🍁दर्शन करें माँ दुर्गा के छठवें स्वरूप देवी कात्यायनी का।🍁

✔कात्यायनी देवी दुर्गा जी का छठा अवतार हैं।शास्त्रों के अनुसार देवी ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया।

✔ध्यान मंत्र-
"चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना
कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि।।"

✔दिव्य रुपा कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समाना चमकीला है। चार भुजा धारी माँ कात्यायनी सिंह पर सवार हैं। अपने एक हाथ में तलवार और दूसरे में अपना प्रिय पुष्प कमल लिये हुए हैं। अन्य दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में हैं। इनका वाहन सिंह हैं। देवी कात्यायनी के नाम और जन्म से जुड़ी एक कथा प्रसिद्ध है।

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कामेंट्स

bharati sharama Sep 26, 2017
जय माँ कात्यानी हम पर कृपा बनाए रखो ,,,,🌹🌹माँ

dheeraj patel Sep 26, 2017
जय माता दी 🌹🙏🙏🌹 🌹🌹🌹🌹

नारायणदास लोया Sep 28, 2017
. ।। सुप्रभात ।। ऊँ जयन्ती मङ्गलाकाली भद्रकाली कपालिनी । दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते !! ~~ जय माता दी ~~ हे आध्यशक्ति नवदुर्गा माता, तेरे नाम से ही तमस मिट जाता । हे कष्टनिवारिणी मोक्षदायिनी माता, तेरे नाम से ही जग भवसागर तर जाता । हे अष्टभुजाधारी जग कल्याणी माता, तेरे दर से कोई खाली हाथ नही जाता । हे अम्बे अम्बालिका अम्बिका माता, तेरे नाम को संसार निशदिन ध्याता । हे जगतारिणी शिव अर्धांगिनी माता, रखना लाज हम बच्चों की तू ही हमारी भाग्यविधाता । ।। राम राम सा ।।

Pramod Yadav Oct 1, 2017
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