🙏🌹जय गंगा मैया की 🌹🙏आज अगस्त 10 प्रातःकाल के शुभ दर्शन माँ गंगा जी के ऋषिकेश हरिद्वार से 🌹🙏 क्या आप जानते हैं महामृत्युंजय मंत्र की रचना क्यों और किसने की । ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ देवाधिदेव महादेव ही एक मात्र ऐसे भगवान हैं, जिनकी भक्ति हर कोई करता है, चाहे वह इंसान हो, राक्षस हो, भूत-प्रेत हो अथवा देवता हो, यहां तक कि पशु-पक्षी, जलचर, नभचर, पाताललोक वासी हो अथवा बैकुण्ठवासी हो, शिव की भक्ति हर जगह हुई और जब तक दुनिया कायम है, शिव की महिमा गाई जाती रहेगी। शिव पुराण कथा के अनुसार शिव ही ऐसे भगवान हैं, जो शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनचाहा वर दे देते हैं, वे सिर्फ अपने भक्तों का कल्याण करना चाहते हैं, वे यह नहीं देखते कि उनकी भक्ति करने वाला इंसान है, राक्षस है, भूत-प्रेत है या फिर किसी और योनि का जीव है, शिव को प्रसन्न करना सबसे आसान है। शिवलिंग की महिमा अपरम्पार है, शिवलिंग में मात्र जल चढ़ाकर या बेलपत्र अर्पित करके भी शिव को प्रसन्न किया जा सकता है, इसके लिए किसी विशेष पूजन विधि की आवश्यकता नहीं है, एक कथा के अनुसार वृत्तासुर के आतंक से देवता भयभीत थे, वृत्तासुर को श्राप था कि वह शिव पुत्र के हाथों ही मारा जायेगा। इसलिए पार्वती के साथ शिवजी का विवाह कराने के लिए सभी देवता चिंतित थे, क्योंकि भगवान शिव समाधिस्थ थे और जब तक समाधि से उठ नहीं जाते, विवाह कैसे होता? देवताओं ने विचार करके रति व कामदेव से शिव की समाधि भंग करने का निवेदन किया, कामदेव ने शिवजी को जगाया तो क्रोध में शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया, रति विलाप करने लगी तो शिव ने वरदान दिया कि द्वापर में कामदेव भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न के रूप में जन्म लेंगे। इस बात में तो सभी यकीन करते होंगे, कि वक़्त से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता, पर यह सभी जानते है कि वक़्त और किस्मत पर भी विजयी हो सकते हैं, अगर आप भगवान् भोलेनाथ की असीम शक्ति में विश्वास रखते है, इसके उदाहरण स्वरुप मैं एक कथा बताना चाहूंगा। भगवान शिव यानि देवाधिदेव महादेव को तो सब जानते हैं जो परमपिता परमेश्वर, जगत के स्वामी और सब देवो के देव है, कथा से पहले आपको यह बता दूँ की यह वह समय हैं, जब महादेव की अर्धांगिनी देवी पार्वती, बाल्यवस्था में अपनी माता मैना देवी के साथ मार्कंडय ऋषि के आश्रम में रहती थी, और पार्वती देवी एक दिन असुरो के कारण संकट में पड़ गयी और महादेव ने उनके प्राणों की रक्षा की। मैना ने जब अपनी पुत्रि की जान पर आई आपदा के बारे में सुना तो वह अत्यंत दुखी और भयभीत हो गयी, पर ऋषि मार्कंडय ने उन्हें जब बताया कि कैसे महादेव ने देवी पार्वती की रक्षा की, पर वह तब भी संतोष न कर सकी, मैना देवी विष्णु भगवान की उपासक थी, जिस वजह से शिव की महिमा में ज़रा भी विश्वास नहीं रखती थी, शिवजी ठहरे वैरागी और श्मशान में रहने वाले तो भला वह कैसे उनकी पूजा करे। तत्पश्चात ऋषि मार्कंडय ने मैना को शिव भगवान की महिमा के बारे में बताने का विचार किया, और उनको यह कथा विस्तार से बताई- जब मार्कंडय ऋषि केवल ग्यारह वर्ष के थे, तब उनके पिता ऋषि मृकण्डु को गुरुकूल आश्रम