Krishna Singh
Krishna Singh Dec 2, 2017

चमत्कारी औषधि है हल्दी

चमत्कारी औषधि है हल्दी

इन दिनों मौसम में संक्रमण बढ़ जाता है। रसोई में काम आने वाली हल्दी संक्रमण से बचाव का अच्छा उपाय हो सकती है। यह केवल एक मसाला नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से गुणकारी दवा भी है। सब्जी, दाल हो या फिर कोई और नमकीन व्यंजन।

यहां तक कि कई मिठाइयों में भी हल्दी का प्रयोग किया जाता है। हल्दी लजीज व्यंजनों का स्वाद तो बढ़ाती ही है त्वचा, शरीर और पेट संबंधी कई रोगों में भी काम आती है। हल्दी के पौधे की जड़ से मिलने वाली गांठें ही नहीं, इसके पत्ते भी उपयोगी होते हैं।

गुणकारी हल्दी के अलग-अलग लाभ उठाने के लिए आपको किसी वैद्य या विशेषज्ञ की शरण में जाने की जरूरत नहीं है। अपने घर पर ही छोटे-छोटे प्रयोग कर इसके अलग-अलग लाभ उठाए जा सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। खून को साफ करती है। महिलाओं की पीरियड से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करती है।

लीवर संबंधी समस्याओं में भी इसे गुणकारी माना जाता है। यही वजह है कि सर्दी-खांसी होने पर दूध में कच्ची हल्दी पाउडर डालकर पीने की सलाह दी जाती है। जरूरी है कि हल्दी को हमेशा एयर टाइट कंटेनर में रखें ताकि इसके स्वाद और गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आए। खांसी होने पर हल्दी की छोटी गांठ मुंह में रख कर चूसें। इससे खांसी नहीं उठती।

पेट में कीड़े होने पर 1 चम्मच हल्दी पाउडर रोज सुबह खाली पेट एक सप्ताह तक ताजा पानी के साथ लेने से कीड़े खत्म हो सकते हैं। चाहें तो इस मिश्रण में थोड़ा नमक भी मिला सकते हैं। इससे भी फायदा होगा।

चेहरे के दाग-धब्बे और झाइयां हटाने के लिए हल्दी और काले तिल को बराबर मात्रा में पीसकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं। हल्दी-दूध का पेस्ट लगाने से त्वचा का रंग निखरता है और आपका चेहरा खिला-खिला लगता है।

त्वचा से अनचाहे बाल हटाने के लिए हल्दी पाउडर को गुनगुने नारियल तेल में मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को हाथ-पैरों पर लगाएँ। इसे त्वचा मुलायम रहती है और शरीर के अनचाहे बाल भी धीरे-धीरे हट जाते हैं।

सनबर्न की वजह से त्वचा झुलसने या काली पड़ने पर हल्दी पाउडर, बादाम चूर्ण और दही मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएं। इससे त्वचा का रंग निखर जाता है और सनबर्न की वजह से काली पड़ी त्वचा भी ठीक हो जाती है। यह एक तरह से सनस्क्रीन लोशन की तरह काम करता है।

मुंह में छाले होने पर गुनगुने पानी में हल्दी पाउडर मिलाकर कुल्ला करें या हलका गर्म हल्दी पाउडर छालों पर लगाएं। इससे मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।

चोट-मोच, मांसपेशियों में खिंचाव या अंदरूनी चोट लगने पर हल्दी का लेप लगाएं या गर्म दूध में हल्दी पाउडर डालकर पीएं।

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कामेंट्स

pt bk upadhyay Dec 2, 2017
ज्ञान वर्धक जानकारी दी है। बंद मासिक मे, खून गाढा होने मे, मोटापे मे तथा कई अन्य समस्या मे भी हल्दी यूज होती है। चूहे होने पर बिल मे गाँठें डालते हैं।शुभकामनाएं।

