Ram ram ji 🌹🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦✍️✍️✍️

Ram ram ji 🌹🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦✍️✍️✍️

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कामेंट्स

Neha Sharma Aug 5, 2020
🏹🙏जय श्री राम🙏🏹 🏹🙏जय श्री राम🙏🏹 🏵️ सज गई है अयोध्या नगरी 🏵️ देखो चप्पा-चप्पा अयोध्या का कण-कण राम के रंग में रंगा हुआ है।🏵 कलियुग में फिर से वनवास काट पूरे परिवार के साथ आ रहे है श्री राम ।।🏵 💮 5 अगस्त 💮को भव्य राम मंदिर का भूमि पूजन हिन्दू धर्म मे सबसे बड़ी तारीख में लिखा जाएगा ।।💮 गली-गली में ऐलान होना चाहिए, हर मंदिर में राम होना चाहिए ! इतना तो गुणगान होना चाहिए, मिले किसी से तो प्रेम से बोलो#जयश्रीराम !! 🏹🏹🙏Ⓜ️🙏🏹🏹

Manoj manu Aug 5, 2020
🚩🚩🙏🔔जय सियाराम जी राधे राधे जी -रघुकुल नंदन प्रभु श्री राजा रामचंद्र जी महाराज के मंदिर निर्माण भूमि पूजन की अनेकानेक हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाईयाँ जी,शुभ सुंदर संध्या वंदन जी दीदी 🌺🌹🙏

Poonam Aggarwal Aug 5, 2020
🚩 जय श्री राम जय जय श्री राम 🚩🙏🏹 श्री राम मंदिर भूमि पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं बहना जी 🎪🚩 राम जी की कृपा से आपका हर पल शुभ मंगलमय हो 🚩🎪 एक ही नारा एक ही नाम जय श्री राम जय जय श्री राम ‼️👏🚩🏹🚩🏹🚩⛳⛳👏

ashish gupta Aug 5, 2020
सियावर राम चन्द्र जी की जय

Sukhdev Meghwal Aug 5, 2020
jai shri ganesha deva shri ganesha namo namaha ji 🙏🏿🕉🚩🍫 jai shri Ram ji 🙏🏿🕉🚩🍫 shri Ram bhumi pujaan ki Hardhik shubhkamnay ji 🙏🏿🕉🚩🍫 good evening my sweet sister ji have a great blessed wonderful happiness peaceful joyful evening stay blessed always God bless you ji aap ka har pal shubh and Mangal may ho ji 🙏🏿🕉🚩🍫🎁🍰🧿🎀🎆🎼🔱🍁☕✨🎇🎻🌻🙏🏿

Pinu Dhiman Aug 5, 2020
जय श्री राम जी शुभ रात्री नमस्कार मेरी प्यारी बहना जी 🙏⭐🙏आप का आने वाला कल आपके लिए सुख शांति और स्वस्थ जीवन लेकर आए आप का हर पल मंगलमय हो सुखमय हो मेरी प्यारी बहना जी 🙏🙌🌷🙋‍♀️🌷🙋‍♀️🌷⭐🙋‍♀️⭐🙋‍♀️⭐🙋‍♀️⭐🙋‍♀️

Sanjay Purohit9510932565 Aug 5, 2020
Jay shree🌹 ram🌹🌹🌹Jay shree🌹 ram 🌹good night ji 🌹🌷🌷🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Malkhan Singh Aug 5, 2020
🙋🌻🚩जय श्री राम🚩🌻🙋 आप को सपरिवार राम मंदिर भूमि पूजन एवं आज की प्यारी शुभ राममय रात्रि कि हार्दिक 💞🐚🐚🐚💞 💞 💞शुभकामनाएं 💞💞 🚩🚩🚩राम राम जी🚩🚩🚩

