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Kalpana bist
Kalpana bist Jun 12, 2019

मधुर सुप्रभातम मित्रों 🙏🌹🙏 शुभ दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🌼 आप सभी मित्रों का आज का दिन शुभ और मंगलकारी हो 🌹 श्री विष्णु भगवान की कृपा आप और आपके घर-परिवार में हमेशा बनी रहे 🌹🙏🌹 जय श्री राधे कृष्णा 🙏

मधुर सुप्रभातम मित्रों 🙏🌹🙏
 शुभ दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🌼 आप सभी मित्रों का आज का दिन शुभ और मंगलकारी हो 🌹 श्री विष्णु भगवान की कृपा आप और आपके घर-परिवार में हमेशा बनी रहे 🌹🙏🌹
      जय श्री राधे कृष्णा 🙏

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कामेंट्स

Manoj manu Jun 13, 2019
🚩🙏जय श्री हरि जी ,शुभ एकादशी, प्रभु श्री लक्ष्मी नारायण जी की अनंत कोटी कृपा के साथ आप सभी का हर पल शुभ, सुन्दर, खुशहाल एवं मंगलमय हो जी स्नेह वंदन जी दीदी 🌿🌿🌺🌿🌿🙏

Kishor N Padshala Jun 13, 2019
ॐनमो भगवते विष्णुदेवाय नमः भीम और निर्जल एकादशी की हार्दिक बधाई शुभ संध्या स्नेह वंदन मेरी प्यारी प्यारी बहना जय श्री कृष्णा 🌹🌹🙏🙏👌👌👌👌👌

शामराव ठोंबरे पाटील Jun 13, 2019
जय श्री कृष्ण जय श्री राधे राधे नमस्कार दिदी जय श्री लक्ष्मी नारायण नमस्कार 🙏 शुभ रात्री वंदन 🚩 👏 👣 नमस्कार 🙏

Kalpana bist Jun 13, 2019
@anjanagupta4 धन्यवाद बहना शुभ रात्रि वंदन जी।।।जय श्री राधे कृष्णा 🙏

Kalpana bist Jun 13, 2019
@renusingh15 धन्यवाद बहना।। शुभ रात्रि वंदन जी जय श्री राधे कृष्णा 🙏

Anjana Gupta Jun 14, 2019
जय माता दी प्यारी बहना जी माता रानी की कृपा सदा आप और आपके परिवार पर बनी रहे आपका हर पल खुशियों भरा हो सदा खुश और स्वस्थ रहे आप जी 🌹🙏

🌈 🌈 Jun 14, 2019
Jay mata rani ki ji Aapka har pal Subh ho mangal may ho aannad may ho Aap har pal 🌤️ Khush rakhe Sis.ji Suprabhat ji ❣️ Nmskar ji 🌷🙏🏽 Jay mata rani ki ji 🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹

Manoj manu Jun 14, 2019
🚩🙏जय माता दी जगत जननी माँ आदि शक्ति की अनंत कोटी कृपा के साथ आप सभी का हर पल शुभ सुन्दर एवं मंगलमय हो जी सादर सप्रेम वंदन जी दीदी 🌺🌿🙏

Naresh Rawat Jun 15, 2019
ऊँ श्री हनुमते नमःऊँ शं शनैश्चराय नमः🙏🚩 राधे श्याम जय श्री कृष्णा 🙏🌷 सुप्रभात वंदना सिस्टर जी 🙏🌞 शनिदेव महाराज जी की कृपा दृष्टि आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे सिस्टर जी 🙏 जय शनिदेव महाराज🙏🚩 जय हिंद जय भारत 🙏🇮🇳🇮🇳🕉🇮🇳🇮🇳🙏

,OP JAIN (RAJ) Jun 15, 2019
राधे राधे दीदी शुभ संध्या वंदन दीदी श्री हनुमान जी और शनिदेव भगवान का आशीर्वाद आप और आपके पूरे परिवार पर बना रहे जय श्री कृष्णा

