Arun Kumar Sharma
Arun Kumar Sharma Jan 16, 2021

चांडाल से लेकर महा धनवान तक है राहु ग्रह 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 ज्योतिष शास्त्र में सभी नौ ग्रह महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें स्वाभाविक रूप से कुछ ग्रह शुभ और कुछ को अशुभ माना जाता है। शनि, मंगल, राहु और केतु से लोग अक्सर डरते हैं। इन ग्रहों की महादशा, अंतरदशा या कुंडली में बुरी स्थिति में होने कारण जातक को अनेक प्रकार के दुष्परिणाम भोगने पड़ते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि ये ग्रह सभी के बुरे ही हों। कुछ शुभ ग्रहों के प्रभाव में आकर और अच्छी स्थिति में होने पर ये व्यक्ति को महाधनवान बनाते हैं और राजपद भी दिलवाते हैं। इन्हीं में एक ग्रह है राहु, जिसे आकस्मिकता का ग्रह कहा जाता है। राहु शुभ या अशुभ फल प्रदान करता है राहु व्यक्ति को शुभ या अशुभ फल अचानक प्रदान करता है। कभी-कभी तो यह इतना अधिक अपेक्षा से हटकर प्रभाव देता है कि व्यक्ति खुद चकित रह जाता है कि उसके जीवन में ऐसा कैसे हो गया। यदि आपके जीवन में अचानक कोई घटना घटे, जिसके बारे में कभी आपने सोचा भी नहीं होगा, तो समझिए वह राहु का किया धरा है। आज हम जानते हैं राहु के कारण कुंडली में बनने वाले कुछ शुभ और अशुभ योगों के बारे में। 👇👇👇👇👇👇👇 👉अष्टलक्ष्मी योग राहु के कारण बनने वाला यह अत्यंत शुभ योग होता है। जब किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में राहु छठे भाव में हो और केंद्र स्थान (पहले, चौथे, सातवें, दसवें) में से किसी में बृहस्पति हो तो अष्टलक्ष्मी योग बनता है। कुछ विद्वान राहु के छठे और बृहस्पति के केवल दशम स्थान में होने पर अष्टलक्ष्मी योग बनना मानते हैं। यह योग जिस जातक की कुंडली में होता है, वह महा धनवान बनता है। ऐसे व्यक्ति को कभी धन की कमी नहीं रहती। बृहस्पति के प्रभाव से राहु शुभ फल देकर जातक को धनवान बनाता है। 👉परिभाषा योग जिस जातक की जन्मकुंडली में लग्न, तीसरे, छठे या ग्यारहवें भाव में राहु हो और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो तो परिभाषा योग बनता है। इस योग के प्रभाव से जातक को पूरे जीवन आर्थिक लाभ होता रहता है। जातक या तो किसी धनी परिवार में जन्म लेता है या फिर अपने कर्म के कारण अत्यंत धनवान बनता है। इस योग में जन्मे व्यक्ति के जीवन में कभी बाधा नहीं आती और कठिन काम भी यह आसानी से पूरे कर लेता है। 👉लग्नकारक योग अपने नाम के अनुरूप यह योग लग्न के अनुसार बनता है। जिस जातक का मेष, वृषभ या कर्क लग्न हो और राहु दूसरे, नौवें या दसवें भाव में हो तो लग्नकारक योग बनता है। इस योग को सर्वारिष्ट निवारक योग भी कहा जाता है। इस योग के प्रभाव से जातक को जीवन में कभी बुरी स्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। व्यक्ति धनवान तो होता ही है, उसका निजी जीवन भी अत्यंत सुखमय होता है। 👉चांडाल योग जन्मकुंडली के किसी भी घर में राहु और गुरु साथ में बैठे हों तो चांडाल योग बनता है। यह राहु और गुरु की युति से बनने वाला अत्यंत चर्चित योग है। इस योग के परिणामस्वरू जातक महापाखंडी, नास्तिक और लोगों को धर्म मार्ग से भटकाने वाला होता है। यह जातक की बुद्धि को भ्रमित कर देता है। उसे अच्छे-बुरे सब एक समान दिखाई देते हैं। यह जातक जीवनभर पैसों की कमी से जूझता है। अपने कुकर्मों के कारण जातक जेल यात्रा तक कर आता है। 👉कपट योग यह योग शनि और राहु के कारण बनता है। इसकी दो स्थितियां बताई जाती है। जब शनि चौथे घर में और राहु बारहवें घर में हो, या शनि छठे घर में और राहु ग्यारहवें घर में हो तो कपट योग बनता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग होता है उस पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति अपने मतलब के लिए दूसरों के साथ कुछ भी कर सकता है। यानी यह महा कपटी होता है। ऐसे व्यक्ति को सर्वत्र अपमान का सामना करना पड़ता है। 👉राहु के कारण अनेक योग राहु के कारण अनेक योग बनते हैं, जिनका प्रभाव अलग-अलग होता है। जैसे क्रोध योग, पिशाचबाधा योग, ग्रहण योग, सर्प शाप योग, अरिष्टभंग योग, पयालू योग आदि।

चांडाल से लेकर महा धनवान तक है राहु ग्रह
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 ज्योतिष शास्त्र में सभी नौ ग्रह महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें स्वाभाविक रूप से कुछ ग्रह शुभ और कुछ को अशुभ माना जाता है। शनि, मंगल, राहु और केतु से लोग अक्सर डरते हैं। इन ग्रहों की महादशा, अंतरदशा या कुंडली में बुरी स्थिति में होने कारण जातक को अनेक प्रकार के दुष्परिणाम भोगने पड़ते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि ये ग्रह सभी के बुरे ही हों। कुछ शुभ ग्रहों के प्रभाव में आकर और अच्छी स्थिति में होने पर ये व्यक्ति को महाधनवान बनाते हैं और राजपद भी दिलवाते हैं। इन्हीं में एक ग्रह है राहु, जिसे आकस्मिकता का ग्रह कहा जाता है।

राहु शुभ या अशुभ फल प्रदान करता है
राहु व्यक्ति को शुभ या अशुभ फल अचानक प्रदान करता है। कभी-कभी तो यह इतना अधिक अपेक्षा से हटकर प्रभाव देता है कि व्यक्ति खुद चकित रह जाता है कि उसके जीवन में ऐसा कैसे हो गया। यदि आपके जीवन में अचानक कोई घटना घटे, जिसके बारे में कभी आपने सोचा भी नहीं होगा, तो समझिए वह राहु का किया धरा है। आज हम जानते हैं राहु के कारण कुंडली में बनने वाले कुछ शुभ और अशुभ योगों के बारे में।
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👉अष्टलक्ष्मी योग

राहु के कारण बनने वाला यह अत्यंत शुभ योग होता है। जब किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में राहु छठे भाव में हो और केंद्र स्थान (पहले, चौथे, सातवें, दसवें) में से किसी में बृहस्पति हो तो अष्टलक्ष्मी योग बनता है। कुछ विद्वान राहु के छठे और बृहस्पति के केवल दशम स्थान में होने पर अष्टलक्ष्मी योग बनना मानते हैं। यह योग जिस जातक की कुंडली में होता है, वह महा धनवान बनता है। ऐसे व्यक्ति को कभी धन की कमी नहीं रहती। बृहस्पति के प्रभाव से राहु शुभ फल देकर जातक को धनवान बनाता है।

👉परिभाषा योग

जिस जातक की जन्मकुंडली में लग्न, तीसरे, छठे या ग्यारहवें भाव में राहु हो और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो तो परिभाषा योग बनता है। इस योग के प्रभाव से जातक को पूरे जीवन आर्थिक लाभ होता रहता है। जातक या तो किसी धनी परिवार में जन्म लेता है या फिर अपने कर्म के कारण अत्यंत धनवान बनता है। इस योग में जन्मे व्यक्ति के जीवन में कभी बाधा नहीं आती और कठिन काम भी यह आसानी से पूरे कर लेता है।
👉लग्नकारक योग
अपने नाम के अनुरूप यह योग लग्न के अनुसार बनता है। जिस जातक का मेष, वृषभ या कर्क लग्न हो और राहु दूसरे, नौवें या दसवें भाव में हो तो लग्नकारक योग बनता है। इस योग को सर्वारिष्ट निवारक योग भी कहा जाता है। इस योग के प्रभाव से जातक को जीवन में कभी बुरी स्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। व्यक्ति धनवान तो होता ही है, उसका निजी जीवन भी अत्यंत सुखमय होता है।

👉चांडाल योग
जन्मकुंडली के किसी भी घर में राहु और गुरु साथ में बैठे हों तो चांडाल योग बनता है। यह राहु और गुरु की युति से बनने वाला अत्यंत चर्चित योग है। इस योग के परिणामस्वरू जातक महापाखंडी, नास्तिक और लोगों को धर्म मार्ग से भटकाने वाला होता है। यह जातक की बुद्धि को भ्रमित कर देता है। उसे अच्छे-बुरे सब एक समान दिखाई देते हैं। यह जातक जीवनभर पैसों की कमी से जूझता है। अपने कुकर्मों के कारण जातक जेल यात्रा तक कर आता है।

👉कपट योग

यह योग शनि और राहु के कारण बनता है। इसकी दो स्थितियां बताई जाती है। जब शनि चौथे घर में और राहु बारहवें घर में हो, या शनि छठे घर में और राहु ग्यारहवें घर में हो तो कपट योग बनता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग होता है उस पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति अपने मतलब के लिए दूसरों के साथ कुछ भी कर सकता है। यानी यह महा कपटी होता है। ऐसे व्यक्ति को सर्वत्र अपमान का सामना करना पड़ता है।
👉राहु के कारण अनेक योग
राहु के कारण अनेक योग बनते हैं, जिनका प्रभाव अलग-अलग होता है। जैसे क्रोध योग, पिशाचबाधा योग, ग्रहण योग, सर्प शाप योग, अरिष्टभंग योग, पयालू योग आदि।
चांडाल से लेकर महा धनवान तक है राहु ग्रह
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 ज्योतिष शास्त्र में सभी नौ ग्रह महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें स्वाभाविक रूप से कुछ ग्रह शुभ और कुछ को अशुभ माना जाता है। शनि, मंगल, राहु और केतु से लोग अक्सर डरते हैं। इन ग्रहों की महादशा, अंतरदशा या कुंडली में बुरी स्थिति में होने कारण जातक को अनेक प्रकार के दुष्परिणाम भोगने पड़ते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि ये ग्रह सभी के बुरे ही हों। कुछ शुभ ग्रहों के प्रभाव में आकर और अच्छी स्थिति में होने पर ये व्यक्ति को महाधनवान बनाते हैं और राजपद भी दिलवाते हैं। इन्हीं में एक ग्रह है राहु, जिसे आकस्मिकता का ग्रह कहा जाता है।

राहु शुभ या अशुभ फल प्रदान करता है
राहु व्यक्ति को शुभ या अशुभ फल अचानक प्रदान करता है। कभी-कभी तो यह इतना अधिक अपेक्षा से हटकर प्रभाव देता है कि व्यक्ति खुद चकित रह जाता है कि उसके जीवन में ऐसा कैसे हो गया। यदि आपके जीवन में अचानक कोई घटना घटे, जिसके बारे में कभी आपने सोचा भी नहीं होगा, तो समझिए वह राहु का किया धरा है। आज हम जानते हैं राहु के कारण कुंडली में बनने वाले कुछ शुभ और अशुभ योगों के बारे में।
👇👇👇👇👇👇👇

👉अष्टलक्ष्मी योग

राहु के कारण बनने वाला यह अत्यंत शुभ योग होता है। जब किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में राहु छठे भाव में हो और केंद्र स्थान (पहले, चौथे, सातवें, दसवें) में से किसी में बृहस्पति हो तो अष्टलक्ष्मी योग बनता है। कुछ विद्वान राहु के छठे और बृहस्पति के केवल दशम स्थान में होने पर अष्टलक्ष्मी योग बनना मानते हैं। यह योग जिस जातक की कुंडली में होता है, वह महा धनवान बनता है। ऐसे व्यक्ति को कभी धन की कमी नहीं रहती। बृहस्पति के प्रभाव से राहु शुभ फल देकर जातक को धनवान बनाता है।

👉परिभाषा योग

जिस जातक की जन्मकुंडली में लग्न, तीसरे, छठे या ग्यारहवें भाव में राहु हो और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो तो परिभाषा योग बनता है। इस योग के प्रभाव से जातक को पूरे जीवन आर्थिक लाभ होता रहता है। जातक या तो किसी धनी परिवार में जन्म लेता है या फिर अपने कर्म के कारण अत्यंत धनवान बनता है। इस योग में जन्मे व्यक्ति के जीवन में कभी बाधा नहीं आती और कठिन काम भी यह आसानी से पूरे कर लेता है।
👉लग्नकारक योग
अपने नाम के अनुरूप यह योग लग्न के अनुसार बनता है। जिस जातक का मेष, वृषभ या कर्क लग्न हो और राहु दूसरे, नौवें या दसवें भाव में हो तो लग्नकारक योग बनता है। इस योग को सर्वारिष्ट निवारक योग भी कहा जाता है। इस योग के प्रभाव से जातक को जीवन में कभी बुरी स्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। व्यक्ति धनवान तो होता ही है, उसका निजी जीवन भी अत्यंत सुखमय होता है।

