Vinod Kamra
Vinod Kamra Apr 15, 2021

Svasth Rahiy

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पानी से जुड़ी बुरी आदतें आपके लिए बन सकती हैं जहर 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰 पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। कहते हैं शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दिनभर में कम से कम आठ से दस गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। पानी पीना फायदेमंद तो होता ही है लेकिन तब जब सही मात्रा में और सही तरीके से पीया जाए। अगर पानी को गलत तरीके से पीया जाए या गलत समय में अधिक मात्रा में पीया जाए तो वह शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, ऐसा आयुर्वेद में वर्णित है। आयुर्वेद को जीवन का विज्ञान माना जाता है,भोजन से लेकर जीवनशैली तक की चर्चाएं इस शास्त्र में समाहित हैं। आज हम आयुर्वेदिक ग्रन्थ अष्टांग संग्रह (वाग्भट्ट) में बताए गए पानी पीने के कुछ कायदों से आपको रूबरू कराने का प्रयास करते हैं। चलिए जानते हैं पानी कब, कैसे और कितना पीना चाहिए…… 1. भक्तस्यादौ जलं पीतमग्निसादं कृशा अङ्गताम!! खाना खाने से पहले यदि पानी पिया जाए तो यह जल अग्निमांद (पाचन क्रिया का मंद हो जाना) यानी डायजेशन में दिक्कत पैदा करता है।* 2. अन्ते करोति स्थूल्त्वमूध्र्वएचामाशयात कफम! खाना खाने के बाद पानी पीने से शरीर में भारीपन और आमाशय के ऊपरी भाग में कफ की बढ़ोतरी होती है। सरल शब्दों में कहा जाए तो खाने के तुरंत बाद अधिक मात्रा में पानी पीने से मोटापा बढ़ता है व कफ संबंधी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। 3. प्रयातिपित्तश्लेष्मत्वम्ज्वरितस्य विशेषत:!! आयुर्वेद के अनुसार बुखार से पीड़ित व्यक्ति प्यास लगने पर ज्यादा मात्रा में पानी पीने से बेहोशी, बदहजमी, अंगों में भारीपन, मितली, सांस व जुकाम जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। 4. आमविष्टबध्यो :कोश्नम निष्पिपासोह्यप्यप: पिबेत! आमदोष के कारण होने वाली समस्याओं जैसे अजीर्ण और कब्ज जैसी स्थितियों में प्यास न लगने पर भी गुनगुना) पानी पीते रहना चाहिए। 5. मध्येमध्यान्ग्तामसाम्यं धातूनाम जरणम सुखम!! खाने के बीच में थोड़ी मात्रा में पानी पीना शरीर के लिए अच्छा होता है। आयुर्वेद के अनुसार खाने के बीच में पानी पीने से शरीर की धातुओं में समानता आती है और खाना बेहतर ढंग से पचता है। 6. अतियोगेसलिलं तृषय्तोपि प्रयोजितम! प्यास लगने पर एकदम ज्यादा मात्रा में पानी पीना भी शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। ऐसा करने से पित्त और कफ दोष से संबंधित बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। 7. यावत्य: क्लेदयन्त्यन्नमतिक्लेदोह्य ग्निनाशन:!! पानी उतना ही पीना चाहिए जो अन्न का पाचन करने में जरूरी हो, दरअसल अधिक पानी पीने से भी डायजेशन धीमा हो जाता है। इसलिए खाने की मात्रा के अनुसार ही पानी पीना शरीर के लिए उचित रहता है। 8. बिबद्ध : कफ वाताभ्याममुक्तामाशाया बंधन:! *पच्यत* क्षिप्रमाहार:कोष्णतोयद्रवी कृत:!! कफ और वायु के कारण जो भोजन नहीं पचा है उसे शरीर से बाहर कर देता है। गुनगुना पानी उसे आसानी से पचा देता है। (सभी सन्दर्भ सूत्र अष्टांग संग्रह अध्याय 6 के 41-42,33-34 एवं 36-37 से लिए गए हैं) 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰

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Sanjay Airon May 6, 2021

भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के देसी नुस्खे हमेशा काम आने वाले नुस्खे 〰〰〰〰〰〰〰〰 हमारे जीवन में रोगों का जीवन में प्रभाव पड़ता ही रहता है -हम छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज स्वयं कर सकते है "उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग " आपके लिए लाया है आपके लिए साधारण छोटे-छोटे प्रयोग जिनको आप अवस्य अपनाए कुछ प्रयोग नीचे दिए जा रहे है जो आपको घर में ही उपलब्ध है अजमाए और लाभ ले। दमे के लिये तुलसी और वासा 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 दमे के रोगियों को तुलसी की १० पत्तियों के साथ वासा (अडूसा या वासक) का २५० मिलीलीटर पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर दें। लगभग २१ दिनों तक सुबह यह काढ़ा पीने से आराम आ जाता है। मौसमी खाँसी के लिये सेंधा नमक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 सेंधा नमक की लगभग एक सौ ग्राम डली को चिमटे से पकड़कर आग पर, गैस पर या तवे पर अच्छी तरह गर्म कर लें। जब लाल होने लगे तब गर्म डली को तुरंत आधा कप पानी में डुबोकर निकाल लें और नमकीन गर्म पानी को एक ही बार में पी जाएँ। ऐसा नमकीन पानी सोते समय लगातार दो-तीन दिन पीने से खाँसी, विशेषकर बलगमी खाँसी से आराम मिलता है। नमक की डली को सुखाकर रख लें एक ही डली का बार बार