Shanti Pathak
Shanti Pathak Feb 28, 2021

**जय श्री राधे कृष्णा जी** **शुभरात्रि वंदन ** *"भगवान की मर्ज़ी"* 🙏🏻🚩🌹 👁❗👁 🌹🚩🙏🏻 एक आदमी मंदिर में सेवक था. उसका काम मंदिर की साफ-सफ़ाई करना था. भक्तों और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में से थोड़ा-बहुत उसे मंदिर के पुजारी द्वारा दे दिया जाता. इसी से उसकी गुजर-बसर चल रही थी. वह अपनी जिंदगी से बहुत परेशान और दु:खी था. मंदिर में काम करते-करते वह दिन भर अपनी ज़िंदगी को लेकर शिकायतें करता रहता. एक दिन शिकायत करते हुये वह भगवान से बोला, “भगवान जी! आपकी ज़िंदगी कितनी आसान है. आपको बस एक जगह आराम से खड़े रहना होता है. मेरी ज़िंदगी को देखो. कितनी कठिन ज़िंदगी जी रहा हूँ मैं. दिन भर कड़ी मेहनत करता हूँ, तब कहीं दो जून की रोटी नसीब हो पाती है. काश मेरी ज़िंदगी भी आपकी तरह होती.” उसकी बात सुनकर भगवान बोले, “तुम जैसा सोच रहे हो, वैसा नहीं है. मेरी जगह रहना बिल्कुल आसान नहीं है. मुझे बहुत सारी चीज़ें देखनी पड़ती है. बहुत सी व्यवस्थायें करनी पड़ती है. ये हर किसी के बस की बात नहीं है.” “भगवान जी! कैसी बात कर रहे हैं आप? आपका काम आसान ही तो है. आपकी तरह तो मैं भी दिन भर खड़े रह सकता हूँ. इसमें कौन सी बड़ी बात है?” मंदिर का सेवक बोला. “तुम नहीं कर पाओगे. इस काम में बहुत धैर्य की आवश्यकता पड़ती है.” भगवान बोले “मैं ज़रूर कर पाऊँगा. आप मुझे एक दिन अपनी ज़िंदगी जीने दीजिये. आप जैसा बतायेंगे, मैं वैसा ही करूंगा.” मंदिर का सेवक ज़िद करने लगा. उसकी ज़िद के आगे भगवान मान गए और बोले, “ठीक है. आज पूरा दिन तुम मेरी ज़िंदगी जिओ. मैं तुम्हारी ज़िंदगी जीता हूँ. लेकिन मेरी ज़िंदगी जीने के लिए तुम्हें कुछ शर्ते माननी होगी.” “मैं हर शर्त मानने को तैयार हूँ भगवान जी.” सेवक बोला. “ठीक है. तो ध्यान से सुनो. मंदिर में दिन भर बहुत से लोग आयेंगे और तुमसे बहुत कुछ कहेंगे. कुछ तुम्हें अच्छा बोलेंगे, तो कुछ बुरा. तुम्हें हर किसी की बात चुपचाप एक जगह मूर्ति की तरह खड़े रहकर धैर्य के साथ सुननी है और उन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी है.” सेवक मान गया. भगवान और उसने अपनी ज़िंदगी एक दिन के लिए आपस में बदल ली. सेवक भगवान की जगह मूर्ति बनकर खड़ा हो गया. भगवान मंदिर की साफ़-सफाई का काम निपटाकर वहाँ से चले गए. कुछ समय बीतने के बाद मंदिर में एक धनी व्यापारी आया. भगवान से प्रार्थना करते हुए वह बोला, “भगवान जी! मैं एक नई फैक्ट्री डाल रहा हूँ. मुझे आशीर्वाद दीजिये कि यह फैक्ट्री अच्छी तरह चले और मैं इससे अच्छा मुनाफ़ा कमाऊँ.” प्रार्थना करने के बाद वह प्रणाम करने के लिए नीचे झुका, तो उसका बटुआ गिर गया. जब वह वहाँ से जाने लगा, तो भगवान की जगह खड़े मंदिर के सेवक का मन हुआ कि उसे बता दें कि उसका बटुआ गिर गया है. लेकिन शर्त अनुसार उसे चुप रहना था. इसलिये वह कुछ नहीं बोला और ख़ामोश खड़ा रहा. इसके तुरंत बाद एक गरीब आदमी वहाँ आया और वो भगवान से बोला, “भगवान जी! बहुत गरीबी में जीवन काट रहा हूँ. परिवार का पेट पालना है. माँ की दवाई की व्यवस्था करनी है. समझ नहीं पा रहा हूँ कि इतना सब कैसे करूं. आज देखो, मेरे पास बस १ रुपया है. इससे मैं क्या कर पाऊंगा? आप ही कुछ चमत्कार करो और मेरे लिए धन की व्यवस्था कर दो.” प्रार्थना करने का बाद जैसे ही वह जाने को हुआ, उसे नीचे गिरा व्यापारी का बटुआ दिखाई दिया. उसने