👉चांडाल योग
जन्मकुंडली के किसी भी घर में राहु और गुरु साथ में बैठे हों तो चांडाल योग बनता है। यह राहु और गुरु की युति से बनने वाला अत्यंत चर्चित योग है। इस योग के परिणामस्वरू जातक महापाखंडी, नास्तिक और लोगों को धर्म मार्ग से भटकाने वाला होता है। यह जातक की बुद्धि को भ्रमित कर देता है। उसे अच्छे-बुरे सब एक समान दिखाई देते हैं। यह जातक जीवनभर पैसों की कमी से जूझता है। अपने कुकर्मों के कारण जातक जेल यात्रा तक कर आता है।

👉कपट योग

यह योग शनि और राहु के कारण बनता है। इसकी दो स्थितियां बताई जाती है। जब शनि चौथे घर में और राहु बारहवें घर में हो, या शनि छठे घर में और राहु ग्यारहवें घर में हो तो कपट योग बनता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग होता है उस पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति अपने मतलब के लिए दूसरों के साथ कुछ भी कर सकता है। यानी यह महा कपटी होता है। ऐसे व्यक्ति को सर्वत्र अपमान का सामना करना पड़ता है।
👉राहु के कारण अनेक योग
राहु के कारण अनेक योग बनते हैं, जिनका प्रभाव अलग-अलग होता है। जैसे क्रोध योग, पिशाचबाधा योग, ग्रहण योग, सर्प शाप योग, अरिष्टभंग योग, पयालू योग आदि।

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🌺🕉️ शुभ सोमवार 🌺शुभ प्रभात् 🕉️🌺 2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 🌺-आज दिनांक--08.03.2021-🌺 श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शिक्षा नौकरी आजीविका विवाह भाग्योन्नति (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट __________________________________ _____________आज विशेष_____________ धनवान बनने की संभावना जताते कुछ सपने ___________________________________ आज दिनांक...................... 08.03.2021 कलियुग संवत्.............................. 5122 विक्रम संवत................................ 2077 शक संवत....................................1942 संवत्सर.................................. श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल......................................... .दक्षिण ऋतु.............................................वसंत मास...................................... फाल्गुन पक्ष.............................................कृष्ण तिथि.....दशमी. अपरा. 3.44 तक/ एकादशी वार..........................................सोमवार नक्षत्र......पू.षाढ़ा. रात्रि. 8.39 तक / उ.षाढ़ा चंद्र राशि....... धनु. रात्रि. 2.38* तक / मकर योग.. व्यतिपात्. अपरा. 1.49 तक / वरीयान करण.............विष्टि(भद्रा)-अपरा. 3.44 तक करण.......... बव. रात्रि. 3.20* तक / बालव __________________________________ सूर्योदय.............................6.48.57 पर सूर्यास्त..............................6.35.44 पर दिनमान............................... 11.46.47 रात्रिमान...............................12.12.12 चंद्रास्त.................प्रातः 1.50.35 PM पर चंद्रोदय................रात्रि. 4.03.32 AM पर सूर्य.......................(कुंभ) 10.23.32.06 चंद्रमा........................(धनु) 8.18.18.47 राहुकाल........प्रातः 8.17 से. 9.46 (अशुभ) यमघंट.....पूर्वाह्न. 11.14 से 12.42 (अशुभ) अभिजित...... (मध्या)12.19 से 01.06 तक पंचक..................................आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)............. आज है दिशाशूल..................................पूर्व दिशा दोष निवारण.......दूध का सेवन कर यात्रा करें ___________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * अमृत.................प्रातः 6.49 से 8.17 तक शुभ.................प्रातः 9.46 से 11.14 तक चंचल...............अपरा. 2.11 से 3.39 तक लाभ................अपरा. 3.39 से 5.07 तक अमृत.................सायं. 5.07 से 6.36 तक * चौघड़िया रात्रि * चंचल......... सायं-रात्रि. 6.36 से 8.07 तक लाभ......रात्रि. 11.10 से. 12.42 AM तक शुभ....रात्रि. 2.13 AM से 3.45 AM तक अमृत....रात्रि. 3.45 AM से 5.16 AM तक चंचल....रात्रि. 5.16 AM से 6.48 AM तक __________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ___________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 08.46 AM तक--पूर्वाषाढ़ा---2------(धा) 02.42 PM तक--पूर्वाषाढ़ा---3------(फा) 08.39 PM तक--पूर्वाषाढ़ा---4------(ढ़ा) 02.38 AM तक----उ.षाढ़ा---1------(भे) (पाया - ताम्र) ________सभी की राशि धनु होगी_________ ___________________________________ उपरांत रात्रि तक----उ.षाढ़ा---2-----(भो) (पाया-ताम्र) _______सभी की राशि मकर रहेगी________ __________________________________ ____________आज का दिन____________ व्रत विशेष..................................... नहीं दिन विशेष.................. विश्व महिला दिवस दिन विशेष....पूर्वाभाद्रपदे शुक्र. रात्रि. 2.33* सर्वा.सि.योग...................................नहीं सिद्ध रवियोग................................. नहीं __________________________________ _____________कल का दिन____________ दिनांक.............................09.03.2021 तिथि.......फाल्गुन कृष्णा एकादशी मंगलवार व्रत विशेष......... विजया एकादशी (सर्वेषाम्) दिन विशेष......................................नहीं सर्वा.सि.योग...................................नहीं सिद्ध रवियोग................................. नहीं __________________________________ _____________आज विशेष ____________ स्वप्न शास्र के अनुसार, सपने भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत करते हैं। ये सपने शुभ और अशुभ दोनों प्रकार की घटनाओं के बारे में बताते हैं। स्वप्न शास्त्र के मुताबिक यदि आपको सपने में कुछ विशेष चीजें दिख जाएं या यू कहें की आपके सपने वे चीजें आएं तो ऐसा समझा जाता है कि आपकी आर्थिक स्थिति पलटने वाली है। कुछ विशेष तरह के सपने इस बात का संकेत करते हैं कि निकट भविष्य में आपकी आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत हो सकती है। चूहे को सपने में देखना होता है शुभ स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर आप अपने सपने में चूहे को देखते हैं तो यह आपके लिए शुभ संकेत हैं। यह सपना संकेत करता है कि आपके पास कहीं से अचानक धन आने वाला है। माना जाता है सपने में चूहा देखने से दरिद्रता दूर होती है। जीवन में समृद्धि आती है। सपने में गाय देखना होता है बेहद शुभ स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में गाय को देखना बेहद शुभ होता है। गाय को अलग-अलग तरह से देखने का मतलब भी अलग होता है। अगर आप सपने में गाय को दूध देते हुए देखते हैं सुख-समृद्धि आने वाली है तो वहीं अगर आप चितकबरी गाय को देखते हैं तो सूद ब्याज के व्यापार में लाभ मिलने के संकेत होते हैं। जब सपने में दिखे नाचती हुई स्त्री असल जिंदगी में किसी लड़की को नाचते हुए देखना आपके मनोरंजन का हिस्सा हो सकता है। लेकिन अगर आप अपने सपने में किसी स्त्री को नृत्य करते देखते हैं तो इसका मतलब होता है कि आने वाले दिनों में आपको धन प्राप्त हो सकता है। यह सपना शुभ सपनों में से एक होता है। जब सपने में दिखे भगवान स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर आप सपने में भगवान के दर्शन करते हैं तो यह बेहद ही शुभ होता है। स्वप्न शास्त्र में इस सपने का मतलब ये है कि आपके ऊपर दैवीय कृपा बरसने वाली है जिससे आपको आने वाले दिनों में सुख-समृद्धि और धन की प्राप्ति होने वाली है। सपने में जलते हुए दीये को देखना सपने में जलते हुए दीपक को देखना अति शुभ माना जाता है। स्वप्न शास्त्र के मुताबिक यदि आप सपने में किसी जलते हुए दीये को देखते हैं तो यह संकेत है कि आपको भविष्य में प्रचुर मात्रा में धन प्राप्ति होगी। यह सपना आपके आर्थिक जीवन को संपन्न कर देगा। सपने में मछली देखना शास्त्रों में मछली को मां लक्ष्मी के आगमन का सूचक माना गया है। स्वप्न शास्त्र के मुताबिक अगर आपको सपने में मछली दिखाई दे तो जल्दी ही आपके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा बरसने वाली है। इसी प्रकार स्वप्न में आप किसी वृक्ष पर चढ़ रहें हैं तो आपको कहीं से अचानक धन प्राप्ति हो सकती है। नोट: इस लेख में दी गई जानकारी लोक मान्यताओं पर आधारित है। हम इनकी पुष्टि नहीं करता है। *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) __________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज के दिन किए गए दान-पुण्य के काम आपको मानसिक शान्ति और सुकून देंगे। इस राशि के विवाहित जातकों को आज ससुराल पक्ष से धन लाभ होने की संभावना है। बच्चे आपके दिन को बहुत मुश्किल बना सकते हैं। प्यार-दुलार के हथियार का इस्तेमाल कर उन्हें समझाएँ और अनचाहे तनाव से बचें। याद रखें कि प्यार ही प्यार को पैदा करता है। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। आप अपने मातहतों से नाख़ुश हो सकते हैं, क्योंकि वे उम्मीद के मुताबिक़ काम नहीं कर रहे हैं। आज के दिन में आप बहुत व्यस्त रहेंगे लेकिन शाम के वक्त अपने मनपसंद कामों को करने के लिए भी आपके पास पर्याप्त समय होगा। रिश्तेदारों को लेकर जीवनसाथी के साथ नोंकझोंक हो सकती है। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज आपके अतीत के ग़लत फ़ैसले मानसिक अशान्ति और क्लेश की वजह बनेंगे। आप ख़ुद को अकेला पाएंगे और सही-ग़लत का निर्णय करने में असमर्थ महसूस करेंगे। दूसरों की सलाह लें। अपनेे लिए पैसा बचाने का आपका ख्याल आज पूरा हो सकता है। आज आप उचित बचत कर पाने में सक्षम होंगे। शाम को साथियों का साथ मज़ेदार रहेगा। दूसरों को ख़ुशियाँ देकर और पुरानी ग़लतियों को भुलाकर आप जीवन को सार्थक बनाएंगे। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे - बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आपको याद रखने की ज़रूरत है कि भगवान उसी की मदद करता है, जो ख़ुद अपनी मदद करता है। अपने जीवनसाथी की ख़ूबियों के चलते आप एक बार फिर उनके प्यार में अच्छा दिन गुजार सकते हैं। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आपका ग़ुस्सा राई का पहाड़ बना सकता है, जो आपके परिवार को नाराज़ कर सकता है। वे लोग ख़ुशक़िस्मत हैं जो अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रख सकते हैं। इससे पहले कि आपका ग़ुस्सा आपको ख़त्म करे, आप उसे ख़त्म कर दें। जिन लोगों नेे अतीत में अपना धन निवेश किया था आज उस धन से लाभ होने की संभावना बन रही है। दिन को रोमांचक बनाने के लिए क़रीबी दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएँ। अगर आप हुक़्म चलाने की कोशिश करेंगे, तो आपके और आपके प्रिय के बीच काफ़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपका कोई प्रतिद्वंदी आज आपके खिलाफ साजिश कर सकता है, इसलिए आज आपको आंख कान खोलकर काम करने की जरुरत है। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। आपको और आपके जीवनसाथी को वैवाहिक जीवन में कुछ निजता की ज़रूरत हे। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज काम का बोझ कुछ तनाव और खीज की वजह बन सकता है। आप ख़ुद को नए रोमांचक हालात में पाएंगे- जो आपको आर्थिक फ़ायदा पहुँचाएंगे। एक बेहतरीन शाम के लिए रिश्तेदार/दोस्त घर आ सकते हैं। प्रेम जीवन की डोर को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं तो किसी तीसरे की बातों को सुनकर अपने प्रेमी के बारे में कोई भी राय न बनाएं। कार्यक्षेत्र में लोगों का नेतृत्व करें, क्योंकि आपकी निष्ठा आगे बढ़ने में मददगार सिद्ध होगी। नए विचारों और आइडिया को जाँचने का बेहतरीन वक़्त। अपने जीवनसाथी की नुक़्ताचीनी से आप आज परेशान हो सकते हैं, लेकिन वह आपके लिए कुछ बढ़िया भी करने वाला है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज के मनोरंजन में बाहर की गतिविधियों और खेल-कूद को शामिल किया जाना चाहिए। अचानक आए ख़र्चे आर्थिक बोझ बढ़ा सकते हैं। बुज़ुर्ग रिश्तेदार अपनी बेजा मांगों से आपको परेशान कर सकते हैं। प्रेमी एक-दूसरे की पारिवारिक भावनाओं को समझेंगे। आज कार्यक्षेत्र में आपकेी ऊर्जा घर के किसी मसले को लेकर कम रहेगी। इस राशि के कारोबारियों को आज के दिन अपने साझेदारों पर नजर बनाए रखने की जरुरत है, वो आपको नुक्सान पहुंचा सकते हैं। आज के दिन शुरू किया गया निर्माण का कार्य संतोषजनक रूप से पूरा होगा। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार को महसूस कर सकते हैं। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। दीर्घावधि निवेश से बचिए और अपने दोस्तों के साथ बाहर जाकर कुछ ख़ुशी के पल बिताएँ। आपके माता-पिता की सेहत पर ज़्यादा ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है। किसीकी दख़लअंदाज़ी के चलते आपके और आपके प्रिय के रिश्ते में दूरियाँ आ सकती हैं। आज के दिन क़िस्मत आपका साथ देगी और आपको लाभ होगा, क्योंकि आप सही समय पर सही जगह उपस्थित होंगे। इस राशि के जातक खाली वक्त में आज किसी समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर सकते हैं। किसी पड़ोसी, दोस्त या रिश्तेदार की वजह से वैवाहिक जीवन में अनबन मुमकिन है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी ख़राबियों से बचाएगा। होशियारी से निवेश करें। ऐसा लगता है कि पारिवारिक-मोर्चे पर आप ज़्यादा ख़ुश नहीं हैं और कुछ अड़चनों का सामना कर रहे हैं। थोड़े बहुत टकराव के बावजूद भी आज आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आप अपने संगी को खुश रखने में कामयाब होंगे। अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नयी तकनीकों का सहारा लें। आपकी शैली और काम करने का नया अन्दाज़ उन लोगों में दिलचस्पी पैदा करेगा, जो आप पर नज़दीकी से ग़ौर करते हैं। आप खाली समय में अपने पसंदीदा काम करना पसंद करते हैं, आज भी आप ऐसा ही कुछ करने का सोचेंगे लेकिन किसी शख्स के घर में आने की वजह से आपका यह प्लान चौपट हो सकता है। आज आपको अपने जीवनसाथी का दैवीय पक्ष देखने को मिल सकता है। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) ख़ुद को ज़्यादा आशावादी बनने के लिए प्रेरित करें। इससे न सिर्फ़ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यवहार लचीला होगा, बल्कि डर, ईर्ष्या और नफ़रत जैसे नकारात्मक मनोभावों में भी कमी आएगी। आर्थिक जीवन की स्थिति आज अच्छी नहीं कही जा सकती आज आपको आपको बचत करने में मुूश्किलें आ सकती हैं। ख़ुद को घरेलू कामकाज में लगाए रखें। साथ ही कुछ वक़्त अपने शौक़ के लिए भी ज़रूर निकालें, ताकि आपकी रफ़्तार बरक़रार रहे और शरीर व मन चुस्त रहे। आज आप इश्क़ की चाशनी ज़िन्दगी में घुलती हुई महसूस करेंगे। काम में आपकी दक्षता की आज परीक्षा होगी। इच्छित परिणाम देने के लिए आपको अपनी कोशिशों पर एकाग्रता बनाए रखने की ज़रूरत है। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। मतभेदों की एक लम्बी श्रृंखला के पनपने के कारण आपको सामंजस्य बिठाने कें मुश्किल आएगी। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) इससे पहले कि आज नकारात्मक विचार मानसिक बीमारी का रूप ले लें, आप उन्हें ख़त्म कर दें। ऐसा आप किसी दान-पुण्य के काम में सहभागिता के ज़रिए कर सकते हैं, जिससे आपको मानसिक संतोष मिलेगा। फ़ौरी तौर पर मज़े लेने की अपनी प्रवृत्ति पर क़ाबू रखें और मनोरंजन पर ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। दूसरों के मामलों में दख़ल देने से आज बचें। एक बार आप अपने हमक़दम को हासिल कर लें, तो ज़िन्दगी में किसी और की ज़रूरत नहीं होती। इस बात को आज आप गहराई से महसूस करेंगे। सहकर्मियों और वरिष्ठों के पूरे सहयोग के चलते दफ़्तर में काम तेज़ रफ़्तार पकड़ लेगा। आज के दिन अधिकांश समय ख़रीदारी और दूसरी गतिविधियाँ में जाएगा। आँखें दिल की बातें बयान कर देती हैं। यह दिन अपने जीवनसाथी के साथ इसी भाषा में बात करने के लिए है। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज शरीर के किसी अंगे में दर्द होने की संभावना है। किसी भी ऐसे काम से बचें, जिसमें ज़्यादा शारीरिक मेहनत की ज़रूरत हो। पर्याप्त आराम भी करें। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। आपकी स्वच्छन्द जीवनशैली घर में तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए देर रात तक बाहर रहने और ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। आप महसूस करेंगे कि प्यार में बहुत गहराई है और आपका प्रिय आपको सदा बहुत प्यार करेगा। आपको पता लग सकता है कि आपके बॉस आपसे इतने रूखेपन से क्यों बात करते हैं। वजह जानकर आपको वाक़ई तसल्ली होगी। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। आज आप महसूस करेंगे कि शादी का बंधन वाक़ई स्वर्ग में बनाया जाता है। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज आपके दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। जिन लोगों ने कहीं निवेश किया था आज के दिन आपको आर्थिक हानि होने की संभावना है। कोई ऐसा रिश्तेदार जो बहुत दूर रहता है, आज आपसे संपर्क कर सकता है। अपनी बातों को सही साबित करने के लिए आज के दिन आप अपने संगी से झगड़ सकते हैं। हालांकि आपका साथी समझदारी दिखाते हुए आपको शांत कर देगा। अपनी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाकर आप करिअर में नए दरवाज़े खोल सकते हैं। अपने क्षेत्रे में आपको अपार सफलता मिलने की संभावना भी है। अपनी सभी क्षमताओं को निखारकर औरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। देर शाम तक आपको कहीं दूर से कोई अच्छी ख़बर सुनने को मिल सकती है। आपको ख़ुशी से भरी शादीशुदा ज़िन्दगी की एहमियत का एहसास होगा। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज के दिन पुरानी परियोजनाओं की सफलता आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगी। यह बात भली भांति समझ लें कि दुख की घड़ी में आपका संचित धन ही आपके काम आएगा इसलिए आज के दिन अपने धन का संचय करने का विचार बनाएं। ऐसे दोस्तों के साथ बाहर जाएँ, जो सकारात्मक और मददगार स्वभाव के हैं। आज आप हर तरफ़ प्यार-ही-प्यार फैलाएंगे। यह दूसरे देशों में व्यावसायिक सम्पर्क बनाने का बेहतरीन समय है। यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। आपका जीवनसाथी आपको इतना बेहतरीन पहले कभी महसूस नहीं हुआ। आपको उनसे कोई बढ़िया सरप्राइज़ मिल सकता है। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