प्रयोग किया जा सकता है। बैठे हुए गले के लिये मुलेठी का चूर्ण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 मुलेठी के चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर खाने से बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है। या सोते समय एक ग्राम मुलेठी के चूर्ण को मुख में रखकर कुछ देर चबाते रहे। फिर वैसे ही मुँह में रखकर जाएँ। प्रातः काल तक गला साफ हो जायेगा। गले के दर्द और सूजन में भी आराम आ जाता है। मुँह और गले के कष्टों के लिये सौंफ और मिश्री 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 भोजन के बाद दोनों समय आधा चम्मच सौंफ चबाने से मुख की अनेक बीमारियाँ और सूखी खाँसी दूर होती है, बैठी हुई आवाज़ खुल जाती है, गले की खुश्की ठीक होती है और आवाज मधुर हो जाती है। खराश-सूखी खाँसी के लिये अदरक और गुड 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 गले में खराश या सूखी खाँसी होने पर पिसी हुई अदरक में गुड़ और घी मिलाकर खाएँ। गुड़ और घी के स्थान पर शहद का प्रयोग भी किया जा सकता है। आराम मिलेगा। पेट में कीड़ों के लिये अजवायन और नमक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आधा ग्राम अजवायन चूर्ण में स्वादानुसार काला नमक मिलाकर रात्रि के समय रोजाना गर्म जल से देने से बच्चों के पेट के कीडे नष्ट होते हैं। बडों के लिये- चार भाग अजवायन के चूर्ण में एक भाग काला नमक मिलाना चाहिये और दो ग्राम की मात्रा में सोने से पहले गर्म पानी के साथ लेना चाहिये। अरुचि के लिये मुनक्का हरड़ और चीनी 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 भूख न लगती हो तो बराबर मात्रा में मुनक्का (बीज निकाल दें), हरड़ और चीनी को पीसकर चटनी बना लें। इसे पाँच छह ग्राम की मात्रा में (एक छोटा चम्मच), थोड़ा शहद मिला कर खाने से पहले दिन में दो बार चाटें। बदन के दर्द में कपूर और सरसों का तेल 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 10 ग्राम कपूर, 200 ग्राम सरसों का तेल - दोनों को शीशी में भरकर मजबूत ठक्कन लगा दें तथा शीशी धूप में रख दें। जब दोनों वस्तुएँ मिलकर एक रस होकर घुल जाए तब इस तेल की मालिश से नसों का दर्द, पीठ और कमर का दर्द और, माँसपेशियों के दर्द शीघ्र ही ठीक हो जाते हैं। जोड़ों के दर्द के लिये बथुए का रस 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 बथुआ के ताजा पत्तों का रस पन्द्रह ग्राम प्रतिदिन पीने से गठिया दूर होता है। इस रस में नमक-चीनी आदि कुछ न मिलाएँ। नित्य प्रातः खाली पेट लें या फिर शाम चार बजे। इसके लेने के आगे पीछे दो-दो घंटे कुछ न लें। दो तीन माह तक लें। पेट में वायु-गैस के लिये मट्ठा और अजवायन 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पेट में वायु बनने की अवस्था में भोजन के बाद 125 ग्राम दही के मट्ठे में दो ग्राम अजवायन और आधा ग्राम काला नमक मिलाकर खाने से वायु-गैस मिटती है। एक से दो सप्ताह तक आवश्यकतानुसार दिन के भोजन के पश्चात लें। फटे हाथ पैरों के लिये सरसों या जैतून का तेल 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 नाभि में प्रतिदिन सरसों का तेल लगाने से होंठ नहीं फटते और फटे हुए होंठ मुलायम और सुन्दर हो जाते है। साथ ही नेत्रों की खुजली और खुश्की दूर हो जाती है। सर्दी, बुखार, साँस के पुराने रोगों के लिये तुलसी 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तुलसी की 21 पत्तियाँ स्वच्छ खरल या सिलबट्टे (जिस पर मसाला न पीसा गया हो) पर चटनी की भाँति पीस लें और 10 से 30 ग्राम मीठे दही में मिलाकर नित्य प्रातः खाली पेट तीन मास तक खाएँ। दही खट्टा न हो। यदि दही माफिक न आये तो एक-दो चम्मच शहद मिलाकर लें। छोटे बच्चों को आधा ग्राम तुलसी की चटनी शहद में मिलाकर दें। दूध के साथ भूलकर भी न दें। औषधि प्रातः खाली पेट लें। आधा एक घंटे पश्चात नाश्ता ले सकते हैं। अधिक क्रोध के लिये आँवले का मुरब्बा और गुलकंद 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 बहुत क्रोध आता हो तो सुबह आँवले का मुरब्बा एक नग प्रतिदिन खाएँ और शाम को गुलकंद एक चम्मच खाकर ऊपर से दूध पी लें। क्रोध आना शांत हो जाएगा। घुटनों में दर्द के लिये अखरोट 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 सवेरे खाली पेट तीन या चार अखरोट की गिरियाँ खाने से घुटनों का दर्द मैं आराम हो जाता है। काले धब्बों के लिये नीबू और नारियल का तेल 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 चेहरे व कोहनी पर काले धब्बे दूर करने के लिये आधा चम्मच नारियल के तेल में आधे नीबू का रस निचोड़ें और त्वचा पर रगड़ें, फिर गुनगुने पानी से धो लें। कोलेस्ट्राल पर नियंत्रण सुपारी से 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 भोजन के बाद कच्ची सुपारी 20 से 40 मिनट तक चबाएँ फिर मुँह साफ़ कर लें। सुपारी का रस