बटुआ उठा लिया और भगवान को धन्यवाद देते हुए बोला “भगवान जी आप धन्य है. आपने मेरी प्रार्थना इतनी जल्दी सुन ली. इन पैसों से मेरा परिवार कुछ दिन भोजन कर सकता है. माँ की दवाई की भी व्यवस्था हो जाएगी.” भगवान को धन्यवाद देकर वह वहाँ से जाने लगा. तब भगवान बने मंदिर के सेवक का मन हुआ कि उसे बता दे कि वह बटुआ तो व्यापारी का है. उसे मैंने नहीं दिया है. वह जो कर रहा है, वह चोरी है. लेकिन वह चुप रहने के लिए विवश था. इसलिए मन मारकर चुपचाप खड़ा रहा. मंदिर में आने वाला तीसरा व्यक्ति एक नाविक था. वह १५ दिन के लिए समुद्री यात्रा पर जा रहा था. भगवान से उसने प्रार्थना की कि उसकी यात्रा सुरक्षित रहे और वह सकुशल वापस वापस आ सके. वह प्रार्थना कर ही रहा था कि धनी व्यापारी वहाँ आ गया. वह अपने साथ पुलिस भी लेकर आया था. नाविक को देखकर वह पुलिस से बोला, “मेरे बाद ये मंदिर में आया है. ज़रुर इसने ही मेरा बटुआ चुराया होगा. आप इसे गिरफ़्तार कर लीजिये.” पुलिस नाविक को पकड़कर ले जाने लगी. भगवान बने आदमी को अपने सामने होता हुआ ये अन्याय सहन नहीं हुआ. शर्त अनुसार उसे चुप रहना था. लेकिन उसे लगा कि बहुत गलत हो चुका है. यदि अब मैं चुप रहा, तो एक बेकुसूर आदमी को व्यर्थ में ही सजा भुगतनी पड़ेगी. उसने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा, ”आप गलत व्यक्ति को पकड़ कर ले जा रहे हैं. ये बटुआ इस नाविक ने नहीं, बल्कि इसके पहले आये गरीब व्यक्ति ने चुराया है. मैं भगवान हूँ और मैंने सब देखा है.” पुलिस भगवान की बात कैसे नहीं मानती? उनकी बात मानकर उन्होंने नाविक को छोड़ दिया और उस गरीब आदमी को पकड़ लिया, जिसने बटुआ लिया था. शाम को जब भगवान वापस आये, तो मंदिर के सेवक ने पूरे दिन का वृतांत सुनाते हुए उन्हें गर्व के साथ बताया कि आज मैंने एक व्यक्ति के साथ अन्याय होने से रोका है. देखिये आपकी ज़िंदगी जीकर आज मैंने कितना अच्छा काम किया है. उसकी बात सुनकर भगवान बोले, “ये तुमने क्या किया? मैंने तुमसे कहा था कि चुपचाप मूर्ति बनकर खड़े रहना. लेकिन वैसा न कर तुमने मेरी पूरी योजना पर पानी फेर दिया. उस धनी व्यापारी ने बुरे कर्म करने इतना धन कमाया है. यदि उसमें से कुछ पैसे गरीब आदमी को मिल जाते, तो उसका भला हो जाता और व्यापारी के पाप भी कुछ कम हो जाते. जिस नाविक को तुमने समुद्री यात्रा पर भेज दिया है, अब वह जीवित वापस नहीं आ पायेगा. समुद्र में बहुत बड़ा तूफ़ान आने वाला है. यदि वह कुछ दिन जेल में रहता, तो कम से कम बच जाता. सेवक को यह सुनकर अहसास हुआ कि वह तो बस वही देख पा रहा था, जो आँखों के सामने हो रहा था. उन सबके पीछे की वास्तविकता को वह देख ही नहीं पा रहा था. जबकि भगवान जीवन के हर पहलू पर विचार अपनी योजना बनाते हैं और लोगों के जीवन को चलाते हैं. मित्रों" हम सब भी भगवान की योजनाओं को समझ नहीं पाते. जब हमारे साथ कुछ गलत हो रहा होता है या हमारे हिसाब से कुछ नहीं हो रहा होता है, तो अपना धैर्य खोकर हम भगवान को दोष देने लगते हैं. हम ये समझ नहीं पाते कि इन सबके पीछे भगवान की कोई न कोई योजना छुपी हुई होती है. ऐसे समय में हमें भगवान पर विश्वास रखकर धैर्य धारण करने की आवश्यता है. इसलिए चिंता न करें. यदि आपकी मर्ज़ी से कुछ नहीं हो रहा, तो इसका अर्थ है कि वह भगवान की मर्ज़ी से हो रहा है और भले ही देर से ही सही, भगवान की मर्ज़ी से सब अच्छा ही होता है. 🌹🙏🏻🚩 *जय सियाराम* 🚩🙏🏻🌹

