Ramesh Soni.33
Ramesh Soni.33 Mar 25, 2020

🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🌹 Jay Mata ki Jay Mata Ki🌹🚩🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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कामेंट्स

Neha Sharma, Haryana Mar 25, 2020
जय माता दी 🚩🥀🙏 शुभ रात्रि नमन 🙏🥀🥀माता रानी 👣 की असीम कृपा ✋ आप और आपके परिवार 👨‍👩‍👧‍👦 पर सदैव बनी रहे जी आप सभी भाई-बहनों 🎎 का हर पल शुभ व हो जी 🙏🥀🙋

Dr.ratan Singh Mar 26, 2020
🌹🌿 ॐ विष्णु देवाय नमः🌿🌹 🚩👣जय माता दी वंदन जी👣🚩 🎎आप और आपके पूरे परिवार पर मां ब्रह्मचारिणी देवी श्री व हरि विष्णु जी और साईं बाबा की कृपा दृष्टि सदा बनी रहे जी🙏 🎭आपका गुरुवार नवरात्रि का दूसरा दिन शुभ शांतिमयऔर मंगलमय व्यतीत हो जी 🙏 🍑🌲🌺ॐ साईं राम🌺🌲🍑

Neha Sharma, Haryana Mar 26, 2020
जय माता दी 🚩🥀🙏 शुभ गुरुवार जी 🙏🥀माता रानी 👣 की असीम कृपा ✋ आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे जी 🙏🥀 आप सभी भाई-बहनों का हर पल शुभ व मंगलमय हो जी 🙏🥀🙋

नरेश श्री हरि🙏 Mar 26, 2020
जय श्री राधे कृष्णा मां शेरावाली की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे शुभ संध्या वंदन 🙏

hiren Mar 26, 2020
Jay mataji motabhai

Sumitra Soni Mar 27, 2020
जय माता दी 🙏🏻🌹भाई माता रानी का आशीर्वाद आप पर आपके परिवार पर सदैव बना रहे आप सदैव स्वस्थ रहें खुश रहें सदा सुखी रहे भाई आपका हर पल शुभ हो🙏🏻🌹

Dr.ratan Singh Mar 27, 2020
🔔🚩ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः 🚩🔔 🙏 शुभ दोपहर नमस्कार भाई🙏 या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। 👣आप और आपके पूरे परिवार पर माँ चन्द्र घंटा देवी की आशिर्वाद निरंतर बनी और सभी मनोकमनाएं पूर्ण हो जी🙏 🎎आपका शुक्रवार नवरात्रि का दिन शुभ ममतामय शांतिमय और मंगलमय हो जी🙏 🙏🦁🔔🚩जय माता दी🚩🔔🦁

मेरे साईं ( Indian women) Mar 27, 2020
*🕉️✡️सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते.✡️🕉️* *•||जय माता दी🚩🙏 *✡️🕉️सुख, शान्ति एवम समृध्दि की *🌱मंगलमयी* *🌷कामनाओं के साथ🌷* *🙏माँ अम्बे आपको सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करे।🙏* _*||🦁जय माँ भवानी🦁||*_ 🌴🌱🚩🌻🌷🌺🙏

Sumitra Soni Mar 28, 2020
जय श्री शनिदेव🙏🏻🌹 भाई जी जय माता दी माता रानी की आशीर्वाद से आपके घर परिवार में सुख समृद्धि शांति बनी रहे आप और आपका परिवार सदैव स्वस्थ रहे सदा सुखी रहे भाई आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो भाई घर पर रहे स्वस्थ रहे मेरे भाई🙏🏻🌹