💐🌿🌹Param Sharma🌹🌿💐 Aug 6, 2020
🌹🌷जय श्री राम जी🌷🌹 भगवान श्री राम आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करें । आप और आपका परिवार हमेशा खुश रहे । आपका दिन शुभ मंगलमय रहे । 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Rameshbhai N Patel Aug 7, 2020
जय श्रीराम 🙏 जय श्रीराम 🙏 🙏जय श्रीराम 🙏 🙏 जय श्रीराम 🙏 🙏 रघुपति राघव राजाराम 🙏 🙏 पतित पावन सीताराम 🙏

🎄🎄🌹🌹🌹जय श्री राम🌹🌹🌹🎄🎄 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 एक करोड़पति बहुत अड़चन में था। करोड़ों का घाटा लगा था, और सारी जीवन की मेहनत डूबने के करीब थी ! नौका डगमगा रही थी। कभी मन्दिर नहीं गया था, कभी प्रार्थना भी न की थी। फुरसत ही न मिली थी ! पूजा के लिए उसने पुजारी रख छोड़े थे, कई मन्दिर भी बनवाये थे, जहाँ वे उसके नाम से नियमित पूजा किया करते थे लेकिन आज इस दुःख की घड़ी में कांपते हाथों वह भी मंदिर गया। सुबह जल्दी गया, ताकि परमात्मा से पहली मुलाकात उसी की हो, पहली प्रार्थना वही कर सके। कोई दूसरा पहले ही मांग कर परमात्मा का मन खराब न कर चुका हो ! बोहनी की आदत जो होती है, कमबख्त यहाँ भी नहीं छूटी, सो अल्ल-सुबह पहुँचा मन्दिर। लेकिन यह देख कर हैरान हुआ कि गाँव का एक भिखारी उससे पहले से ही मन्दिर में मौजूद था। अंधेरा था, वह भी पीछे खड़ा हो गया, कि भिखारी क्या मांग रहा है ? धनी आदमी सोचता है, कि मेरे पास तो मुसीबतें हैं; भिखारी के पास क्या मुसीबतें हो सकती हैं ? और भिखारी सोचता है, कि मुसीबतें मेरे पास हैं। धनी आदमी के पास क्या मुसीबतें होंगी ? एक भिखारी की मुसीबत दूसरे भिखारी के लिए बहुत बड़ी न थी ! उसने सुना, कि भिखारी कह रहा है- हे परमात्मा ! अगर पांच रुपए आज न मिलें तो जीवन नष्ट हो जाएगा। आत्महत्या कर लूँगा। पत्नी बीमार है और दवा के लिए पांच रुपए होना बिलकुल आवश्यक है। मेरा जीवन संकट में है। अमीर आदमी ने यह सुना और वह भिखारी बंद ही नहीं हो रहा है; कहे जा रहा है और प्रार्थना जारी है ! तो उसने झल्लाकर अपने खीसे से पांच रुपए निकाल कर उस भिखारी को दिए और कहा- जा ये ले जा पांच रुपए, तू ले और जा जल्दी यहाँ से ! अब वह परमात्मा से मुखतिब हुआ और बोला- "प्रभु, अब आप ध्यान मेरी तरफ दें, इस भिखारी की तो यही आदत है। दरअसल मुझे पांच करोड़ रुपए की जरूरत है !” भगवान मुस्करा उठे बोले- एक छोटे भिखारी से तो तूने मुझे छुटकारा दिला दिया, लेकिन तुझसे छुटकारा पाने के लिए तो मुझको तुमसे भी बढ़ा भिखारी ढूँढ़ना पड़ेगा ! तुम सब लोग यहाँ केवल कुछ न कुछ माँगने ही आते हो, कभी मेरी जरूरत का भी ख्याल आया है ? धनी आश्चर्यचकित हुआ बोला - प्रभु आपको क्या चाहिए ? भगवान बोले- प्रेम ! मैं भाव का भूखा हूँ। मुझे निस्वार्थ प्रेम व समर्पित भक्त प्रिय है। कभी इस भाव से मुझ तक आओ; फिर तुम्हे कुछ माँगने की आवश्यकता ही नही पड़ेगी🌸🍀🌸🍀🌸🙏🙏🙏☕

