Shyam Yadav
Shyam Yadav Feb 26, 2021

*स्वास्थ्य संजीवनी* *🥕🥕 गाजर के औषधीय प्रयोग* 🥕🥕 *दिमागी कमजोरी* : गाजर के रस का नित्य सेवन करने से कमजोरी दूर होती है। 🥕🥕 *दस्त* : गाजर का सूप लाभदायक है। 🥕🥕 *सूजन* : मरीज को सब आहार त्यागकर केवल गाजर के रस अथवा उबली हुई गाजर पर रहने से लाभ होता है। 🥕🥕 *मासिक न दिखने पर या कष्टार्तव :* मासिक कम आने पर या समय होने पर भी न आने पर गाजर के 5 ग्राम बीजों का 20 ग्राम गुड़ के साथ काढ़ा बनाकर लेने से लाभ होता है। एलोपैथिक गोलियाँ जो मासिक को नियमित करने के लिए ली जाती हैं, वे हानिकारक होती हैं। 🥕🥕 *पुराने घाव :* गाजर को उबालक उसकी पुल्टिस बनाकर घाव पर बाँधने से लाभ होता है। 🥕🥕 *खाजः* गाजर को कद्दूकस करके अथवा बारीक पीसकर उसमें थोड़ा नमक मिला लें और पानी डाले बिना उसे गर्म करके खाज पर रोज बाँधने से लाभ होता है। 🥕🥕 *आधासीसी:* गाजर के पत्तों पर दोनों ओर घी लगाकर उन्हें गर्म करें। फिर उनका रस निकालकर २-३ बूंदें कान एवं नाक में डालें। इससे आधासीसी का दर्द मिटता है। 🥕🥕 *श्वास-हिचकी :* गाजर के रस की ४-५बूंदें दोनों नथुनों में डालने से लाभ होता है। 🥕🥕 *नेत्ररोग :* दृष्टिमंदता, रतौंधी, पढ़ते समय आँखों में तकलीफ होना आदि रोगों में कच्ची गाजर या उसके रस का सेवन लाभप्रद है। *यह प्रयोग.चश्मे का नंबर घटा सकता है।* 🥕🥕 *पाचन संबंधी गड़बड़ी:* अरुचि, मंदाग्नि, अपच आदि रोगों में गाजर के रस में नमक, धनिया, जीरा, कालीमिर्च, नींबू का रस डालकर पियें अथवा गाजर का सूप बनाकर पियें। 🥕🥕 *पेशाब की तकलीफ :* गाजर का रस पीने से खुलकर पेशाब आता है, रक्तशर्करा भी कम होती है। गाजर का हलवाखाने से पेशाब में कैल्शियम, फास्फोरस का आना बंद हो जाता है। 🥕🥕 *नकसीर फूटना :* ताजी गाजर का रस अथवा उसकी लुगदी सिर पर एवं ललाट पर लगाने से लाभ होता है। 🥕🥕 *जलने पर :* जलने से होनेवाली दाह में प्रभावित अंग पर बार-बार गाजर का रस लगाने से लाभ होता है। 🥕🥕 *हृदयरोग :* हृदय की कमजोरी अथवा धड़कनें बढ़ जाने पर गाजर को भून लें या उबाल लें फिर उसे रात भर के लिए खुले आकाश में रख दें, सुबह उस में मिश्री तथा केवड़े या गुलाब का अर्क मिलाकर रोगी को देने से लाभ होता है अथवा उसे रोज दो से तीन बार कच्ची गाजर का रस पिलाएं l 🥕🥕 *प्रसव पीड़ा :* यदि प्रसव के समय स्त्री को अत्यंत कष्ट हो रहा हो तो गाजर के बीजों के काढ़े में 1 वर्ष का पुराना गुड़ डालकर गरम गरम पिलाने से प्रसव जल्दी होता है l 📌📌 *सावधानी :* गाजर के भीतर का पीला भाग खाने से अथवा गाजर खाने के बाद 30 मिनट के अंदर पानी पीने से खांसी होती है l अत्यधिक मात्रा में गाजर खाने से पेट में दर्द होता है l ऐसे समय में थोड़ा गुड़ खाएं l अधिक गाजर वीर्य का क्षय करती है l पित्त प्रकृति के लोगों को गाजर का कम एवं सावधानी पूर्वक उपयोग करना चाहिए l 🥕🥕🥕🥕🥕🥕🥕🥕🥕

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prakash patel Feb 27, 2021
🌸 Face Book group 🌸 https://www.facebook.com/groups/367351564605027/ 🏥 એક્યુપ્રેશર અને ઘરેલુ ઉપચાર..

