🌺🌞प्रारब्ध एक दैवीय महाभिलेख🌞🌺🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🌞🌹🌞🌹 प्रारब्ध का लेख परमात्मा लिखता है पर वह यह लेख जीव द्वारा किए गए कर्मों के अनुसार लिखता है। प्रत्येक जीव अपने प्रारब्ध के लिए खुद ज़िम्मेदार है, वह इसके लिए किसी दूसरे को दोषी नहीं ठहरा सकता। भले ही किसी ने अनजाने में जहर पिया हो या कोई जान-बूझकर जहर पी ले, ज़हर का असर ज़रूर होगा। इसी तरह चाहे कोई कर्म और कर्म फल के सिद्धांत को माने या न माने, हर एक को कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है।🌞🌹🌞🌹 🌞🌞🌹🌹शुभ अपरान्ह🌹🌹🌞🌞

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Omprakash Upadhyay May 13, 2021

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