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*🌞सोमवार 08 मार्च ,2021🌞* ⛅ *मास _फाल्गुन* 🌑 *पक्ष _कृष्ण* ⛅ *तिथि - दशमी दोपहर 03:44 तक तत्पश्चात एकादशी* 🌒 *राहुकाल -08:12 से 09:39:35 तक* *प्रतिदिन जानिए शेयर मार्किट और बाजार का हाल* Astro_Sunil_Garg (Nail & Teeth) ( First Time in The World ) 7982311549, 9911020152 9811332901, 9811332914 https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=4182644951766472&id=100000630247964 *Consultant चार्जेज अप्लाई* *जानिए बाजार का भविष्य* १ सोना, चाँदी, सर्राफा बाजार भविष्य २ तिल, तेल , तिलहन, सरसों, सोयाबीन, मूंगफली बाजार भविष्य ३ गुड़, खाण्ड, शक्कर बाजार भविष्य ४ रुई, कपास बाजार भविष्य ५ अरहर, मसूर , मटर, चना , मूँग बाजार भविष्य ६ गेहूँ, जौ , चना, चावल , मक्का, ज्वार , बाजरा बाजार भविष्य *यदि किसी को सॉस लेने में दिक्कत है या आक्सीजन लेवल कम है या इम्युनिटी कम है तो सिर्फ डाइट के द्वारा ठीक कराये।* *विवाह में देरी के कारण व निवारण उपाय समाधान भी* *महादेव जी की कृपा से आज तक हर जातक का मनोकामना पूरी हुई है*। व्यक्तिगत, वैवाहिक, पारिवारिक, सामाजिक, राजनीतिक, व्यापारिक, नौकरी, वसीयत, जमीन ज्यादाद, बटवारा, विवाह, सन्तान, कर्जा, उधारी, तलाक, कोर्टकेस, जेल, धन की समस्या, गुप्त धन, शत्रु विजय, स्तंभन, वास्तु दोष, नजर दोष, ऊपरी बाधा, किया कराया, वशीकरण, सम्मोहन, उच्चाटन के समाधान के लिए के लिए संपर्क करे। *Consultant चार्जेज अप्लाई* Astro_Sunil_Garg (Nail & Teeth) ( First Time in The World ) 7982311549, 9911020152 9811332901, 9811332914 . ⛅ *विक्रम संवत - 2077 प्रमादी* ⛅ *शक संवत - 1942 शार्वरी* ⛅ *सूर्यायन _ उत्तरायण* ⛅ *ऋतु _बसंत* 🌟 *नक्षत्र - पूर्वाषाढ़ा रात्रि 08:40 तक तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा* ⛅ *योग - व्यतिपात दोपहर 01:49 तक तत्पश्चात वरियान* 🌥️ *करण -विष्टि दोपहर 03:44 तक तत्पश्चात बव* 🌜 *चंद्र राशि _धनु* 🌞 *सूर्य राशि _कुंभ* 🌞 *सूर्योदय - 06:44* 🌒 *सूर्यास्त - 06:24* 💫 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* 🦜 *व्रत पर्व विवरण_ शुक्र पूर्वाभाद्रपद में ,भद्रा, स्वामी श्रीदयानंद सरस्वती जयंती* 1️⃣ *सोमवार 🌜के शुभा$शुभ मुहूर्त* राहुकाल 08:12-09:40 यम गण्ड 11:06- 12:34 गुलीक काल 14:01- 15:29 *अभिजित 12:15-12:59* दूर मुहूर्त 01:48 - 01:50 दूर मुहूर्त 01:54-01:56 2️⃣🌞 *दिन का चौघड़िया* *अमृत 06:44- 08:11शुभ* काल 08:11- 09:38अशुभ *शुभ 09:38- 11:06 शुभ* रोग 11:06- 12:33अशुभ उद्देग 12:33- 14:01 अशुभ *चर 14:01- 15:29शुभ* *लाभ 15:29- 16:54शुभ* *अमृत 16:54- 18:23 शुभ* 3️⃣🌒 *रात का चौघड़िया* *चर 18:23- 19:56 शुभ* रोग 19:56- 21:29 अशुभ काल 21:29- 23:00अशुभ *लाभ 23:00- 24:33शुभ* उद्देग 24:33- 26: 05 अशुभ *शुभ 26:05- 27:37शुभ* *अमृत 27:37- 29:10शुभ* *चर 29:10- 06:43 शुभ* 4️⃣🌞 *दिन का होरा* चन्द्र 06:44- 07:44 शनि 07:44- 08:44 ब्रहस्पति 08:44- 09:44 मंगल 09:44- 10:44 सूर्य 10:44- 11:44 शुक्र 11:44- 12:44 बुध 12:44- 13:44 चन्द्र 13:44- 14:44 शनि 14:44- 15:44 बृहस्पति 15:44- 16:44 मंगल 16:44- 17:44 सूर्य 17:44- 18:44 5️⃣🌒 *रात का होरा* शुक्र 18:44- 19:44 बुध 19:44- 20:44 चन्द्र 20:44- 21:44 शनि 21:44- 22:44 ब्रहस्पति 22:44- 23:44 मंगल 23:44- 24:44 सूर्य 24:44- 25:44 शुक्र 25:44- 26:44 बुध 26:44- 27:44 चन्द्र 27:44- 28:44 शनि 28:44- 29:44 ब्रहस्पति 29:44- 30:43