के गुरु से यह ज्ञात हुआ की मार्कंडय की सारी शिक्षा-दीक्षा पूर्ण हो चुकी है और अब वह उन्हें अपने साथ ले जा सकते है। क्योंकि उन्होंने सारा ज्ञान इतने कम समय में ही अर्जित कर लिया और अब उनको और ज्ञान देने के लिए कुछ शेष नहीं था, यह जानने के बाद भी की उनका पुत्र मार्कंडय इतना बुद्धिमान और ज्ञानवान है, उनके माता पिता खुश नहीं हुयें, मार्कंडय ने जब पूछा की उनके दुःख का कारण क्या है? तब उनके पिता ने उनके जन्म की कहानी बताई कि पुत्र की प्राप्ति हेतु उन्होंने और उनकी माता ने कई वर्षो तक कठिन और घोर तप किया है। तब भगवान् महादेव प्रसन्न होकर प्रकट हुयें, और उनको इस बात से अवगत कराया की उनके भाग में संतान सुख नहीं है, परन्तु उनके तप से प्रसन्न होकर उनको पुत्र का वरदान दिया, और उनसे पूछा की वह कैसा पुत्र चाहते है, जो बुद्धिवान ना हो पर उसकी आयु बहुत ज्यादा हो या ऐसा पुत्र जो बहुत बुद्धिमान हो परन्तु जिसकी आयु बहुत कम हो। मृकण्डु और उनकी पत्नी ने कम आयु वाला पर बुद्धिमान पुत्र का वरदान माँगा, महादेवजी ने उनको बताया की यह पुत्र केवल बारह वर्ष तक ही जीवित रहेगा, वह फिर विचार कर ले, पर उन्होंने वही माँगा और महादेव उनको वरदान देकर भोलेनाथ अंतर्ध्यान हो गये, ऋषि मृकंदु ने यह सब अपने पुत्र को बताया, जिसको सुनने के बाद वह बहुत दुःखी हुआ, यह सोचकर की वह अपने माता -पिता की सेवा नहीं कर सकेगा। परन्तु बालक मार्कंडय ने उसी समय यह निर्णय किया की वह अपनी मृत्यू पर विजय प्राप्त करेंगे और भगवान शिव की पूजा से यह हासिल करेंगे, बालक मार्कंडय ग्यारह वर्ष की आयु में वन को चले गयें, लगभग एक वर्ष के कठिन तप के दौरान उन्होंने एक नए मंत्र की रचना की जो मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सके, वह है- "ॐ त्रियम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनं, उर्वारुकमिव बन्धनात मृत्योर्मोक्षिय मामृतात्" जब वह 12 वर्ष के हुए तब यमराज उनके सामने, प्राण हरण के लिये प्रकट हो गये, बालक मार्कंडय ने यमराज को बहुत समझया और याचना की, कि वह उनके प्राण बक्श दे, परन्तु यमराज ने एक ना सुनी और और वह यमपाश के साथ उनके पीछे भागे बालक मार्कंडय भागते-भागते वन में एक शिवलिंग तक पहुचे जिसे देख कर वह उनसे लिपट गये, और भगवान् शिव का मंत्र बोलने लगे जिसकी रचना उन्होंने स्वयं की थी। यमराज ने बालक मार्कंडय की तरफ फिर से अपना यमपाश फेका परन्तु शिवजी तभी प्रकट हुए और उनका यमपाश अपने त्रिशूल से काट दिया, बालक मार्कंडय शिवजी के चरणों में याचना करने लगे की वह उनको प्राणों का वरदान दे, परन्तु महादेव ने उनको कहा की उन्होंने ही यह वरदान उनके माता-पिता को दिया था, इस पर बालक मार्कंडय कहते है कि यह वरदान तो उनके माता पिता के लिये था ना कि उनके लिये? यह सुनकर महादेव बालक मार्कंडय से अत्यंत प्रसन्न होते है और उनको जीवन का वरदान देते है, भगवान् भोलेनाथ ने यमराज को आदेश देते है की वह इस बालक के प्राण ना ले, कथा से क्या इस बात पर पुन: विचार करने का मन होता है की भक्ति में बहुत शक्ति है, ऐसा क्या नहीं है जो इस संसार में ईश्वर की भक्ति करने से प्राप्त ना किया जा सके, भगवान् भोलेनाथ की भक्ति और शक्ति की महिमा का बहुत बड़ा महात्म्य है। जय महादेव!