लार के साथ मिलकर रक्त को पतला करने जैसा काम करता है। जिससे कोलेस्ट्राल में गिरावट आती है और रक्तचाप भी कम हो जाता है। मसूढ़ों की सूजन के लिये अजवायन 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 मसूढ़ों में सूजन होने पर अजवाइन के तेल की कुछ बूँदें पानी में मिलाकर कुल्ला करने से सूजन में आराम आ जाता है। हृदय रोग में आँवले का मुरब्बा 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आँवले का मुरब्बा दिन में तीन बार सेवन करने से यह दिल की कमजोरी, धड़कन का असामान्य होना तथा दिल के रोग में अत्यंत लाभ होता है, साथ ही पित्त, ज्वर, उल्टी, जलन आदि में भी आराम मिलता है। शारीरिक दुर्बलता के लिये दूध और दालचीनी 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 दो ग्राम दालचीनी का चूर्ण सुबह शाम दूध के साथ लेने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है और शरीर स्वस्थ हो जाता है। दो ग्राम दालचीनी के स्थान पर एक ग्राम जायफल का चूर्ण भी लिया जा सकता है। हकलाना या तुतलाना दूर करने के लिये दूध और काली मिर्च 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 हकलाना या तुतलाना दूर करने के लिये 10 ग्राम दूध में 250 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर रख लें। 2-2 ग्राम चूर्ण दिन में दो बार मक्खन के साथ मिलाकर खाएँ। श्वास रोगों के लिये दूध और पीपल 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 एक पाव दूध में 5 पीपल डालकर गर्म करें, इसमें चीनी डालकर सुबह और ‘शाम पीने से साँस की नली के रोग जैसे खाँसी, जुकाम, दमा, फेफड़े की कमजोरी तथा वीर्य की कमी आदि रोग दूर होते हैं। अच्छी नींद के लिये मलाई और गुड़ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 रात में नींद न आती हो तो मलाई में गुड़ मिलाकर खाएँ और पानी पी लें। थोड़ी देर में नींद आ जाएगी। कमजोरी को दूर करने का सरल उपाय 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 एक-एक चम्मच अदरक व आंवले के रस को दो कप पानी में उबाल कर छान लें। इसे दिन में तीन बार पियें। स्वाद के लिये काला नमक या शहद मिलाएँ। घमौरियों के लिये मुल्तानी मिट्टी 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 घमौरियों पर मुल्तानी मिट्टी में पानी मिलाकर लगाने से रात भर में आराम आ जाता है। पेट के रोग दूर करने के लिये मट्ठा 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 मट्ठे में काला नमक और भुना जीरा मिलाएँ और हींग का तड़का लगा दें। ऐसा मट्ठा पीने से हर प्रकार के पेट के रोग में लाभ मिलता है। यह बासी या खट्टा नहीं होना चाहिये। खुजली की घरेलू दवा 〰〰〰〰〰〰〰 फटकरी के पानी से खुजली की जगह धोकर साफ करें, उस पर कपूर को नारियल के तेल मिलाकर लगाएँ लाभ होगा। मुहाँसों के लिये संतरे के छिलके 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 संतरे के छिलके को पीसकर मुहाँसों पर लगाने से वे जल्दी ठीक हो जाते हैं। नियमित रूप से ५ मिनट तक रोज संतरों के छिलके का पिसा हुआ मिश्रण चेहरे पर लगाने से मुहाँसों के धब्बे दूर होकर रंग में निखार आ जाता है। बंद नाक खोलने के लिये अजवायन की भाप 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 एक चम्मच अजवायन पीस कर गरम पानी के साथ उबालें और उसकी भाप में साँस लें। कुछ ही मिनटों में आराम मालूम होगा। चर्मरोग के लिये टेसू और नीबू 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 टेसू के फूल को सुखाकर चूर्ण बना लें। इसे नीबू के रस में मिलाकर लगाने से हर प्रकार के चर्मरोग में लाभ होता है। माइग्रेन के लिये काली मिर्च, हल्दी और दूध 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 एक बड़ा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण एक चुटकी हल्दी के साथ एक प्याले दूध में उबालें। दो तीन दिन तक लगातार रहें। माइग्रेन के दर्द में आराम मिलेगा। गले में खराश के लिये जीरा 〰〰〰〰〰〰〰〰 एक गिलास उबलते पानी में एक चम्मच जीरा और एक टुकड़ा अदरक डालें ५ मिनट तक उबलने दें। इसे ठंडा होने दें। हल्का गुनगुना दिन में दो बार पियें। गले की खराश और सर्दी दोनों में लाभ होगा। सर्दी जुकाम के लिये दालचीनी और शहद 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 एक ग्राम पिसी दालचीनी में एक चाय का चम्मच शहद मिलाकर खाने से सर्दी जुकाम में आराम मिलता है। टांसिल्स के लिये हल्दी और दूध 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 एक प्याला (200 मिलीली.) दूध में आधा छोटा चम्मच (2 ग्राम) पिसी हल्दी मिलाकर उबालें। छानकर चीनी मिलाकर पीने को दें। विशेषरूप से सोते समय पीने पर तीन चार दिन में आराम मिल जाता है। रात में इसे पीने के बात मुँह साफ करना चाहिये लेकिन कुछ खाना पीना नहीं चाहिये। ल्यूकोरिया से मुक्ति 〰〰〰〰〰〰 ल्यूकोरिया नामक रोग कमजोरी, चिडचिडापन, के