Aghori Ram May 9, 2020

शत्रु को नष्ट करने का तंत्र प्रयोग दोेस्तो,इस दुनिया में कोई विरला हीं होगा जिस के कोई शत्रु न हों इस लिए मेरा ये उपाय सभी की लिए हैं कहते है की क़ामयाबी की साथ शत्रु फ्री मैं मिलते हैं , हम यदि अच्छा जीवन यपान कर रहे है, तो लोग अनायास हीं शत्रु बन जाते है. शत्रु चाहें केसा भी हों.., वो आपके विरूद अपना 100% देता हैं .... कोई तंत्र प्रयोग करता हैं , कोई किसी ना किसी तरह का सडयंत्र रचता हैं आज की इस प्रयोग से आप अपने शत्रु पर हर तरह से लगाम लगा सकती हैं प्रयोग पर आने से पहले एक चेतावनी दे रहा हुँ " सिर्फ आजमाने वाले.., और व्यर्थ में किसी को परेशान करने के उद्देस्य से इस प्रयोग को न करे., अन्यथा भगवती कुपिेत हो कर उसी का भक्षण कर लेती हैं अब प्रयोग पर आते है बुधवार की रात्रि में ११ नींबू लेकेर माँ के तस्वीर के सामने सिंदुअर में सरसो का तेल मिला कर सभी ११ नीम्बुओं पर किसी कील से अपने शत्रु का नाम लिखे ओर इस मंत्र की ३ माला जाप करें ., जाप के बाद इन नीम्बुओं कों कहि खाली ज़मीन मैं गाड़ देवे इससे शत्रु आपका कुछ नही बिगाड़ पायेगा मंत्र: " ओम क्रीं शत्रु नाशिनी क्रीं फट " चेतावनी पुनः याद रहें... चेतावनी - सिद्ध गुरु कि देखरेख मे साधना समपन्न करेँ , सिद्ध गुरु से दिक्षा , आज्ञा , सिद्ध यंत्र , सिद्ध माला , सिद्ध सामग्री लेकर हि गुरू के मार्ग दरशन मेँ साधना समपन्न करेँ । विशेष - किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें महायोगी राजगुरु जी 《 अघोरी रामजी 》 तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान अनुसंधान संस्थान महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट (रजि.) किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें : मोबाइल नं. : - 09958417249 व्हाट्सप्प न०;- 09958417249

