Babita Sharma
Babita Sharma Dec 9, 2017

भगवान की मदद किसी भी रुप में पहुंच ही जाती है।:एक सच्ची घटना

भगवान की मदद किसी भी रुप में पहुंच ही जाती है।:एक सच्ची घटना

भगवान हर जगह है :

ये सच्ची घटना है जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर की,
भारतीय सेना के 15 सिख जवान अपने मेजर के नेतृत्व में, हिमालय के ऊँचाइयों में बनी आर्मी पोस्ट जा रहे थे. अगले 3 महीनों तक उन्हें इसी आर्मी पोस्ट पर रहना था.

हिमालय की बर्फीली ऊँचाइयों पर बनी इन आर्मी पोस्ट पर सैनिकों की तैनाती हर 3 महीने पर बदलती रहती है. जाहिर है, उस पोस्ट पर जो आर्मी की टुकड़ी थी, उन्हें इस आने वाली टुकड़ी का बेसब्री से इंतजार था.

सर्दी का मौसम था और बीच-बीच में बर्फ पड़ने की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही थी. इससे इन दुर्गम रास्तों पर सफ़र और भी मुश्किल हो गया था. सफ़र के बीच मेजर के मन में ख्याल आया – काश ! एक कप चाय मिल जाती तो बड़ी राहत मिलती. काश इसलिए क्योंकि ये देर रात का समय था और इतनी ठंडी में कौन ही दुकान खोलेगा.

एक घंटे ऐसे ही पैदल चलने के बाद, ये काफिला सूनसान में बनी छोटी सी दुकान के पास रुका जोकि चाय की दुकान लग रही थी. दुकान पर ताला पड़ा हुआ था. मेजर ने कहा – जवानों चाय तो किस्मत में नहीं, हाँ थोड़ा आराम कर लो यहाँ पर. सेना की इस टुकड़ी ने करीब 3 घंटे पहले सफ़र शुरू किया था.

एक जवान बोला – सर ! ये चाय की दुकान है, हम चाय बना सकते हैं…बस ये ताला तोड़ना होगा.

आर्मी मेजर सोच में पड़ गये. ये एक अनैतिक सलाह थी, लेकिन ठंड में थके सेना के जवानों को एक कप चाय से बड़ी सहायता मिलेगी, ये सोचकर उन्होंने अनुमति दे दी.

किस्मत उनके साथ थी, दुकान में चाय बनाने का सब सामान और बिस्कुट के कुछ पैकेट भी थे. फटाफट गर्मागर्म चायबनी. चाय बिस्कुट से तरोताजा होकर सेना के जवान आगे बढ़ने को तैयार थे.

मेजर ने सोचा, उन्होंने दुकान तोड़ी और बिना दुकान के मालिक की आज्ञा के चाय बिस्कुट लिया. लेकिन हम कोई चोर मण्डली तो हैं नहीं, हम तो आर्मी के अनुशासित जवान हैं.

मेजर ने 1,000 रुपये पर्स से निकाले और दुकान के काउंटर पर एक डिब्बे से ऐसे दबाकर रखा कि चायवाले को आसानी से मिल जाये. मेजर अब अपराधभावना से मुक्त हुए. उन्होंने दुकान के दरवाजे बंदकर आगे बढ़ने का आदेश दिया.

3 महीने का समय बीता. आर्मी के इस टुकड़ी ने बड़ी जिम्मेदारी और सजगता से आर्मी पोस्ट पर ड्यूटी निभाई. सबसे अच्छी बात ये थी कि इस दौरान हुई कई झड़पों के बावजूद सभी सही सलामत थे.

अब समय आ गया था कि अगली टीम उनकी जगह लेने के लिए आये. वो दिन भी आ गया, उस टुकड़ी ने आगामी टुकड़ी को जिम्मेदारियाँ सौंपी और वापसी को निकल पड़े. संयोग से वो फिर उसी दुकान पर रुके. इस बार दिन का समय था, दुकान खुली थी और चायवाला मौजूद था.

चायवाला एक बूढ़ा व्यक्ति था. इतने सारे ग्राहकों को एक साथ देखकर वो बहुत खुश हुआ. सभी को उसने चाय बनाकर पिलाई और नाश्ता दिया.

मेजर चाय वाले से बात करने लगा. मतलब वो कहाँ रहता है, कब से ऐसे सूनसान जगह पर दुकान चला रहा है. बूढ़ा अपने अनुभव और कई कहानियाँ बताने लगा. हर कहानी में भगवान का एहसान और विश्वास, ये विचार समाहित था.

एक जवान बोल पड़ा – अरे बाबा ! अगर भगवान हर जगह है, तो उसने आपको इतनी गरीबी में क्यों रखा है ?

ऐसा मत बोलो साहब ! भगवान वाकई हर जगह है, मेरे पास सबूत है – चायवाले ने कहा.

3 महीने पहले की बात है. बड़ा बुरा समय चल रहा था. मेरे एकलौते बेटे को आतंकवादियों ने कुछ जानकारी पता करने के लिए बुरी तरह से मारा था, ऐसी जानकारी जो उसे पता ही नहीं थी.