साथ चेहरे की चमक उड़ा ले जाता हैं। इससे बचने का एक आसान सा उपाय- एक-एक पका केला सुबह और शाम को पूरे एक छोटे चम्मच देशी घी के साथ खा जाएँ 11-12 दिनों में आराम दिखाई देगा। इस प्रयोग को 21 दिनों तक जारी रखना चाहिए। मधुमेह के लिये आँवला और करेला 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 एक प्याला करेले के रस में एक बड़ा चम्मच आँवले का रस मिलाकर रोज पीने से दो महीने में मधुमेह के कष्टों से आराम मिल जाता है। मधुमेह के लिये कालीचाय 〰〰〰〰〰〰〰〰 मधुमेह में सुबह खाली पेट एक प्याला काली चाय स्वास्थ्यवर्धक होती है। चाय में चीनी दूध या नीबू नहीं मिलाना चाहिये। यह गुर्दे की कार्यप्रणाली को लाभ पहुँचाती है जिससे मधुमेह में भी लाभ पहुँचता है। उच्च रक्तचाप के लिये मेथी 〰〰〰〰〰〰〰〰 सुबह उठकर खाली पेट आठ-दस मेथी के दाने निगल लेने से उच्चरक्त चाप को नियंत्रित करने में सफलता मिलती है। माइग्रेन और सिरदर्द के लिये सेब 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 सिरदर्द और माइग्रेन से परेशान हों तो सुबह खाली पेट एक सेब नमक लगाकर खाएँ इससे आराम आ जाएगा। अपच के लिये चटनी 〰〰〰〰〰〰 खट्टी डकारें, गैस बनना, पेट फूलना, भूक न लगना इनमें से किसी चीज से परेशान हैं तो सिरके में प्याज और अदरक पीस कर चटनी बनाएँ इस चटनी में काला नमक डालें। एक सप्ताह तक प्रतिदिन भोजन के साथ लें, आराम आ जाएगा। मुहाँसों से मुक्ति 〰〰〰〰〰 जायफल, काली मिर्च और लाल चन्दन तीनो का पावडर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। रोज सोने से पहले 2-3 चुटकी भर के पावडर हथेली पर लेकर उसमें इतना पानी मिलाए कि उबटन जैसा बन जाए खूब मिलाएँ और फिर उसे चेहरे पर लगा लें और सो जाएँ, सुबह उठकर सादे पानी से चेहरा धो लें। 15 दिन तक यह काम करें। इसी के साथ प्रतिदिन 250 ग्राम मूली खाएँ ताकि रक्त शुद्ध हो जाए और अन्दर से त्वचा को स्वस्थ पोषण मिले। 15-20 दिन में मुहाँसों से मुक्त होकर त्वचा निखर जाएगी। जलन की चिकित्सा चावल से 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 कच्चे चावल के 8-10 दाने सुबह खाली पेट पानी से निगल लें। 21 दिन तक नियमित ऐसा करने से पेट और सीन की जलन में आराम आएगा। तीन माह में यह पूरी तरह ठीक हो जाएगी। दाँतों के कष्ट में तिल का उपयोग 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिल को पानी में 4 घंटे भिगो दें फिर छान कर उसी पानी से मुँह को भरें और 10 मिनट बाद उगल दें। चार पाँच बार इसी तरह कुल्ला करे, मुँह के घाव, दाँत में सड़न के कारण होने वाले संक्रमण और पायरिया से मुक्ति मिलती है। विष से मुक्ति 〰〰〰〰 10-10 ग्राम हल्दी, सेंधा नमक और शहद तथा 5 ग्राम देसी घी अच्छी तरह मिला लें। इसे खाने से कुत्ते, साँप, बिच्छु, मेढक, गिरगिट, आदि जहरीले जानवरों का विष उतर जाता है। खाँसी में प्याज 〰〰〰〰〰 अगर बच्चों या बुजुर्गों को खांसी के साथ कफ ज्यादा गिर रहा हो तो एक चम्मच प्याज के रस को चीनी या गुड मिलाकर चटा दें, दिन में तीन चार बार ऐसा करने पर खाँसी से तुरंत आराम मिलता है। स्वस्थ त्वचा का घरेलू नुस्खा 〰〰〰〰〰〰〰〰 नमक, हल्दी और मेथी तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, नहाने से पाँच मिनट पहले पानी मिलाकर इनका उबटन बना लें। इसे साबुन की तरह पूरे शरीर में लगाएँ और 5 मिनट बाद नहा लें। सप्ताह में एक बार प्रयोग करने से घमौरियों, फुंसियों तथा त्वचा की सभी बीमारियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही त्वचा मुलायम और चमकदार भी हो जाती है। पेट साफ रखे अमरूद 〰〰〰〰〰〰〰 कब्ज से परेशान हों तो शाम को चार बजे कम से कम 200 ग्राम अमरुद नमक लगाकर खा जाएँ, फायदा अगली सुबह से ही नज़र आने लगेगा। 10 दिन लगातार खाने से पुराने कब्ज में लाभ होगा। बाद में जब आवश्यकता महसूस हो तब खाएँ। बीज पपीते के स्वास्थ्य हमारा 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पके पपीते के बीजों को खूब चबा-चबा कर खाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है। इन बीजों को सुखा कर पावडर बना कर भी रखा जा सकता है। सप्ताह में एक बार एक चम्मच पावडर पानी से फाँक लेन पर अनेक प्रकार के रोगाणुओं से रक्षा होती है। मुलेठी पेप्टिक अलसर के लिये 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 मुलेठी के बारे में तो सभी जानते हैं। यह आसानी से बाजार में भी मिल जाती है। पेप्टिक अल्सर में मुलेठी का चूर्ण अमृत की तरह काम करता है। बस सुबह शाम आधा चाय का चम्मच पानी से निगल जाएँ। यह मुलेठी का चूर्ण आँखों की शक्ति भी बढ़ाता है। आँखों के लिये इसे सुबह आधे चम्मच से थोड़ा सा अधिक पानी के साथ लेना चाहिये। सरसों का तेल केवल पाँच दिन 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 रात में सोते समय दोनों नाक में दो दो बूँद सरसों का तेल पाँच दिनों तक लगातार डालें तो