**जय श्री राधे कृष्णा जी**
**शुभरात्रि वंदन **
*"भगवान की मर्ज़ी"*
🙏🏻🚩🌹 👁❗👁 🌹🚩🙏🏻
एक आदमी मंदिर में सेवक था. उसका काम मंदिर की साफ-सफ़ाई करना था. भक्तों और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में से थोड़ा-बहुत उसे मंदिर के पुजारी द्वारा दे दिया जाता. इसी से उसकी गुजर-बसर चल रही थी.

वह अपनी जिंदगी से बहुत परेशान और दु:खी था. मंदिर में काम करते-करते वह दिन भर अपनी ज़िंदगी को लेकर शिकायतें करता रहता. एक दिन शिकायत करते हुये वह भगवान से बोला, “भगवान जी! आपकी ज़िंदगी कितनी आसान है. आपको बस एक जगह आराम से खड़े रहना होता है. मेरी ज़िंदगी को देखो. कितनी कठिन ज़िंदगी जी रहा हूँ मैं. दिन भर कड़ी मेहनत करता हूँ, तब कहीं दो जून की रोटी नसीब हो पाती है. काश मेरी ज़िंदगी भी आपकी तरह होती.”
उसकी बात सुनकर भगवान बोले, “तुम जैसा सोच रहे हो, वैसा नहीं है. मेरी जगह रहना बिल्कुल आसान नहीं है. मुझे बहुत सारी चीज़ें देखनी पड़ती है. बहुत सी व्यवस्थायें करनी पड़ती है. ये हर किसी के बस की बात नहीं है.”

