SATISH
SATISH Apr 21, 2019

WAHE GURU JI

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MAMTA Kapoor May 19, 2019

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Manjeet Sobti May 19, 2019

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹वाहेगुरु जी 🙏वाहेगुरु जी 🌹 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 * 🙏'सच्ची अरदास' 🙏* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *ए मेरे मालिक -* *- जिन्दगी बख्शी है, तो जीने का सलीका भी बख्श* *- ज़ुबान बख्शी है मेरे मालिक, तो सच्चे अल्फ़ाज़ भी बख्श* *- सभी के अन्दर तेरी ज्योत दिखे, ऐसी तू मुझे नज़र भी बख्श* *- किसी का दिल न दुखे मेरी वजह से, ऐसा अहसास भी तू मुझे बख्श* *- आपके चरणकमल में मैं लगा रहूँ, हे दाता ऐसा ध्यान भी बख्श* *- रिश्ते जो बनाये मेरे मालिक उनमें अटूट प्यार तू भर* *- ज़िम्मेदारियाँ बख्शी हैं मेरे पालनहार तो उनको निभाने की समझ भी बख्श* *- बुद्धि बख्शी है मेरे मालिक तो, 'विवेक बख्श कर एक और अहसान कर दे* *- जो कुछ है वो सब तेरा है तो फिर इस मेरी "मैं" को भी बख्श* 🌼🌻🌺🌸🌼🌻🌺🌸🌼 🙏वाहेगुरु जी 🙏वाहेगुरु जी 🙏 🌼🌻🌺🌸🌼🌻🌺🌸🌼 **एक ब्राह्मण हमेशा धर्म कर्म में मग्न रहता था उसने जीवनभर पूजा पाठ किए बिना कभी भी अन्न ग्रहण नहीं किया था। जब वृद्धावस्था आई तो वह बीमार पड़ गया और अपना अंत समय निकट जानकर विचार करने लगा, काश! प्राण निकलने से पूर्व मुझे गंगाजल की एक बूंद मिल जाती तो मेरे पापों का नाश हो जाता और मुझे मुक्ति मिल जाती। तभी कबीरदास घूमते घामते उस ब्राह्मण के घर पहुंचे और उसकी कुशल क्षेम पूछकर कुछ सेवा करने की अभिलाषा व्यक्त की। उस ब्राह्मण ने कहा, बेटा, मैं सेवा करवाने का इच्छुक तो नहीं हूं लेकिन तुम्हारी सेवा भावना है तो मुझे एक लोटा गंगाजल लाकर दे दो। मैं मरने से पूर्व गंगाजल का सेवन कर पापों से मुक्ति चाहता हूं। कबीरदास गंगा किनारे गए और अपने ही लोटे में गंगाजल ले आए। ब्राह्मण ने जब देखा कि कबीरदास अपने लोटे में ही गंगाजल लाए हैं तो वह बोला, तुम्हें अपने लोटे में गंगाजल लाने के लिए किसने कहा था। जुलाह के लोटे से गंगाजल ग्रहण कर मैं पापों से कैसे मुक्त हो सकूंगा। इससे तो मेरा धर्म ही भ्रष्ट हो जायेगा। कबीरदास बोले, हे ब्राह्मण देवता! जब गंगाजल में इतनी ही शक्ति नहीं है कि वह जुलाहे के लोटे को पवित्र कर सके, तब आपको उस जल से कैसे मुक्ति मिल पाएगी? कबीरदास का प्रश्न सुनकर वह ब्राह्मण निरूत्तर हो गया और क्षमा भावना से उनकी ओर ही देखने लगा। माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर, कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर। **वाहेगुरु जी ** 🙏🌹🌹🙏 🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂 🍠Waheguru wàheguru ji🍠 🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂

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shuchi arora May 19, 2019

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SATISH May 19, 2019

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SATISH May 19, 2019

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Amarjeet Kaur May 18, 2019

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Jay Lalwani May 18, 2019

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