murlidhargoyal39
murlidhargoyal39 Dec 12, 2017

स्वामी रामकृष्ण परमहंस

स्वामी रामकृष्ण परमहंस

कहा जाता है एक बार स्वामी रामकृष्ण परम हंस काशी आये थे. यहाँ आने पर उनकी अध्यात्मिक शक्ति अनजानी दिशा की ओर जाने के लिए आकर्षित होने लगी. परमहंस जी समझ गए कि कोई दिव्य आत्मा उन्हें अपनी ओर आकर्षित कर रही है. मंत्रमुग्ध भाव के अपने आप कई लोगों के साथ तैलंग स्वामी की दिशा में चल पड़े.
गरमी का मौसम था, दोपहर का वक्त. प्रचंड लू चल रही थी. दशाश्वमेघ घाट से उत्तर की ओर परमहंस जी रवाना हुए. बीच बीच में जहाँ घाट नहीं था वहां बालू पर चलना पद रहा था. साथ के लोग पाद त्राण पहने हुए थे केवल परमहंस जी नंगे पाँव थे. साथ चलने वालों में रानी रासमणि के दामाद मथुरानाथ विश्वास भी थे.
सहसा परमहंस जी के साथ चलने वालों ने देखा कि सामने से एक नंग धडंग बाबा दोनों हाथों को फैलाए तेरी से इनकी ओर चला आ रहा है. पास आते ही उन्होंने परमहंस जी को अपने अंक में भर लिया. जैसे युगों बाद दो घनिष्ट मित्र आपस में मिलते हैं. इस मिलन को देखकर भक्तों को समझते देर नहीं लगी कि अपरिचित महात्मा उच्च कोटि के महापुरुष हैं वरना इतनी तेज़ धुप में चलकर परमहंस जी इनसे मिलने नहीं आते.
परमहंस जी ने तुरंत साथ आने वालों से कहा-`` अरे भाई, तुम लोग खड़े खड़े मुह क्या देख रहे ह`? बाबा साक्षात् विश्वनाथ हैं. अपना अहोभाग्य समझो जो ऐसे दिव्यात्मा के दर्शन के सौभाग्य मिल रहा है. इन्हें प्रणाम कर जीवन सफल बनाओ. आज मेरी काशी यात्रा सफल हो गयी.``

देर तक दोनों संत आपस में मौन वार्ता करते रहे. यहाँ से वापिस लौटने पर मथुरा बाबू से परमहंस जी ने कहा-`` आज बहुत दिनों बाद पूर्ण कलायुक्त संत का मैंने दर्शन किया है. अहा, कितने सुन्दर लक्षण हैं. माँ काली के साक्षात् सेवक हैं न. माँ जगदम्बा की जिस पर कृपा होगी, उसे किसी बात की चिंता नहीं सताएगी.``

मथुरा बाबू बाबू ने चकित दृष्टि से पूछा-`` तैलंग स्वामी काली के भक्त हैं, ये आपको कैसे मालूम हुआ? आप तो उनके आश्रम में भी नहीं गए?``
परमहंस जी ने कहा-``माँ काली के भक्त में जितने लक्षण होते हैं, वह सब स्वामीजी के शरीर पर मैंने देखे. उन लक्षणों को देखकर ही मेरा विश्वास हुआ. इन आँखों से कुछ छिपा नहीं रहता. बाबा असाधारण योगी हैं. इस बात का ज्ञान गले मिलते ही हो गया था. पिछले तीन सौ सालों में इस तरह का योगी पैदा ही नहीं हुआ. इन्हें अपने शरीर का कोई ज्ञान नहीं है. जिस बालू पर तुम लोग जूता पहनकर चलने में कष्ट का अनुभव कर रहे थे, उस पर वे लेते हुए थे. केवल इससे उनके असाधारण तत्त्व पर प्रकाश पड़ता है. ``

इस घटना के बाद अक्सर परमहंस जी तैलंग स्वामी के पास आते रहे. दोनों व्यक्तियों में साधना के बारे में विचार विमर्श होता था. जिसे उपस्थित भक्त मंडली नहीं जान पाती थी.