“भगवान जी! कैसी बात कर रहे हैं आप? आपका काम आसान ही तो है. आपकी तरह तो मैं भी दिन भर खड़े रह सकता हूँ. इसमें कौन सी बड़ी बात है?” मंदिर का सेवक बोला.
“तुम नहीं कर पाओगे. इस काम में बहुत धैर्य की आवश्यकता पड़ती है.” भगवान बोले

“मैं ज़रूर कर पाऊँगा. आप मुझे एक दिन अपनी ज़िंदगी जीने दीजिये. आप जैसा बतायेंगे, मैं वैसा ही करूंगा.” मंदिर का सेवक ज़िद करने लगा.

उसकी ज़िद के आगे भगवान मान गए और बोले, “ठीक है. आज पूरा दिन तुम मेरी ज़िंदगी जिओ. मैं तुम्हारी ज़िंदगी जीता हूँ. लेकिन मेरी ज़िंदगी जीने के लिए तुम्हें कुछ शर्ते माननी होगी.”

“मैं हर शर्त मानने को तैयार हूँ भगवान जी.” सेवक बोला.
“ठीक है. तो ध्यान से सुनो. मंदिर में दिन भर बहुत से लोग आयेंगे और तुमसे बहुत कुछ कहेंगे. कुछ तुम्हें अच्छा बोलेंगे, तो कुछ बुरा. तुम्हें हर किसी की बात चुपचाप एक जगह मूर्ति की तरह खड़े रहकर धैर्य के साथ सुननी है और उन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी है.”

सेवक मान गया. भगवान और उसने अपनी ज़िंदगी एक दिन के लिए आपस में बदल ली. सेवक भगवान की जगह मूर्ति बनकर खड़ा हो गया. भगवान मंदिर की साफ़-सफाई का काम निपटाकर वहाँ से चले गए.

कुछ समय बीतने के बाद मंदिर में एक धनी व्यापारी आया. भगवान से प्रार्थना करते हुए वह बोला, “भगवान जी! मैं एक नई फैक्ट्री डाल रहा हूँ. मुझे आशीर्वाद दीजिये कि यह फैक्ट्री अच्छी तरह चले और मैं इससे अच्छा मुनाफ़ा कमाऊँ.”

प्रार्थना करने के बाद वह प्रणाम करने के लिए नीचे झुका, तो उसका बटुआ गिर गया. जब वह वहाँ से जाने लगा, तो भगवान की जगह खड़े मंदिर के सेवक का मन हुआ कि उसे बता दें कि उसका बटुआ गिर गया है. लेकिन शर्त अनुसार उसे चुप रहना था. इसलिये वह कुछ नहीं बोला और ख़ामोश खड़ा रहा.

इसके तुरंत बाद एक गरीब आदमी वहाँ आया और वो भगवान से बोला, “भगवान जी! बहुत गरीबी में जीवन काट रहा हूँ. परिवार का पेट पालना है. माँ की दवाई की व्यवस्था करनी है. समझ नहीं पा रहा हूँ कि इतना सब कैसे करूं. आज देखो, मेरे पास बस १ रुपया है. इससे मैं क्या कर पाऊंगा? आप ही कुछ चमत्कार करो और मेरे लिए धन की व्यवस्था कर दो.”

प्रार्थना करने का बाद जैसे ही वह जाने को हुआ, उसे नीचे गिरा व्यापारी का बटुआ दिखाई दिया. उसने बटुआ उठा लिया और भगवान को धन्यवाद देते हुए बोला “भगवान जी आप धन्य है. आपने मेरी प्रार्थना इतनी जल्दी सुन ली. इन पैसों से मेरा परिवार कुछ दिन भोजन कर सकता है. माँ की दवाई की भी व्यवस्था हो जाएगी.”

भगवान को धन्यवाद देकर वह वहाँ से जाने लगा. तब भगवान बने मंदिर के सेवक का मन हुआ कि उसे बता दे कि वह बटुआ तो व्यापारी का है. उसे मैंने नहीं दिया है. वह जो कर रहा है, वह चोरी है. लेकिन वह चुप रहने के लिए विवश था. इसलिए मन मारकर चुपचाप खड़ा रहा.