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🙏विष्णु_भगवान_सबके_पालनहार🙏 🌹लक्ष्मीजी विष्णुजीको भोजन करा रही थी। विष्णुजीने पहला ग्रास मुँह मे लेने से पहले ही हाथ रोक लिया और उठकर चले गए। लौटकर आने पर भोजन करते करते लक्ष्मीजी ने उठकर जाने का कारण पूछा तो विष्णुजी बोले- मेरे चार भक्त भूखे थे , उन्हें खिलाकर आया। लक्ष्मीजीने परीक्षा लेने के लिए दूसरे दिन एक छोटी डिबिया में पांच चीटियों को बंद किया और विष्णुजी को भोजन परोसा। प्रभु ने भोजन किया, तो लक्ष्मीजी बोलीं- आज आपके पांच भक्त भूखे हैं और आपने भोजन पा लिया? प्रभु ने कहा- ऐसा हो नहीं सकता। तो लक्ष्मीजी ने तुरंत डिबिया खोली और अचरज से हक्की-बक्की हो गयी क्योंकि हर चीटी के मुँह मे चावल के कण थे। लक्ष्मीजी ने पूछा बंद डिबिया चावल कैसे आए, आपने कब डाले? प्रभु ने सुंदर जबाब दिया- देवी आपने चिटियों को डिब्बी में बंद करते समय जब माथा टेका तभी आपके तिलक से एक चावल डिब्बी में गिर गया था और चीटिंयों को भोजन मिल गया। तात्पर्य यही है कि वह पालनहार हर जीव का ध्यान रखता है। हम भी रुकें, धैर्य रखें, विश्वास से कहे है कि चोंच दी वह चुग्गा भी देगा। उस दयालु पालनहार की माया कृपा अपरंपार है। हम अपना उद्यम करते रहें आगे तो वह देख ही रहे हैं। 🌹।श्रीलक्ष्मीनारायण भगवान की जय।🌹 ✍🏻लक्ष्मी का हाथ हो, सरस्वती का साथ हो.! गणेश का निवास हो, और,मां "पार्वती" के आशीर्वाद से आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो..!! 🌹🙏जय श्री राम🌹🙏

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गणेशजी का वाहन मूषक , भगवानों ने अपनी सवारी बहुत ही विशेष रूप से चुनी। उनके वाहन उनकी चारित्रिक विशेषताओं को भी बताते हैं। शिवपुत्र गणेशजी का वाहन है मूषक। मूषक शब्द संस्कृत के मूष से बना है जिसका अर्थ है लूटना या चुराना। सांकेतिक रूप से मनुष्य का दिमाग मूषक, चुराने वाले यानी चूहे जैसा ही होता है। यह स्वार्थ भाव से गिरा होता है। गणेशजी का चूहे पर बैठना इस बात का संकेत है कि उन्होंने स्वार्थ पर विजय पाई है और जनकल्याण के भाव को अपने भीतर जागृत किया है। वैज्ञानिक मानते हैं कि मनुष्य और चूहे के मस्तिष्क का आकार प्रकार एक समान है। चूहे का किसी न किसी रूप में मनुष्य से कोई सबंध जरूर है उसी तरह ‍जिस तरह की चूहे और हाथी का। 💧🩸💧🩸💧🩸💧🩸💧🙏🙏🌹