Shyam Yadav Apr 16, 2021

*सुबह सिर्फ एक दो मुट्ठी चने खाकर हेल्थ जबरदस्त हो सकती है.!* *(1).* एक सस्ता और आसान सा दिखने वाला चना हमारे सेहत के लिए कितना फायदेमंद है जानिये... *(2).* काले चने भुने हुए हों, अंकुरित हों या इसकी सब्जी बनाई हो, यह हर तरीके से सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। *(3).* इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और विटामिन्स पाए जाते हैं। *(4).* शरीर को सबसे ज्यादा फायदा अंकुरित काले चने खाने से होता है, क्योंकि अंकुरित चने क्लोरोफिल, विटामिन ए, बी, सी, डी और के, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स का अच्छा स्रोत होते हैं। साथ ही इसे खाने के लिए किसी प्रकार की कोई खास तैयारी नहीं करती पड़ती। रातभर भिगोकर सुबह एक-दो मुट्ठी खाकर हेल्थ अच्छी हो सकती है। *(5).* चने ज्यादा महंगे भी नहीं होते और इसमें बीमारियों से लड़ने के गुण भी छिपा हुए हैं। कब्ज से राहत मिलती है, चने में मौजूद फाइबर की मात्रा पाचन के लिए बहुत जरूरी होती है। *(6).* रातभर भिगोए हुए चने से पानी अलग कर उसमें नमक, अदरक और जीरा मिक्स कर खाने से कब्ज जैसी समस्या से राहत मिलती है। साथ ही जिस पानी में चने को भिगोया गया था, उस पानी को पीने से भी राहत मिलती है। लेकिन कब्ज दूर करने के लिए चने को छिलके सहित ही खाएं। *(7).* ये एनर्जी बढ़ाता है। कहा तो यहाँ तक जाता है इंस्टेंट एनर्जी चाहिए, तो रात भर भिगोए हुए या अंकुरित चने में हल्का सा नमक, नींबू, अदरक के टुकड़े और काली मिर्च डालकर सुबह नाश्ते में खाएं, बहुत फायदेमंद होता है। चने का सत्तू भी खा सकते हैं। यह बहुत ही फायदेमंद होता है। गर्मियों में चने के सत्तू में नींबू और नमक मिलाकर पीने से शरीर को एनर्जी तो मिलती ही है, साथ ही भूख भी शांत होती है। *(8).* पथरी की प्रॉब्लम दूर करता है। दूषित पानी और खाने से आजकल किडनी और गॉल ब्लैडर में पथरी की समस्या आम हो गई है। हर दूसरे-तीसरे आदमी के साथ स्टोन की समस्या हो रही है। इसके लिए रातभर भिगोए हुए काले चने में थोड़ी सी शहद की मात्रा मिलाकर खाएं। रोजाना इसके सेवन से स्टोन के होने की संभावना काफी कम हो जाती है और अगर स्टोन है तो आसानी से निकल जाता है। इसके अलावा चने के सत्तू और आटे से मिलकर बनी रोटी भी इस समस्या से राहत दिलाती है। *(9).* काला चना शरीर की गंदगी को पूरी तरह से बाहर भी निकालता है। *अन्य फायदे...* ● एनर्जी बढ़ाता है, ● डायबिटीज से छुटकारा मिलता है, ● एनीमिया की समस्या दूर होती है, ● बुखार में पसीना आने की समस्या दूर होती है, ● पुरुषों के लिए फायदेमंद, ● हिचकी में राहत दिलाता है, ● जुकाम में आराम मिलता है, ● मूत्र संबंधित रोग दूर होते हैं, ● त्वचा की रंगत निखारता है। *डायबिटीज से छुटकारा दिलाता है।* चना ताकतवर होने के साथ ही शरीर में एक्स्ट्रा ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए कारगर होता है। लेकिन इसका सेवन सुबह सुबह खाली पेट करना चाहिए। चने का सत्तू डायबिटीज़ से बचाता है। एक से दो मुट्ठी ब्लड चने का सेवन ब्लड शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित करने के साथ ही जल्द आराम पहुंचाता है। *एनीमिया की समस्या दूर होती है।