Dhanraj Sahu
Dhanraj Sahu Sep 13, 2017

Jai Bhoram Dev !!! Jai Mahakaal !!!

Jai Bhoram Dev !!! Jai Mahakaal !!!

भोरमदेव मंदिर छत्तीसगढ के कबीरधाम जिले में कबीरधाम से 18 कि॰मी॰ दूर तथा रायपुर से 125 कि॰मी॰ दूर चौरागाँव में एक हजार वर्ष पुराना मंदिर है।
मुख्य शिव मंदिर
मुख्य नाम: भोरमदेव
स्थान: चौरागॉव छत्तीसगढ़
वास्तुकला और संस्कृति
स्थापत्य शैली: हिंदू वास्तुकला
इतिहास
निर्माण तिथि:
(वर्तमान संरचना) 10वी सदी
निर्माता: राजा गोपाल देव
मंदिर के चारो ओर मैकल पर्वतसमूह है जिनके मध्य हरी भरी घाटी में यह मंदिर है। मंदिर के सामने एक सुंदर तालाब भी है। इस मंदिर की बनावट खजुराहो तथा कोणार्क के मंदिर के समान है जिसके कारण लोग इस मंदिर को 'छत्तीसगढ का खजुराहो' भी कहते हैं। यह मंदिर एक एतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर को 11वीं शताब्दी में नागवंशी राजा देवराय ने बनवाया था। ऐसा कहा जाता है कि गोड राजाओं के देवता भोरमदेव थे जो कि शिवजी का ही एक नाम है, जिसके कारण इस मंदिर का नाम भोरमदेव पडा।

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कामेंट्स

Tarun mishra, Journalist Korba Sep 13, 2017
छत्तीसगढ़ में समृद्धिशाली संस्कृति और विरासत वाली जगहों की कॉपी भरमार है इस प्रकार के स्थानों में जनता की पहुंच लगातार बनी हुई है श्रद्धालुओं की पहुंच के हिसाब से यहां पर पर्यटन विकास के साथ साथ आध्यात्मिक महत्व की चीजों को बढ़ावा देने की नितांत आवश्यकता है उम्मीद करना होगा कि सरकार और अन्य संगठन इस दिशा में आवश्यक प्रयास करेंगे

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