मंदिर में आने वाला तीसरा व्यक्ति एक नाविक था. वह १५ दिन के लिए समुद्री यात्रा पर जा रहा था. भगवान से उसने प्रार्थना की कि उसकी यात्रा सुरक्षित रहे और वह सकुशल वापस वापस आ सके.

वह प्रार्थना कर ही रहा था कि धनी व्यापारी वहाँ आ गया. वह अपने साथ पुलिस भी लेकर आया था. नाविक को देखकर वह पुलिस से बोला, “मेरे बाद ये मंदिर में आया है. ज़रुर इसने ही मेरा बटुआ चुराया होगा. आप इसे गिरफ़्तार कर लीजिये.”

पुलिस नाविक को पकड़कर ले जाने लगी. भगवान बने आदमी को अपने सामने होता हुआ ये अन्याय सहन नहीं हुआ. शर्त अनुसार उसे चुप रहना था. लेकिन उसे लगा कि बहुत गलत हो चुका है. यदि अब मैं चुप रहा, तो एक बेकुसूर आदमी को व्यर्थ में ही सजा भुगतनी पड़ेगी.

उसने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा, ”आप गलत व्यक्ति को पकड़ कर ले जा रहे हैं. ये बटुआ इस नाविक ने नहीं, बल्कि इसके पहले आये गरीब व्यक्ति ने चुराया है. मैं भगवान हूँ और मैंने सब देखा है.”

पुलिस भगवान की बात कैसे नहीं मानती? उनकी बात मानकर उन्होंने नाविक को छोड़ दिया और उस गरीब आदमी को पकड़ लिया, जिसने बटुआ लिया था.

शाम को जब भगवान वापस आये, तो मंदिर के सेवक ने पूरे दिन का वृतांत सुनाते हुए उन्हें गर्व के साथ बताया कि आज मैंने एक व्यक्ति के साथ अन्याय होने से रोका है. देखिये आपकी ज़िंदगी जीकर आज मैंने कितना अच्छा काम किया है.
उसकी बात सुनकर भगवान बोले, “ये तुमने क्या किया? मैंने तुमसे कहा था कि चुपचाप मूर्ति बनकर खड़े रहना. लेकिन वैसा न कर तुमने मेरी पूरी योजना पर पानी फेर दिया. उस धनी व्यापारी ने बुरे कर्म करने इतना धन कमाया है. यदि उसमें से कुछ पैसे गरीब आदमी को मिल जाते, तो उसका भला हो जाता और व्यापारी के पाप भी कुछ कम हो जाते. जिस नाविक को तुमने समुद्री यात्रा पर भेज दिया है, अब वह जीवित वापस नहीं आ पायेगा. समुद्र में बहुत बड़ा तूफ़ान आने वाला है. यदि वह कुछ दिन जेल में रहता, तो कम से कम बच जाता.

सेवक को यह सुनकर अहसास हुआ कि वह तो बस वही देख पा रहा था, जो आँखों के सामने हो रहा था. उन सबके पीछे की वास्तविकता को वह देख ही नहीं पा रहा था. जबकि भगवान जीवन के हर पहलू पर विचार अपनी योजना बनाते हैं और लोगों के जीवन को चलाते हैं. 

मित्रों" हम सब भी भगवान की योजनाओं को समझ नहीं पाते. जब हमारे साथ कुछ गलत हो रहा होता है या हमारे हिसाब से कुछ नहीं हो रहा होता है, तो अपना धैर्य खोकर हम भगवान को दोष देने लगते हैं. हम ये समझ नहीं पाते कि इन सबके पीछे भगवान की कोई न कोई योजना छुपी हुई होती है. ऐसे समय में हमें भगवान पर विश्वास रखकर धैर्य धारण करने की आवश्यता है. इसलिए चिंता न करें. यदि आपकी मर्ज़ी से कुछ नहीं हो रहा, तो इसका अर्थ है कि वह भगवान की मर्ज़ी से हो रहा है और भले ही देर से ही सही, भगवान की मर्ज़ी से सब अच्छा ही होता है.