* शरीर में आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया की समस्या को रोजाना चने खाकर दूर किया जा सकता है। चने में शहद मिलाकर खाना जल्द असरकारक होता है। आयरन से भरपूर चना एनीमिया की समस्या को काफी हद तक कम कर देता है। चने में 27% फॉस्फोरस और 28% आयरन होता है जो न केवल नए बल्ड सेल्स को बनाता है, बल्कि हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है। *हिचकी में राहत दिलाए* हिचकी की समस्या से ज्यादा परेशान हैं, तो चने के पौधे के सूखे पत्तों का धूम्रपान करने से हिचकी आनी बंद हो जाती है। साथ ही चना आंतों/इंटेस्टाइन की बीमारियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। *बुखार में पसीना आने पर* बुखार में ज्यादा पसीना आने पर भुने हुए चने को पीसकर, उसमें अजवायन मिलाएं। फिर इससे मालिश करें। ऐसा करने से पसीने की समस्या खत्म हो जाती है। *मूत्र संबंधित रोग में आराम* भुने हुए चने का सेवन करने से बार-बार पेशाब जाने की बीमारी दूर होती है। साथ ही गुड़ व चना खाने से यूरीन से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या में राहत मिलती है। रोजाना भुने हुए चनों के सेवन से बवासीर ठीक हो जाती है। *पुरुषत्व के लिए फायदेमंद* चीनी मिट्टी के बर्तन में रात भर भिगोए हुए चने को चबा चबाकर खाना पुरुषों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पुरुषों की कई प्रकार की कमजोरी की समस्या खत्म होती है। जल्द असर के लिए भीगे हुए चने के साथ दूध भी पिएं। भीगे हुए चने के पानी में शहद मिलाकर पीने से पुरुषत्व बढ़ता है। *त्वचा की रंगत निखारता है।* चना केवल हेल्थ के लिए ही नहीं, स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है। चना खाकर चेहरे की रंगत को बढ़ाया जा सकता है। वैसे चने की फॉर्म बेसन को हल्दी के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। नहाने से पहले बेसन में दूध या दही मिक्स करें और इसे चेहरे पर 15-20 लगा रहने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। रंगत के साथ ही कील मुहांसों, दाद-खुजली और त्वचा से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं। *युवा महिलाओं को हफ्ते में कम से कम एक बार चना और गुड़ खाना चाहिए।* गुड़ आयरन का समृद्ध स्रोत है और चने में बड़ी मात्रा में प्रोटीन होता है। ये दोनों मिलकर महिलाओं की माहवारी के दौरान होने वाले रक्त के नुकसान को पूरा करते हैं। तथा सभी महिलाओं को आने वाले माघ महीने में हर रोज कम से कम 40-60 मिनट धूप में बैठकर तिल के लड्डू या गजक खाने चाहिए, जिसमें कैल्शियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इससे उनके शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी पूरी हो जाएगी। *जुकाम में राहत* गर्म चने को किसी साफ कपड़े में बांधकर सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है।

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*स्वस्थ दिल के लिए घरेलू उपचार* ● भागदौड़ भरी जिंदगी और बेपरवाह जीवनशैली हमारे दिल को तेजी से बीमार बना रही है। ● दिल के मरीजों की इस तादाद में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ● बीमार दिल अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। ● जरा सा काम करने के बाद सांस फूलना, सीढियां चढते वक्त दम भरना और अक्सर छोटे-छोटे काम में पसीना आना बीमार होते दिल की ओर इशारा करते हैं। ● लेकिन, दिल को दुरुस्त रखने के लिए हमें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं। इसके