श्री रामेश्वरम दर्शन

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#धार्मिकसेल्फ़ी

श्री रामेश्वरम दर्शन

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Yajuvendra Gupta Aug 4, 2020

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white beauty Aug 3, 2020

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white beauty Aug 3, 2020

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white beauty Aug 3, 2020

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Seema Sharma Aug 2, 2020

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अध्यात्म और वास्तुकला की अनूठी मिसाल: जमुआ-देवघर मार्ग में मिर्जागंज-जगन्नाथडीह में स्थित जलीय सूर्य मंदिर झारखंड के गौरव के रूप में जाना जाता है। यह आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ अपने उत्कृष्ट बनावट की वजह से भी आकर्षण का केंद्र है। मुख्य पथ के किनारे तालाब के बीच स्थित इस मंदिर के गर्भ-गृह तक पहुंचने के लिए 60 फीट लंबे आरसीसी पुल से गुजरना पड़ता है। दिल्ली के लोटस टेंपल की तर्ज पर निर्मित वास्तुकला की अनुपम धरोहर इस मंदिर की कल्पना एक कमलपुष्प रूपी रथ के रूप में की गई है। गर्भ-गृह में रथ पर सवार भगवान भाष्कर के साथ-साथ माँ गायत्री, हनुमान, शिव, राम-सीता, राधा-कृष्ण, दुर्गा, गणेश जौसे देवी-देवताओं की संगमरमर की नयनाभिराम मूर्तियां विराजमान हैं। छह द्वार युक्त मंदिर को कमलपुष्प समान छह क्षैतिज वाह्य पंखुड़ियों के बीच अंगुफित कलि रूप में बनाया गया है। मंदिर के चारों ओर कोणार्क मंदिर की तर्ज पर रथ के छह पहिए बने हैं तथा सिंह द्वार पर इंद्रधनुष सा सात अलग-अलग रंगों के सात गम्य मुद्रा में अश्व बनाकर लगाम सारथी बने अरुण के हाथों में थमाई गई है।

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Ajay Kumar Aug 3, 2020

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