मुझे दुकान बंद करके लड़के को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. दुकान कई दिन बंद रही और उधर दवाईयों, इलाज का खर्च के लिए पैसे भी खत्म हो गये थे. आतंकवादियों के डर से लोग भी मुझे उधार देने से बच रहे थे. मैं बड़ा निराश और नाउम्मीद हो चला था.

साहब ! उस दिन मैंने भगवान को याद किया और मदद के लिए प्रार्थना की. और वाकई भगवान उस दिन मेरी दुकान पर आये.

अगले दिन सुबह जब मैंने दुकान पर लौटा तो क्या देखता हूँ कि दुकान का ताला टूटा पड़ा है.
मेरी तो सांस ही रुक गयी, लगा कि सब खत्म हो गया. जो थोड़ा बहुत था वो भी चला गया. तभी मेरी नजर काउंटर पर डिब्बे से बड़े 1,000 रुपयों पर गयी.

साहब ! आप अंदाजा नहीं लगा सकते, उस दिन मेरे लिए उन रुपयों की क्या कीमत थी. भगवान होते हैं साहब, बिलकुल हैं.

चायवाले की आँखों में गहरे विश्वास की चमक थी. सभी जवानों की ऑंखें मेजर की आँखों से मिली. मेजर समझ गये और इशारों में ही सबको आदेश दिया कि कोई कुछ नहीं बोलेगा.

मेजरसाब उठे, चाय का पैसा दिया और बूढ़े से हाथ मिलाकर बोले – सही कहते हो बाबा ! वाकई भगवान होते हैं. और हाँ ! चाय के लिए शुक्रिया, आपकी चाय बहुत अच्छी थी.

सभी जवानों की आँखें मेजर की आँखों से मिली जोकि थोड़ा नम हो चली थी, पहली बार उन्होंने ऐसा नोटिस किया.

सेना के जवानों के लिए उस रात वो दुकान भगवान की कृपा बनी और अगली सुबह बूढ़े चायवाले के लिए मेजरसाब भगवान बन गए. भगवान हर जगह है और ये भी सच है कि कई बार आप भी किसी के लिए भगवान का रूप बन सकते हैं.

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कामेंट्स

MANOJ VERMA Dec 10, 2017
राधे राधे ll राधे राधे 🚩

मुकेश Dec 10, 2017
सच्चे मन से याद करो जरूर मिलेगे भगवान्

pt bk upadhyay Dec 10, 2017
दिल से हल्की सी एक आवाज भी निकल जाय तो वे सुनते हैं वैसे आप चाहे जितना चिल्ला ले सुनवाई नहीं होगी।भीष्म ने पूछा आप किसको भजते हो तो बोले आप सब को।गजेंद्र रा से म तक नहीं बोल पाया और मेरे नाथ पधार गये। नंगे पैर गरूड़ पीछे छोड़ कर और सुदर्शन चला व ग्राह समाप्त। शुभ रात्रि। धन्यवाद।

Mani Rana Dec 10, 2017
Bhagwan hote hain Dil Se Yaad Karo Sab Hota Hai

pt bk upadhyay Dec 10, 2017
@babita.sharma.2 एक ही शर्त है दिल का साफ होना वो आप हैं तो निश्चित कृपा होती ही है।

Babita Sharma Dec 10, 2017
@manirana bas hum nek banein wo zarur sath khade honge Parmatma aapka sath dete hi hein Shubh Ratri

Suraj Sodha porbandar gujarat Dec 11, 2017
waah...aunty mast kahani hai...wakai me bhagwan har jagah hote he par hamaradil safhona chahiye chahe wo mejor ho ya chaiwala ho yahum ya aap ...par vishwas hona chahiye...ONLY SODHA

Babita Sharma Dec 11, 2017
@suraj.sodha ye sach hai beta Bhagwan to hein kai baar aisi ghatna hamare sath bhi hoti hi hein na koi rasta nazar nahi aata par intezaam ho jata hai achhe bani beta ji Bhagwan Sahara bane rahein khush raho

Dhanraj Maurya Oct 18, 2018

Om Jai Jai

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Aechana Mishra Oct 18, 2018

Jyot Pranam Like +59 प्रतिक्रिया 24 कॉमेंट्स • 361 शेयर

Tulsi Pranam Like +50 प्रतिक्रिया 14 कॉमेंट्स • 284 शेयर
T.K Oct 18, 2018

🚩जय श्री राम🚩

Jyot +1 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 57 शेयर
T.K Oct 18, 2018

🚩शुभ रात्रि🚩

Sindoor Dhoop Belpatra +43 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 259 शेयर

अयोध्या से वापस आने पर मां "कौशल्या" ने "श्रीराम" से पूछा ......"रावण" को मार दिया ?
भगवान श्रीराम ने सुंदर जवाब दिया....
महाज्ञानी , महाप्रतापी , महाबलशाली , प्रखंडपंडित , महाशिवभक्त , चारों वेदों का ज्ञाता , शिवतांडव स्रोत के रचयिता
लंकेश को मै...

(पूरा पढ़ें)
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Jagdish bijarnia Oct 18, 2018

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harshita malhotra Oct 18, 2018

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Neeru miglani Oct 18, 2018

🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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Jagdish bijarnia Oct 18, 2018

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