🌲🔥🌲जय 🔥श्री🔥 राधे राधे🌲🔥🌲 शुभरात्रि जी 🌲🔥🌲एक बार वीडियो जरूर देखें🌲🔥🌲🙏🙏🙏

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मेरे प्यारे मित्रों मैं ..3..4...दिन तक आपके बीच असमर्थ रहूंगा क्योंकि मेरे बड़े भैया की शादी है इसलिए मैं अपने प्रभु की कोई पोस्ट नहीं कर पाऊंगा जय श्री राधे राधे शुभरात्रि जी 🙏🙏🙏

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कामेंट्स

Raj Feb 16, 2018
Jai Shri Ram

Babita Sharma Feb 16, 2018
Aapko bahut badhai ho beta Bhagwan Aap dono par apni kripa banaye rakhein.Sada khush raho Gn

Minakshi Tiwari May 31, 2020

🌹🌹राधे राधे जी 🌹🌹 💦💦शुभ रात्रि 💦💦 "जाने क्यूं अब शर्म से, चेहरे गुलाब नही होते। जाने क्यूं अब मस्त मौला मिजाज नही होते। पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें। जाने क्यूं अब चेहरे, खुली किताब नही होते। सुना है बिन कहे दिल की बात समझ लेते थे। गले लगते ही दोस्त हालात समझ लेते थे। तब ना फेस बुक ना स्मार्ट मोबाइल था ना फेसबुक ना ट्विटर अकाउंट था एक चिट्टी से ही दिलों के जज्बात समझ लेते थे। सोचता हूं हम कहां से कहां आ गये, प्रेक्टीकली सोचते सोचते भावनाओं को खा गये। अब भाई भाई से समस्या का समाधान कहां पूछता है अब बेटा बाप से उलझनों का निदान कहां पूछता है बेटी नही पूछती मां से गृहस्थी के सलीके अब कौन गुरु के चरणों में बैठकर ज्ञान की परिभाषा सीखे। परियों की बातें अब किसे भाती है अपनो की याद अब किसे रुलाती है अब कौन गरीब को सखा बताता है अब कहां कृष्ण सुदामा को गले लगाता है जिन्दगी मे हम प्रेक्टिकल हो गये है मशीन बन गये है सब इंसान जाने कहां खो गये है! इंसान जाने कहां खो गये है.......! 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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Shanti Pathak May 31, 2020

🌹🌺🌷जय श्री कृष्ण🌷🌺🌹* *"नादान" इंसान ही जिंदगी का* *'आनंद' लेता है...,* *ज्यादा "होशियार" तो हमेशा* *'उलझा' हुआ रहता है..* *बहुत मुश्किल है,,* *उस शख़्स को गिराना,,,,* *जिसको चलना,,* *ठोकरों ने सिखाया हो,,,,* सदैव हंसते रहिए, हसाते रहिए 🙏 *शुभरात्रि * 🙏 ईश्वर बहुत दयालु है एक राजा का एक विशाल फलों का बगीचा था, उसमें तरह-तरह के फल होते थे और उस बाग की सारी देखरेख एक किसान अपने परिवार के साथ करता था। वह किसान हर दिन बगीचे के ताजे फल लेकर राजा के राजमहल में जाता था। एक दिन किसान ने पेड़ों पे देखा नारियल अमरूद, अनार और अंगूर पककर तैयार हैं। किसान सोचने लगा आज कौन सा फल महाराज को अर्पित करूं, फिर उसे लगा अंगूर करने चाहिये क्योंकि वो तैयार हैं इसलिये उसने अंगूरों की टोकरी भर ली और राजा को देने चल पड़ा! किसान राजमहल में पहुचा, राजा किसी दूसरे ख्याल में खोया हुआ था और नाराज भी लग रहा था किसान ने रोज की तरह मीठे रसीले अंगूरों की टोकरी राजा के सामने रख दी और थोड़ी दूर बैठ गया, अब राजा उसी खयालों-खयालों में टोकरी में से अंगूर उठाता एक खाता और एक खींच कर किसान के माथे पर निशाना साधकर फेंक देता। राजा का अंगूर जब भी किसान के माथे या शरीर  पर लगता था तो किसान कहता था, ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’ राजा फिर और जोर से अंगूर फेंकता था किसान फिर वही कहता था ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’। थोड़ी देर बाद राजा को एहसास हुआ की वो क्या कर रहा है और प्रत्युत्तर क्या आ रहा है वो संभलकर बैठा, उसने किसान से कहा, मैं तुम्हें बार-बार अंगूर मार रहा हूं और फिर भी तुम बार-बार क्यों कह रहे हो की ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’। किसान नम्रता से बोला, महाराज, बागान में आज नारियल, अनार और अमरुद भी तैयार थे पर मुझे भान हुआ क्यों न आज आपके लिए अंगूर ले चलूं। लाने को मैं अमरूद और अनार भी ला सकता था पर मैं अंगूर लाया। यदि अंगूर की जगह नारियल, अनार या बड़े बड़े अमरूद रखे होते तो आज मेरा हाल क्या होता? इसीलिए मैं कह रहा हूं कि  ‘ईश्वर बड़ा दयालु है’। शिक्षा: इसी प्रकार ईश्वर भी हमारी कई मुसीबतों को बहुत हल्का करके हमें उबार लेता है पर हम लोग ईश्वर को ही सारा दोष दे देते हैं। आज हमारे पास जो कुछ भी है अगर वास्तविकता के धरातल पर खड़े होकर देखेंगे तो वास्तव में हम इसके लायक भी नही हैं।

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NEha sharma 💞💞 May 31, 2020

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Omprakash Upadhyay May 30, 2020

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Jyoti Yadav May 30, 2020

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