लिए कई घरेलू उपाय ही अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं उन्हीं उपायों के बारे में- ● शहद दिल को मजबूत बनाता है। ● कमजोर दिल वाले एक चम्मच शहद का सेवन रोज करें तो उन्हें फायदा होगा। ● आप लोग भी शहद का एक चम्मच रोज ले सकते हैं, इससे वे दिल की बीमारियों से बचे रहेंगे। ● छोटी इलायची और पीपरामूल का चूर्ण घी के साथ सेवन करने से दिल मजबूत और स्वस्थ रहता है। ● दिल को मजबूत बनाने के लिए गुड को देसी घी में मिलाकर खाने से भी फायदा होता है। ● लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर खाइए। इससे दिल को शक्ति मिलती है। ● अलसी के पत्ते और सूखे धनिए का क्वाथ बनाकर पीने से ह्रदय की दुर्बलता मिट जाती है। ● गाजर के रस को शहद में मिलाकर पीने से निम्न ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती है और दिल मजबूत होता है। ● हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात पाने के लिए सिर्फ गाजर का रस पीना चाहिए। इससे रक्तचाप संतुलित हो जाता है। ● सर्पगंधा को कूटकर रख लीजिए। इस पाउडर को सुबह-शाम 2-2 ग्राम खाने से बढ़ा हुआ रक्तचाप सामान्य हो जाता है। ● प्रतिदिन लहसुन की कच्ची कली छीलकर खाने से कुछ दिनों में ही रक्तचाप सामान्य हो जाता है और दिल मजबूत होता है। ● अनार के रस को मिश्री में मिलाकर हर रोज सुबह-शाम पीने से दिल मजबूत होता है। ● खाने में अलसी का प्रयोग करने से दिल मजबूत होता है। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जो दिल को बीमारियों से बचाता है। ● सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल मजबूत होता है और दिल अच्छे से काम करता है। ● बादाम खाने से दिल स्वास्थ रहता है। ● बादाम में विटामिन और फाइबर होता है।

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*🍃आयुर्वेद अमृतमः🍃* 🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅 💁🏻‍♂️ *दुर्गन्ध पसीने की* ❌ 😧😧😧😧😧😧😧😧😧 ✳️ *गर्मी अब परवान चढ़ चुकी है,ऐसे में पसीना आना साधारण बात है,लेकिन जब यह पसीना दुर्गन्धित हो तो स्थिति और भी बिगड़ जाती है।* ✴️ *दुर्गन्ध के कारण:- शरीर से आने वाली पसीने की दुर्गन्ध का कारण उसमे मौजूद बैक्टीरिया होते है।* 👉 *इसके अतिरिक्त भी कुछ कारण है जिनसे से गर्मियों में पसीने की दुर्गन्ध आती है।* 1️⃣ *साफ़-सफाई का ध्यान न रखना,दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया के पनपने का मुख्य कारण होता है।* 2️⃣ *तेज मिर्च मसाले वाले खाद्य पदार्थ भी पसीने की दुर्गन्ध का कारण होते है।* 3️⃣ *धूम्रपान,अल्कोहल या नशीले पदार्थों आदि का सेवन करने से शरीर से तरल पदार्थों का विसर्जन अधिक मात्रा में होता है फलस्वरूप आपका पसीना दुर्गन्धित हो जाता है।* 4️⃣ *गहरे रंगों वाले,मोटे या पसीना सोखने में असमर्थ वस्त्र*भी इन बैक्टीरिया के पनपने का कारण होते है।* 5️⃣ *मधुमेह या थायराईड की समस्या,इन रोगों के रोगियों को पसीना अधिक आता है अतः अपना शुगर और थायोरोक्सिन लेवल नियन्त्रित रखें।इसके लिए आप अपने क्षेत्र के योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सेवाएं प्राप्त करें तो समस्या से निजात मिल सकती है।* 6️⃣ *कुछ दवाएं भी पसीने की दुर्गन्ध का कारण होती है,अतः चिकित्सक के परामर्श के बिना किसी दवा का प्रयोग न करें।* 7️⃣ *कैफीन युक्त पदार्थो चाय कॉफी या कोला आदि पदार्थों का अतिसेवन।* 🤥 *कैसे पायें छुटकारा दुर्गन्ध से* 👍👍👍👍👍👍👍👍 1️⃣ *बेकिंग सोडा:- जी हां, बेकिंग सोडा का प्रयोग करके भी आप पसीने की दुर्गन्ध से छुटकारा पा सकते है। यह बॉडी में पसीने को कम करके कई घंटो तक उस बदबू को दूर रखने में मदद करेगा। एक चम्मच बेकिंग सोडा को ताजे नींबू के रस में मिलाकर नहाने के बाद underarms में लगा लें। आप चाहे तो सीधे बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल कर सकते है। यह शरीर से अतिरिक्त पसीने को सोखकर छिद्रों को साफ़ करके बंद कर देता है और दुर्गन्ध फ़ैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त कर देता है। आप चाहे तो इसे कॉर्न स्टार्च के साथ मिलाकर भी प्रयोग में ला सकते है।* 2️⃣ *सफ़ेद सिरका:-पसीने की दुर्गन्ध के लिए सफ़ेद सिरका, एक बेहतर एंटी बैक्टीरियल एजेंट और astringent एजेंट के रूप में कार्य करता है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 50-60 ml सफ़ेद सिरके को मिलाकर प्रयोग करें।* 👉 *आप चाहे तो रुई की मदद से सीधे सिरके को भी लगा सकते है। यह त्वचा में मौजूद दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करता है और नये बैक्टीरिया के निर्माण को भी रोकता है। आप चाहे तो इसके स्थान पर सेब का सिरका का भी इस्तेमाल कर सकते है।* 3️⃣ *पानी:- अधिक से अधिक *पानी का सेवन*शरीर से toxins को निकालने में मदद करता है। इसीलिए प्रति दिन 8-10 ग्लास पानी का सेवन करें। यह आपको स्वस्थ रखने के अलावा शरीर को detoxify करके दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया के निर्माण को कम करता है।* 4️⃣ *साधारण नमक:-नमक में disinfectant गुण पाए जाते हैं।पैरों में पसीने की दुर्गन्ध से निजात पाने के लिए, 8-10 मिनट के लिए नमक युक्त गर्म पानी में अपने पैर डुबोएं रखें। नमक और गर्म पानी दोनों मिलकर पैरों में दुर्गन्ध पैदा करने वाले *बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करते है। पैरों में पसीने की दुर्गन्ध दिन भर पहने जाने वाले *Socks n Shoes*के कारण आती है। जो बैक्टीरिया के लिए घर का काम करते है।* 5️⃣ *एसेंशियल आयल:- पाइन, लैवेंडरऔर पिपरमेंट ऑयल बहुत जल्द सूखने वाले एंटी बैक्टीरियल एजेंट है। बहुत से लोग बिना किसी कारण के भी इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करते है। लेकिन इसके इस्तेमाल से पूर्व एक पैच टेस्ट जरुर कर लें। यदि किसी तरह की एलर्जी नहीं है तो इनका पसीने की दुर्गन्ध को दूर करने के लिए करें। दुर्गन्ध दूर करने के साथ-साथ ये आपको एक बेहतर खुशबु देने में भी मदद करेंगें।* 6️⃣ *टी ट्री आयल:-पसीने की दुर्गन्ध से राहत पाने का यह सबसे अच्छा प्राकृतिक उपाय है। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण sweat prone क्षेत्रों में दुर्गन्ध फैलाने वाले बैक्टीरिया के निर्माण को रोकते है। यदि आपके शरीर से भी पसीने की दुर्गन्ध आती है तो टी ट्री आयल का इस्तेमाल करें। फायदेमंद होने के साथ-साथ ये एकसुरक्षित घरेलू उपाय है।* 7️⃣ *मक्का, कॉर्न स्टार्च एक अच्छा मॉइस्चराइज absorber है जो धूप में पसीने को सोखने में मदद करता है। इसके लिए दिन में किसी भी समय इसे अपनी त्वचा पर लगा लें। आप चाहे तो इसके साथ बेकिंग सोडा मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।* 8️⃣ *पार्सले:- यह प्राकृतिक हर्ब भी पसीने की दुर्गन्ध को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है शरीर से अतिरिक्त पसीना और उसकी बदबू दूर करने के लिए रोजाना पार्सले की कुछ पत्तियां या उसकी चाय का सेवन करें। इस चाय को आप आप ग्रीन टी और पार्सले के साथ मिलाकर भी बना सकते है।यह न केवल आपके शरीर को रिफ्रेश करता है बल्कि detoxify भी करता है।* 9️⃣ *नींबू स्वाद में खट्टा, रेफ्रेशिंग और चटपटे नींबू की मदद से भी आप पसीने की दुर्गन्ध से राहत पा सकते है। दरअसल इसमें प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल और exfoliating गुण पाए जाते है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 2 चम्मच नींबू का रस डालें। यह बैक्टीरिया को समाप्त करने के साथ-साथ sweat prone क्षेत्रों से डेड स्किन सेल्स को निकालने में भी मदद करेगा जो बाद में दुर्गन्धका कारण बनती है।* 👉 *आप चाहे तो सीधे नींबू को भी अपनी त्वचा पर लगा सकते हैं।* 👨‍🦰 *आप सदा प्रसन्न रहें निरोग रहें इन गर्मियों में पसीने की *दुर्गन्ध से मुक्त रहें, इन्हीं मनोभावों और आपकी प्यारी सी मुस्कान😊😊😊😊 की कामना के साथ* 💫💠💫💠💫💠💫💠💫 *स्वस्थ रहे खुश रहे* 🔯🔯🔯🅰️🙏

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ज्वर कैसा भी क्यों न हो :-> गर्मियों में:>तुलसी की पत्तियाँ ग्यारह,काली मिर्च सात दोनों को 60 ग्राम जल में रगङकर प्रातः और सायं रोगी को पिलायें । बरसात और सर्दियों में यही 124 ग्राम जल में उबालकर आधा रह जाने पर रोगी को पिलायें । काली मिर्च थोड़ी कूटकर डालनी चाहिए । बारह साल से कम आयु वाले बच्चों को चौथाई मात्रा (तीन तुलसी की पत्तियाँ,दो काली मिर्च) दस ग्राम पानी में पीसकर आयु को ध्यान में रखते हुए दें । मिठास के बिना काम न चले तो दस ग्राम मिश्री का चूर्ण ङाल सकते हैं । आवश्यकतानुसार दो दिन से सात दिन तक पिलाएँ । दूसरी विधि:>सात तुलसी की पत्तियाँ ,सात काली मिर्च और सात बताशे (या दस ग्राम मिश्री) तीन कप पानी में ङालकर उबालें । एक कप रह जाने पर गरम -गरम पीकर बदन ढककर दस मिनट लेट जाएँ । बुखार , फ्लू , मलेरिया , सर्दी का जुकाम , हरारत में रामबाण है । आवश्यकतानुसार दिन में दो बार प्रातः एवं रात्रि सोते समय दो -तीन दिन लें । सहायक उपचार:> वात और कफ ज्वर में उबालकर ठंडा किया हुआ जल पिलाना चाहिए । औटाया हुआ जल वात तथा कफ ज्वर नष्ट करता है । जो जल औटाते-औटाते धीरे-धीरे झाग रहित तथा निर्मल हो जाए तथा आधा शेष रह जाय उसे ही औटा हुआ जल या 'उष्णोदक' समझना चाहिए । आयुर्वेदानुसा एक किलो का पाव भार पका हुआ गरम जल कफ-ज्वर का नाश करता है । एक किलो का तीन पाव गरम जल पित्त-ज्वर का नाश करता है । एक दो बार उबाला हुआ पका जल रात्रि में पीने से कफ,वात और अजीर्ण नष्ट होते हैं । न्यूमोनिया में 250 ग्राम जल में एक लौंग ङालकर दस मिनट तक उबालें । साठ ग्राम की मात्रा से यह पानी दिन में दो - तीन बार रोगी को दें । अत्यंत लाभप्रद है सभी ज्वरों में बेदाना (मीठा अनार) बिना किसी हिचक के दिया जा सकता है । इससे ज्वर के समय की प्यास भी शांत होती है ।ज्वर में साबूदाना,दूध, चीकू ,मौसमी पथ्य है ज्वर उतारने के लिए हथेलियों और पगतलियों को घिया के गोल टुकङों से उँगलीयो की तरफ झाङते हुए मलें अथवा कपड़े से उँगलीयों की तरफ झाङें । कागजी नींबू के पेड़ की पत्तियाँ लेकर हाथ से मलकर महिन कपङे में बांधकर बुख़ार वाले रोगी के नाक के पास ले जाकर सूघाएँ ।कम से कम सुबह-शाम सूंघाएँ । पुराना बुखार उतारने के लिए:> तुलसी की पत्तियाँ सात,काली मिर्च चार,पीपर (पिप्पली) एक तीनों वस्तुओं को 60 ग्राम पानी के साथ बारीक पीसकर 10 ग्राम मिश्री मिलाकर नित्य सवेरे खाली पेट रोगी को पिलाएँ तो महिनों का ठहरा हुआ जीर्ण-ज्वर ठीक हो जाता है आवश्यकतानुसार दो-तीन सप्ताह पिलाएँ । जय जय श्री राधे 🙏🙏

