल - 3:27 pm से 4:54 pm तक, (अशुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- उत्तर दिशा ।* *मार्च-शुभ दिन:-* 2, 3, 5 (सवेरे 9 उपरांत), 7 (दोपहर 4 तक), 8 (दोपहर 4 उपरांत), 9, 10 (दोपहर 3 तक), 14, 15, 16, 17 (सवेरे 9 तक), 19 (दोपहर 2 उपरांत), 30 *मार्च माह-अशुभ दिन:-* 4, 6, 11, 12, 13, 18, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 31. ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* ________________________ *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 2 मार्च संकष्टी चतुर्थी । 9 मार्च विजया एकादशी । 10 मार्च प्रदोष व्रत । 11 मार्च महाशिवरात्रि । 13 मार्च फाल्गुन अमावस्या । 14 मार्च- मीन सक्रांति । 15 मार्च-फूलेरा दूज । 17 मार्च-विनायक चतुर्थी । 21 मार्च-होलाष्टक प्रारंभ । 25 मार्च आमलकी एकादशी । 26 मार्च प्रदोष व्रत । 28 मार्च होलिका दहन/फाल्गुन पूर्णिमा व्रत । 29 मार्च होली । 31 मार्च संकष्टी चतुर्थी । आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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nisha singh Mar 1, 2021

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