खाँसी-सर्दी और साँस की बीमारियाँ दूर हो जाएँगी। सर्दियों में नाक बंद हो जाने के दुख से मुक्ति मिलेगी और शरीर में हल्कापन मालूम होगा। भोजन से पहले अदरक 〰〰〰〰〰〰〰 भोजन करने से दस मिनट पहले अदरक के छोटे से टुकडे को सेंधा नमक में लपेट कर [थोड़ा ज्यादा मात्रा में ] अच्छी तरह से चबा लें। दिन में दो बार इसे अपने भोजन का आवश्यक अंग बना लें, इससे हृदय मजबूत और स्वस्थ बना रहेगा, दिल से सम्बंधित कोई बीमारी नहीं होगी और निराशा व अवसाद से भी मुक्ति मिल जाएगी। अजवायन का साप्ताहिक प्रयोग 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 सुबह खाली पेट सप्ताह में एक बार एक चाय का चम्मच अजवायन मुँह में रखें और पानी से निगल लें। चबाएँ नहीं। यह सर्दी, खाँसी, जुकाम, बदनदर्द, कमर-दर्द, पेटदर्द, कब्जियत और घुटनों के दर्द से दूर रखेगा। 10 साल से नीचे के बच्चों को आधा चम्मच 2 ग्राम और 10 से ऊपर सभी को एक चम्मच यानी 5 ग्राम लेना चाहिए। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

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Madan Kaushik May 6, 2021

***अपना पोस्ट*** **नक्षत्रवाणी** *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻*  गजाननं भूतगनादि सेवितम, कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम। उमासुतं शोकविनाशकारकम, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम।। श्रीमते रघुवीराय सेतूल्लङ्घितसिन्धवे। जितराक्षसराजाय रणधीराय मङ्गलम्।। - भुजगतल्पगतं घनसुन्दरं गरुडवाहनमम्बुजलोचनम् । नलिनचक्रगदाकरमव्ययं भजत रे मनुजाः कमलापतिम् ।।  क्यों भटके मन बावरा, दर-दर ठोकर खाये...! शरण श्याम की ले ले प्यारे, जनम सफल हो जाये...!! 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मित्रों...! सबसे पहले तो नित्यप्रति आपकी प्रिय पोस्ट "नक्षत्रवाणी" की पोस्टिंग में होने वाले विलंब के लिए आप सभी से हृदयपूर्वक क्षमा प्रार्थना सहित...🙏🙏 आप सभी परम प्रिय धर्मपारायण, ज्योतिषविद्या प्रेमी विद्वतजनों को आचार्य/पं.मदन तुलसीराम जी कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले) की ओर से सादर-सप्रेम 🌸 जय गणेश 🌸 जय अंबे 🌸 *जय श्री कृष्ण*🌷मंगल प्रभात🌷इसी के साथ आप सभी सनातनी, धर्म-उत्सवप्रेमी, राम-कृष्ण-हरि-शिवभक्त, शक्ति उपासक व राष्ट्रप्रेमियों को आज पवित्र **वैशाख कृष्ण/अंधेर पक्ष/बदी दशमी/दसमी** की बहुत-बहुत हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं...!!!** ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ आइये...! अब चलें आपके प्रिय पोस्ट 'नक्षत्रवाणी' के अंतर्गत आज कुछ विशेष महत्वपूर्ण जानकारी, दृकपंचांग, चन्द्र राशिफल' एवं 'आरोग्य मंत्र' की ज्ञानयात्रा पर...🙏 ```༺⊰🕉⊱༻ ``` *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻* ☘️🌸!! ॐ श्री गणेशाय नमः!! 🌸☘️ ****************************** 𴀽𴀊🕉श्री हरिहरौविजयतेतराम्🕉 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :- आज दिनांक **०६ मई सन-२०२१/06 मई-2021 ईस्वी** बृहस्पतिवार/गुरूवासर/Thursday* *🇮🇳 राष्ट्रीय सौर वैशाख, दिनांक १५* *चैत्र (मधुमास)* प्रस्तुत है ««« *आज का दृकपंचांग:««« 👉 ध्यान दें **यहाँ दिये गए तिथि, नक्षत्र, योग व करण आदि के समय इनके समाप्ति काल हैं और सूर्योदयास्त व चंद्रोदय का गणना स्थल मुंबई हैं।** कलियुगाब्द......5122 (५१२२) विक्रम संवत्.....२०७८/2078 (आंनद नाम) शक संवत्......१९४३/1943 मास....वैशाख (सं./हिंदी)/बैसाख (मारवाड़ी/पंजाबी) पक्ष.....कृष्ण/अंधेर पक्ष/बदी/लागतो बैशाख **तिथी...(१०/10) दशमी/दसमी** *अपराह्न/दिन 14:10 पर्यंत पश्चात एकादशी* **वार/दिन.....गुरुवासर/बृहस्पतिवार/भिसपत/Thursday** **नक्षत्र.........धनिष्ठा 🌠** *पूर्वाह्न/प्रातः 10:32 पश्चात शतभिषा योग:-ऐन्द्र 19:22 पश्चात वैधृति करण:-विष्टि/भद्रा 14:10, बव 26.47 सूर्योदय.......प्रातः 06.08.00 पर सूर्यास्त........सांय 07.03.00 पर चंद्रोदय........रात्रि 03.31.00 पर। रवि(अयन-दृक)......उत्तरायण रवि(अयन-वैदिक)...उत्तरायण **ऋतु (दृक).....ग्रीष्म** **ऋतु वैदिक)...वसंत** **सूर्य राशि.......मीन** **चन्द्र राशि......कुंभ (29.55 बजे यानि रात्रि/ अगले दिन प्रातः 05.55 तक पश्चात् मीन)** **गुरु राशी.......कुंभ (पूर्व में उदय, मार्गी)** 🚦 *दिशाशूल :-* दक्षिण दिशा- यदि बहुत ही आवश्यक हो तो लड्डू/दही/केसर या ज़ीरा सेवन करके यात्रा प्रारंभ करें। ☸ शुभ अंक....६/6 🔯 शुभ रंग...... पीत/पीला/सुनहरा/केसरिया ⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-* मध्याह्न 12.09 से 13.01 तक। 