मायमंदिर फ़्री कुंडली
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Jai ganesh deva g🙏🙏🙏🙏🙏

Jai ganesh deva g🙏🙏🙏🙏🙏

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कामेंट्स

Manoj manu Jun 12, 2019
🚩🙏प्रथम स्मरण श्री गणेश जी महाराज की अनंत कोटी कृपा एवं आप सभी के हर पल की अनेकों मंगलमय शुभकामनाओं केसाथ सादर सप्रेम वंदन भाई जी 🌿🌿🙏

Malkhan Singh Jun 12, 2019
🚩🚩🙂🙏🙏🙏🙂 🚩🚩 🌹卐 *ॐ गं गणपतये नमः* 🌹卐 *🙏जय हो गंगा मइया की🙏* *आज दिनांक 12 जून 2019, दिन- बुधवार, ज्येष्ठ - मास, शुक्ल पक्ष - दशमी ( गंगा दशमी, गंगा दशहरा ) आपको सपरिवार मंगलमय हो। शुभ गंगा दशहरा🙏शुभ बुधवार।* *卐*ॐ हरि ॐ*卐ॐ नमः शिवाय卐* 🚩🚩🙂🙏🙏🙏🙂 🚩🚩

Queen Jun 12, 2019
🌺Happy Ganga Dussehra 🌺 Jai Shree Ganpati Ji Good morning Ji aap or apki family pr Ganpati Ji Di kripa bni rhe always be happy Bhai Ji

Neha Kaushik Jun 12, 2019
Shri Radhe Krishna bhai ji Shubh Prabhat and have a great day bhai ji 🙏🙏

Laxmi ..MOLI 🌷🚩 Jun 12, 2019
very painful words BHAI VERY BEAUTIFUL POST BUT I'M sad. ..VERY sad while reading your post

Ladjiji Thakor Jun 12, 2019
जय श्री राम जय श्री कृष्ण राधे राधे जी 🙏🙏🌹🌹🙏🏵️🌹

Mukesh Singh Jun 12, 2019
Jai Shree Ganesh🌹🌹Shubh Prabhat Bhai Ji Ganesh Ji Ki Kripa Sada Aap Pr Bani Rahe Aap Ka Har Pal Shubh V Mangal May Ho Shubh Din🌹🌹🙏🙏🙏🙏

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Swami Lokeshanand Jun 15, 2019

नवधा भक्ति की अंतिम सीढ़ी की चर्चा। इसमें पाँच प्रमाण हैं। प्रमाण, कि घटना घट गई, कि भक्ति की पूर्णता हो गई, कि अब गिरना संभव नहीं, मंजिल आ गई, परमात्मा उपलब्ध हो गया, आप शबरी हो गए। पाँच के प्रपंच से छूट जाने के पाँच प्रमाण यह हैं- सरलता, अनन्यता, निष्कपटता, आनन्द और धन्यता। कौन किसको पैमाने पर कस सकता है? दूसरा कोई नहीं, स्वयं ही स्वयं को कसें तो कसें। समझदार को इशारा काफी है। लो तोल लो। "नवम सरल सब सन छल हीना। मम भरोसा हिय हरष न दीना॥" १- सरलता- जैसा है वैसा है, किसी को कैसा लगता है ध्यान नहीं, मुस्काए तो मुस्काए, क्रोध करे तो क्रोध करे, गिने तो छोटी बात भी गिन ले, न गिने तो लाखों बात न गिने, कभी गाली पर भी रीझ जाए, कभी प्रशंसा पर भी तमतमा जाए, इस सरलता को कोई सरल ही समझता है। २- निष्कपटता- "क" माने मन, "पट" माने पर्दा, मन पर पर्दा नहीं, बाहर भीतर एक है, वह छल सकता ही नहीं। ३- अनन्यता- बस उस एक इष्ट के भरोसे है, अन्य दरवाजे पर माथा नहीं पटकता, दुनियावालों से आस नहीं, किसी से कुछ चाह नहीं, माँग नहीं। इष्ट के सिवा कुछ इष्ट नहीं, बाकी सब उसे अनिष्ट है, वह तो इष्ट से भी कुछ नहीं माँगता, अन्तर्यामी को अन्तर्यामी जानता है, अन्तर्यामी से माँगना कैसा? ४- आनन्द- बिना कारण प्रसन्न रहता है, दुख उसे छू सकता नहीं, संभावना ही मिट गई, प्राणों पर आया संकट भी उसके आनन्द को बाल भर भी हिला नहीं सकता। ५- धन्यता- दीनता मिट गई, जन्म जन्म का भिखारीपना सदा सदा के लिए मिट गया, दीनदयाल की दया हो गई। यदि ऐसा हो गया है, तो तुम आत्मोप्लब्ध हो॥ अब विडियो देखें, अच्छा और बुरा- https://youtu.be/Qn2xOtKeRN4

