ramkumarverma
ramkumarverma Nov 24, 2020

Tulsivivahkishubkamnay

Tulsivivahkishubkamnay

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कामेंट्स

Nitin Solanki Nov 24, 2020
भैयाजी को राम राम हैप्पी तुलसी विवाह 🙏🙏🙏

नीलम शर्मा Nov 24, 2020
देव उठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं सुप्रभात राधे राधे।

Govind Singh Chauhan Nov 24, 2020
Om Namo Bhagwate VASHUDEVAY 🙏🙏🌹🌹🌹🌹 Shubh Prabhat ji 🙏🙏🌹🌹

CP Arora Nov 24, 2020
जय श्री राधे कृष्ण ! तुलसी माता की जय! जय श्री गणेश! 👏👏💐💐👏👏!

INDRESH KUMAR SHARMA Nov 24, 2020
🌼ॐ गं गणपतए नमः🌼 देवउठनी-प्रबोधिनी एकादशी और🌿तुलसी विवाह की🌿 💞 हार्दिक शुभकामनाएं 💞 🌻🌻मंगल सवेरा🌻🌻 सस्नेह भाई को मेरा प्रणाम👏⚘

Prem Narayan Pandey Nov 24, 2020
ओम नमो भगवते वासुदेवाय राधे राधे🙏🌹🙏🌹🙏🌹

bhairav Kumar bhairav Kumar Nov 24, 2020
ओम श्री गणेशाय नमः ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः

ramkumarverma Jan 21, 2021

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Poonam Aggarwal Jan 22, 2021

🌷🌷*जय मां लक्ष्मी जय माता दी* 🌷🌷🙏 🌷🌷🌷🐚🐚🐚🐚🐚🌷🌷🌷 लक्ष्मी की बहिन दरिद्रा की कथा 〰〰🌼〰🌼〰🌼〰〰 मां लक्ष्मी के परिवार में उनकी एक बड़ी बहन भी है जिसका नाम है- दरिद्रा। इस संबंध में एक पौराणिक कथा है कि इन दोनों बहनों के पास रहने का कोई निश्चित स्थान नहीं था इसलिये एक बार माँ लक्ष्मी और उनकी बड़ी बहन दरिद्रा श्री विष्णु के पास गई और उनसे बोली, जगत के पालनहार कृपया हमें रहने का स्थान दो? पीपल को विष्णु भगवान से वरदान प्राप्त था कि जो व्यक्ति शनिवार को पीपल की पूजा करेगा, उसके घर का ऐश्वर्य कभी नष्ट नहीं होगा अतः श्री विष्णु ने कहा, आप दोनों पीपल के वृक्ष पर वास करो। इस तरह वे दोनों बहनें पीपल के वृक्ष में रहने लगी। जब विष्णु भगवान ने माँ लक्ष्मी से विवाह करना चाहा तो लक्ष्मी माता ने इंकार कर दिया क्योंकि उनकी बड़ी बहन दरिद्रा का विवाह नहीं हुआ था। उनके विवाह के उपरांत ही वह श्री विष्णु से विवाह कर सकती थी। अत: उन्होंने दरिद्रा से पूछा, वो कैसा वर पाना चाहती हैं। तो वह बोली कि, वह ऐसा पति चाहती हैं जो कभी पूजा-पाठ न करे व उसे ऐसे स्थान पर रखे जहां कोई भी पूजा-पाठ न करता हो। श्री विष्णु ने उनके लिए ऋषि नामक वर चुना और दोनों विवाह सूत्र में बंध गए। अब दरिद्रा की शर्तानुसार उन दोनों को ऐसे स्थान पर वास करना था जहां कोई भी धर्म कार्य न होता हो। ऋषि उसके लिए उसका मन भावन स्थान ढूंढने निकल पड़े लेकिन उन्हें कहीं पर भी ऐसा स्थान न मिला। दरिद्रा उनके इंतजार में विलाप करने लगी। श्री विष्णु ने पुन: लक्ष्मी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा तो लक्ष्मी जी बोली, जब तक मेरी बहन की गृहस्थी नहीं बसती मैं विवाह नहीं करूंगी। धरती पर ऐसा कोई स्थान नहीं है। जहां कोई धर्म कार्य न होता हो। उन्होंने अपने निवास स्थान पीपल को रविवार के लिए दरिद्रा व उसके पति को दे दिया। अत: हर रविवार पीपल के नीचे देवताओं का वास न होकर दरिद्रा का वास होता है। अत: इस दिन पीपल की पूजा वर्जित मानी जाती है। पीपल को विष्णु भगवान से वरदान प्राप्त है कि जो व्यक्ति शनिवार को पीपल की पूजा करेगा, उस पर लक्ष्मी की अपार कृपा रहेगी और उसके घर का ऐश्वर्य कभी नष्ट नहीं होगा। इसी लोक विश्वास के आधार पर लोग पीपल के वृक्ष को काटने से आज भी डरते हैं, लेकिन यह भी बताया गया है कि यदि पीपल के वृक्ष को काटना बहुत जरूरी हो तो उसे रविवार को ही काटा जा सकता है। *विशेष ,,,,,,, मेरे मतानुसार "कालाधन " जो अनैतिक अथवा भ्रष्ट " तरीकों से कमाया जाता है वह लक्ष्मी जी की बहन दरिद्रा ही है ! जो क्रय शक्ति लक्ष्मी जी की है वही दरिद्रा की है ! अंतर केवल है की नेक कमाई उसी तरह फलती फूलती है जिस प्रकार कमल की अनेक पंखुड़िआ खिलने लगाती है ! मेरे अनुभव में ये कमल की पंखुड़िआ अनेक आय के स्रोतों का उत्पन्न होना है जो नेक कमाई से ही संभव है ! दूसरी तरफ काला धन अनेक आपदाओं व् विपदाओं को उत्पन्न करने वाला होता है ! यह प्रकृति से तामसिक होने के कारण अज्ञान एवं मनोविकारों ( विषय एवं वासनाओं ) को उत्पन्न करने वाला है ! अंत में दुर्लभ मनुष्य योनि के सत्व गुणों को नष्ट कर देता है ! ज्ञान का प्रकाश शनैः शनैः समाप्त होने लगता है ! आपदा एवं विपदाए सही मोके की इंतज़ार में रहती है ! मनुष्य मूढ़ बुद्धि होने लगता है और अंत में सबकुछ यहीं छोड़ कर चला जाता है ! जबकि लक्ष्मी वान "पुण्य " की कमाई करता है और साथ ले जाता है ! अतः " देवी दारिद्रा को लक्ष्मी समझने की भूल ना करे !" लक्ष्मी का वास परोपकारी के घर में स्थाई है ! अनैतिक एवं भ्रष्ट तरीकों से धन कमाने वाले मूढ़ प्राणी अपने घर में लक्ष्मी जी को आमंत्रित करने के स्थान पर दरिद्रा को आमंत्रित करते है जिससे कोई भी धार्मिक अनुष्ठान एवं परोपकार के कार्य संभव नहीं है या वे निष्फल और औपचारिकता मात्र होते है ! 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰 ‼️‼️ जय माता दी राधे राधे जी ‼️‼️🙏 ‼️‼️ जय श्री राधे गोविंद ‼️‼️🙏 ‼️‼️‼️👏👏‼️‼️‼️