👁‍🗨 *राहुकाल :-* अपराह्न/दिन 14:12 से 15:49 तक ⚜️ *गुलिक काल :-* पूर्वाह्न/प्रातः 09.22 से 10.58 तक। ************************* 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *मेष* 04:58:44 06:39:33 *वृषभ* 06:39:33 08:38:03 *मिथुन* 08:38:03 10:51:45 *कर्क* 10:51:45 13:07:55 *सिंह* 13:07:55 15:19:44 *कन्या* 15:19:44 17:30:23 *तुला* 17:30:23 19:45:01 *वृश्चिक* 19:45:01 22:01:11 *धनु* 22:01:11 24:06:49 *मकर* 24:06:49 25:53:57 *कुम्भ* 25:53:57 27:27:31 *मीन* 27:27:31 28:58:44 ✡ *चौघडिया :-* 🌞चोघङिया दिन🌞 शुभ:-05:49से07:30तक चंचल:-10:50से12:30तक लाभ:-12:30से14:10तक अमृत:-14:10से15:50तक शुभ:-17:30से19:06तक 🌓चोघङिया रात🌗 अमृत:-19:06से20:26तक चंचल:-20:26से21:46तक लाभ:-00:26से01:46तक शुभ:-03:06से04:26तक अमृत:-04:26से05:49तक *****""""""******"""*******"""******** आज के विशेष योगायोग/युति संयोग, वेध, ग्रहचार (ग्रहचाल), व्रत/पर्व/प्रकटोत्सव, जयंती/जन्मोत्सव व मोक्ष दिवस/स्मृतिदिवस/पुण्यतिथि आदि 🙏👇:- 👉 **आज वैशाख कृष्ण/अंधेर पक्ष/सुदी गुरुवासर/बृहस्पतिवार/Thursday को हिंदु नववर्ष/विक्रमी संवत् का 24 वाँ/चौबीसवां दिन, बैशाख बदी दशमी/दसमी अपराह्न/दिन 14:10 पर्यंत पश्चात एकादशी, भद्रा अपराह्न/दिन 14:10 तक, पंचक ज़ारी, मुनि सुब्रतनाथ जयंती (जैन)।** ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ 🙏📿*आज का आराधना मंत्र🙏:- **🕉 ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः‼️🎪🚩* *🚩🕉️ ॐ गरुड़वाहनाय नमः।। 🎪🚩* 📿 *आज का उपासना मंत्र :- ।। ॐ पुंडरीकाक्षाय नम: ।। ।। ॐ विष्णवे नमः।। *********************** ⚜ 👉🙏☸*महत्वूर्ण तिथि विशेष :*🚩 **वैशाख कृष्ण पक्ष/बदी दशमी/दसमी।** 🙏 💥 **विशेष ध्यातव्य👉 दशमी/दसमी को परवल/कलंबी का किसी भी रूप में सेवन करना धन व बुद्धिनाशक होने से पूर्णतः वर्जित है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)।* साभार: 🌞 *~हिन्दू पंचांग ~* 🌞।** 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 👉 **🏡वास्तु टिप्स🏢🏡 1) गृहवास्तु विज्ञान के अनुसार बाहरी द्वार से भीतरी द्वार का बाई तरफ होना 'उपसव्य द्वार कहलाता है, जो अशुभ होता है तथा बंधु-बांधवों में कमी का कारण होता है। यथासंभव इससे बचें। 2) गृहवास्तु के अनुसार यथासंभव शयनकक्ष में दर्पण न लगाएँ। इससे घर के सदस्यों के विचारों में मतभेद और कलह की स्थिति उत्पन्न होती रहती है।** 3) यदि आपके घर से अगर अकारण ही बरकत जा रही है या आपको नेगेटिव एनर्जी दिख रही है या परिवार में निरंतर कलह रहता है, तो कपूर और फिटकरी को पीस के गौझारण (गौमूत्र) जो बहुत ही आसानी से मिल जाता है (अन्यथा पतंजलि आदि का ले लें), इससे घर मे पोछा लगाने वाले क्लीनर या पानी मे मिला लें और रोज़ सुबह-शाम घर मे पोछा लगाये और गंगाजल का पूजा-आरती के बाद छिड़काव भी करें फिर चमत्कारिक परिवर्तन देखें। 4) **घर की मुख्य सीढ़ियाँ सदैव दक्षिण या पश्चिम की ओर होनी चाहिए। ईशान में कभी भी होनी चाहिए। विशेष परस्थिति में वायव्य तथा आग्नेय कोण में बना सकते हैं। *****""""""******"""*******"""********  *संस्कृत सुभाषितानि :-* स्पृशन्नपि गजो हन्ति जिघ्रन्नपि भुजंगमः । हसन्नपि नृपो हन्ति मानयन् अपि दुर्जनः ॥ अर्थात :- स्पर्श करने से हाथी, सुंघने से सर्प, और हसते-हसते राजा (अन्य को) मार देता है। वैसे ही मान देनेके बावजुद दुर्जन मानव को मार देता है । *सुविचार* भूमि, कीर्ति, यश और लक्ष्मी, सत्य का अनुसरण करने वाले व्यक्ति की प्रार्थना करते हैं। 👍🏻 *💊💉आरोग्य मंत्र 🌿🍃* भैंस का दूध पीने, कन्द खाने व अधिक भोजन करने से नींद अधिक आती हैं। इसलिए स्फूर्ति चाहने वाले व्यक्ति को गाय का दूध पीना चाहिए तथा अल्पाहारी होना चाहिए। *कैंसर -* शक्तिशाली एंटी ऑक्सीडेंट्स वाली हींग लगातार खाने पर यह फ्री रेडिकल्स से शरीर का बचाव करती है. इसकी कैंसर प्रतिरोधी क्षमता कैंसर कोशिकाओं के विकास में रूकावट पैदा करती है. *अपच -* अपच होने पर हींग रामबाण साबित होती है. इसमें एंटी इनफ्लेमटरी और एंटी ऑक्सीडेंट्स पाये जाते हैं जो अपच को दूर करते हैं. हींग कब्ज की समस्या को भी दूर करती है. पेट पर विशेषकर नाभि के आसपास गोलाई में इस पानी का लेप करने से पेट दर्द, पेट फूलना और पेट का भारीपन जैसी पीड़ादायी समस्या दूर हो जाती है. *****""""""******"""*******"""******** ⚜*🐑🐂🦔 आज का संभावित चन्द्र राशिफल🦂🐊🐟:- 👉 किंतु पहले सबसे एक करबद्ध निवेदन🙏 मित्रों सर्वप्रथम तो कुछ तकनीकी कारणों से आपको आपकी प्रिय पोस्ट नक्षत्रवानी विलंब से मिल पाती है इसके लिए मैं आप सभी से क्षमा प्रार्थी हूँ। तत्पश्चात मैं निवेदन करना चाहता हूँ कि आपकी इस परमप्रिय ज्ञानवर्धक 'अपना पोस्ट' *नक्षत्रवाणी* को आप जितना हो सकता हो उतना लाइक-शेयर तथा फॉरवर्ड तो करें ही, आलस्य त्याग कर कृपया इसपर अपनी बुद्धि व विवेक के अनुसार अपने सही-सही कमैंट्स भी अवश्य करें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मुझे निराश नहीं करेंगे और अपने फीडबैक से व लाइक/सराहना करके भी अवश्य ही मेरा उत्साहवर्धन करेंगे। नक्षत्रवाणी के संदर्भ में आप सभी के बहुमूल्य सुझाव भी सदैव सादर आमंत्रित हैं।