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Aghori Ram May 8, 2020

क्या है तंत्र, मंत्र, यन्त्र,तांत्रिक, और तंत्र साधना... यह पोस्ट मैं उन सभी लोगों के लिए लिख रहा हूँ जो तंत्र साधना ,तांत्रिक तथा वाम मार्गी के बारे में जानना चाहते है। यह पोस्ट उन लोगों के लिए भी है जिनके मन में तंत्र से जुडे कुछ संदेह हैं। तथा यह उन लोगों के लिए भी हैं जो हमारे हिंदू संस्कृति की सही खोज में लगे हैं। यहाँ मैं बहुत ही सरल रूप में तंत्र, मंत्र, यन्त्र, तांत्रिक, तांत्रिक साधना,तांत्रिक क्रिया अथवा पञ्च मकार के बारे में संचिप्त में वर्णन करूँगा। तंत्र एक विज्ञानं है जो प्रयोग में विश्वास रखता है। इसे विस्तार में जानने के लिए एक सिद्ध गुरु की आवश्यकता है। अतः मैं यहाँ सिर्फ़ उसके सूक्ष्म रूप को ही दर्शा रहा हूँ। पार्वतीजी ने महादेव शिव से प्रश्न किया की हे महादेव, कलयुग मे धर्म या मोक्ष प्राप्ति का क्या मार्ग होगा? उनके इस प्रश्न के उत्तर मे महादेव शिव ने उन्हे समझते हुए जो भी व्यक्त किया तंत्र उसी को कहते हैं। योगिनी तंत्र मे वर्णन है की कलयुग मे वैदिक मंत्र विष हीन सर्प के सामान हो जाएगा। ऐसा कलयुग में शुद्ध और अशुद्ध के बीच में कोई भेद भावः न रह जाने की वजह से होगा। कलयुग में लोग वेद में बताये गए नियमो का पालन नही करेंगे। इसलिए नियम और शुद्धि रहित वैदिक मंत्र का उच्चारण करने से कोई लाभ नही होगा। जो व्यक्ति वैदिक मंत्रो का कलयुग में उच्चारण करेगा उसकी व्यथा एक ऐसे प्यासे मनुष्य के सामान होगी जो गंगा नदी के समीप प्यासे होने पर कुआँ खोद कर अपनी प्यास बुझाने की कोशिश में अपना समय और उर्जा को व्यर्थ करता है। कलयुग में वैदिक मंत्रो का प्रभाव ना के बराबर रह जाएगा। और गृहस्त लोग जो वैसे ही बहुत कम नियमो को जानते हैं उनकी पूजा का फल उन्हे पूर्णतः नही मिल पायेगा। महादेव ने बताया की वैदिक मंत्रो का पूर्ण फल सतयुग, द्वापर तथा त्रेता युग में ही मिलेगा. तब माँ पार्वती ने महादेव से पुछा की कलयुग में मनुष्य अपने पापों का नाश कैसे करेंगे? और जो फल उन्हे पूजा अर्चना से मिलता है वह उन्हे कैसे मिलेगा? इस पर शिव जी ने कहा की कलयुग में तंत्र साधना ही सतयुग की वैदिक पूजा की तरह फल देगा। तंत्र में साधक को बंधन मुक्त कर दिया जाएगा। वह अपने तरीके से इश्वर को प्राप्त करने के लिए अनेको प्रकार के विज्ञानिक प्रयोग करेगा। परन्तु ऐसा करने के लिए साधक के अन्दर इश्वर को पाने का नशा और प्रयोगों से कुछ प्राप्त करने की तीव्र इच्षा होनी चाहिए। तंत्र के प्रायोगिक क्रियाओं को करने के लिए एक तांत्रिक अथवा साधक को सही मंत्र, तंत्र और यन्त्र का ज्ञान जरुरी है। मंत्र: मंत्र एक सिद्धांत को कहते हैं। किसी भी आविष्कार को सफल बनाने के लिए एक सही मार्ग और सही नियमों की आवश्यकता होती है। मंत्र वही सिद्धांत है जो एक प्रयोग को सफल बनाने में तांत्रिक को मदद करता है। मंत्र द्वारा ही यह पता चलता है की कौन से तंत्र को किस यन्त्र में समिलित कर के लक्ष्य तक पंहुचा जा सकता है। मंत्र के सिद्ध होने पर ही पूरा प्रयोग सफल होता है। जैसे क्रिंग ह्रंग स्वाहा एक सिद्ध मंत्र है। मंत्र मन तथा त्र शब्दों से मिल कर बना है। मंत्र में मन का अर्थ है मनन करना अथवा ध्यानस्त होना तथा त्र का अर्थ है रक्षा। इस प्रकार मंत्र का अर्थ है ऐसा मनन करना जो मनन करने वाले की रक्षा कर सके। अर्थात मन्त्र के उच्चारण या मनन से मनुष्य की रक्षा होती है। तंत्र: श्रृष्टि में इश्वर ने हरेक समस्या का समाधान स्वयम दिया हुआ है। ऐसी कोई बीमारी या परेशानी नही जिसका समाधान इश्वर ने इस धरती पर किसी न किसी रूप में न दिया हो। तंत्र श्रृष्टि में पाए गए रासायनिक या प्राकृतिक वस्तुओं के सही समाहार की कला को कहते हैं। इस समाहार से बनने वाली उस औषधि या वस्तु से प्राणियों का कल्याण होता है। तंत्र तन तथा त्र शब्दों से मिल कर बना है। जो वस्तु इस तन की रक्षा करे उसे ही तंत्र कहते हैं। यन्त्र: मंत्र और तंत्र को यदि सही से प्रयोग किया जाए तो वह प्राणियों के कष्ट दूर करने में सफल है। पर तंत्र के रसायनों को एक उचित पात्र को आवश्यकता होती है। ताकि साधारण मनुष्य उस पात्र को आसानी से अपने पास रख सके या उसका प्रयोग कर सके। इस पात्र या साधन को ही यन्त्र कहते हैं। एक ऐसा पात्र जो तंत्र और मन्त्र को अपने में समिलित कर के आसानी से प्राणियों के कष्ट दूर करे वही यन्त्र है। हवन कुंड को सबसे श्रेष्ठ यन्त्र मन गया है। आसन, तलिस्मान, ताबीज इत्यादि भी यंत्र माने जाते है। कई प्रकार को आकृति को भी यन्त्र मन गया है। जैसे श्री यन्त्र, काली यन्त्र, महा मृतुन्जय यन्त्र इत्यादि। यन्त्र शब्द यं तथा त्र के मिलाप से बना है। यं को पुर्व में यम यानी काल कहा जाता था। इसलिए जो यम से हमारी रक्षा करे उसे ही यन्त्र कहा जाता है। इसलिए एक सफल तांत्रिक साधक को मंत्र, तंत्र और यन्त्र का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए। विज्ञानं के प्रयोगों जैसे ही यदि तीनो में से किसी की भी मात्रा या प्रकार ग़लत हुई तो सफलता नही मिलेगी। चेतावनी - सिद्ध गुरु कि देखरेख मे साधना समपन्न करेँ , सिद्ध गुरु से दिक्षा , आज्ञा , सिद्ध यंत्र , सिद्ध माला , सिद्ध सामग्री लेकर हि गुरू के मार्ग दरशन मेँ साधना समपन्न करेँ । विशेष - किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें महायोगी राजगुरु जी 《 अघोरी रामजी 》 तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान अनुसंधान संस्थान महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट (रजि.) किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें : मोबाइल नं. : - 09958417249 व्हाट्सप्प न०;- 09958417249