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🙏🌹 स्वप्न फल विचार 🌹🙏 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ 1- सांप दिखाई देना- धन लाभ 2- नदी देखना- सौभाग्य में वृद्धि 3- नाच-गाना देखना- अशुभ समाचार मिलने के योग 4- नीलगाय देखना- भौतिक सुखों की प्राप्ति 5- नेवला देखना- शत्रुभय से मुक्ति 6- पगड़ी देखना- मान-सम्मान में वृद्धि 7- पूजा होते हुए देखना- किसी योजना का लाभ मिलना 8- फकीर को देखना- अत्यधिक शुभ फल 9- गाय का बछड़ा देखना- कोई अच्छी घटना होना 10- वसंत ऋतु देखना- सौभाग्य में वृद्धि 11- स्वयं की बहन को देखना- परिजनों में प्रेम बढऩा 12- बिल्वपत्र देखना- धन-धान्य में वृद्धि 13- भाई को देखना- नए मित्र बनना 14- भीख मांगना- धन हानि होना 15- शहद देखना- जीवन में अनुकूलता 16- स्वयं की मृत्यु देखना- भयंकर रोग से मुक्ति 17- रुद्राक्ष देखना- शुभ समाचार मिलना 18- पैसा दिखाई- देना धन लाभ 19- स्वर्ग देखना- भौतिक सुखों में वृद्धि 20- पत्नी को देखना- दांपत्य में प्रेम बढ़ना 21- स्वस्तिक दिखाई देना- धन लाभ होना 22- हथकड़ी दिखाई देना- भविष्य में भारी संकट 23- मां सरस्वती के दर्शन- बुद्धि में वृद्धि 24- कबूतर दिखाई देना- रोग से छुटकारा 25- कोयल देखना- उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति 26- अजगर दिखाई देना- व्यापार में हानि 27- कौआ दिखाई देना- बुरी सूचना मिलना 28- छिपकली दिखाई देना- घर में चोरी होना 29- चिडिय़ा दिखाई देना- नौकरी में पदोन्नति 30- तोता दिखाई देना- सौभाग्य में वृद्धि 31- भोजन की थाली देखना- धनहानि के योग 32- इलाइची देखना- मान-सम्मान की प्राप्ति 33- खाली थाली देखना- धन प्राप्ति के योग 34- गुड़ खाते हुए देखना- अच्छा समय आने के संकेत 35- शेर दिखाई देना- शत्रुओं पर विजय 36- हाथी दिखाई देना- ऐेश्वर्य की प्राप्ति 37- कन्या को घर में आते देखना- मां लक्ष्मी की कृपा मिलना 38- सफेद बिल्ली देखना- धन की हानि 39- दूध देती भैंस देखना- उत्तम अन्न लाभ के योग 40- चोंच वाला पक्षी देखना- व्यवसाय में लाभ 41- स्वयं को दिवालिया घोषित करना- व्यवसाय चौपट होना 42- चिडिय़ा को रोते देखता- धन-संपत्ति नष्ट होना 43- चावल देखना- किसी से शत्रुता समाप्त होना 44- चांदी देखना- धन लाभ होना 45- दलदल देखना- चिंताएं बढऩा 46- कैंची देखना- घर में कलह होना 47- सुपारी देखना- रोग से मुक्ति 48- लाठी देखना- यश बढऩा 49- खाली बैलगाड़ी देखना- नुकसान होना 50- खेत में पके गेहूं देखना- धन लाभ होना 51- किसी रिश्तेदार को देखना- उत्तम समय की शुरुआत 52- तारामंडल देखना- सौभाग्य की वृद्धि 53- ताश देखना- समस्या में वृद्धि 54- तीर दिखाई- देना लक्ष्य की ओर बढऩा 55- सूखी घास देखना- जीवन में समस्या 56- भगवान शिव को देखना- विपत्तियों का नाश 57- त्रिशूल देखना- शत्रुओं से मुक्ति 58- दंपत्ति को देखना- दांपत्य जीवन में अनुकूलता 59- शत्रु देखना- उत्तम धनलाभ 60- दूध देखना- आर्थिक उन्नति 61- धनवान व्यक्ति देखना- धन प्राप्ति के योग 62- दियासलाई जलाना- धन की प्राप्ति 63- सूखा जंगल देखना- परेशानी होना 64- मुर्दा देखना- बीमारी दूर होना 65- आभूषण देखना- कोई कार्य पूर्ण होना 66- जामुन खाना- कोई समस्या दूर होना 67- जुआ खेलना- व्यापार में लाभ 68- धन उधार देना- अत्यधिक धन की प्राप्ति 69- चंद्रमा देखना- सम्मान मिलना 70- चील देखना- शत्रुओं से हानि 71- फल-फूल खाना- धन लाभ होना 72- सोना मिलना- धन हानि होना 73- शरीर का कोई अंग कटा हुआ देखना- किसी परिजन की मृत्यु के योग 74- कौआ देखना- किसी की मृत्यु का समाचार मिलना 75- धुआं देखना- व्यापार में हानि 76- चश्मा लगाना- ज्ञान में बढ़ोत्तरी 77- भूकंप देखना- संतान को कष्ट 78- रोटी खाना- धन लाभ और राजयोग 79- पेड़ से गिरता हुआ देखना किसी रोग से मृत्यु होना 80- श्मशान में शराब पीना- शीघ्र मृत्यु होना 81- रुई देखना- निरोग होने के योग 82- कुत्ता देखना- पुराने मित्र से मिलन 83- सफेद फूल देखना- किसी समस्या से छुटकारा 84- उल्लू देखना- धन हानि होना 85- सफेद सांप काटना- धन प्राप्ति 86- लाल फूल देखना- भाग्य चमकना 87- नदी का पानी पीना- सरकार से लाभ 88- धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना- यश में वृद्धि व पदोन्नति 89- कोयला देखना- व्यर्थ विवाद में फंसना 90- जमीन पर बिस्तर लगाना- दीर्घायु और सुख में वृद्धि 91- घर बनाना- प्रसिद्धि मिलना 92- घोड़ा देखना- संकट दूर होना 93- घास का मैदान देखना- धन लाभ के योग 94- दीवार में कील ठोकना- किसी बुजुर्ग व्यक्ति से लाभ 95- दीवार देखना- सम्मान बढऩा 96- बाजार देखना- दरिद्रता दूर होना 97- मृत व्यक्ति को पुकारना- विपत्ति एवं दुख मिलना 98- मृत व्यक्ति से बात करना- मनचाही इच्छा पूरी होना 99- मोती देखना- पुत्री प्राप्ति 100- लोमड़ी देखना- किसी घनिष्ट व्यक्ति से धोखा मिलना 101- गुरु दिखाई देना- सफलता मिलना 102- गोबर देखना- पशुओं के व्यापार में लाभ 103- देवी के दर्शन करना- रोग से मुक्ति 104- चाबुक दिखाई देना- झगड़ा होना 105- चुनरी दिखाई देना- सौभाग्य की प्राप्ति 106- छुरी दिखना- संकट से मुक्ति 107- बालक दिखाई देना- संतान की वृद्धि 108- बाढ़ देखना- व्यापार में हानि 109- जाल देखना- मुकद्में में हानि 110- जेब काटना- व्यापार में घाटा 111- चेक लिखकर देना- विरासत में धन मिलना 112- कुएं में पानी देखना- धन लाभ 113- आकाश देखना- पुत्र प्राप्ति 114- अस्त्र-शस्त्र देखना- मुकद्में में हार 115- इंद्रधनुष देखना- उत्तम स्वास्थ्य 116- कब्रिस्तान देखना- समाज में प्रतिष्ठा 117- कमल का फूल देखना- रोग से छुटकारा 118- सुंदर स्त्री देखना- प्रेम में सफलता 119- चूड़ी देखना- सौभाग्य में वृद्धि 120- कुआं देखना- सम्मान बढऩा 121- अनार देखना- धन प्राप्ति के योग 122- गड़ा धन दिखाना- अचानक धन लाभ 123- सूखा अन्न खाना- परेशानी बढऩा 124- अर्थी देखना- बीमारी से छुटकारा 125- झरना देखना- दु:खों का अंत होना 126- बिजली गिरना- संकट में फंसना 127- चादर देखना- बदनामी के योग 128- जलता हुआ दीया देखना- आयु में वृद्धि 129- धूप देखना- पदोन्नति और धनलाभ 130- रत्न देखना- व्यय एवं दु:ख 131- चंदन देखना- शुभ समाचार मिलना 132- जटाधारी साधु देखना- अच्छे समय की शुरुआत 133- स्वयं की मां को देखना- सम्मान की प्राप्ति 134- फूलमाला दिखाई देना- निंदा होना 135- जुगनू देखना- बुरे समय की शुरुआत 136- टिड्डी दल देखना- व्यापार में हानि 137- डाकघर देखना- व्यापार में उन्नति 138- डॉक्टर को देखना- स्वास्थ्य संबंधी समस्या 139- ढोल दिखाई देना- किसी दुर्घटना की आशंका 140- मंदिर देखना- धार्मिक कार्य में सहयोग करना 141- तपस्वी दिखाई- देना दान करना 142- तर्पण करते हुए देखना- परिवार में किसी बुर्जुग की मृत्यु 143- डाकिया देखना- दूर के रिश्तेदार से मिलना 144- तमाचा मारना- शत्रु पर विजय 145- उत्सव मनाते हुए देखना- शोक होना 146- दवात दिखाई देना- धन आगमन 147- नक्शा देखना- किसी योजना में सफलता 148- नमक देखना- स्वास्थ्य में लाभ 149- कोर्ट-कचहरी देखना- विवाद में पडऩा 150- पगडंडी देखना- समस्याओं का निराकरण 151- सीना या आंख खुजाना- धन लाभ अस्त्र देखना – संकट से रक्षा अंगारों पर चलना – शारीरिक कष्ट अंक देखना सम – अशुभ अंक देखना विषम – शुभ अस्त्र से स्वयं को कटा देखना – शीघ्र कष्ट मिले अपने दांत गिरते देखना – बंधू बांधव को कष्ट हो आंसू देखना – परिवार में मंगल कार्य हो आवाज सुनना – अछा समय आने वाला है आंधी देखना – संकट से छुटकारा आंधी में गिरना – सफलता मिलेगी अंग कटे देखना – स्वास्थ्य लाभ अंग दान करना – उज्जवल भविष्य , पुरस्कार अंगुली काटना – परिवार में कलेश अंगूठा चूसना – पारवारिक सम्पति में विवाद अन्तेस्ति देखना – परिवार में मांगलिक कार्य अस्थि देखना – संकट टलना अंजन देखना – नेत्र रोग अपने आप को अकेला देखना – लम्बी यात्रा अख़बार पढ़ना, खरीदना – वाद विवाद अचार खाना , बनाना – सिर दर्द, पेट दर्द अट्हास करना – दुखद समाचार मिले अध्यक्ष बनना – मान हानि अध्यन करना -असफलता मिले अदरक खाना – मान सम्मान बढे अनार के पत्ते खाना – शादी शीघ्र हो अमलतास के फूल – पीलिया या कोढ़ का रोग होना अरहर देखना – शुभ अरहर खाना – पेट में दर्द अरबी देखना – सर दर्द या पेट दर्द अलमारी बंद देखना – धन प्राप्ति हो अलमारी खुली देखना – धन हानि हो अंगूर खाना – स्वस्थ्य लाभ अंग रक्षक देखना – चोट लगने का खतरा अपने को आकाश में उड़ते देखना – सफलता प्राप्त हो अपने पर दूसरौ का हमला देखना – लम्बी उम्र अब देखें कि अलग-२ पदार्थ देखने का क्या अर्थ होता है : अखरोट देखना – भरपुर भोजन मिले तथा धन वृद्धि हो अनाज देखना -चिंता मिले अनार खाना (मीठा ) – धन मिले अजनबी मिलना – अनिष्ट की पूर्व सूचना अजवैन खाना – स्वस्थ्य लाभ अध्यापक देखना – सफलता मिले अँधेरा देखना – विपत्ति आये अँधा देखना – कार्य में रूकावट आये अप्सरा देखना – धन और मान सम्मान की प्राप्ति अर्थी देखना – धन लाभ हो अमरुद खाना – धन मिले अनानास खाना – पहले परेशानी फिर राहत मिले *विभिन्न् स्वप्न फल :* १.यदि रोगी सिर मुंडाएं ,लाल या काले वस्त्र धारण किए किसी स्त्री या पुरूश को सपने में देखता है या अंग भंग व्यक्ति को देखता है तो रोगी की दशा अच्छी नही है । २. यदि रोगी सपने मे किसी ऊँचे स्थान से गिरे या पानी में डूबे या गिर जाए तो समझे कि रोगी का रोग अभी और बड़ सकता है। ३. यदि सपने में ऊठ,शेर या किसी जंगली जानवर की सवारी करे या उस से भयभीत हो तो समझे कि रोगी अभी किसी और रोग से भी ग्र्स्त हो सकता है। ४. यदि रोगी सपने मे किसी ब्राह्मण,देवता राजा गाय,याचक या मित्र को देखे तो समझे कि रोगी जल्दी ही ठीक हो जाएगा । ५.यदि कोई सपने मे उड़ता है तो इस का अभिप्राय यह लगाया जाता है कि रोगी या सपना देखने वाला चिन्ताओं से मुक्त हो गया है। :६.यदि सपने मे कोई माँस या अपनी प्राकृति के विरूध भोजन करता है तो ऐसा निरोगी व्यक्ति भी रोगी हो सकता है । ७,यदि कोई सपने में साँप देखता है तो ऐसा व्यक्ति आने वाले समय मे परेशानी में पड़ सकता है ।या फिर मनौती आदि के पूरा ना करने पर ऐसे सपनें आ सकते हैं। 🌼🌴🍁🌹🌻🚩🏵️🕉️🌺🌿🐚🌱🍋🌸🙏