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Neeta Trivedi Jan 22, 2021

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Poonam Aggarwal Jan 21, 2021

🌷🌷*ओम् नमो नारायण*🌷🌷🙏 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 2️⃣1️⃣❗0️⃣1️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣ *🌻ज्योतिष कहता है कि मनुष्य अपने ही कर्मो का फल पाता है| कर्म कैसे फल देता है यह इस प्रसंग से समझे🌻* *एक दिन एक राजा ने अपने तीन मन्त्रियो को दरबार में बुलाया, और तीनो को आदेश दिया के एक एक थैला ले कर बगीचे में जाएं और वहां से अच्छे अच्छे फल जमा करें*. *तीनो अलग अलग बाग़ में प्रविष्ट हो गए* , *पहले मन्त्री ने कोशिश की के राजा के लिए उसकी पसंद के अच्छे अच्छे और मज़ेदार फल जमा किए जाएँ* , *उस ने काफी मेहनत के बाद बढ़िया और ताज़ा फलों से थैला भर लिया* ,💐🙏 *दूसरे मन्त्री ने सोचा राजा हर फल का परीक्षण तो करेगा नहीं , इस लिए उसने जल्दी जल्दी थैला भरने में* *ताज़ा , कच्चे , गले सड़े फल भी थैले में भर लिए* ,🍏 *तीसरे मन्त्री ने सोचा राजा की नज़र तो सिर्फ भरे हुवे थैले की तरफ होगी वो खोल कर देखेगा भी नहीं कि इसमें क्या है ,उसने समय बचाने के लिए जल्दी जल्दी इसमें घास , और पत्ते भर लिए और वक़्त बचाया* . *दूसरे दिन राजा ने तीनों मन्त्रियो को उनके थैलों समेत दरबार में बुलाया और उनके थैले खोल कर भी नही देखे और आदेश दिया कि तीनों को उनके थैलों समेत दूर स्थान के एक जेल में 15 दिन के लिए क़ैद कर दिया जाए*. *अब जेल में उनके पास खाने पीने को कुछ भी नहीं था सिवाए उन फल से भरे थैलों के* , *तो जिस मन्त्री ने अच्छे अच्छे फल जमा किये वो तो मज़े से खाता रहा और 15 दिन गुज़र भी गए ,* *फिर दूसरा मन्त्री जिसने ताज़ा , कच्चे गले सड़े फल जमा किये थे, वह कुछ दिन तो ताज़ा फल खाता रहा फिर उसे ख़राब फल खाने पड़े , जिस से वो बीमार होगया और बहुत तकलीफ उठानी पड़ी .* *और तीसरा मन्त्री जिसने थैले में सिर्फ घास और पत्ते जमा किये थे वो कुछ ही दिनों में भूख से मर गया .* *अब आप अपने आप से पूछिये* *कि* *आप क्या जमा कर रहे हो*❓ *आप इस समय जीवन के बाग़ में हैं* , *जहाँ* *चाहें तो अच्छे कर्म जमा करें* .. *चाहें तो बुरे कर्म*, *मगर याद रहे जो आप जमा करेंगे वही आपको जन्मों-जन्मों तक काम आयेगा..!!* *🙏🏽🙏🏿🙏🏾जय जय श्री राधे*🙏🏻🙏🏼🙏 ‼️ हरि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ‼️🙏 ‼️‼️ राधे राधे जी राधे गोविंद जी ‼️‼️🙏

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Neeta Trivedi Jan 21, 2021

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Mohan Jan 20, 2021

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🌿Sona 🌿 Jan 21, 2021

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dinesh hotwani Jan 21, 2021

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