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Aghori Ram May 8, 2020

'तारा तन्त्रम' महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ में भगवती-तारा को महाविधायों में सर्वश्रेष्ठ एवं अद्धुतिया सफलता प्रदान करने वाली बताया गया है.. महर्षि विश्वामित्र ने स्वयं कहा है की यदि तारा मंत्र के साथ "तारा-सपर्या" शिद्ध कर ले तो उस साधक में आकर्षण शक्ति विशेष रूप से आजाती है और वह रम्भा , मेनका , उर्वशी जैसी अप्सराओं को अपने वश में कर सकता है, युद या मुकदमे बाजी में निश्चित ही उसे सफलता प्राप्त होती है है , यदि इस सपर्या का आदि रत को मंतर जप करे , तो उसकीवाणी में विशेष प्रभाव व्याव्त होता है और वह धरा प्रवाह बोलता हुआ हजारोंलाखों लोगो को एक साथ सम्मोहन कर सकता है "तारा तूर्ण " साधना से वह साधक 'परकाय प्रवेश' सिद्धि में सफलता प्राप्त कर सकता हैं और विविध यक्षिणी किन्नरी को अपने वश में करसकता है , एक प्रकार से देखा जाय तो वह नवीन स्रष्टि रचना में समर्थ हो सकता है ...!! भगवती तारा को "वक् शक्ति " "नील सरस्वती " "तारा" तथा उग्र तारा के नाम से भी संबोधन करते है , क्युकी तांत्रिक मान्त्रिक दोनों ही तरीकों से इसकी श्रेष्ठम साधना संपन्न की जा सकती है ! ... जय माँ तारा... चेतावनी - सिद्ध गुरु कि देखरेख मे साधना समपन्न करेँ , सिद्ध गुरु से दिक्षा , आज्ञा , सिद्ध यंत्र , सिद्ध माला , सिद्ध सामग्री लेकर हि गुरू के मार्ग दरशन मेँ साधना समपन्न करेँ । विशेष - किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें महायोगी राजगुरु जी 《 अघोरी रामजी 》 तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान अनुसंधान संस्थान महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट (रजि.) किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें : मोबाइल नं. : - 09958417249 व्हाट्सप्प न०;- 9958417249