धन्यवाद...!!! **ख़ुशख़बर।। सबसे बड़ी ख़ुशख़बर।।**👇 Free। फ्री।। Free।।। फ्री।।।। Free।।।।। फ्री।।।।।।👇 🙏👉 किसी 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करें। जल्दी रिप्लाई ना मिलने पर आप कॉल भी कर सकते हैं। धन्यवाद...!!!** 🙏ध्यान दें मित्रों 👉 **जिनका भी 'FB यानि फ़ेसबुक' अकाउंट नहीं है और जो पाठकगण हमारे द्वारा भेजे जा रहे 'FB लिंक' के माध्यम से 'नक्षत्रवाणी पोस्ट' नहीं देख या पढ़ पा रहे हों वे इसके बारे में हमें अविलंब बताएं ताकि उन्हें बिना FB लिंक वाली 'पूरी पोस्ट' भेजी जा सके। इसके अलावा जिन पाठक गणों को नक्षत्रवाणी पोस्ट एक से अधिक बार प्राप्त हो रही हो, वे भी हमें तुरंत सूचित करने की कृपा करें ताकि उन्हें हमारी एक से अधिक ब्रॉडकास्ट लिस्ट्स/BCLs से उन्हें रिमूव किया जा सके। आप हमें प्रतिक्रिया नहीं देते हैं तो हमें तो यही लगेगा कि आप को नक्षत्रवाणी केवल एक ही बार प्राप्त हो रही है। इसलिए हमें सूचित अवश्य करें। धन्यवाद...!!! *****""""""******"""*******"""******** देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत् ।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिंतयेत।। ☀️ मेष राशि :- आज आप बहुत खुश रहेंगे, आपकी खुशियों में कोई बाधा नहीं आएगी। शायद आपको पता नहीं कि आपका सकारात्मक व्यवहार आपके काम में दिखाई देगा, इससे आपके सहकर्मी भी आपसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेंगे। आपको इस समय का पूरा फायदा उठाते हुए अपने सभी अधूरे कामों को पूरा कर लेना चाहिए। ☀️ वृषभ राशि :- आज आपके घर पर समुद्र पार से मेहमानों के आने की प्रबल संभावना है। इससे आपके घर पर खुशियां छाई रहेंगी। अगर आप काम में व्यस्त भी हैं तो भी समय निकाल कर उनके साथ का आनंद लें। आपके दोस्तों का साथ आपको बहुत खुशियां देगा। ☀️ मिथुन राशि :- आज आपको खूब पहचान मिलेगी। आज आप जिस मुकाम पर हैं वो आपकी स्पष्टता और अच्छी संप्रेषण कला की वजह से ही है। आप और अधिक सफलता पाने के अपने प्रयासों को जारी रखें और अपने अहम को अपने रास्ते में ना आने दें। इससे लोग आपका आदर करते रहेंगे। ☀️ कर्क राशि :- आज भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए ये समय बहुत ही अच्छा है। आप में से जो लोग परेशानी को सामना कर रहे हैं उन्हें अपनी रणनीति में परिवर्तन करना चाहिए ताकि आप अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकें। ये सब करने के लिए आज से ज्यादा बेहतर दिन हो ही नहीं सकता। आपका यही कदम आपके भविष्य के लिए शुभ फल दायक रहेगा। ☀️ सिंह राशि :- आज आप उन चीजों को महत्व दें जो सच में आपके लिए महत्वपूर्ण हैं। आपको अपने परिवार, दोस्तों और काम के बीच संतुलन बनाना चाहिए। कभी-कभी आपको ये भी लगा होगा कि हर काम में सही संतुलन ना बना पाने के कारण आपकी प्राथमिकताएं पूरी नहीं हो पाई हैं। इन मुद्दों को ले कर अगर आज आप सोच-विचार करें और योजना बनाएं तो आपके दिमाग में स्पष्टता आएगी। ☀️ कन्या राशि :- आज आपका कोई प्रियजन आपके लिए कोई खुशखबरी ले कर आएगा और आपको उस पर गर्व होगा। खुशियों का उत्सव मनाने का समय है क्योंकि आपको कोई नजदीकी कुछ खास हासिल कर सकता है। उनको कोई इनाम, अच्छे अंक या फिर खूब सारी प्रशंसा मिल सकती है। उनको और अधिक प्रोत्साहन दें और शाबाशी देना बिल्कुल ना भूलें। ☀️ तुला राशि :- आज शायद आप खुद को अपनी इच्छाओं और जिम्मेदारियों के बीच झूलता हुआ पाएंगे। एक तरफ आप सामाजिक समारोह में बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहेंगे और दूसरी तरफ आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि आप अपना काम भी समय पर पूरा करें। ये संतुलन बनाए रखना तो कभी भी आपकी परेशानी थी ही नहीं। तो फिर देर किस बात की है सब को खुश रखें। ☀️ वृश्चिक राशि :- आज आप अपने गुस्से पर पूरी तरह से काबू रखें। ऐसा करके आप उस शांति को कायम रखेंगे जिसका मजा आप अब तक ले रहे थे। आज जो मुद्दा आपको बड़ा लग रहा है वही बात कल आपको छोटी लगेगी। इसलिए आप इस मुद्दे को प्यार से ही सुलझाने की कोशिश करें। ☀️ धनु राशि :- आज आपको लगेगा कि आप बहुत भाग्यशाली हैं आपके आस-पास के लोगों को भी ऐसा ही लगेगा। आज आप अपने परिवार व कार्यालय के लोगों के लिए भी भाग्यशाली साबित होंगे। इस अवसर का फायदा उठाते हुए दूसरों की मदद करें। वो आपको इसके लिए सराहेंगे। ☀️ मकर राशि :- आज आप मानसिक शांति से वंचित रहेंगे। अच्छा होगा कि आप कुछ मनोरंजक गतिविधियों में भाग लें। आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने भी जा सकते हैं। अगर ना भी जा पाएं तो फोन पर ही अपने किसी प्रियजन से बात कर लीजिए। आपका दिल खुश हो जाएगा। आप ज्यादा चिंता ना करें क्योंकि आपको आपकी मानसिक शांति जल्दी ही वापस मिलेगी। ☀️ कुंभ राशि :- आज शायद आप अपने दोस्तों के साथ कहीं मौज-मस्ती करने निकल जाएं। ये यात्रा एक दिन की या लंबे समय की हो सकती है। जैसी भी हो लेकिन आप इस यात्रा पर खूब मजे करेंगे। इस यात्रा को आप हमेशा याद रखेंगे। ☀️ मीन राशि :- आज आपके आस-पास के लोग आपके मधुर व्यवहार को देख कर हैरान रह जाएंगे। आप सबकी मदद करने के लिए आगे रहेंगे। आज आप पाएंगे कि जिन्दगी के प्रति आपका नजरिया पूरी तरह से बदल गया है। ध्यान रखें कि ये बदलाव सिर्फ बाहर से ही नहीं बल्कि भीतर से भी हो। ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह की वर्षगांठ हैं, उन सभी प्रिय मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉* ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ और ज़रा इन बातों पर भी ज़रूर ध्यान दें मित्रों...! अगर...??? 1) खूब मेहनत के बाद भी या व्यापार-व्यवसाय में पर्याप्त इन्वेस्टमेंट करने के बाद भी आप अकारण आर्थिक दृष्टी से निरंतर पिछड़ते ही जा रहे हैं....? 2) एक ही नौकरी में लम्बे समय तक कार्य नहीं कर पाते हैं या वहां दिल से काम करते हुए भी आपको कोई पूछता ही नहीं है...? आपकी प्रमोशन ड्यू है कब से लेकिन आप बस दूसरों को आगे बढ़ते देख कर अपने नसीब को कोस रहे हैं...? आपके प्रतिद्वंदी अलग से परेशान करते रहते हैं...? 3) आपस में निरंतर अकारण क्लेश होता रहता है..? 4) शेयर मार्किट से कमाना चाहते हैं पर हर बार नुकसान उठा बैठते हैं...? 5) बीमारी आपको छोड़ ही नहीं रही है...? घर का हर एक व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से त्रस्त है...? आमदनी का एक बड़ा हिस्सा हमेशां इसी पर खर्च हो जाता है...? 6) अकारण ही विवाह योग्य बच्चों के विवाह में दिक्कतें आ रही हैं...? 7) शत्रुओं ने आपकी रात की नींद और दिन का चैन हराम किया हुआ है...? 8) पैतृक सम्पति विवाद सुलझ ही नहीं रहा है...? और संपति केवास्तविक हकदार आप हैं तथा आप इसे अपने हक में सुलझना चाहते हैं...? 9) विदेश यात्रा या विदेश में सेटलमेंट को लेकर बहुत समय से परेशान हैं...? 10) आपको डरावने सपने आते हैं..? सपने में सांप या भूत-प्रेत या ऐसे ही नींद उड़ाने वाले दृश्य दीखते हैं...? 11) फिल्म या मीडिया में बहुत समय से संघर्ष के बाद भी सफलता​ नहीं मिल रही...? 12) राजनीति को ही आप अपना कैरियर बनाना चाहते हैं पर आपको कुछ भी समझ नहीं आ रहा...? यदि हाँ...??? तो यह सब अकारण ही नहीं है...! इसके पीछे बहुत ठोस कारण हैं जो कि आपकी जन्म कुंडली या आपके घर-आफिस का वास्तु देखकर या आपकी जन्मकुंडली भी ना होने की स्थिति में हमारे दीर्घ अध्ययन और प्रैक्टिकल ज्योतिषीय अनुभव के आधार पर अन्य विधियों से जाने जा सकते हैं...? तो अब आप और देरी ना करें और तुरंत हमें फोन करें...! आपकी उन्नति निश्चित है और आपकी मंजिल अब दूर नहीं...! ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ प्रस्तुति: आचार्य मदन टी.कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले, मूल निकास: गौड़ बंगाल एवं तत्पश्चात ढाणी भालोट-झुंझनूँ-राज.) (चयनित/Appointed/) ज्योतिष एवं वास्तु शोध वैज्ञानिक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष: TARF, Dadar-Mumbai साभार: बाँके बिहारी (धुरंधर वैदिक विद्वानों का अद्वितीय वैश्विकमंच) कार्यकारी अध्यक्ष: एस्ट्रो-वर्ल्ड मुंबई व सिरसा (सभी दैहिक दैविक भौतिक समस्याओं का एक ही जगह सटीक निदान व स्थायी समाधान) अध्यक्ष: सातफेरे डॉट कॉम मुंबई व सिरसा (आपके अपनों के दिव्य एवं सुसंस्कारी वैवाहिक जीवन की झटपट शुरूआत हेतु अनूठा संस्थान) नोट: हमारी या हमारे संस्थान 'एस्ट्रो-वर्ल्ड' तथा आपके अपनों के वैवाहिक जीवन सम्बन्धी सभी समस्याओं का एकमात्र हल एवं विश्व के इस सबसे अनूठे मंच 'सातफेरे डॉट कॉम' मुंबई या सिरसा की किसी भी प्रकार की गरिमापूर्ण सेवा जैसे वैज्ञानिकतापूर्ण ज्योतिष-वास्तु मार्गदर्शन, सभी प्रकार के मुहूर्त शोधन, नामकरण संस्कार, विवाह संस्कार या अन्य कोई भी वैदिक पूजा-अनुष्ठान आयोजित करवाने, रत्न अभिमन्त्रण, सभी राशिरत्न-उपरत्न, मणि-माणिक्य, दक्षिणावर्ती शँख (जो कि घर में विधिवत रखने मात्र से ही बदल दे आपका भाग्य हमेशां-2 के लिए...!), सियारसिंगी, भुजयुग्म (हत्थाजोड़ी, जो तिज़ोरी आपकी कभी ख़ाली ना होने दे), नागकेसर, विविध प्रकार के वास्तु पिरामिडज एवं अन्य कई प्रकार की सौभाग्यवर्धक वस्तुओं की प्राप्ति हेतु हमारे... सम्पर्क सूत्र: 9987815015 / 9991610514 ईमेल आई डी: [email protected] 🌺आपका दिन आदि वैद्य (भगवान धन्वंतरि जी) की कृपा से परम मंगलमय हो मित्रो! *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩* 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩 ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※

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