Sanjay Misra Dec 3, 2017
सुप्रभात।बहुत ही जानकारी प्राप्त हुई।धन्यवाद।

Captain Dec 3, 2017
सुप्रभात good use of turmrik

Krishna Singh Dec 3, 2017
साबूत हल्दी लाकर गलाकर पीसवाले हल्दी शुद्ध ही मीलेगी 🙏

राजू भूमिहार ब्राह्मण जी Dec 3, 2017
प्रभु जी आपसे हाथ जोड़कर विनती है आप हमें BP और थायराइड से रहित जानकारी व औषधी हमें बताएं जो उचित हो जो मैं ग्रहण कर सकूं आपकी बहुत बहुत कृपा होगी जय माता दी

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🌿 *आयुर्वेदिक डॉक्टरो को जोलाछाप कहने वालो इस मेसेज को ध़्यान से पढ़े आैर जाने आखिर कोन है जोलाछाप ?* 🌿 ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ❇ हंमेशा से ही ऐलोपैथी विग्यान आयुर्वेद को आधारहीन ऐवं कीसी कामका नही कहकर आयुर्वेदिक डॉक्टरो की बेइज्जती करतां आयां है लेकिन सब पैथी का बाप तो आयुर्वेद ही है | आैर अगर आयुर्वेद नही होतां तो आज ऐलोपैथी भी नही होतां यह बात हमारे इस मेसेज को पुरां पढ़कर आप भी जान जायेंगे | ❇ *ऐलोपैथी मे उपयोग होने वाली महत्वपुर्ण दवाइयां जो निचे दी गइ है वह "आयुर्वेदिक प्लान्ट" से बनती है निचे का मेसेज पुरां पढ़िये आैर जाने केसे ऐलोपैथी वाले आयुर्वेदिक आैषधि को लेटिन नाम देकर अपनी चिकित्सा पैथी कहलाते है |* 1) Tinacardin - यह दवाइ गीलोय के सत्व से बनती है | 2) Curcumin- यह दवाइ आयुर्वेदिक आैषधि हल्दी सत्व से बनती है | 3) Coral - यह दवाइ प्रवाल पिष्टी से बनने वाली दवाइ है | 4) Hyprobromide - यह दवाइ खुरासानी अजवाइन का ऐक्ट्रेक्ट है | 5) Quinone - यह दवाइ कुनैन की जड से तैयार होती है | 6) Pentaprazole - यह दवाइ खाने सा सोडा से तैयार होती है | 7) Pramhexin -यह ऐलोपैथी दवाइ वासा सत्व से बनती है | 8) Revocin - यह दवाइ सर्पगंधा के ऐक्ट्रेक्ट से बनी होती है | 9) Ginseng - यह चाइनां जिनसेंग नामक आैषधि से बनती है | 10) Diclpfenac- यह दवाइ अफिण से बनाइ जाती है | 11) Colcicine - यह दवाइ सुरंजन नामक आैषधी से बनती है | 12) Taxol - यह द्रोणपुष्पी के ऐक्ट्रेक्ट से बनाइ जाती है | 13) Atropine - यह धतुरपञ से बनने वाली ऐलोपैथी दवाइ है | 14 ) Eno - इनो १००% आयुर्वेदिक आैषधी से बनाइ जाती है | ❇ *उपर दी गइ ऐलोपैथी दवाइयो मे १०० % आयुर्वेदिक आैषधी को लेकर इसका ऐक्ट्रेक्ट निकालकर या तो उसका सत्व निकालकर लेटिन नाम देकर अंग्रेजी दवाइयो का नाम देकर मार्केट मे खुब बिक रही है आैर लोग इसको खुब खा भी रहे हे |* यह जानकारी सभी लोगो तक शेयर करें जो आयुर्वेद को जोलाछार समजते है | *राजिव दिक्षित जी अमर रहो* *स्वदेशी अपनाये, देश बचाये |* 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

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pari singh piya Mar 26, 2019

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pari singh piya Mar 26, 2019

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pari singh piya Mar 26, 2019

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pari singh piya Mar 26, 2019

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sompal Prajapati Mar 25, 2019

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Naval Sharma Mar 25, 2019

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sompal Prajapati Mar 25, 2019

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