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Aghori Ram May 8, 2020

अत्यंत गोपनीय,दुर्लभ और प्राचीन कृत्या देवी मन्त्र साधना यह साधना अत्यंत गोपनीय,दुर्लभ और प्राचीन है।यह कृत्या शरीर से उत्पन्न होती है।यह वशीकरण ,मोहन,मारण,उच्चाटन का प्रबल अस्त्र है।जब भगवान् शिव को क्रोध आया और उनके सैनिक परास्त होकर आ गए थे तब उन्होंने अपने शरीर से कृत्या का निर्माण किया था और यज्ञ का नाश किया था,बड़े बड़े ऋषि मुनियो के तंत्र मन्त्र भी कृत्या शक्ति के आगे काम नही कर पाये अर्थात फैल हो गए। कृत्या मानव शरीर से उत्पन्न एक देवी शक्ति है।जिस तरह मनुष्य अपने शरीर से मन्त्र साधना से अपने तीन हमजाद सिद्धि करता है उसी तरह कृत्या सिद्ध हो जाती है। मन्त्र की कृत्या तंत्र की कृत्या से 100 गुना ज्यादा तीव्र कार्य करती है।कुछ ही सेकंडो में मात्र।प्राचीन काल में महा कृत्या गुरुदेव शुक्राचार्य जी को सिद्ध थी।यह कृत्या तीनो लोको के कार्य संपन्न करती है। अगर साधक अपने दोनों हाथ ऊपर की तरफ आकाश में करके कृत्या का मन्त्र जप कर कार्य कहे तो स्वर्ग में हा हा कार हो जाय, पृथ्वी पर करे तो मानव में हलचल हो जाये,भूमि की तरफ देखकर करे तो पाताल लोक में।अर्थात कृत्या साधक किसी भी देव देवी ,अप्सराआदि को वशीभूत कर सकता है।घर बैठे उनको दण्डित कर सकता है,इतर योनि को मारण कर सकता है।इसी शक्ति मन्त्र के बल पर रावण ने लंका में बैठे हुए ही स्वर्गलोक में नृत्य करने वाली अप्सरा का शक्ति उच्चाटन किया था जिससे वह बेहोश होकर गिर गयी थी। जब कृत्या देवी आती है तब मारण के लिये तो भूत प्रेत,ब्रह्म राक्षस ,पिशाच,जिन,कर्णपिशाचिनी आदि शक्तियाँ भाग जाती है नही तो कृत्या कालग्रास बना देती है सबको और एक बबूले अर्थात बवंडर में लपेटकर सबको अंतरिक्ष में विलीन हो जाती हैं। कृत्या सिद्ध होने पर साधक मन्त्र से जल पड़कर रोगी को पिलाय तो रोगी रोगमुक्त हो जाता है।कोई तंत्र साधक को हानि नही पहुंचा सकता है।साधक मन में असीम बल धारण कर लेता है।चार कर्म सिध्द हो जाते हैं।वर्तमान में 26 योग्य साधको को कृत्या प्रदान करायी गयी है।जो सफलता पूर्वक मानव भलाई के कार्य कर रहे हैं। कृत्या एक सात्विक साधना है।मांस मदिरा का सेवन वर्जित है।कृत्या साधना गुरुकृपा ,शिवकृपा से ही प्राप्त होती है।कृत्या साधना का पूर्ण विधान यहाँ नही दिया गया है,केवल साधको के ज्ञानार्थ है। कृत्या सिद्धि किसी भी मंगलवार या अमावस्या से शुरू की जा सकती है।काले वस्त्र धारण करके तेल का दिया जलाकर सिद्ध की जाती है,इसमें सभी कर्म बांये हाथ से करने होते है जैसे दिशाबन्धन,देह रक्षा आदि। 1 कृत्या सिद्ध साधक सेकड़ो अधर्मी तांत्रिको पर भारी पड़ जाता है।(यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब कोई मारण ,बन्धन,तांत्रिक परयोग का शिकार आदमी हमारे पास आता है और इलाज के लिये बोलता है,तब ऑनलाइन माध्यम से उस का फ़ोटो ,माता का नाम पिता का नाम,पूरा पता लिया जाता है,,तब पीड़ित को आत्मिक रूप से संपर्क करके यदि उसके ऊपर तांत्रिक प्रयोग होता है तो उसको उच्चाटन कर दिया जाता है। किसी भी तरह की आत्मा होती है तो उसका मारण या मुक्ति कर दिया जाता है या कोई चोकी लाट देवी या देवता की होती है तो उसको वापस् उठा कर उसके स्थान पर भेज दिया जाता है जिससे रोगी के प्राण बच जाते है। अपना शेष जीवन व्यतीत करता है ।उस तांत्रिक को शक्तिहीन कर दिया जाता है बन्धन से ,,यदि वो अपने गुरुओ के पास जाता है और उनके गुरु भी उसकी गलती नही मानते ,उसकी हेल्प करते है तो उनको भी बंधन कर दिया जाता है।) मन्त्र ॐ ब्रह्मसूत्रसमस्त मम देह आवद्ध आवद्ध वज्र देह फट् ॐ ऐम् क्लीम् ह्रीम् क्रीम ॐ फट ॐ शिवकृत्या प्रयोगाय दस दिशा बंधाये क्रीम क्रोम फट् ॐ रम् देहत्व रक्षा य फट्। चेतावनी - सिद्ध गुरु कि देखरेख मे साधना समपन्न करेँ , सिद्ध गुरु से दिक्षा , आज्ञा , सिद्ध यंत्र , सिद्ध माला , सिद्ध सामग्री लेकर हि गुरू के मार्ग दरशन मेँ साधना समपन्न करेँ । विशेष - किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें महायोगी राजगुरु जी 《 अघोरी रामजी 》 तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान अनुसंधान संस्थान महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट (रजि.) किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें : मोबाइल नं. : - 09958417249 व्हाट्सप्प न०;- 09958417249