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कामेंट्स

Ranveer Soni Aug 10, 2020
🌹🌹जय गंगा मैया🌹🌹

Shivsanker Shukla Aug 10, 2020
ओम नमः शिवाय सुप्रभात आदरणीय बहन हर हर महादेव

Arvid bhai Aug 10, 2020
jay shri radhe krisna radhe krisna radhe krisna radhe krisna radhe krisna radhe krisna radhe nmskar bhenji subh prbhat vandan

chandan Kumar Aug 10, 2020
very nice information Jay Gange Mata 🙏🙏🌹🌹ki Jay good morning bahan ji have a nice day Ganga Ki Pavan aur Nirmal Jal se ham sabka Kalyan Ho🌹🌹🌿🌿🌷🌷

Babita Sharma Aug 10, 2020
शुभ प्रभात बहना🙏🙏ॐ नमः शिवाय 🔱 भोलेनाथ आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करें। हर हर महादेव भगवान भोलेनाथ ,माँ पार्वती सहित समस्त देवी देवताओं की कृपा आप पर बरसे।

s.r.pareek Aug 10, 2020
🕉औम नमौ:शिवाय🕉🥀 आप पर सदैव शिव करपा रहे जी आपका हर पल मंगलमय हो खूबसूरत हो जी सुप्रभात वंदन जी प्यारी बहना हर हर महादेव जी धन्यवाद जी बहीन गंगा मैया के दर्शन करवाये हैं 🙏🙏🍁🌾🥀🌠

🌸🌿 preeti Jain 🌿🌸 Aug 10, 2020
●▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬● 🍄🇬‌🇴‌🇴‌🇩🌺 🌸🇲‌🇴‌🇷‌🇳‌🇮‌🇳 ‌🇬🌼 ✍ _*उस व्यक्ति की*_ _*शक्ति का*_ _*कोई मुकाबला नहीं,*_ _*जिसके पास*_ _*शक्ति के साथ*_ _*सहनशक्ति भी हो।*_ _*सुप्रभात*_ 🙏🌹 🌹🌹🌹🌹🌹🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿🍵☕👈🙋‍♀️🙋‍♀️har har mahadev 🌹 shiv ji maa Parvati ji ka Kirpa 🚩🌹 sada aap aur aap ke family pe bani rahe aap ka har pal Shubh aur mangalmay Ho shubh Prabhat ji Jai jinendra ji 🙏🌸🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿🙏🙏

Sanjay Kumar Aug 10, 2020
🙏🌹ओम नमः शिवाय सुप्रभात🌾🔔👏

🔱🛕काशी विश्वनाथ धाम🛕🔱 Aug 10, 2020
🔱ॐ नमः शिवाय वंदन जी🔱 🙏आपको सपरिवार शिवमय सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर शिव परिवार की आशिर्वाद सदा बनी रहे जी🙏 🌈आपका सोमवार का दिन शुभ अतिसुन्दर शिवमय और मंगलमय व्यतीत हो जी🌈

रमेश भाई ठक्कर Aug 10, 2020
🍁जय श्री कृष्णा राधे राधे ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव भोलेनाथ की कृपा आप पर सदा ही बनी रहे *आदरणीय बहन*🙏 सदा सुखी रहो खुश रहो 🙏🌹 दोपहर स्नेह वंदन🌹🙏

Ragni Dhiwar Aug 10, 2020
🌹आप का हर पल मंगलमय हो बहन🌷आपका दिन शुभ हो 🌷शिव की कृपा दृष्टि आप पर सदैव बनी रहे🌷

Ansouya Aug 10, 2020
गंगा मैया की जय हो 🌷🙏 हर हर महादेव 🙏🌹 भोले बाबा और माता पार्वती की कृपा आप और आपके परिवार पर हमेशा बना रहे जी मेरी प्यारी बहना जी🙏🙏🙏 गंगा मैया की जय हो 🌷🙏

Ashwinrchauhan Aug 10, 2020
हर हर गंगे जय गंगा मैया ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव भगवान भोलेनाथ की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे मेरी आदरणीय बहना जी आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे भगवान शिव और माता पार्वती आप की हर मनोकामना पूरी करे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड इवनिंग बहना जी

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Deepak Sep 27, 2020

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Ramesh Agrawal Sep 26, 2020

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