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कौन से ऋषि का क्या है महत्व- अंगिरा ऋषि👉 ऋग्वेद के प्रसिद्ध ऋषि अंगिरा ब्रह्मा के पुत्र थे। उनके पुत्र बृहस्पति देवताओं के गुरु थे। ऋग्वेद के अनुसार, ऋषि अंगिरा ने सर्वप्रथम अग्नि उत्पन्न की थी। विश्वामित्र ऋषि👉 गायत्री मंत्र का ज्ञान देने वाले विश्वामित्र वेदमंत्रों के सर्वप्रथम द्रष्टा माने जाते हैं। आयुर्वेदाचार्य सुश्रुत इनके पुत्र थे। विश्वामित्र की परंपरा पर चलने वाले ऋषियों ने उनके नाम को धारण किया। यह परंपरा अन्य ऋषियों के साथ भी चलती रही। वशिष्ठ ऋषि👉 ऋग्वेद के मंत्रद्रष्टा और गायत्री मंत्र के महान साधक वशिष्ठ सप्तऋषियों में से एक थे। उनकी पत्नी अरुंधती वैदिक कर्मो में उनकी सहभागी थीं। कश्यप 👉 मारीच ऋषि के पुत्र और आर्य नरेश दक्ष की १३ कन्याओं के पुत्र थे। स्कंद पुराण के केदारखंड के अनुसार, इनसे देव, असुर और नागों की उत्पत्ति हुई। जमदग्नि ऋषि👉 भृगुपुत्र यमदग्नि ने गोवंश की रक्षा पर ऋग्वेद के १६ मंत्रों की रचना की है। केदारखंड के अनुसार, वे आयुर्वेद और चिकित्साशास्त्र के भी विद्वान थे। अत्रि ऋषि👉 सप्तर्षियों में एक ऋषि अत्रि ऋग्वेद के पांचवें मंडल के अधिकांश सूत्रों के ऋषि थे। वे चंद्रवंश के प्रवर्तक थे। महर्षि अत्रि आयुर्वेद के आचार्य भी थे। ऋषि👉 अत्रि एवं अनुसुइया के द्वारा अपाला एवं पुनर्वसु का जन्म हुआ। अपाला द्वारा ऋग्वेद के सूक्त की रचना की गई। पुनर्वसु भी आयुर्वेद के प्रसिद्ध आचार्य हुए। नर और नारायण ऋषि👉 ऋग्वेद के मंत्र द्रष्टा ये ऋषि धर्म और मातामूर्ति देवी के पुत्र थे। नर और नारायण दोनों भागवत धर्म तथा नारायण धर्म के मूल प्रवर्तक थे। पराशर ऋषि👉 ऋषि वशिष्ठ के पुत्र पराशर कहलाए, जो पिता के साथ हिमालय में वेदमंत्रों के द्रष्टा बने। ये महर्षि व्यास के पिता थे। भारद्वाज ऋषि👉 बृहस्पति के पुत्र भारद्वाज ने 'यंत्र सर्वस्व' नामक ग्रंथ की रचना की थी, जिसमें विमानों के निर्माण, प्रयोग एवं संचालन के संबंध में विस्तारपूर्वक वर्णन है। ये आयुर्वेद के ऋषि थे तथा धन्वंतरि इनके शिष्य थे। आकाश में सात तारों का एक मंडल नजर आता है उन्हें सप्तर्षियों का मंडल कहा जाता है। उक्त मंडल के तारों के नाम भारत के महान सात संतों के आधार पर ही रखे गए हैं। वेदों में उक्त मंडल की स्थिति, गति, दूरी और विस्तार की विस्तृत चर्चा मिलती है। प्रत्येक मनवंतर में सात सात ऋषि हुए हैं। यहां प्रस्तुत है वैवस्तवत मनु के काल में जन्में सात महान ‍ऋषियों का संक्षिप्त परिचय। वेदों के रचयिता ऋषि 👉 ऋग्वेद में लगभग एक हजार सूक्त हैं, लगभग दस हजार मन्त्र हैं। चारों वेदों में करीब बीस हजार हैं और इन मन्त्रों के रचयिता कवियों को हम ऋषि कहते हैं। बाकी तीन वेदों के मन्त्रों की तरह ऋग्वेद के मन्त्रों की रचना में भी अनेकानेक ऋषियों का योगदान रहा है। पर इनमें भी सात ऋषि ऐसे हैं जिनके कुलों में मन्त्र रचयिता ऋषियों की एक लम्बी परम्परा रही। ये कुल परंपरा ऋग्वेद के सूक्त दस मंडलों में संग्रहित हैं और इनमें दो से सात यानी छह मंडल ऐसे हैं जिन्हें हम परम्परा से वंशमंडल कहते हैं क्योंकि इनमें छह ऋषिकुलों के ऋषियों के मन्त्र इकट्ठा कर दिए गए हैं। वेदों का अध्ययन करने पर जिन सात ऋषियों या ऋषि कुल के नामों का पता चलता है वे नाम क्रमश: इस प्रकार है:- १.वशिष्ठ, २.विश्वामित्र, ३.कण्व, ४.भारद्वाज, ५.अत्रि, ६.वामदेव और ७.शौनक। पुराणों में सप्त ऋषि के नाम पर भिन्न-भिन्न नामावली मिलती है। विष्णु पुराण अनुसार इस मन्वन्तर के सप्तऋषि इस प्रकार है :- वशिष्ठकाश्यपो यात्रिर्जमदग्निस्सगौत। विश्वामित्रभारद्वजौ सप्त सप्तर्षयोभवन्।। अर्थात् सातवें मन्वन्तर में सप्तऋषि इस प्रकार हैं:- वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज। इसके अलावा पुराणों की अन्य नामावली इस प्रकार है:- ये क्रमशः केतु, पुलह, पुलस्त्य, अत्रि, अंगिरा, वशिष्ट तथा मारीचि है। महाभारत में सप्तर्षियों की दो नामावलियां मिलती हैं। एक नामावली में कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ के नाम आते हैं तो दूसरी नामावली में पांच नाम बदल जाते हैं। कश्यप और वशिष्ठ वहीं रहते हैं पर बाकी के बदले मरीचि, अंगिरस, पुलस्त्य, पुलह और क्रतु नाम आ जाते हैं। कुछ पुराणों में कश्यप और मरीचि को एक माना गया है तो कहीं कश्यप और कण्व को पर्यायवाची माना गया है। यहां प्रस्तुत है वैदिक नामावली अनुसार सप्तऋषियों का परिचय। १. वशिष्ठ👉 राजा दशरथ के कुलगुरु ऋषि वशिष्ठ को कौन नहीं जानता। ये दशरथ के चारों पुत्रों के गुरु थे। वशिष्ठ के कहने पर दशरथ ने अपने चारों पुत्रों को ऋषि विश्वामित्र के साथ आश्रम में राक्षसों का वध करने के लिए भेज दिया था। कामधेनु गाय के लिए वशिष्ठ और विश्वामित्र में युद्ध भी हुआ था। वशिष्ठ ने राजसत्ता पर अंकुश का विचार दिया तो उन्हीं के कुल के मैत्रावरूण वशिष्ठ ने सरस्वती नदी के किनारे सौ सूक्त एक साथ रचकर नया इतिहास बनाया। २. विश्वामित्र👉 ऋषि होने के पूर्व विश्वामित्र राजा थे और ऋषि वशिष्ठ से कामधेनु गाय को हड़पने के लिए उन्होंने युद्ध किया था, लेकिन वे हार गए। इस हार ने ही उन्हें घोर तपस्या के लिए प्रेरित किया। विश्वामित्र की तपस्या और मेनका द्वारा उनकी तपस्या भंग करने की कथा जगत प्रसिद्ध है। विश्वामित्र ने अपनी तपस्या के बल पर त्रिशंकु को सशरीर स्वर्ग भेज दिया था। इस तरह ऋषि विश्वामित्र के असंख्य किस्से हैं। माना जाता है कि हरिद्वार में आज जहां शांतिकुंज हैं उसी स्थान पर विश्वामित्र ने घोर तपस्या करके इंद्र से रुष्ठ होकर एक अलग ही स्वर्ग लोक की रचना कर दी थी। विश्वामित्र ने इस देश को ऋचा बनाने की विद्या दी और गायत्री मन्त्र की रचना की जो भारत के हृदय में और जिह्ना पर हजारों सालों से आज तक अनवरत निवास कर रहा है। ३. कण्व👉 माना जाता है इस देश के सबसे महत्वपूर्ण यज्ञ सोमयज्ञ को कण्वों ने व्यवस्थित किया। कण्व वैदिक काल के ऋषि थे। इन्हीं के आश्रम में हस्तिनापुर के राजा दुष्यंत की पत्नी शकुंतला एवं उनके पुत्र भरत का पालन-पोषण हुआ था। ४. भारद्वाज👉 वैदिक ऋषियों में भारद्वाज-ऋषि का उच्च स्थान है। भारद्वाज के पिता बृहस्पति और माता ममता थीं। भारद्वाज ऋषि राम के पूर्व हुए थे, लेकिन एक उल्लेख अनुसार उनकी लंबी आयु का पता चलता है कि वनवास के समय श्रीराम इनके आश्रम में गए थे, जो ऐतिहासिक दृष्टि से त्रेता-द्वापर का सन्धिकाल था। माना जाता है कि भरद्वाजों में से एक भारद्वाज विदथ ने दुष्यन्त पुत्र भरत का उत्तराधिकारी बन राजकाज करते हुए मन्त्र रचना जारी रखी। ऋषि भारद्वाज के पुत्रों में १० ऋषि ऋग्वेद के मन्त्रदृष्टा हैं और एक पुत्री जिसका नाम 'रात्रि' था, वह भी रात्रि सूक्त की मन्त्रदृष्टा मानी गई हैं। ॠग्वेद के छठे मण्डल के द्रष्टा भारद्वाज ऋषि हैं। इस मण्डल में भारद्वाज के ७६५ मन्त्र हैं। अथर्ववेद में भी भारद्वाज के २३ मन्त्र मिलते हैं। 'भारद्वाज-स्मृति' एवं 'भारद्वाज-संहिता' के रचनाकार भी ऋषि भारद्वाज ही थे। ऋषि भारद्वाज ने 'यन्त्र-सर्वस्व' नामक बृहद् ग्रन्थ की रचना की थी। इस ग्रन्थ का कुछ भाग स्वामी ब्रह्ममुनि ने 'विमान-शास्त्र' के नाम से प्रकाशित कराया है। इस ग्रन्थ में उच्च और निम्न स्तर पर विचरने वाले विमानों के लिए विविध धातुओं के निर्माण का वर्णन मिलता है। ५. अत्रि👉 ऋग्वेद के पंचम मण्डल के द्रष्टा महर्षि अत्रि ब्रह्मा के पुत्र, सोम के पिता और कर्दम प्रजापति व देवहूति की पुत्री अनुसूया के पति थे। अत्रि जब बाहर गए थे तब त्रिदेव अनसूया के घर ब्राह्मण के भेष में भिक्षा मांगने लगे और अनुसूया से कहा कि जब आप अपने संपूर्ण वस्त्र उतार देंगी तभी हम भिक्षा स्वीकार करेंगे, तब अनुसूया ने अपने सतित्व के बल पर उक्त तीनों देवों को अबोध बालक बनाकर उन्हें भिक्षा दी। माता अनुसूया ने देवी सीता को पतिव्रत का उपदेश दिया था। अत्रि ऋषि ने इस देश में कृषि के विकास में पृथु और ऋषभ की तरह योगदान दिया था। अत्रि लोग ही सिन्धु पार करके पारस (आज का ईरान) चले गए थे, जहां उन्होंने यज्ञ का प्रचार किया। अत्रियों के कारण ही अग्निपूजकों के धर्म पारसी धर्म का सूत्रपात हुआ। अत्रि ऋषि का आश्रम चित्रकूट में था। मान्यता है कि अत्रि-दम्पति की तपस्या और त्रिदेवों की प्रसन्नता के फलस्वरूप विष्णु के अंश से महायोगी दत्तात्रेय, ब्रह्मा के अंश से चन्द्रमा तथा शंकर के अंश से महामुनि दुर्वासा महर्षि अत्रि एवं देवी अनुसूया के पुत्र रूप में जन्मे। ऋषि अत्रि पर अश्विनीकुमारों की भी कृपा थी। ६. वामदेव👉 वामदेव ने इस देश को सामगान (अर्थात् संगीत) दिया। वामदेव ऋग्वेद के चतुर्थ मंडल के सूत्तद्रष्टा, गौतम ऋषि के पुत्र तथा जन्मत्रयी के तत्ववेत्ता माने जाते हैं। ७. शौनक👉 शौनक ने दस हजार विद्यार्थियों के गुरुकुल को चलाकर कुलपति का विलक्षण सम्मान हासिल किया और किसी भी ऋषि ने ऐसा सम्मान पहली बार हासिल किया। वैदिक आचार्य और ऋषि जो शुनक ऋषि के पुत्र थे। फिर से बताएं तो वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भरद्वाज, अत्रि, वामदेव और शौनक- ये हैं वे सात ऋषि जिन्होंने इस देश को इतना कुछ दे डाला कि कृतज्ञ देश ने इन्हें आकाश के तारामंडल में बिठाकर एक ऐसा अमरत्व दे दिया कि सप्तर्षि शब्द सुनते ही हमारी कल्पना आकाश के तारामंडलों पर टिक जाती है। इसके अलावा मान्यता हैं कि अगस्त्य, कष्यप, अष्टावक्र, याज्ञवल्क्य, कात्यायन, ऐतरेय, कपिल, जेमिनी, गौतम आदि सभी ऋषि उक्त सात ऋषियों के कुल के होने के कारण इन्हें भी वही दर्जा प्राप्त है l 👉C/p