🌹🙏🏻🚩 *जय सियाराम* 🚩🙏🏻🌹

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कामेंट्स

🔴 Suresh Kumar 🔴 Feb 28, 2021
राधे राधे जी 🙏 शुभ रात्रि वंदन सदा खुश रहो मेरी प्यारी बहन।

K L Tiwari Feb 28, 2021
🌷🌼🌷राम राम बहन, सादर सस्नेह चरण स्पर्श कर प्रणाम करता हूँ बहना, शुभरात्रि वन्दन बहन🌹🌹🙏🙏🙏🌹🌹

🌷JK🌷 Feb 28, 2021
🙏🏼Radhe Radhe🙏 Good Night ji🙏

Bhagat ram Feb 28, 2021
🌹🌹 जय श्री कृष्णा राधे राधे जी 🙏🙏💐🌺🌿🌹 शुभ रात्रि वंदन 🙏🙏💐🌺🌿🌹

Shanti Pathak Feb 28, 2021
@preetinishad 🌷🙏जय श्री राधे कृष्णा जी🙏शुभ रात्रि वंदन जी🌷आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय हो🌷ईश्वर की असीम कृपा आप एवं आपके परिवार पर सदैव बनी रहे जी🌷🙏

bishwa nath thakur Feb 28, 2021
💕💕💕lovely❤❤❤ ruhaneeeee🌸🌺🌻🌹🌷🌼💐🌸🌺🌻🌹🌷🌼💐🌸🌺🌻🌹🌷🌼💐 good night💤💤💤💤 🙏🙏🙏🙏🙏

Shanti Pathak Feb 28, 2021
@kirankanwar3 🌷🙏जय श्री राधे कृष्णा जी🙏शुभ रात्रि वंदन जी🌷आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय हो🌷ईश्वर की असीम कृपा आप एवं आपके परिवार पर सदैव बनी रहे जी🌷🙏

🦚🌹🌹🦚 Feb 28, 2021
🙏श्री राधे राधे 🙏 शुभ रात्रि विश्राम जी

Shivsanker Shukla Feb 28, 2021
शुभ रात्रि आदरणीय बहन राधे-राधे

Brajesh Sharma Feb 28, 2021
जय जय श्री राधे जी.. जय श्री राधे कृष्णा जी. ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव

BK WhatsApp STATUS Mar 1, 2021
जय श्री कृष्ण शुभ प्रभात स्नेह वंदन धन्यवाद 🌹🙏🙏

jyotipandey94 Apr 11, 2021

+30 प्रतिक्रिया 15 कॉमेंट्स • 127 शेयर
Jai Mata Di Apr 11, 2021

+56 प्रतिक्रिया 9 कॉमेंट्स • 73 शेयर
Gopal Jalan Apr 11, 2021

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर
Arun Kumar Sharma Apr 13, 2021

