यज्ञ से सम्पुर्ण विस्व है।

यज्ञ से सम्पुर्ण विस्व  है।

#ज्ञानवर्षा
प्राचीन काल में विभिन्न देवी-देवता को प्रसन्न करने और बिना पृथ्वी को शोसण के सम्पुर्ण मनुस्य के अभाव को व स्वर्ग और मोक्ष तक प्रदान कराने का प्रयोग ऋषि और मुनियो के द्वारा किया जाने वाला महान वैदिक अनुसंधान था ।जिसका नाम यज्ञ है ।
"श्री मद भगवत गीता मे लिखा है ।।
"यज्ञात भवति पर्जन्य:पर्जन्यात आन्न सम्भव:"
आन्नात भवन्ति भूतानि ,यज्ञ कर्म समुद्भव:।।
संसार मे सबसे स्रेष्ठ,और उत्तम कर्म यज्ञ ही है ।
जो अपने जीवन काल मे यज्ञ का आस्रय गृहण कर्ता है ,निस्चय ही वह मुक्ति को सहज ही पा लेता है ।और जो पूरे जीवन काल को यज्ञ से रहित व्यतीत कर देता है ,वह अपनी मुक्ति को कचरे के ढेर मे ही फेंक देते हैं ।।बोलो यज्ञ नारायण भगवान की जय ।।

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कामेंट्स

Mahesh Bhargava Dec 13, 2018

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जय श्री कल्याण राय जी महाराज

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sonali Pandey Dec 13, 2018

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Sheela Sharma Dec 13, 2018

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sonali Pandey Dec 13, 2018

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sumitra Dec 13, 2018

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