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Bhawna Gupta Jan 20, 2022

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Ramesh agrawal Jan 20, 2022

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kabir Jan 20, 2022

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#जिन्होंने_आर्डर_नहीं_किया_है_वो_ही_आर्डर_करें । 👍जीने की राह पुस्तक बिल्कुल निशुल्क मंगवाने के लिए नाम:- ...... पता, पिनकोड:- ....... मोबाइल नम्बर :-....... पुस्तक किस भाषा में चाहिए...... comment box में दें या इस whatsaap no. पर दीजिये 7509250415 कोई चार्ज नहीं है बिल्कुल #फ्री पुस्तक प्राप्त करें. नाम पता मोबाइल नंबर अगर आपका सही है तो इस पुस्तक को हम आप तक पहुंचाने की गारंटी लेते हैं. इस पुस्तक की डिलीवरी 30 दिन के अंदर अंदर कर दी जाती है, 1 से ज्यादा बार ओर्डर डालने वालों का ओर्डर केंसल हो जाता है हमको जन्म देने व मारने में किस प्रभु का स्वार्थ? हम सभी देवी- देवताओं की इतनी भक्ति करते हैं फिर भी दुखी क्यों हैं इन अनसुलझे सवालों का जवाब पाने के लिए पढ़िए पुस्तक "जीने की राह" यह धार्मिक पुस्तक 100% निशुल्क है कोई डिलीवरी चार्ज भी नहीं लगेगा । क्यों जिंदगी में दुख आता है?? हम न चाह कर में नशे में लिप्त रहते है।??? क्यों हमे नशे की लत लगती है?? क्यों परेशानी आती है हँसते खेलते परिवार में?? और भी बहुत से प्रश्नों को उत्तर जानना चाहोगे तो पढिये संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित पुस्तक "जीने की राह" जिसमे है हर समस्या का समाधान तो देर किस बात की जल्दी अपना आर्डर कीजिये यदि आप अपना नाम पता मोबाइल नंबर गुप्त रखना चाहते हैं तो इस व्हाट्सएप नंबर- 7509250415 पर पुस्तक आर्डर करें. Free book with free Home dilevry