🌈 🌈 Jun 15, 2019
Jay Shiri Ram Subh sandhya ji Aapka har pal khush rahe

Naresh Rawat Jun 16, 2019
ऊँ सूर्य देव नमः ऊँ आदित्याय नमः जय श्री कृष्णा जय राधे राधे जी🙏 शुभ प्रभात वंदना सिस्टर जी 🙏🌞 आप और आपके परिवार पर भगवान् सूर्य देव जी की कृपा दृष्टि सदैव बनी रहे जी 🙏🌞 हैप्पी फादर्स डे🧔 जय हिंद जय भारत 🙏🇮🇳🇮🇳🕉🇮🇳🇮🇳🙏

Kalpana bist Jun 16, 2019
@nareshrawat1 जय श्री राधे कृष्णा भाई 🙏 आपका हर पल शुभ और मंगलकारी हो भोलेनाथ की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे 🌹🙏

Sanjay Singh Jul 16, 2019

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SUNIL KUMAR SHARMA Jul 16, 2019

गुरु भक्त आरुणि यह महर्षि आयोदधौम्य का आश्रम है। पूरे आश्रम में म‍हर्षि की मंत्र वाणी गूंजती रहती है। गुरुजी प्रात: 4 बजे उठकर गंगा स्नान करके लौटते, तब तक शिष्यगण भी नहा-धोकर बगीची से फूल तोड़कर गुरु को प्रणाम कर उपस्थित हो जाते। आश्रम, पवित्र यज्ञ धूम्र से सुगंधित रहता। आश्रम में एक तरफ बगीचा था। बगीचे के सामने झोपड़ियों में अनेक शिष्य रहते थे। एक दिन की बात है सायंकाल अचानक बादलों की गर्जना सुनाई देने लगी... घड़ड़ड़... घड़ड़ड़...।   कुछ दूर गुरुजी के खेत थे। गुरुजी ने सोचा कि कहीं अपने धान के खेत की मेड़ अधिक पानी भरने से टूट न जाए। खेतों में से सब पानी बह जाएगा। मिट्टी कट जाएगी। उन्होंने आवाज दी- आरुणि! बेटा आरुणिऽऽ! उपस्थित हुआ गुरुदेवऽऽ! बेटा आरुणि! वर्षा हो रही है। तुम खेत पर जाओ और देखो, कहीं मेड़ टूटकर खेत का पानी निकल न जाए। जो आज्ञा गुरुदेव! गुरु का आदेश पाकर आरुणि चल पड़ा खेत की ओर। झमाझम पानी बरस रहा था। बादल गरज रहे थे... घड़ड़ड़ऽऽऽ ... ऽऽऽ...।  मोर मस्ती में भर वर्षा के स्वागत में टुहुक रहे थे- पि... केऽऽ क। पिऽऽ कोऽऽ का। आरुणि भीगता हुआ भी दौड़ा जा रहा था। गुरुजी ने दूसरे शिष्यों की बजाए आरुणि को आदेश दिया इसलिए आरुणि खुशी से फूला नहीं समा रहा था। उसके कानों में वर्षा की रिमझिम के स्थान पर गुरुजी की बताई शिक्षा गूंजने लगी- गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वर:। आरुणि ने देखा कि खेत की मेड़ एक स्थान पर टूट गई है तथा वहां से बड़े जोर से पानी की धारा बहने लगी है। आरुणि ने टूटी मेड़ पर मिट्टी जमाकर पानी रोकना चाहा किंतु बहता पानी मिट्टी को बहा ले जाता। . हाय! यह तो सारी मेहनत ही बेकार हो गई। पानी तो ठहरता ही नहीं। क्या करूं? मैं खुद ही क्यों नहीं टूटी मेड़ के स्थान पर सो जाऊं? हां, यही ठीक रहेगा। और आरुणि सचमुच टूटी‍ मेड़ के स्थान पर सो गया। पानी का बहाव थम गया।  रात पड़ गई। चारों ओर अंधकार ही अंधकार। बादलों की गर्जना... घड़ड़ड़... घड़ड़ड़...।  