एक दिन विचित्र घटना हो गयी. लोगों ने देखा कि परमहंस जी कुछ लोगों के साथ आ रहे हैं. सभी के हाथों में बर्तन हैं. परमहंस जी आकर बोले-`` आज विश्वनाथ को अपने हाथों से खीर खिलाउंगा. देखूं, मेरे बाबा कितना खाते हैं. ``

परमहंस जी की बात सुनकर तैलंग स्वामी मुस्कुरा उठे. वे पालथी मार कर बैठ गए. इधर दनादन कटोरी में खीर उड़ेल उड़ेल कर परमहंस जी तैलंग स्वामी को खिलाने लगे. देखते ही देखते बीर सेर खीर तैलंग स्वामी उदरस्थ कर गए.

उपस्थित लोग यह देख कर चकित रह गए. जो लोग तैलंग स्वामी के निकट रहते थे उन्हें ज्ञात था कि स्वामीजी श्रद्धा और प्रेम से दिए गए भोजन को कभी अस्वीकार नहीं करते. कभी कभी एक - दो सप्ताह तक भोजन नहीं करते और कभी केवल जल और बेलपत्र ग्रहण करके रह जाते हैं. बीस सेर खीर एक आसन में बैठकर खाना सभी लोगों के लिए असाधारण घटना थी

विवेकानंद जी के परम गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस और श्री तैलंग स्वामी के मिलन का वृत्तान्त लिखते लिखते मेरे भी अश्रुपात हो ही गए

Like Pranam Water +105 प्रतिक्रिया 12 कॉमेंट्स • 86 शेयर

कामेंट्स

K. L.Verma Dec 12, 2017
जय माँ श्यामा👏

Ajnabi Dec 12, 2017
very nice jay shree Radhe krishna veeruda

neeru gupta Aug 18, 2018

Tulsi Pranam Milk +47 प्रतिक्रिया 37 कॉमेंट्स • 186 शेयर
Anju Mishra Aug 18, 2018

🍃एक बात बताते हैं संतलोग बहुत ही रहस्यमय है।🍃
°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
कहते हैं कि जब कोई रसिक भक्त,कृष्ण विरह में रोते हैं, तब हमारी आँख से निकले एक-एक आंसू रुपी मोती की श्री जी माला बनाती है और उस माला को कृष्ण जी को पहनात...

(पूरा पढ़ें)
Flower Bell Pranam +108 प्रतिक्रिया 38 कॉमेंट्स • 218 शेयर

पत्नी क्या होती है।
एक बार जरूर पड़े।

🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔

"रामलाल तुम अपनी बीबी से इतना क्यों डरते हो?
"मैने अपने नौकर से पुछा।।

"मै डरता नही साहब उसकी कद्र करता हूँ
उसका सम्मान करता हूँ।"उसने जबाव दिया।

मैं हंसा और बोला-" ऐसा क्या है उसमें।

न...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Fruits Like +5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 115 शेयर
Anju Mishra Aug 18, 2018

जय श्री राधे कृष्णा

अंधेरा चाहे कितना भी घना हो लेकिन एक छोटा सा दीपक अंधेरे को चीरकर प्रकाश फैला देता है वैसे ही जीवन में चाहे कितना भी अंधेरा हो जाए विवेक रूपी प्रकाश अंधकार को मिटा देता है

शत्रु को सदैव भ्रम में रखना चाहिए जो उसका अप्रिय करना...

(पूरा पढ़ें)
Milk Flower Tulsi +287 प्रतिक्रिया 90 कॉमेंट्स • 437 शेयर
geeta rathi Aug 18, 2018

हिंदू धर्म की सबसे बड़ी गाथा, महाभारत(Mahabharat) उन कहानियों से भरी है जिनके पास एक व्यक्ति का जीवन उजागर करने की क्षमता है। अपने आंतरिक अर्थ से और प्रथाओं में इसके मूल्य से, महाभारत ने समाज के बीच अपनी संस्कृति विकसित की है। हालांकि, महाभारत में...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Like Bell +336 प्रतिक्रिया 91 कॉमेंट्स • 125 शेयर
Sapna patel Aug 18, 2018

Like Pranam Dhoop +105 प्रतिक्रिया 60 कॉमेंट्स • 261 शेयर

Like Pranam Bell +205 प्रतिक्रिया 165 कॉमेंट्स • 811 शेयर
Shri Banke Bihari Aug 19, 2018

Pranam Like Bell +12 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 113 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB