Neha Sharma, Haryana
Neha Sharma, Haryana Dec 9, 2019

*ओम् नमः शिवाय*🌹🌹🙏 *शुभ प्रभात् वंदन*🌹🌹🙏 *माता पार्वती शिव जी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप कर रही थीं। उनके तप को देखकर देवताओं ने शिव जी से देवी की मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना की।* *शिव जी ने पार्वती जी की परीक्षा लेने सप्तर्षियों को भेजा। सप्तर्षियों ने शिव जी के सैकड़ों अवगुण गिनाए पर पार्वती जी को महादेव के अलावा किसी और से विवाह मंजूर न था।*  *विवाह से पहले सभी वर अपनी भावी पत्नी को लेकर आश्वस्त होना चाहते हैं। इसलिए शिव जी ने स्वयं भी पार्वती की परीक्षा लेने की ठानी।* *भगवान शंकर प्रकट हुए और पार्वती को वरदान देकर अंतर्ध्यान हुए। इतने में जहां वह तप कर रही थीं, वही पास में तालाब में मगरमच्छ ने एक लड़के को पकड़ लिया।*  *लड़का जान बचाने के लिए चिल्लाने लगा। पार्वती जी से उस बच्चे की चीख सुनी न गई। द्रवित हृदय होकर वह तालाब पर पहुंचीं। देखती हैं कि मगरमच्छलड़के को तालाब के अंदर खींचकर ले जा रहा है।*    *लड़के ने देवी को देखकर कहा- मेरी न तो मां है न बाप, न कोई मित्र... माता आप मेरी रक्षा करें.. .  *पार्वती जी ने कहा- हे ग्राह ! इस लडके को छोड़ दो। मगरमच्छ बोला- दिन के छठे पहर में जो मुझे मिलता है, उसे अपना आहार समझ कर स्वीकार करना, मेरा नियम है।* *ब्रह्मदेव ने दिन के छठे पहर इस लड़के को भेजा है। मैं इसे क्यों छोडूं ? *पार्वती जी ने विनती की- तुम इसे छोड़ दो। बदले में तुम्हें जो चाहिए वह मुझसे कहो।*  *मगरमच्छ बोला- एक ही शर्त पर मैं इसे छोड़ सकता हूं। आपने तप करके महादेव से जो वरदान लिया, यदि उस तप का फल मुझे दे दोगी तो मैं इसे छोड़ दूंगा।*   *पार्वती जी तैयार हो गईं। उन्होंने कहा- मैं अपने तप का फल तुम्हें देने को तैयार हूं लेकिन तुम इस बालक को छोड़ दो।* *मगरमच्छ ने समझाया- सोच लो देवी, जोश में आकर संकल्प मत करो। हजारों वर्षों तक जैसा तप किया है वह देवताओं के लिए भी संभव नहीं।* *उसका सारा फल इस बालक के प्राणों के बदले चला जाएगा।  *पार्वती जी ने कहा- मेरा निश्चय पक्का है। मैं तुम्हें अपने तप का फल देती हूं। तुम इसका जीवन दे दो।*  *मगरमच्छ ने पार्वती जी से तपदान करने का संकल्प करवाया। तप का दान होते ही मगरमच्छ का देह तेज से चमकने लगा।*  *मगर बोला- हे पार्वती, देखो तप के प्रभाव से मैं तेजस्वी बन गया हूं। तुमने जीवन भर की पूंजी एक बच्चे के लिए व्यर्थ कर दी। चाहो तो अपनी भूल सुधारने का एक मौका और दे सकता हूं।* *पार्वती जी ने कहा- हे ग्राह ! तप तो मैं पुन: कर सकती हूं, किंतु यदि तुम इस लड़के को निगल जाते तो क्या इसका जीवन वापस मिल जाता ?* *देखते ही देखते वह लड़का अदृश्य हो गया। मगरमच्छ लुप्त हो गया।*  *पार्वती जी ने विचार किया- मैंने तप तो दान कर दिया है। अब पुन: तप आरंभ करती हूं। पार्वती ने फिर से तप करने का संकल्प लिया।*   *भगवान सदाशिव फिर से प्रकट होकर बोले- पार्वती, भला अब क्यों तप कर रही हो?* *पार्वती जी ने कहा- प्रभु ! मैंने अपने तप का फल दान कर दिया है। आपको पतिरूप में पाने के संकल्प के लिए मैं फिर से वैसा ही घोर तप कर आपको प्रसन्न करुंगी।* *महादेव बोले- मगरमच्छ और लड़के दोनों रूपों में मैं ही था। तुम्हारा चित्त प्राणिमात्र में अपने सुख-दुख का अनुभव करता है या नहीं, इसकी परीक्षा लेने को मैंने यह लीला रची। अनेक रूपों में दिखने वाला मैं एक ही एक हूं। मैं अनेक शरीरों में, शरीरों से अलग निर्विकार हूं। तुमने अपना तप मुझे ही दिया है इसलिए अब और तप करने की जरूरत नहीं....

*ओम् नमः शिवाय*🌹🌹🙏
*शुभ प्रभात् वंदन*🌹🌹🙏

*माता पार्वती शिव जी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप कर रही थीं। उनके तप को देखकर देवताओं ने शिव जी से देवी की मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना की।*

*शिव जी ने पार्वती जी की परीक्षा लेने सप्तर्षियों को भेजा। सप्तर्षियों ने शिव जी के सैकड़ों अवगुण गिनाए पर पार्वती जी को महादेव के अलावा किसी और से विवाह मंजूर न था।* 

*विवाह से पहले सभी वर अपनी भावी पत्नी को लेकर आश्वस्त होना चाहते हैं। इसलिए शिव जी ने स्वयं भी पार्वती की परीक्षा लेने की ठानी।*

*भगवान शंकर प्रकट हुए और पार्वती को वरदान देकर अंतर्ध्यान हुए। इतने में जहां वह तप कर रही थीं, वही पास में तालाब में मगरमच्छ ने एक लड़के को पकड़ लिया।* 

*लड़का जान बचाने के लिए चिल्लाने लगा। पार्वती जी से उस बच्चे की चीख सुनी न गई। द्रवित हृदय होकर वह तालाब पर पहुंचीं। देखती हैं कि मगरमच्छलड़के को तालाब के अंदर खींचकर ले जा रहा है।* 
 
*लड़के ने देवी को देखकर कहा- मेरी न तो मां है न बाप, न कोई मित्र... माता आप मेरी रक्षा करें.. . 

*पार्वती जी ने कहा- हे ग्राह ! इस लडके को छोड़ दो। मगरमच्छ बोला- दिन के छठे पहर में जो मुझे मिलता है, उसे अपना आहार समझ कर स्वीकार करना, मेरा नियम है।*

*ब्रह्मदेव ने दिन के छठे पहर इस लड़के को भेजा है। मैं इसे क्यों छोडूं ?

*पार्वती जी ने विनती की- तुम इसे छोड़ दो। बदले में तुम्हें जो चाहिए वह मुझसे कहो।* 

*मगरमच्छ बोला- एक ही शर्त पर मैं इसे छोड़ सकता हूं। आपने तप करके महादेव से जो वरदान लिया, यदि उस तप का फल मुझे दे दोगी तो मैं इसे छोड़ दूंगा।*
 
*पार्वती जी तैयार हो गईं। उन्होंने कहा- मैं अपने तप का फल तुम्हें देने को तैयार हूं लेकिन तुम इस बालक को छोड़ दो।*

*मगरमच्छ ने समझाया- सोच लो देवी, जोश में आकर संकल्प मत करो। हजारों वर्षों तक जैसा तप किया है वह देवताओं के लिए भी संभव नहीं।*

*उसका सारा फल इस बालक के प्राणों के बदले चला जाएगा। 

*पार्वती जी ने कहा- मेरा निश्चय पक्का है। मैं तुम्हें अपने तप का फल देती हूं। तुम इसका जीवन दे दो।* 

*मगरमच्छ ने पार्वती जी से तपदान करने का संकल्प करवाया। तप का दान होते ही मगरमच्छ का देह तेज से चमकने लगा।* 

*मगर बोला- हे पार्वती, देखो तप के प्रभाव से मैं तेजस्वी बन गया हूं। तुमने जीवन भर की पूंजी एक बच्चे के लिए व्यर्थ कर दी। चाहो तो अपनी भूल सुधारने का एक मौका और दे सकता हूं।*

*पार्वती जी ने कहा- हे ग्राह ! तप तो मैं पुन: कर सकती हूं, किंतु यदि तुम इस लड़के को निगल जाते तो क्या इसका जीवन वापस मिल जाता ?*

*देखते ही देखते वह लड़का अदृश्य हो गया। मगरमच्छ लुप्त हो गया।* 

*पार्वती जी ने विचार किया- मैंने तप तो दान कर दिया है। अब पुन: तप आरंभ करती हूं। पार्वती ने फिर से तप करने का संकल्प लिया।*  

*भगवान सदाशिव फिर से प्रकट होकर बोले- पार्वती, भला अब क्यों तप कर रही हो?*

*पार्वती जी ने कहा- प्रभु ! मैंने अपने तप का फल दान कर दिया है। आपको पतिरूप में पाने के संकल्प के लिए मैं फिर से वैसा ही घोर तप कर आपको प्रसन्न करुंगी।*

*महादेव बोले- मगरमच्छ और लड़के दोनों रूपों में मैं ही था। तुम्हारा चित्त प्राणिमात्र में अपने सुख-दुख का अनुभव करता है या नहीं, इसकी परीक्षा लेने को मैंने यह लीला रची। अनेक रूपों में दिखने वाला मैं एक ही एक हूं। मैं अनेक शरीरों में, शरीरों से अलग निर्विकार हूं। तुमने अपना तप मुझे ही दिया है इसलिए अब और तप करने की जरूरत नहीं....

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कामेंट्स

Nand kishore Tomar 🍒 Dec 9, 2019
🕉️🕉️🕉️हर हर महादेव🕉️🕉️🕉️ 🌹🌹🌹ॐ नमः शिवाय🌹🌹🌹 🥀🥀🥀जय भोलेनाथ🥀🥀🥀 💢💢💢राम राम जी💢💢💢

Jaiky Dec 9, 2019
🌷Radhey Radhey🌷 subh pravat vandan G

Shyama Saksena Dec 9, 2019
ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव 🌲 सुबह की राम राम मेरी प्यारी बहन जी भोलेनाथ की असीम कृपा आप सभी पर बनी रहे जी आप का शुभ दिन मंगलमय हो प्यारी बहना जी 🌹🌺🌹

Queen Dec 9, 2019
🌷🍁Om Namah Shivaya🍁🌷 Aap or apki family pr Bholenath Ji Di kripa Bna rhe always be happy Good Morning My Dear Sweet Sister Ji 🍁🌷

Gour.... Dec 9, 2019
🔔🔔🔔ऊँ नंमः शिवाय🕉🕉🕉, जय श्री महाकालेश्वर🙏🙏🙏देवों के देव महादेव व शक्ति माँ की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे🚩🔱🙏🙏🙏 आपका हर पल खुशियों से भरा हो जी🙏🙏🙏🔔

🔴RAMA🔴 Dec 9, 2019
शुभ दोपहर प्रणाम राम राम दीदी जय श्री राम जय श्री राधे कृष्णा जी शुभ सोमवार ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव जी🙏🌹🌹

k c somashekar Dec 9, 2019
Good after noon sister ji. 🙏🌹🙏om namah shivaya god bless u ji

दिनकर महाराज लटपटे Dec 9, 2019
राम राम जी 🙏🌿आप और आपके परिवारपर भगवान श्री शिवशंकर जी की और भगवती पार्वती जी की कृपा हमेशा बनी रहे🌿आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो,🙏🙏🌿🌿

kamlesh goyal Dec 9, 2019
har har mahadev ji om Namo bhagwate vasudevay ji Radhe Radhe Jai shri Krishna ji Good Afternoon ji 🌻🌻🙏🙏🌻🌻

sitaram pareek Dec 9, 2019
🥀🌾Har har mahadev Good afternoon jiii Have A Great Day Lord Shiva Bless you my dear sister shree Om shivay nam🙏🏻🙏🏻🌾🥀🌻🏵🌼🌠🕗

Preeti jain Dec 9, 2019
om namah shivaya my dear sweet sister ji shiv ji ka Kripa 🚩 🙏🏻 sada aap aur aap ke family pe bana rahe aap ka har pal shubh aur maglamye ho good afternoon ji my dear sweet sister ji 🙏 🙏🌹 🌹🌿 🌿

Shuchi Singhal Dec 9, 2019
Har Har Mahadev Radhe Radhe Good Afternoon dear sister ji🙏🌹

Rajesh Gupta Dec 9, 2019
🙏Jai Shri Ganesh Ji ki Jai 🙏 🌹🙏Om Namah Shivay 🙏🌹 🙏🌹Har Har Mahadev 🌹🙏 Bol Bom Bol Bom

Rajesh Gupta Dec 9, 2019
🙏Jai Shri Ganesh Ji ki Jai 🙏 🌹🙏Om Namah Shivay 🙏🌹 🙏🌹Har Har Mahadev 🌹🙏 Bol Bom Bol Bom

Dr.ratan Singh Dec 9, 2019
🔱🌿🌹 ॐ नमः शिवाय🌹🌿🔱 🌜🌲शुभ संध्या वंदन दीदी🌲🌜 👏आप और आपके पूरे परिवार पर बाबा भोलेनाथ जी की कृपा दृष्टि सदा बनी रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो 🙏 🎎आपका सोमवार का संध्या काल शिवमय शान्तिमय शुभ और मंगलमय व्यतीत हो🙏

Queen Jan 26, 2020

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champalal m kadela Jan 26, 2020

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Ravindra Singh Jan 26, 2020

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PARSHOTAM YADAV Jan 26, 2020

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champalal m kadela Jan 26, 2020

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