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🌺🕉️ शुभ रविवार 🌺शुभ प्रभात् 🕉️🌺 2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 🌺-आज दिनांक--07.03.2021-🌺 श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शिक्षा नौकरी आजीविका विवाह भाग्योन्नति (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ___________________________________ _____________आज विशेष_____________ मां लक्ष्मी प्रसन्नार्थ धन संग्रह कारक कुछ प्रयोग ____________________________________ आज दिनांक...................... 07.03.2021 कलियुग संवत्.............................. 5122 विक्रम संवत................................ 2077 शक संवत....................................1942 संवत्सर.................................. श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल......................................... .दक्षिण ऋतु.............................................वसंत मास...................................... फाल्गुन पक्ष.............................................कृष्ण तिथि..........नवमी. अपरा. 4.47 तक/ दशमी वार...........................................रविवार नक्षत्र..........मूल. रात्रि. 8.58 तक / पूर्वाषाढ़ा चंद्र राशि...................धनु. संपूर्ण. (अहोरात्र) योग......सिद्धि. अपरा. 3.50 तक / व्यतिपात् करण.......................गर. अपरा. 4.47 तक करण......... वणिज. रात्रि. 4.13* तक / विष्टि ____________________________________ सूर्योदय.............................6.49.56 पर सूर्यास्त..............................6.35.14 पर दिनमान............................... 11.45.18 रात्रिमान...............................12.13.42 चंद्रास्त................प्रातः 12.52.20 PM पर चंद्रोदय................ रात्रि. 3.08.06 AM पर सूर्य....................... (कुंभ) 10.22.32.08 चंद्रमा........................(धनु) 8.05.17.23 राहुकाल....... सायं. 5.07 से. 6.35 (अशुभ) यमघंट....... अपरा. 12.43 से 2.11 (अशुभ) अभिजित....... (मध्या)12.19 से 01.06 तक पंचक................................. आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)....... आज नहीं है दिशाशूल.............................. पश्चिम दिशा दोष निवारण........ घी का सेवन कर यात्रा करें ____________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * चंचल.................प्रातः 8.18 से 9.46 तक लाभ................प्रातः 9.46 से 11.14 तक अमृत...........पूर्वाह्न. 11.14 से 12.43 तक शुभ.................अपरा. 2.11 से 3.39 तक * चौघड़िया रात्रि * शुभ.......... सायं-रात्रि. 6.35 से 8.07 तक अमृत...............रात्रि. 8.07 से. 9.39 तक चंचल........... रात्रि. 9.39 से 11.10 तक लाभ....रात्रि. 2.14 AM से 3.46 AM तक शुभ.....रात्रि. 5.17 AM से 6.49 AM तक ___________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ____________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 09.15 AM तक-------मूल---2-------(यो) 03.06 PM तक-------मूल---3--------(भ) 08.58 PM तक-------मूल---4-------(भी) 02.51 AM तक--पूर्वाषाढ़ा---1-------(भू) उपरांत रात्रि तक--पूर्वाषाढ़ा---2------ (धा) (पाया-ताम्र) _______सभी की राशि धनु रहेगी_________ ___________________________________ ____________आज का दिन____________ व्रत विशेष.....................................नहीं दिन विशेष............... समर्थ रामदास नवमी सर्वा.सि.योग..प्रातः6.50 से रात्रि. 8.58 तक सिद्ध रवियोग.................................नहीं ____________________________________ _____________कल का दिन_____________ दिनांक............................ .08.03.2021 तिथि........... फाल्गुन कृष्णा दशमी सोमवार व्रत विशेष..................................... नहीं दिन विशेष.................. विश्व महिला दिवस दिन विशेष.... पूर्वाभाद्रपदे शुक्र. रात्रि. 2.33* सर्वा.सि.योग.................................. नहीं सिद्ध रवियोग................................. नहीं ___________________________________ _____________आज विशेष ____________ धन प्राप्ति और संग्रह में सहायक प्रयोग.. धन की लालसा हर किसी को होती है। महिलाएं रात के समय इस विधि से माता लक्ष्मी की पूजा करती हैं तो उन्हें बहुत लाभ होता है और कभी पैसों की कमी नहीं होती है। ज्योतिषशास्त्र में लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के कई ऐसे कारगर उपाय बताए गए हैं जो बहुत शानदार है और उन्हें करने के बाद आप लाभ पा सकते हैं। माँ लक्ष्मी की पूजा विधि: सबसे पहले एक शुद्ध दीपक जलाकर माता लक्ष्मी के सामने रख दें। इसके लिए रात को महिलाओं को चुपचाप शुद्ध होकर लक्ष्मी जी के समक्ष ध्यान लगाकर बैठ जाना चाहिए। उसके बाद लक्ष्मी जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ा कर घी का दीपक प्रजवलित करें। अब इसके बाद लक्ष्मी जी की श्री लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। इसे नियमित रूप से इसे पढ़ने से मुसीबतों से छुटकारा मिलता है। इसी के साथ मां लक्ष्मी जी की चालीसा पढ़ने के बाद उनके समक्ष अपनी समस्याओं को रखें और उन समस्याओं का निवारण करने के लिए प्रार्थना करें। वहीं फिर श्री लक्ष्मी चालीसा का पाठ करने के बाद लक्ष्मी जी को देसी घी से बने हल्वे का भोग लगाना बहुत ही लाभकारी रहता है. आप मां लक्ष्मी जी की प्रसन्नता के लिए उनकी साधारण पूजा के उपरांत श्री सूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं.. इन प्रयोगों से धन संग्रह और परिवार की आय में चमत्कारिक वृद्धि देखने को मिलती है.. *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ___________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज आपके पास अपनी सेहत और लुक्स से जुड़ी चीज़ों को सुधारने के लिए पर्याप्त समय होगा। विवाहित दंपत्तियों को आज अपनी संतान की शिक्षा पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। किसी ऐसे के साथ परस्पर संवाद की कमी जिसका आपको बहुत ख़याल है, आपको तनाव दे सकती है। आज आप महसूस करेंगे कि प्यार दुनिया में हर मर्ज़ की दवा है। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है - जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा - लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। जीवनसाथी की वजह से आपको महसूस होगा कि उनके लिए दुनिया में आप ही सबसे महत्वपूर्ण हैं। अपनों का ख्याल रखना अच्छी बात है लेकिन उनका ख्याल रखते-रखते अपनी सेहत न बिगाड़ लें। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) अब तक जो धुंध आपके चारों तरफ़ छायी हुई है और आपकी प्रगति को बाधित कर रही है, उससे बाहर निकलने का समय है। आज धन आपके हाथ में नहीं टिकेगा, आपको धन संचय करने में आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। किसी धार्मिक स्थान पर जाएँ या किसी संत से मिलें, इससे आपके मन को शांति और सुकून मिलेगा। आप आज प्यार की मनोदशा में होंगे- और आपके लिए काफ़ी मौक़े भी होंगे। जीवन का आनंद लेने के लिए आपको अपने दोस्तों को भी समय देना चाहिए। अगर आप समाज से कटकर रहेंगे तो आवश्यकता पड़ने पर आपके साथ भी कोई नहीं होगा। आपका जीवनसाथी आपको इतना बेहतरीन पहले कभी महसूस नहीं हुआ। आपको उनसे कोई बढ़िया सरप्राइज़ मिल सकता है। काम को करने से पहले ही उसके बारे में अच्छा बुरा न सोचें, बल्कि खुद को एकाग्र करने की कोशिश करें इससे सारे काम अच्छी तरह हो पाएंगे। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) जो धुंध आपके चारों तरफ़ छायी हुई है और आपकी प्रगति को बाधित कर रही है, उससे बाहर निकलने का समय है। निवेश के लिए अच्छा दिन है, लेकिन उचित सलाह से ही निवेश करें। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच का ज़हर। रोमांस रोमांचक होगा- इसलिए उससे संपर्क करें जिससे आप प्रेम करते हैं और दिन का भरपूर लुत्फ़ लें। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। यह समय जीवन में आपको वैवाहिक जीवन का भरपूर आनन्द देगा। अगर आज के काम को आप कल पर टाल रहे हैं तो कल आपको इसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ सकता है। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज आपका ही कोई दोस्त आपकी सहनशक्ति और समझ की परीक्षा ले सकता है। अपने मूल्यों को दरकिनार करने से बचें और हर फ़ैसला तार्किक तरीक़े से लें। अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर आज आप भविष्य के लिए कोई आर्थिक योजना बना सकते हैं और उम्मीद है कि यह योजना सफल भी होगी। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी ख़बर लाएगी। अगर आप अपने प्रिय को पर्याप्त समय न दें, तो वह नाराज़ हो सकता/सकती है। रात को ऑफिस से घर आते वक्त आज आपको सावधानी से वाहन चलाना चाहिए, नहीं तो दुर्घटना हो सकती है और कई दिनों के लिए आप बीमार पड़ सकते हैं। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। लोगोंं के बीच रहकर सबका सम्मान करना आपको आता है इसलिए आप भी सबकी नजरों में अच्छी छवि बना पाते हैं। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज आउटडोर खेल आपको आकर्षित करेंगे- ध्यान और योग आपको फ़ायदा पहुँचाएंगे। बिना किसी अनुभवी शख्स की सलाह के आज ऐसा कोई भी काम न करें जिससे आपको आर्थिक हानि हो। बच्चे की तबियत परेशानी का कारण बन सकती है। जो अपने प्रिय के साथ छुट्टियाँ बिता रहे हैं, ये उनकी ज़िन्दगी के सबसे यादगार लम्हों में से होंगे। बिना किसी पूर्व सूचना के आज आपका कोई रिश्तेदार आपके घर पधार सकता है जिसकी वजह से आपका कीमती समय उनकी खातिरदारी में जाया हो सकता है। क्या आपको पता है कि आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्ता है। उनपर ग़ौर करें, यह बात आपको ख़ुद-ब-ख़ुद दिख जाएगी। किसी पेड़ की छांव में बैठकर आज आपको सुकून मिलेगा। जीवन को आज आप नजदीक से जान पाएंगे। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। यह बात भली भांति समझ लें कि दुख की घड़ी में आपका संचित धन ही आपके काम आएगा इसलिए आज के दिन अपने धन का संचय करने का विचार बनाएं। परिवार की स्थिति आज वैसी नहीं रहेगी जैसा आप सोचते हैं। आज घर में किसी बात को लेकर कलह होने की संभावना है ऐसी स्थिति में खुद पर काबू रखें। जो अपने प्रिय के साथ छुट्टियाँ बिता रहे हैं, ये उनकी ज़िन्दगी के सबसे यादगार लम्हों में से होंगे। यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्तों की तरह है और आपको आज यह एहसास होगा। टीवी पर फ़िल्म देखना और अपने नज़दीकी लोगों के साथ गप्पें मारना - इससे बेहतर और क्या हो सकता है? अगर आप थोड़ी कोशिश करें तो आपका दिन कुछ इसी तरह गुज़रेगा। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज तनाव के चलते आपको बीमारी से दो-चार होना पड़ सकता है। सुकून महसूस करने के लिए दोस्तों और परिवार के साथ कुछ समय बिताएँ। आज के दिन भूलकर भी किसी को पैसे उधार न दें और यदि देना जरुरी हो तो देने वाले से लिखित में लें कि वो पैसा वापस कब करेगा। आपकी पारिवारिक सदस्यों को क़ाबू में रखने और उनकी न सुनने प्रवृत्ति की वजह से बेवजह वादविवाद हो सकता है और आपको आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है। आपने बीते दिनों कार्यक्षेत्र में कई काम अधूरे छोड़े हैं जिसका भुगतान आज आपको करना पड़ सकता है। आज आपका खाली वक्त भी ऑफिस के काम को पूरा करने में ही लगेगा। अगर हाल में आप व आपका जीवनसाथी बहुत ख़ुश महसूस नहीं कर रहे थे, तो आज हालात बदल सकते हैं। आप दोनों आज बहुत मज़े करने वाले हैं। आपके दोस्त आपके काम नहीं आते यह शिकायत आज आपको हो सकती है। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज के दिन आप बिना झंझट विश्राम कर सकेंगे। अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए तैल से मालिश करें। दिन की शुुरुआत भले ही अच्छी हो लेकिन शाम के वक्त किसी वजह से आपका धन खर्च हो सकता है जिससे आप परेशान होंगे। किसी भी चीज़ को अंतिम रूप देने से पहले अपने परिवार की राय लीजिए। महज़ आपका अपना फ़ैसला कुछ दिक़्क़त खड़ी कर सकता है। बेहतर परिणाम पाने के लिए परिवार में तालमेल पैदा करें। आज आपकी मुस्कान बेमानी है, हँसी में वो खनक नहीं है, दिल धड़कने में आनाकानी कर रहा है; क्योंकि आप किसी ख़ास के साथ की कमी महसूस कर रहे हैं। आज आप अपना खाली समय अपनी माता की सेवा में बिताना चाहेंगे लेकिन ऐन मौके पर किसी काम के आ जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे आपको परेशानी होगी। अपने जीवनसाथी की नुक़्ताचीनी से आप आज परेशान हो सकते हैं, लेकिन वह आपके लिए कुछ बढ़िया भी करने वाला है। दिन के पहले भाग में ख़ुद को थोड़ा अलसाहट भरा महसूस कर सकते हैं, लेकिन अगर आप घर से बाहर निकलने की हिम्मत जुटाएँ तो काफ़ी काम किया जा सकता है। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज आप क्षणिक आवेग में बहकर कोई निर्णय न करें। यह आपके बच्चों के हितों को हानि पहुँचा सकता है। जो लोग अब तक पैसेे को बेवजह खर्च कर रहे थे आज उन्हें समझ आ सकता है कि पैसे की जीवन में क्या अहमियत है क्योंकि आज अचानक आपको पैसे की जरुरत पड़ेगी और आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। ऐसे दोस्तों के साथ बाहर जाएँ जो आपके हालात और ज़रूरतों को समझते हैं। ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में आप ख़ुद को ख़ुशनसीब पाएंगे, क्योंकि आपका हमदम वाक़ई सबसे बेहतरीन है। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। प्यार, नज़दीकी, मस्ती-मज़ा - जीवनसाथी के साथ यह एक अच्छा दिन रहेगा। आपका संंगी आज आपके लिए घर पर कोई सरप्राइज डिश बना सकता है जिससे आपके दिन की थकान मिट जाएगी। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज अपने शरीर की थकान मिटाने और ऊर्जा-स्तर को बढ़ाने के लिए आपको पूरे आराम की ज़रूरत है, नहीं तो शरीर की थकावट आपके मन में निराशावादिता को जन्म दे सकती है। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। अपने मेहमानों से ख़राब बर्ताव न करें। आपका ऐसा व्यवहार न केवल आपके परिवार को दुःखी कर सकता है, बल्कि संबंधों में दूरी भी पैदा कर सकता है। अपने प्रिय की ग़ैर-ज़रूरी भावनात्मक मांगों के सामने घुटने न टेकें। अगर आप अपनी चीज़ों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। जीवनसाथी की वजह से आपकी कोई योजना या कार्य गड़बड़ हो सकता है; लेकिन धैर्य बनाए रखें। अपने पिता के साथ आज दोस्त की तरह आप बात कर सकते हैं। आपकी बातों को सुनकर उनको खुशी होगी। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज के दिन आपका व्यक्तित्व आज इत्र की तरह महकेगा और सबको आकर्षित करेगा। जो लोग अपने करीबियों या रिश्तेदारों के साथ मिलकर बिजनेस कर रहे हैं उन्हें आज बहुत सोच समझकर कदम रखने की जरुरत है नहीं तो आर्थिक नुक्सान हो सकता है। ऐसे विवादास्पद मुद्दों पर बहस करने से बचें, जो आपके और प्रियजनों के बीच गतिरोध पैदा कर सकते हैं। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज़ देखने को मिल सकता है। लोगों के साथ बात करने में आज आप अपना बहुमूल्य समय बर्बाद कर सकते हैं। आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। आपके और आपके जीवन साथी के बीच विश्वास की कमी रह सकती है। जिससे आज वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है। दिवास्वप्न देखना इतना भी बुरा नहीं है - बशर्ते इसके माध्यम से आप कुछ रचनात्मक विचार हासिल कर सकें तो। ऐसा आज आप कर सकते हैं, क्योंकि आपके पास समय का अभाव नहीं होगा। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज के दिन मज़बूती और निडरता का गुण आपकी मानसिक क्षमताओं में इज़ाफ़ा करेगा। किसी भी तरह के हालात को क़ाबू में रखने के लिए इस रफ़्तार को बरक़रार रखिए। दिन बहुत लाभदायक नहीं है- इसलिए अपनी जेब पर नज़र रखें और ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्चा न करें। आपके जीवन-साथी की सेहत तनाव और चिंता का कारण बन सकती है। अगर आप अपने प्रिय को पर्याप्त समय न दें, तो वह नाराज़ हो सकता/सकती है। घर के छोटे सदस्यों के साथ गप्पें लगाकर आज आप अपने खाली समय का अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं। जन्मदिन भूलने जैसी किसी छोटी-सी बात को लेकर जीवनसाथी से तक़रार मुमकिन है। लेकिन अन्ततः सब ठीक हो जाएगा। शांति का वास आपके दिल में रहेगा और इसीलिए आप घर में भी अच्छा माहौल बना पाने में कामयाब होंगे। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