https://youtu.be/YiRk_rQj6d4 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 *••• ═•☆卐^ॐ^卐☆•═ •••* *💖🌹जय श्री राम🌹💖* *✍.....आपको आगे बढ़ने से रोक रहे हैं यह 10 बहाने, आज ही छोड़े* *आपके पास बहाने हो सकते हैं या फिर परिणाम लेकिन दोनों साथ नहीं हो सकते हैं।* *यह बात बिल्कुल सरल है। लेकिन क्या हम बहाने बनाना छोड़ते हैं…नहीं। हम इसमें क्यों फंस जाते हैं?* *क्योंकि किसी चीज को हासिल करने की अपेक्षा बहाने बनाना आसान है और अधिकांश लोग आसान तरीका यानि कि बहाने बनाना ज्यादा पसंद करते हैं। बहाने बनाना हमारे जीवन के हर हिस्से में घुस चुका है। चाहे पढ़ाई हो, नौकरी हो या फिर घर की साफ सफाई ही क्यों ना हो। इन सभी में वो कहीं ना कहीं बहाने बनाता रहता है। तो हमें सावधान होकर अपनी आदत से छुटकारा पाना हैं।* *नीचे कुछ आम बहाने हैं, जो अक्सर हर कोई काम में लेता हैं। जिन्हें आप अपनी जिंदगी से तुरंत निकाल दे:* *1. मुझे समय नहीं मिलता I’m Too Busy* *इस दुनिया में हर कोई व्यस्त है। लेकिन अगर आप कुछ करना चाहते हैं, तो आपको उसके लिए समय निकालना पड़ेगा। अगर नहीं तो आप केवल एक बहाना ढूंढ लेंगे और बोलोगे अरे यार यह करने के लिए तो मेरे को टाइम ही नहीं मिलता।* *इसके लिए आप* *अपनी प्राथमिकताएं(Priorities) तय कीजिए। जो ज्यादा महत्वपूर्ण हो, उसे समय दीजिए। जो आपके लिए कुछ काम का नहीं है या जो आपको पीछे खींचते हैं, उनका साथ छोड़ दीजिए।* *2. यह मेरे बस की बात नहीं है I can’t Handle This* *अरे दोस्त पहला कदम तो बढ़ाओ और पूरा दम लगा कर बढ़ाओ और पूरे दृढ विश्वास के साथ आगे बढ़ो।* *आप निश्चित रूप से यह कर पाएंगे लेकिन अगर आप एक कदम भी नहीं बढ़ाओगे, तो पक्का है कि आप कुछ भी नहीं कर पाएगे।* *3. कल से पक्का शुरू करेंगे Will Start with Tomorrow* *टालमटोल(Procrastination) इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है। यह बहाना इस दुनिया में सबसे ज्यादा काम में लिया जाता है। दोस्तों सबसे अच्छा समय है…आज का…अभी का। आप कल पर कोई काम छोड़ते हैं, लेकिन कल फिर आप इसे नहीं टालेंगे, इसकी क्या गारंटी है?* *इसलिए अपने मन पर काबू पाकर इसके बहानो को साइड में रखकर जो भी करना है, अभी से शुरू करें।* *4. मेरे पास पर्याप्त संसाधन नहीं है I do’t have enough resources* *आपके पास इंटरनेट है। आप इससे हर तरह की जानकारी पा सकते हैं।* *आपके अपने मौजूदा संसाधनों का बेहतरीन उपयोग करते हुए आप बेहतर output दे सकते हैं।* *करने वाले तो कचरे के ढेर से भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं और बहाने बनाने वाले लाखों की दौलत के बावजूद रोड पर आ जाते हैं।* *आपके पास अभी सब कुछ है जो आपको महान बना सकता है, बस आपको थोड़ा सा सीखने की जरूरत है कि इन्हें कैसे उपयोग में लिया जाए।* *5. मैं बहुत अच्छा नहीं हूं I’m not very good* *यह किसने कहा? ….आपके दोस्त ने….आपके परिवार ने….आपके रिलेटिव ने या फिर आप खुद ने। मैं कहना चाहता हूं, भाड़ में जाने दो उनको जिसने भी यह कहा हैं… हा खुद को भी।* *आप खुद एक बेहतरीन इंसान है।* *अपनी तुलना किसी से भी ना करें। अपने आप में यह विश्वास रखे कि आप हर चीज कर सकते हैं। क्योंकि हम जैसा सोचते हैं वैसा बन जाते हैं और अपनी एनर्जी को अपने आप को निखारने में लगाइये।