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सावन में नंदी (बैल) को हरा चारा ज़रूर खिलाएं..घर में आएगी सुख-समृद्धि..

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कामेंट्स

Brajesh Sharma Aug 10, 2018
Bamb Bamb Bhole Baba Har Har Mahadev Om Namha Shivai Good Evening ji

Krishna Kumar Aug 10, 2018
प्रेम से बोलो नंदी महाराज की जय

subodh Sharma Aug 10, 2018
jai shree radhey radhey jai mata Di har har mahadev

Vinod Bihari Aug 11, 2018
जय जय शिवशंकर।हर हर महादेव।

sanju baghel Jun 17, 2019

https://youtu.be/j6bdssfnDc0

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sanju baghel Jun 17, 2019

https://youtu.be/j6bdssfnDc0

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Rakesh Nema Jun 16, 2019

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Swami Lokeshanand Jun 17, 2019

आज मन बड़ी विचित्र परिस्थिति में फंसा है। चारों ओर दुख के घनघोर अंधकार ने डेरा जमा रखा है। यहाँ जब से सूर्यवंश के सूर्य पिताजी को वनवास हुआ, तब से आँसुओं की धारा सबकी आँखों से अनवरत बह रही है। दादाजी के देहावसान के बाद, बड़ी दादी खोई खोई रहती है, मुख पर तो है ही, आँखों में भी मौन उतर आया है। मंझोली दादी भी आवश्यकता अनुसार कम ही बोलती है, चुपचाप रनिवास की सब व्यवस्था संभालती है। छोटी दादी का तो पूछो ही मत, लाख बार सबने समझा कर देख लिया, पर मालूम नहीं सारी परिस्थिति का बोझ अपने सिर पर क्यूं रखे है? तीनों चाची साढ़े तेरह वर्षों से देह की सुधि भूलकर दिनरात माँ पिताजी की कुशलता की कामना करतीं हैं। बड़े चाचा को तो देखे हुए भी उतना ही समय हो गया, सुनते हैं कि नंदिग्राम में सूख कर अस्थिमात्र ही बचे हैं। छोटे चाचा जरूर कभी कभी राज्यावस्था संभालते दृष्टि में आ जाते हैं। इधर जब से आततायी पापाचारी अनाचारी दुराचारी अत्याचारी पापपुंज दुष्ट रावण, माँ को अपहृत कर ले गया, आनन्दस्वरूप पिताजी को भी वरवश, लीलावश दुख ने घेर लिया। मंझले चाचा अपने कष्ट को भुलाकर, दिन रात पिताजी को कष्ट न हो ऐसा असफल प्रयास करते हैं। उधर लंका में माँ का भी तन सूख गया है। भूख प्यास की कौन कहे, श्वास भी बमुश्किल आ जा रही है। वे तो अकेली ही नहीं हैं, अति अकेली हैं। इस परिस्थिति से उबरने का तो एक ही मार्ग है, बस एकबार किसी तरह से हमारे बड़े भैया आ जाएँ। उनके आने में देरी है, अंधेरा छंटने में देरी नहीं है। फिर तो प्रकाश हुआ ही समझो, दुख मिटा ही समझो, कष्ट कटा ही समझो। बस भैया आ जाएँ, हनुमानजी आ जाएँ। कल कथा में हनुमानजी का प्रवेश॥ अब विडियो देखें-हनुमानजी का जन्म- https://youtu.be/zMEUN8Gm0jY हनुमानजी की महिमा- https://youtu.be/iGGA-YmoUmE

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