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👉मार्मिक 👈 एक पाँच छ: साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर मंदिर के एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था । कपड़े में मैल लगा हुआ था मगर निहायत साफ, उसके नन्हे नन्हे से गाल आँसूओं से भीग चुके थे । बहुत लोग उसकी तरफ आकर्षित थे और वह बिल्कुल अनजान अपने भगवान से बातों में लगा हुआ था । जैसे ही वह उठा एक अजनबी ने बढ़ के उसका नन्हा सा हाथ पकड़ा और पूछा : - "क्या मांगा भगवान से" उसने कहा : - "मेरे पापा मर गए हैं उनके लिए स्वर्ग, मेरी माँ रोती रहती है उनके लिए सब्र, मेरी बहन माँ से कपडे सामान मांगती है उसके लिए पैसे".. "तुम स्कूल जाते हो"..? अजनबी का सवाल स्वाभाविक सा सवाल था । हां जाता हूं, उसने कहा । किस क्लास में पढ़ते हो ? अजनबी ने पूछा नहीं अंकल पढ़ने नहीं जाता, मां चने बना देती है वह स्कूल के बच्चों को बेचता हूँ । बहुत सारे बच्चे मुझसे चने खरीदते हैं, हमारा यही काम धंधा है । बच्चे का एक एक शब्द मेरी रूह में उतर रहा था । "तुम्हारा कोई रिश्तेदार" न चाहते हुए भी अजनबी बच्चे से पूछ बैठा । पता नहीं, माँ कहती है गरीब का कोई रिश्तेदार नहीं होता, माँ झूठ नहीं बोलती, पर अंकल, मुझे लगता है मेरी माँ कभी कभी झूठ बोलती है, जब हम खाना खाते हैं हमें देखती रहती है । जब कहता हूँ माँ तुम भी खाओ, तो कहती है मैने खा लिया था, उस समय लगता है झूठ बोलती है । बेटा अगर तुम्हारे घर का खर्च मिल जाय तो पढाई करोगे ? "बिल्कुलु नहीं" "क्यों" पढ़ाई करने वाले, गरीबों से नफरत करते हैं अंकल, हमें किसी पढ़े हुए ने कभी नहीं पूछा - पास से गुजर जाते हैं । अजनबी हैरान भी था और शर्मिंदा भी । फिर उसने कहा "हर दिन इसी इस मंदिर में आता हूँ, कभी किसी ने नहीं पूछा - यहाँ सब आने वाले मेरे पिताजी को जानते थे - मगर हमें कोई नहीं जानता । "बच्चा जोर-जोर से रोने लगा" अंकल जब बाप मर जाता है तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं ? मेरे पास इसका कोई जवाब नही था... ऐसे कितने मासूम होंगे जो हसरतों से घायल हैं । बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतीमों, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए .........................हर हर महादेव जय शिव शंकर

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Sunil upadhyaya Jun 15, 2019

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