गीदड़ों की... हुआऽऽ हुआऽऽ। झमाझम बरसता पानी। कल-कल बहती धाराएं। सर्द हवाएं। आरुणि का शरीर सर्दी से अकड़ने लगा किंतु उसे तो एक ही धुन... गुरु की आज्ञा का पालन। बहता हुआ पानी कल-कल करता मानो आरुणि को कहने लगा- मैं वर्षा का बहता पानी,  मेरी चाल बड़ी तूफानी। उठ आरुणि अपने घर जा, रास्ता दे दे, हट जा, हट जा।।  मगर गुरु भक्त बालक आरुणि का उत्तर था-  गुरुजी का आदेश मुझे है, मैं रोकूंगा बहती धारा। जय गुरु देवा, जय गुरु देवा, आज्ञा पालन काम हमारा।। रात बीतती रही। बादल गरजते रहे। गीदड़ चीखते रहे- हुआऽऽ हुआऽऽ।  मेंढक टर्राते रहे- टर्र... टर्र... टर्र...। एक घंटा... दो घंटे... तीन घंटे...। आरुणि रातभर खेत के सहारे सोता रहा। सर्दी में शरीर सुन्न पड़ गया। गुरुदेव के खेत से पानी बहने न पाए, इस विचार से वह न तो तनिक भी हिला और न ही उसने करवट बदली। शरीर भयंकर पीड़ा होते रहने पर भी सचमुच गुरु का स्मरण करते हुए पड़ रहा।  चिड़िया चहकने लगी। मुर्गे ने सुबह होने की सूचना दी... कुकड़ूं कूंऽऽ।  गुरुजी नहा-धोकर लौटे। सभी शिष्यगण सदैव की तरह गुरुजी को प्रणाम करने पहुंचा- गुरुदेव प्रणाम! प्रसन्न रहो उपमन्यु! गुरुदेव प्रणाम! प्रसन्न रहो बेटा वेद! गुरु ने देखा कि आज आरुणि प्रणाम करने नहीं आया। उन्होंने दूसरे शिष्यों से पूछा- आज आरुणि नहीं दिख रहा है?  एक शिष्य ने याद दिलाया- गुरुदेव! आरुणि कल संध्या समय खेत की मेड़ बांधने गया था, तब से अब तक नहीं लौटा। अरे हां, याद आ गया। किंतु वह लौटा क्यों नहीं? कहां रह गया? चलो पता लगाएं। महर्षि अपने शिष्यों की टोली के साथ आरुणि को ढूंढ़ने निकल पड़े। चलते-चलते वे खेत की मेड़ की तरफ जा पहूंचे।  बेटा आरुणिऽऽ! कहां हो? किंतु आरुणि का शरीर सर्दी से इतना अकड़ गया था कि न बोला जा रहा था, न हिल-डुल सकता था। वह रहा। वह तो मेड़ के सहारे पानी के बहाव में मूर्छित पड़ा है- एक ने बताया। सभी वहां पहुंचे। उन्होंने मरणासन्न आरुणि को उठाया। हाथ-पांवों की मालिश की। थोड़ी देर बाद उसे होश आ गया। गुरुजी ने सब बातें सुनकर उसे हृदय से लगा लिया और आशीर्वाद दिया- बेटा आरुणि! तुम सच्चे गुरुभक्त हो। तुम्हें सब विद्याएं अपने आप ही आ जाएंगी। जगत में आरुणि की गुरुभक्ति सदा अमर रहेगी। सभी बालकों ने आरुणि को कंधों पर उठा लिया। घोष होने लगा। गुरु भक्त आरुणि,  धन्य हो। धन्य हो। गुरु भक्त आरुणि,  धन्य हो। धन्य हो।

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M S MAMTA Jul 16, 2019

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Ajay singh Jul 16, 2019

+9 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 15 शेयर
Gopal Jalan Jul 16, 2019

+3 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर
deepa chaturvedi Jul 16, 2019

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