* *हिंदी के महान कवि वृंद ने कहा है कि* *करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।* *रसरी आवत जात ते सिल पर परत निशान॥* *इसका तात्पर्य यह है कि लगातार अभ्यास करने से मंदबुद्धि व्यक्ति भी ज्ञानी और विद्वान बन सकता है, जैसे कुवे से पानी खींचते समय रस्सी के बार-बार आते-जाते रहने से ठोस पत्थर पर भी निशान बन जाते हैं जबकि रस्सी कितनी मुलायम होती है* *6. मेरी तो किस्मत ही खराब है My luck is bad* *ऐसा सोचना बिल्कुल ही गलत है क्योंकि ऐसा सोचने से और ज्यादा नकारात्मकता आएगी। इससे और ज्यादा असफल हो जाएंगे।* *आप कड़ी मेहनत पर भरोसा रखो। आप अपना कर्म करते रहो। किस्मत तो आपके पीछे पीछे आएगी, ऐसा मेरा मानना है। हम ही किस्मत का निर्माण करते हैं। इसलिए किस्मत का रोना रोने से बेहतर हैं, आप दृढ संकल्प लेकर कड़ी मेहनत करें।* *7.अभी मेरी उम्र नहीं है या अब मेरी उम्र नहीं रही It’s Too Late or Early* *याद रखिए नयी शुरुआत के लिए कभी भी देर नहीं होती हैं और कभी भी जल्दी नहीं होती हैं। आपकी चाहे कितनी भी उम्र हो या फिर कैसी भी परिस्थिति हो, आप नई शुरुआत कर सकते हैं। इसलिए इस घटिया बहाने को आगे से इस्तेमाल ना करें।* *जब जागे तभी सवेरा।* *8. अगर मैं फेल हो गया तो What If I Fail* *तो कोई बात नहीं…कम से कम* *आपने कोशिश की। आपको बाद में यह पछतावा तो नहीं होगा कि काश मैं यह कर लेता। अगर* *आप फेल होते हैं तो आपको अनुभव और ज्ञान मिलेगा, जो आपको आगे जीवन में मदद करेगा।* *और एक बार फेल हो जाने से कोई मरता थोड़ी है, कोई दुनिया तो खत्म नहीं हो जाती है। आप दोबारा ट्राई करें, फिर भी नहीं हो तो हजार बार कोशिश करें लेकिन रुके कभी नहीं। आपमें सफल होने की एक ज़िद होनी चाहिए। जिद्दी लोग ही तो इतिहास बनाते हैं।* *9. लोग क्या कहेंगे What will People Say* *सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग।* *हम में से ज्यादातर लोग इसी डर से कोई काम शुरू नहीं कर पाते हैं क्योंकि लोग क्या* *कहेंगे….कहीं मेरा मजाक तो नहीं बनाएंगे। और वो इसी में उलझ जाते हैं। आप हर इंसान को संतुष्ट नहीं कर सकते हैं। और करना भी नहीं हैं आपने कोई ठेका थोड़ी ले रखा हैं।* *और हा दुसरो के पास इतना टाइम भी नहीं है कि दिनभर आपके बारे में सोचता रहे। आप तो बस दृढ़ संकल्प के साथ शुरू करें, आपको आगे अपने आप रास्ता मिलता रहेगा।* *कॉन्क्लूज़न* *इस दुनिया में हर चीज संभव है आप हर चीज कर सकते हैं लेकिन सबसे पहले आपको बहाने बनाना बंद करना होगा। आपको* *अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करके उसे पूरा करना चाहिए। यह बहाने अभी तो आपको छोटे लगते होंगे लेकिन आपको पता भी नहीं चलेगा और आपकी जिंदगी की ऐसी तैसी कर देंगे और बाद में आपको पछताना पड़ेगा। इसलिए समय रहते हैं, अभी सुधर जाए।* *______________________________* *🙏🐻🌿 शुभ प्रभात 🌿🐻🙏* *=♤=♤=♤=♤=♤=♤=♤=♤=♤=* *🙏🦁☘️जय बजरंग बली☘️🦁🙏*

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Deep Apr 11, 2021

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Gopalchandra porwal Apr 11, 2021

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