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HEMANT JOSHI Mar 7, 2021

जानिये तीन जानवरों कौआ चींटी ओर कुत्ते का रहस्य? 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰 प्राचीन समय के ऋषियों मुनियों ने अपने शोध में बताया था की प्रत्येक जानवर के विचित्र व्यवहार एवं हरकतों का कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य होता है. जानवरों के संबंध में अनेको बाते हमारे पुराणों एवं ग्रंथो में भी विस्तार से बतलाई गई है। हमारे सनातन धर्म में माता के रूप में पूजनीय गाय के संबंध में तो बहुत सी बाते आप लोग जानते है होंगे परन्तु आज हम जानवरों के संबंध में पुराणों से ली गई कुछ ऐसी बातो के बारे में बतायेंगे जो आपने पहले कभी भी किसी से नहीं सुनी होगी. जानवरों से जुड़े रहस्यों के संबंध में पुराणों में बहुत ही विचित्र बाते बतलाई गई जो किसी को आश्चर्य में डाल देंगी। कौए का रहस्य :- 〰〰〰〰〰 कौए के संबंध में पुराणों बहुत ही विचित्र बाते बतलाई गई है मान्यता है की कौआ अतिथि आगमन का सूचक एवं पितरो का आश्रम स्थल माना जाता है। हमारे धर्म ग्रन्थ की एक कथा के अनुसार इस पक्षी ने देवताओ और राक्षसों के द्वारा समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत का रस चख लिया था. यही कारण है की कौआ की कभी भी स्वाभाविक मृत्यु नहीं होती. यह पक्षी कभी किसी बिमारी अथवा अपने वृद्धा अवस्था के कारण मृत्यु को प्राप्त नहीं होता. इसकी मृत्यु आकस्मिक रूप से होती है। यह बहुत ही रोचक है की जिस दिन कौए की मृत्यु होती है उस दिन उसका साथी भोजन ग्रहण नहीं करता. ये आपने कभी ख्याल किया हो तो यह बात गौर देने वाली है की कौआ कभी भी अकेले में भोजन ग्रहण नहीं करता यह पक्षी किसी साथी के साथ मिलकर ही भोजन करता है। कौआ की लम्बाई करीब 20 इंच होता है, तथा यह गहरे काले रंग का पक्षी है. जिनमे नर और मादा दोनों एक समान ही दिखाई देते है. यह बगैर थके मिलो उड़ सकता है. कौए के बारे में पुराण में बतलाया गया है की किसी भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास पूर्व ही हो जाता है। पितरो का आश्रय स्थल :- श्राद्ध पक्ष में कौए का महत्व बहुत ही अधिक माना गया है . इस पक्ष में यदि कोई भी व्यक्ति कौआ को भोजन कराता है तो यह भोजन कौआ के माध्यम से उसके पीतर ग्रहण करते है. शास्त्रों में यह बात स्पष्ट बतलाई गई है की कोई भी क्षमतावान आत्मा कौए के शरीर में विचरण कर सकती है। भादौ महीने के 16 दिन कौआ हर घर की छत का मेहमान बनता है. ये 16 दिन श्राद्ध पक्ष के दिन माने जाते हैं. कौए एवं पीपल को पितृ प्रतीक माना जाता है. इन दिनों कौए को खाना खिलाकर एवं पीपल को पानी पिलाकर पितरों को तृप्त किया जाता है। कौवे से जुड़े शकुन और अपशकुन :- 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 1 . यदि आप शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हो कौआ को भोजन करना चाहिए 2 . यदि आपके मुंडेर पर कोई कौआ बोले तो मेहमान अवश्य आते है। 3 . यदि कौआ घर की उत्तर दिशा से बोले तो समझे जल्द ही आप पर लक्ष्मी की कृपा होने वाली है। 4 . पश्चिम दिशा से बोले तो घर में मेहमान आते है। 5 . पूर्व में बोले तो शुभ समाचार आता है। 6 . दक्षिण दिशा से बोले तो बुरा समाचार आता है। 7 . कौवे को भोजन कराने से अनिष्ट व शत्रु का नाश होता है। चीटियों का रहस्य :- 〰〰〰〰〰 चीटियों को हम एक बहुत तुच्छ एवं छोटा जानवर समझते है, परन्तु चीटियां बहुत ही मेहनती और एकता से रहने वाला जीव है. सामूहिक प्राणी होने के कारण चींटी सभी कार्यों को बांटकर करती है. विश्वभर में लगभग 14000 से अधिक प्रजाति की चीटियां है। चींटी के बारे में वैज्ञानिकों ने कई रहस्य उजागर किए हैं. चींटियां आपस में बातचीत करती हैं, वे नगर बनाती हैं और भंडारण की समुचित व्यवस्था करना जानती हैं. हमारे इंजीनियरों से कहीं ज्यादा बेहतर होती हैं ‍चींटियां. चींटियों का नेटवर्क दुनिया के अन्य नेटवर्क्स से कहीं बेहतर होता है. ये मिलकर एक पहाड़ को काटने की क्षमता रखती है। चींटियां शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं. चींटियां खुद के वजन से 100 गुना ज्यादा वजन उठा सकती हैं. मानव को चींटियों से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। चीटियों दो प्रकार की होती है लाल चीटियां एवं काली चीटियां. शास्त्रों के अनुसार लाल चीटियां को शुभ तथा काली चीटियों को अशुभ माना गाय है. दोनों ही तरह की चींटियों को आटा डालने की परंपरा प्राचीनकाल से ही विद्यमान है. चींटियों को शकर मिला आटा डालते रहने से व्यक्ति हर तरह के बंधन से मुक्त हो जाता है। हजारों चींटियों को प्रतिदिन भोजन देने से वे चींटियां उक्त व्यक्ति को पहचानकर उसके प्रति अच्छे भाव रखने लगती हैं और उसको वे दुआ देने लगती हैं. चींटियों की दुआ का असर आपको हर संकट से बचा सकता है। * यदि आप कर्ज से परेशान है तो चीटियों को शक़्कर और आटा डाले. ऐसा करने पर कर्ज की समाप्ति जल्द हो जाती है। * जो प्रत्येक दिन चीटियों को आटा देता है वह वैकुंठ धाम को प्रस्थान करता है। * यदि आप लाल चीटियों को मुंह में अंडे दबाए देखते हो यह भी शुभ माना जाता है तथा परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है। कुत्ते का रहस्य :- 〰〰〰〰〰 हमारे पुराणों में यह बतलाया गया है की कुत्ता यमराज दूत है . कुत्ते को भैरव देवता का सेवक भी कहा जाता है. भैरव देवता को प्रसन्न करने के लिए कुत्ते को भोजन करना चाहिए. यदि भैरव देवता अपने भक्त से प्रसन्न रहते है तो किसी भी प्रकार की समस्या एवं रोग उसे छू नहीं सकता। मान्यता है की यदि आप कुत्ते को प्रसन्न रखते है तो वह आपके सामने किसी भी तरह की आत्माओं को फटकने नहीं देता. आत्माएं कुत्ते से दूर भागती है। कुत्ते की क्षमता के बारे में पुराण में बतलाया गया है की दरअसल कुत्ता एक ऐसा प्राणी है जिसे भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्व आभास होता है तथा वह सूक्ष्म जगत को यानि की आत्माओं को देख सकता है। हिन्दू धर्म में कुत्ते को एक रहस्मयी प्राणी माना गया है, परन्तु इसे भोजन कराने से हर प्रकार के संकट से बचा जा सकता है। कुत्ते से जुड़े शकुन एवं अपशकुन :- 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 1 . कुत्ते की रोने की आवाज को अपशकुन माना जाता है. जब भी कुत्ता कराहता है तो समझ लीजिए की नकरात्मक शक्तियां आस पास है। 2 . शस्त्रों में कुत्ते के संबंध में यह बात कहि गई की यदि किसी परिवार में रोगी हो तो कुत्ता पालने से वह रोगी की बिमारी को अपने उपार ले लेता है। 3 . यदि किसी शुभ कार्य के दौरान कुत्ता आपका मार्ग रोके तो इसे विषमता या अनिश्चय प्रकट होती है। 4 . यदि संतान की प्राप्ति न हो रही हो तो काले कुत्ते को पालना चाहिए।📚🖍🙏🙌 *सुभ संध्या जय गणेश* 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰

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*🌞सोमवार 08 मार्च ,2021🌞* ⛅ *मास _फाल्गुन* 🌑 *पक्ष _कृष्ण* ⛅ *तिथि - दशमी दोपहर 03:44 तक तत्पश्चात एकादशी* 🌒 *राहुकाल -08:12 से 09:39:35 तक* *प्रतिदिन जानिए शेयर मार्किट और बाजार का हाल* Astro_Sunil_Garg (Nail & Teeth) ( First Time in The World ) 7982311549, 9911020152 9811332901, 9811332914 https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=4182644951766472&id=100000630247964 *Consultant चार्जेज अप्लाई* *जानिए बाजार का भविष्य* १ सोना, चाँदी, सर्राफा बाजार भविष्य २ तिल, तेल , तिलहन, सरसों, सोयाबीन, मूंगफली बाजार भविष्य ३ गुड़, खाण्ड, शक्कर बाजार भविष्य ४ रुई, कपास बाजार भविष्य ५ अरहर, मसूर , मटर, चना , मूँग बाजार भविष्य ६ गेहूँ, जौ , चना, चावल , मक्का, ज्वार , बाजरा बाजार भविष्य *यदि किसी को सॉस लेने में दिक्कत है या आक्सीजन लेवल कम है या इम्युनिटी कम है तो सिर्फ डाइट के द्वारा ठीक कराये।* *विवाह में देरी के कारण व निवारण उपाय समाधान भी* *महादेव जी की कृपा से आज तक हर जातक का मनोकामना पूरी हुई है*। व्यक्तिगत, वैवाहिक, पारिवारिक, सामाजिक, राजनीतिक, व्यापारिक, नौकरी, वसीयत, जमीन ज्यादाद, बटवारा, विवाह, सन्तान, कर्जा, उधारी, तलाक, कोर्टकेस, जेल, धन की समस्या, गुप्त धन, शत्रु विजय, स्तंभन, वास्तु दोष, नजर दोष, ऊपरी बाधा, किया कराया, वशीकरण, सम्मोहन, उच्चाटन के समाधान के लिए के लिए संपर्क करे। *Consultant चार्जेज अप्लाई* Astro_Sunil_Garg (Nail & Teeth) ( First Time in The World ) 7982311549, 9911020152 9811332901, 9811332914 . ⛅ *विक्रम संवत - 2077 प्रमादी* ⛅ *शक संवत - 1942 शार्वरी* ⛅ *सूर्यायन _ उत्तरायण* ⛅ *ऋतु _बसंत* 🌟 *नक्षत्र - पूर्वाषाढ़ा रात्रि 08:40 तक तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा* ⛅ *योग - व्यतिपात दोपहर 01:49 तक तत्पश्चात वरियान* 🌥️ *करण -विष्टि दोपहर 03:44 तक तत्पश्चात बव* 🌜 *चंद्र राशि _धनु* 🌞 *सूर्य राशि _कुंभ* 🌞 *सूर्योदय - 06:44* 🌒 *सूर्यास्त - 06:24* 💫 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* 🦜 *व्रत पर्व विवरण_ शुक्र पूर्वाभाद्रपद में ,भद्रा, स्वामी श्रीदयानंद सरस्वती जयंती* 1️⃣ *सोमवार 🌜के शुभा$शुभ मुहूर्त* राहुकाल 08:12-09:40 यम गण्ड 11:06- 12:34 गुलीक काल 14:01- 15:29 *अभिजित 12:15-12:59* दूर मुहूर्त 01:48 - 01:50 दूर मुहूर्त 01:54-01:56 2️⃣🌞 *दिन का चौघड़िया* *अमृत 06:44- 08:11शुभ* काल 08:11- 09:38अशुभ *शुभ 09:38- 11:06 शुभ* रोग 11:06- 12:33अशुभ उद्देग 12:33- 14:01 अशुभ *चर 14:01- 15:29शुभ* *लाभ 15:29- 16:54शुभ* *अमृत 16:54- 18:23 शुभ* 3️⃣🌒 *रात का चौघड़िया* *चर 18:23- 19:56 शुभ* रोग 19:56- 21:29 अशुभ काल 21:29- 23:00अशुभ *लाभ 23:00- 24:33शुभ* उद्देग 24:33- 26: 05 अशुभ *शुभ 26:05- 27:37शुभ* *अमृत 27:37- 29:10शुभ* *चर 29:10- 06:43 शुभ* 4️⃣🌞 *दिन का होरा* चन्द्र 06:44- 07:44 शनि 07:44- 08:44 ब्रहस्पति 08:44- 09:44 मंगल 09:44- 10:44 सूर्य 10:44- 11:44 शुक्र 11:44- 12:44 बुध 12:44- 13:44 चन्द्र 13:44- 14:44 शनि 14:44- 15:44 बृहस्पति 15:44- 16:44 मंगल 16:44- 17:44 सूर्य 17:44- 18:44 5️⃣🌒 *रात का होरा* शुक्र 18:44- 19:44 बुध 19:44- 20:44 चन्द्र 20:44- 21:44 शनि 21:44- 22:44 ब्रहस्पति 22:44- 23:44 मंगल 23:44- 24:44 सूर्य 24:44- 25:44 शुक्र 25:44- 26:44 बुध 26:44- 27:44 चन्द्र 27:44- 28:44 शनि 28:44- 29:44 ब्रहस्पति 29:44- 30:43

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काले घोड़े की नाल का प्रयोग 〰️🌼〰️🌼〰️🌼〰️🌼〰️ शत्रु एवं शनि पीड़ित लोग काले घोड़े की नाल के छल्ले का प्रयोग करें तो उत्तम लाभ होता है। यह छल्ला दाहिने हाथ की बीच की (मध्यमा) उंगुली में धारण करना चाहिए। लोगों की बुरी नजर से बचने का अत्यन्त सटीक उपाय है ध्यान रखेंना चाहिए वह छल्ला एकदम शुद्व एवं प्रमाणिक होना चाहिए। तभी इसका पूर्ण लाभ मिलता है घर तथा कार्य स्थान के मुख्य दरवाजे के ऊपर अन्दर की ओर u के आकार में लगाई गई काले घोड़े के नाल उस स्थान की सभी प्रकार तांत्रिक प्रभाव जादू-टोने, नजर आदि से रक्षा करती है। तंत्र क्रियाओं में अनेक वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है। काले घोड़े की नाल भी उन्हीं में से एक है। ऐसा मानते हैं कि तंत्र प्रयोग में यदि काले घोड़े की नाल का प्रयोग किया जाए तो असंभव कार्य भी संभव हो जाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार वैसे तो किसी भी घोड़े की नाल बहुत प्रभावशाली होती है लेकिन यदि काले घोड़े के अगले दाहिने पांव की पुरानी नाल हो तो यह कई गुना अधिक प्रभावशाली हो जाती है।काले घोड़े की नाल एक ऐसी वास्तु है जो शनि समबधित किसी भी पीड़ा जैसे शनि की अशुभ दशा, ढैया, साढ़ेसाती शनि का कोई अशुभ योग आदि..हर पीड़ा में सामान रूप से चमत्कारी है बशर्ते यह पूर्ण रूपेण सिद्ध हो....यहाँ सिद्ध से आशय पहले काले घोड़े के प्रयोग में हो फिर शुभ महूर्त में शनि मंत्रो से व वैदिक प्रक्रिया द्वारा प्रतिष्ठित की गई हो।सिद्ध या उर्जावान काले घोड़े की नाल को परखने का एक बहुत ही प्रमाणिक तरीका है।उसे आप कुछ घंटो (कम से कम ५ से ८ घंटे) के लिए मक्के में रख दिया जाये और फिर जब कुछ समय बाद देखा जाये तो सही सिद्ध घोड़े की नाल उस मक्के को पका देंती है। १👉 काले वस्त्र में लपेट कर अनाज में रख दो तो अनाज में वृद्धि होती है। २👉 काले वस्त्र में लपेट कर तिजोरी में रख दो तो धन में वृद्धि हो | ३👉 अंगूठी या छल्ला बनाकर धारण करे तो शनि के दुष्प्रभाव से मुक्ति मिलती है। ४👉 द्वार पर सीधा लगाये तो दैवीय कृपा प्राप्त होती है। ५👉 द्वार पर उल्टा लगाओ तो भूत, प्रेत, या किसी भी तंत्र मंत्र से बचाव करेगी। ६👉 शनि के प्रकोप से बचाव हेतु काले घोड़े की नाल से बना छल्ला सीधे हाथ में धारण करें। ७👉 काले घोड़े की नाल से चार कील बनवाये और शनि पीड़ित व्यक्ति के पलंग में चारो पायो में लगा दे। ८👉 काले घोड़े की नाल से चार कील बनवाये और शनि पीड़ित व्यक्ति के घर के चारो कोने पे लगाये। ९👉 काले घोड़े की नाल से एक कील बनाकर सवा किलो उरद की दाल में रख कर एक नारियल के साथ जल में प्रवाहित करे। १०👉 काले घोड़े की नाल से एक कील या छल्ला बनवा ले, शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भर कर है छल्ला या कील डाल कर अपना मुख देखे और पीपल के पेड़ के नीचे रख दे। 🖕उपरोक्त उपायो से अवश्य ही शनि से होने वाली पीड़ा में राहत मिलती है। 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

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अग्निहोत्र का महत्त्व १. ‘अग्निहोत्र से उत्पन्न अग्नि, रज-तम कणों को विघटित करती है तथा वायुमंडल में दीर्घकाल तक बनी रहती है । इसलिए इस प्रक्रिया को कार्यान्वित करते रहने से यह अग्नि मनुष्य के सर्व ओर १० फुट तक का सुरक्षा-कवच निर्मित करती है । यह कवच तेज संबंधी वस्तुमात्र के स्पर्श के प्रति अत्यंत संवेदनशील होता है । सूक्ष्मरूप से यह कवच ताम्रवर्ण का दिखाई देता है । २. जब अच्छी बातों से संबंधित तेज इस कवच के सान्निध्य में आता है, तब कवच में विद्यमान ताम्रवर्ण के तेजकण इस तेज को स्वयं में समाविष्ट कर अपने कवच को पुष्ट करते हैं । ३. रज-तमात्मक तेजकण कर्कश स्वरूप में आघात की निर्मिति करते हैं । इसलिए उनके समीप आने के संबंध में मनुष्य के सर्व ओर निर्मित सुरक्षा-कवच को पहले से ही बोध हो जाता है और वह स्वयं से प्रतिक्षिप्त क्रिया (प्रतिक्रिया) के रूप में अनेक तेजतरंगें तेज गति से ऊत्सर्जित कर, रज-तमात्मक तेजकणों के कर्कश नाद को ही नष्ट करता है तथा नाद उत्पन्न करनेवाले तेजकणों को भी नष्ट कर देता है । फलस्वरूप उन तरंगों का तेज आघात करने में असमर्थ हो जाता है । अर्थात बम से आघातात्मक विघातक स्वरूप में ऊत्सर्जित होनेवाले ऊर्जा के वलय पहले ही नष्ट कर दिए जाने से बम किरणोत्सर्ग की दृष्टि से निष्क्रिय हो जाता है । इस कारण बम फेंके जानेपर भी आगे होनेवाला जनसंहार कुछ मात्रा में टल जाता है । कदाचित बम का विस्फोट हो जाए, तो भी उसमें से तेज गति से निकलनेवाली तेजरूपी रज-तमात्मक तरंगें, वायुमंडल के सूक्ष्मतर रूपी इस अग्निकवच से टकराकर उसी में विघटित हो जाती हैं । उसका सूक्ष्म-परिणाम भी वहीं समाप्त हो जाता है, जिससे वायुमंडल संभावित प्रदूषण के संकट से मुक्त रहता है ।’

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Deepak Mar 7, 2021

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