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🌹 एक फरिश्ता यह भी 🌹 मैं कईं दिनों से बेरोजगार था , एक एक रूपये की कीमत जैसे करोड़ों लग रही थी , इस उठापटक में था कि कहीं नौकरी लग जाए। आज एक इंटरव्यू था , पर दूसरे शहर जाने के लिए जेब में सिर्फ दस रूपये थे . मुझे कम से कम दो सौ रुपयों की जरूरत थी। अपने इकलौते इन्टरव्यू वाले कपड़े रात में धो , पड़ोसी की प्रेस माँग के तैयार कर पहन , अपने योग्यताओं की मोटी फाइल बगल में दबाकर , दो बिस्कुट खा के निकला। लिफ्ट ले , पैदल जैसे तैसे चिलचिलाती धूप में तरबतर . बस ! इस उम्मीद में स्टेंड पर पहुँचा कि शायद कोई पहचान वाला मिल जाए , जिससे सहायता लेकर इन्टरव्यू के स्थान तक पहुँच सकूँ। काफी देर खड़े रहने के बाद भी कोई नहीं दिखा . मन में घबराहट और मायूसी थी , क्या करूँगा अब कैसे पँहुचूगा ? पास के मंदिर पर जा पहुंचा , दर्शन कर सीढ़ियों पर बैठा था . मेरे पास में ही एक फकीर बैठा था , उसके कटोरे में मेरी जेब और बैंक एकाउंट से भी ज्यादा पैसे पड़े थे ! !! मेरी नजरें और हालात समझ के बोला , "कुछ मदद चाहिए क्या ?" मैं बनावटी मुस्कुराहट के साथ बोला , "आप क्या मदद करोगे ?" "चाहो तो मेरे पूरे पैसे रख लो ." वो मुस्कुराता बोला . मैं चौंक गया ! !! उसे कैसे पता मेरी जरूरत ! मैनें कहा "क्यों ...? "शायद आपको जरूरत है" वो गंभीरता से बोला। "हाँ है तो , पर तुम्हारा क्या , तुम तो दिन भर माँग के कमाते हो ?" मैने उस का पक्ष रखते हुए कहा . वो हँसता हुआ बोला , "मैं नहीं माँगता साहब ! लोग डाल जाते हैं मेरे कटोरे में . पुण्य कमाने के लिए ! मैं तो फकीर हूँ , मुझे इनका कोई मोह नहीं . मुझे सिर्फ भूख लगती है , वो भी एक टाइम . और कुछ दवाइयाँ . बस ! मैं तो खुद ये सारे पैसे मंदिर की पेटी में डाल देता हूँ ." वो सहज था कहते कहते। मैनें हैरानी से पूछा , "फिर यहाँ बैठते क्यों हो..?" "जरूरतमंदों की मदद करने ! !!" कहते हुए वो मंद मंद मुस्कुरा रहा था। मैं उसका मुँह देखता रह गया ! !! उसने दो सौ रुपये मेरे हाथ पर रख दिए और बोला , "जब हो तब लौटा देना ." मैं उसका शुक्रिया जताता हुआ वहाँ से अपने गंतव्य तक पँहुचा . मेरा इंटरव्यू हुआ और सलेक्शन भी। मैं खुशी खुशी वापस आया, सोचा उस फकीर को धन्यवाद दे दूँ । मैं मंदिर पँहुचा , बाहर सीढ़़ियों पर भीड़ लगी थी , मैं घुस के अंदर पँहुचा , देखा वही फकीर मरा पड़ा था। मैं भौंचक्का रह गया ! मैने दूसरों से पूछा यह कैसे हुआ ? पता चला , वो किसी बीमारी से परेशान था . सिर्फ दवाईयों पर जिन्दा था . आज उसके पास दवाइयाँ नहीं थी और न उन्हें खरीदने के पैसे ! मैं अवाक सा उस फकीर को देख रहा था ! अपनी दवाईयों के पैसे वो मुझे दे गया था . जिन पैसों पे उसकी जिंदगी का दारोमदार था , उन पैसों से मेरी ज़िंदगी बना दी थी....! भीड़ में से कोई बोला , अच्छा हुआ मर गया। ये भिखारी भी साले बोझ होते हैं , कोई काम के नहीं....! मेरी आँखें डबडबा आयी ! वो भिखारी कहाँ था , वो तो मेरे लिए भगवान ही था . नेकी का फरिश्ता . मेरा भगवान ! मित्रों, हममें से कोई नही जानता कि भगवान कौन हैं और कहाँ हैं ? किसने देखा है भगवान को ? बस ! इसी तरह मिल जाते हैं। जय हिन्द। 🙏🙏

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