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Ramesh agrawal Jan 20, 2022

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kabir Jan 20, 2022

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sn vyas Jan 20, 2022

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🚩 *"सनातन परिवार"* 🚩 *की प्रस्तुति* 🔴 *आज का प्रात: संदेश* 🔴 🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘️ *संसार में जितने भी मनुष्य हैं सबकी उत्पत्ति माता - पिता के संयोग से ही होती है | जन्म लेकर समझदार होने के बाद मनुष्य अपने परिवार के द्वारा बताये गये धर्म का पालन करने लगता है | संतों की कथाओं एवं प्रवचनों के माध्यम से यह जानता है कि इस संसार को ईश्वर ने उत्पन्न किया है वही इस संसार का पालन करता है इसी क्रम में मनुष्य परमपिता परमात्मा को पाने के लिए लालायित होकर अनेकों उद्योग करना प्रारम्भ कर देता है | गृहस्थी को जंजाल मानकर कुछ लोग संयासी या संत होकर परमात्म प्राप्ति का उपाय करते हैं | परंतु विचारणीय यह है कि क्या गृहस्थी को त्याग कर वानप्रस्थी या संयासी बनकर उस परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है जिसे हमने कभी देखा ही नहीं है ?? परमात्मा ने इस संसार को को उत्पन्न किया यह सत्य हो सकता है परंतु यह घटना जब हुई तब हममें से कोई भी न उपस्थित रहा होगा | परमात्मा के द्वारा इस समस्त सृष्टि का पालन होता है यह भी सत्य है परंतु कैसे यह भी हम नहीं जान सकते हैं | हमें पाषाण मूर्तियों में उस परमसत्ता को दिखाया गया हमने मान लिया और उनकी पूजा आराधना करने लगे | हम में से किसी ने भी देवी - देवताओं के दर्शन नहीं किये होंगे परंतु उनके प्रति अपार श्रद्धा रखते हैं | क्या इस संसार में वर्तमान में भी कोई भगवान है ?? जिसका कि हम सब जीवितावस्था में दर्शन कर सकें ?? इसका जबाब यही होगा कि शायद कलियुग में पाप इतना बढ गया है कि अब देवी - देवताओं या भगवान के दर्शन दुर्लभ ही हैं |* *आज लोग भगवान के विषय में चर्चा किया करते हैं कि वे कैसे होंगे ? क्या वर्तमान में भी कहीं दिख सकते हैं ? ऐसे लोग ध्यान दें कि वर्तमान में भी भगवान इस पृथ्वी पर जीवितावस्था में हैं | आज इनका दर्शन सुलभ भी है परंतु आधुनिकता की चकाचौंध में आज का मनुष्य उनके सामने होने पर भी उन्हें भगवान मानना ही नहीं चाहता | मेरा "आचार्य अर्जुन तिवारी" का मानना है कि भगवान ने सृष्टि को उत्पन्न किया यह तो मैं नहीं जानता परंतु हमारे माता - पिता ने हमको जन्म दिया यह हम सबको मानना ही पड़ेगा | भगवान सृष्टि का पालन करता है कि नहीं यह तो शायद अपने श्रद्धा का विषय है परंतु हमारे माता - पिता ने हमारा पालन किया है यह अकाट्य सत्य है | तो हमारे लिए तो हमारे भगवान हमारे माता - पिता ही होने चाहिए | इस बात को बुद्धि विधाता भगवान गणेश जी ने भी अखिल ब्रह्माण्ड की जगह माता - पिता की ही परिक्रमा करके सिद्ध भी किया है | फिर हम अपने जीवित भगवान (माता - पिता ) की उपेक्षा करके एक ऐसे परमात्मा की खोज में क्यों निकल जाते हैं जिनके विषय में हमने सिर्फ सुना है कभी देखा नहीं है | परमात्मप्राप्ति करना एक सत्कार्य है परंतु परमात्मा भी उनको ही प्राप्त होते हैं जिनके द्वारा अपने माता - पिता की सेवा की जाती है | माता - पिता की अवहेलना करके आप न तो किसी कार्य को पूरा कर सकते हैं और न ही आपको ईश्वर ही मिलेगा | माता - पिता को वृद्धाश्रम में छोड़कर अपने घर संतों का भंडारा और अनुष्ठान कराके सकारात्मक परिणाम की इच्छा रखने वालों को नरारात्मक परिणाम ही प्राप्त होते देखे गये हैं |* *यदि सही मायनों में सफलता अर्जित करनी है या परमात्मा को पाने की इच्छा है तो सर्वप्रथम धरती के भगवान (माता - पिता) की पूजा करनी ही पड़ेगी ! अन्यथा आपको कुछ भी नहीं मिलने वाला है |* 🌺💥🌺 *जय श्री हरि* 🌺💥🌺 🔥🌳🔥🌳🔥🌳🔥🌳🔥🌳🔥🌳 सभी भगवत्प्रेमियों को आज दिवस की *"मंगलमय कामना"*----🙏🏻🙏🏻🌹 ♻🏵♻🏵♻🏵♻🏵♻🏵♻🏵️ *सनातन धर्म से जुड़े किसी भी विषय पर चर्चा (सतसंग) करने के लिए हमारे व्हाट्सऐप समूह----* *‼ भगवत्कृपा हि केवलम् ‼ से जुड़ें या सम्पर्क करें---* आचार्य अर्जुन तिवारी प्रवक्ता श्रीमद्भागवत/श्रीरामकथा संरक्षक संकटमोचन हनुमानमंदिर बड़ागाँव श्रीअयोध्याजी (उत्तर-प्रदेश) 9935328830 🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟

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Ramesh agrawal Jan 19, 2022

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