शुभ प्रभात, जय श्री राधे राधे जी राधा रानी का बहुत सुन्दर भजन और फूलसखी की कहानी

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राधा रानी जी और फूलसखी की कहानी एक बार जरूर पढ़े
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👉 बरसाना में फूलसखी नाम का एक मुस्लिम था यद्यपि वो एक मुस्लिम था फिर भी उसकी राधा रानी में अपार श्रद्धा थी  और तो और उसकी एक बेटी थी जिसका नाम भी उसने राधा रखा था.

👉 फूलसखी सारंगी बजाने का काम करता था कोई भी उत्सव होता तो वो सारंगी बजाता और उसकी बेटी राधा उसकी धुनों पर नृत्य करती.

👉 इसी तरह देखते ही देखते उसकी बेटी राधा बड़ी हो गयी और उसके विवाह का वक़्त आ पंहुचा राधा रानी की कृपा से उसने अपनी बेटी का विवाह बड़ी धूम धाम से किया.

👉 लेकिन अपनी बेटी के चले जाने के बाद वो निराश सा रहने लगा क्योकि वो राधा रानी के भजनों पर सारंगी बजाया करता और उसकी बेटी राधा नृत्य किया करती थी,

👉 और इन्ही सब से उसका जीवन गुजरा करता था लेकिन अब नृत्य करने वाली राधा तो ससुराल चली गयी थी. इसलिए उसका सारंगी बजाने का भी मन नहीं करता था.

👉 एक दिन रात को पूर्णिमा के दिन वो बहुत ही निराश अवस्था में राधा रानी को याद कर रहा था और कह रहा था – हे लाडली अब तो तेरा भजन भी नहीं होता मेरी सारंगी की धुन पर
अब कौन नाचेगी?

👉 तभी उसने अचानक अपनी सारंगी उठा ली और बड़े ही भाव से राधा रानी का भजन करते हुए,मुख से राधा-राधा निरंतर निकल रहा था,भला किशोरी जी को कोई इतने भव से पुकारे और वे न आये ऐसा कैसे हो सकता है.

👉 फूल सखी सारंगी को बजाने लगा वो उसी धुन में इतना डूब गया की उसे कुछ भी याद न रहा, तभी लाडली जी के महल के कपाट खुलते है और उनमे से नेत्रों को अँधा कर देनी वाली अपार उजाले की चमक दिखाई पड़ती है  और उसी उजाले में से एक छोटी सी गौर वर्ण की कन्या आती है और फूल सखी की सारंगी की धुन पर नाचने
लगती है.

👉 फूल सखी भी इतना मदहोश हो जाता है कि वो सारंगी बजाये और वो छोटी सी कन्या नाचती ही जाए उसे कुछ भी होश न रहा और नाचते नाचते वो छोटी सी कन्या फूल सखी को महल की एक-एक सीढ़ी चढ़ाती गयी और फूल सखी भी एक-एक करके वो सीढिया चढ़ता ही गया और जैसे ही वो कपाट तक पंहुचा,

👉 तभी महल के कपाट बंद हो जाते है और फूल सखी भी अंदर ही चला जाता है और फूल सखी कहा गया आज तक किसी को मालुम न हुआ भजन करते-करते वो राधा रानी में ही विलीन हो गया.

👉 कहते है किसी संत को बरसाने की परिक्रमा में एक दिन वे फूल सखी दिखायी दिए, उन्होंने पूछा तो फूल सखी बोले -बाबा मै अब इस संसार के काम का नहीं हूँ मुझसे तो किशोरी जी ने कृपा करने अपने परिकर में शामिल कर लिया है.

👉 और इतना कहकर वे झाडियों में कही चले गए,फिर किसी ने उन्हें कभी नहीं देखा.

🙏जय श्री राधे🙏
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कामेंट्स

Mangal Singh Chauhan May 18, 2018
@anilvaswaniktgmailcom हे श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा, जय श्री राधे राधे जी 🔔🌻🙏🌻🔔

मीरा May 18, 2018
आपको भी राधे राधेजी

Mangal Singh Chauhan May 18, 2018
@मीरा4 जय श्री राधे राधे जी, जय श्री कृष्ण जी की शुभ रात्रि जी, 🔔🌻🙏🌻🔔

Shuchi Singhal Jun 1, 2020

+59 प्रतिक्रिया 17 कॉमेंट्स • 234 शेयर
Sunil Vohra Jun 1, 2020

+10 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 9 शेयर
as radha bansal Jun 1, 2020

+11 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 21 शेयर
Shuchi Singhal Jun 1, 2020

+39 प्रतिक्रिया 11 कॉमेंट्स • 42 शेयर
manju sharma Jun 1, 2020

+69 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 58 शेयर
Subhash Singh Jun 1, 2020

+59 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 3 शेयर

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