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sn.vyas Apr 17, 2021

. *सुन्नपन का शरीर में होना* कभी बैठे-बैठे या काम करते हुए आपके शरीर का कोई अंग या त्वचा सुन्नपन हो जाता है कुछ लोग देर तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते या पढ़ते-लिखते रहते हैं इस कारण रक्त वाहिनीयों तथा मांसपेशियों में शिथिलता आ जाने से शरीर में सुन्नपन हो जाता है। शरीर के किसी अंग के सुन्न होने का प्रमुख कारण वायु का कुपित होना है। इसी से वह अंग भाव शून्य हो जाता है। ये खून के संचरण में रुकावट पैदा होने से सुन्नता आती है। यदि शरीर के किसी विशेष भाग को पूरी मात्रा में शुद्ध वायु नहीं मिलती तो भी शरीर का वह भाग सुन्न पड़ जाता है। जो अगं सुन्न्न हो जाता है उसमें हल्की झनझनाहट होती है और उसके बाद लगता है कि वह अंग सुन्न हो गया है तब सुई चुभने की तरह उस अंग में धीरे-धीरे लपकन-सी पड़ती है लेकिन दर्द नहीं मालूम पड़ता है। *सुन्नपन होने पर करे ये उपाय* सुबह के समय शौच आदि से निपट कर सोंठ तथा लहसुन की दो कलियों को चबाकर ऊपर से पानी पी लें और यह प्रयोग आठ-दस दिनों तक लगातर करने से सुन्नपन स्थान ठीक हो जाता है। पपीते या शरीफे के बीजों को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर सुन्नपन होने वाले अंगों पर धीरे-धीरे मालिश करें। पीपल के पेड़ की चार कोंपलें सरसों के तेल में मिलाकर आंच पर पकाएं और फिर छानकर इस तेल को काम में लाएं। तिली के तेल में एक चम्मच अजवायन तथा लहसुन की दो कलिया कुचलकर डालें और फिर तेल को पकाकर और छानकर शीशी में भर लें इस तेल से सुन्नपन स्थान की मालिश करें। बादाम का तेल मलने से सुन्न स्थान ठीक हो जाता है। बादाम घिसकर लगाने से त्वचा स्वाभाविक हो जाती है। सोंठ, पीपल तथा लहसुन सभी बराबर मात्रा में लेकर सिल पर पानी के साथ पीस लें और फिर इसे लेप की तरह सुन्नपन स्थान पर लगाएं। कालीमिर्च तथा लाल इलायची को पानी में पीसकर त्वचा पर लगाएं। 100 ग्राम नारियल के तेल में 5 ग्राम जायफल का चूर्ण मिलाकर त्वचा या अंग विशेष पर लगाएं। एक गांठ लहसुन और एक गांठ शुंठी पीस लें इसके बाद पानी में घोलकर लेप बना लें तथा इस लेप को त्वचा पर लगाएं। रात को सोते समय तलवों पर देशी घी की मालिश करें इससे पैर का सुन्नपन खत्म हो जाएगा।

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jitendra Apr 16, 2021

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Vinod Kamra Apr 15, 2021

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*इस फल को खाएं, उग आएंगे सिर के उड़े हुए बाल.!* * सीताफल (शरीफा) एक बड़ा ही स्‍वादिष्‍ट फल है लेकिन लोग इसके बारे में थोड़ा कम जानकारी रखते हैं। सीताफल अगस्त से नवम्बर के आस पास अर्थात् आश्विन से माघ मास के बीच आने वाला फल है। अगर आयुर्वेद की बात माने तो सीताफल शरीर को शीतलता पहुंचाता है। यह पित्तशामक, तृषाशामक, उलटी बंद करने वाला, पौष्टिक, तृप्तिकर्ता, कफ एवं वीर्यवर्धक, मांस एवं रक्तवर्धक, बलवर्धक, वातदोषशामक एवं हृदय के लिए बहुत ही लाभदायी होता है। * सीताफल को भगवन राम एवं माता सीता से जोड़ते हैं। ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास के समय जो वन फल राम को भेंट किया, उसी का नाम सीताफल पड़ा। अगर आप दिन में एक सीताफल का सेवन करते हैं, तो आपको अनेको बीमारियों से निजात मिलेगा। आइये जानते हैं सीताफल खाने से हम किन-किन बीमारियों से निजात पा सकते हैं। * सीताफल सिर्फ फल नहीं, दवा भी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग शरीर से दुबले पतले होते हैं उन्हें सीताफल खाना चाहिए। सीताफल खाने से शरीर की दुर्बलता तो दूर होती ही है साथ ही मैनपावर भी बढता है। * सीताफल एक मीठा फल है। इसमें काफी मात्रा में कैलोरी होती है। यह आसानी से पचने वाला और अल्सर व एसिडिटी में लाभकारी होता है। इसमें आयरन और विटामिन-सी की मात्रा अच्छी होती है। इसके अलावा सीताफल कई रोगों में रामबाण की तरह काम करता है। * सीताफल के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीस कर बालों में लगाने से सिर के उड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं। * सीताफल के बीजों को बारीक पीस कर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांध कर सो जाएं। इससे जुएं मर जाती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे, क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है। शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुएं मर जाती हैं। सीताफल के बीजों को महीन चूर्ण बनाकर पानी से लेप तैयार कर रात को सिर में लगाएं एवं सबेरे धो लें। दो तीन रात ऐसा करने से जुएं समाप्त हो जाती हैं। चूंकि बीज से निकलने वाला तेल विषला होता है, इसलिए बालों में इसका लेप लगाते समय आंख को बचाकर रखना चाहिये। * सीताफल घबराहट को दूर करता है। हार्ट बीट को सही करता है। इसकी एक बड़ी किस्म और होती है, जिसे रामफल कहते हैं। जिनका हृदय कमजोर हो, हृदय का स्पंदन खूब ज्यादा हो, घबराहट होती हो, उच्च रक्तचाप हो ऐसे रोगियों के लिए भी सीताफल का सेवन लाभप्रद है। * सीताफल खाने से इसके गूदे से बने शरबत को पीने से शरीर की जलन को ठीक करता है। वे लोग जिनका शरीर हर वक्‍त जलता रहता है और गर्म रहता है, उन्‍हें नियमित रूप से सीताफल का सेवन करना चाहिये। * शरीफा में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार होता है। यह त्वचा पर आने वाले एजिंग के निशानों से भी बचाता है। * पेट के लिये... इसमें घुलनशील रेशे होते हैं, जो कि पाचक्रिया के लिये बेहतरीन होते हैं। * इसमे खूब सारा विटामिन ए होता है, जो कि हमारे बालों, आंखों और त्‍वचा के लिये बहुत ही फायदेमंद होता है। * सीताफल के पत्तों को पीस कर फोड़ों पर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते हैं। * सीताफल शरीर की दुर्बलता, थकान, मांस-पेशियां क्षीण होने की दशा में सीताफल का खाना लाभकारी होता है। * सीताफल का कच्चा फल खाना अतिसार और पेचिश में उपयोगी है। यह शरीर के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फल है। जब फल कच्‍चा हो तब उसे काट कर सुखा दें और पीस कर रोगी को खिलाएं। इससे डायरिया की समस्‍या सही हो जाएगी।

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shiv bhakte Apr 17, 2021

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