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माई मंदिर ऐप बंद होने वाला है यह जानकर बहुत दुख हो रहा है यह बहुत ही गंभीर बात है जहां हम आस्था लगाते हैं वहीं पर चोट होती है जिस चीज को हम दिल से दिमाग से व्यवहार से स्वीकार करते हैं वही चीज हमसे छुट और दूर होती जाती है अत्यंत प्रेम भाव से मायमंदिर को हार्दिक शुभकामना यह ऐप निरंतर चलता रहे यही गुरु महाराज से प्रार्थना गूगल वालों को यह सोचना होगा कि यदि मायमंदिर है ऐप बंद हो गया तो गूगल भी थोड़ा दिन ही चलेगा यह भी ध्यान में ले लेंगे क्योंकि तुम दूसरे का रास्ता बंद करोगे तो आपका भी होगा किसी का रास्ता खोलो गे तो आपका भी भाग्य खुलेगा हिंदू संस्कृति सबको आज तक देते ही आई है हिंदू संस्कृति कभी किसी से उधार लेने नहीं गई है क्योंकि परमात्मा की हम पर इतनी कृपा है कि जो हमें जीवन का सुख देती है हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है हमेशा ऊंचाइयों को उॅद्वगति को प्राप्त करने की शक्ति मिलती है जीन श्रद्धालु भक्तों को मानसिक तौर से या बौद्धिक तरफ से यह भक्ति भाव के स्तर पर प्रगति नहीं मिल रही हो वह कृपया संपर्क करें जीवन का बाल आत्मा बल को कैसे बढ़ाया जाए इसका प्रेम भक्ति भाव सहित निराकरण करने के लिए 8302270229 8570023814 मानसिक परेशानि योसे मुक्त हो ॐनमोःनारायणाय ॐनमःशिवाय हरहरमहादेव जयमातादि

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