Barkha Sinha
Barkha Sinha Mar 25, 2019

जय श्री गणेशजी

जय श्री गणेशजी
जय श्री गणेशजी
जय श्री गणेशजी
जय श्री गणेशजी

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कामेंट्स

Gour.... Mar 25, 2019
जय श्री राम जी। जय श्रीराधे जय श्री कृष्णा जी। भगवान् आपको हमेशा खुश रखें आपका हर पल खुशियों से भरा हो।

U. S Pandey Mar 25, 2019
ॐ गं गणेशाय नमो नमः ॐ 🌷🙏🌷सुप्रभात बंदन, बहन। 🌷🙏🌷अति सुन्दर प्रस्तुति। 🌷🙏🌷आप का दिन शुभ एवं मंगलमय हो।

Omkar Singh Rajpoot Rajpoot Mar 25, 2019
राधेश्याम राधेश्याम राधेश्याम राधेश्याम राधेश्याम राधेश्याम

🌷🌷🌷mukseh nagar🌷🌷🌷 Mar 25, 2019
इश्क़ इस जहाँ में तब तक मुकमिल नहीं होता, जब तक वो ""किशोरी जी"" से नहीं होता। और जिनको ""किशोरी जी ""से इश्क़ हो, उनके जैसा फिर आशिक नहीं होता। श्रीराधे

c.g sahu Mar 26, 2019
sabhi posts pasand kerney ke liea bahut dhanyabad ji

संजय शर्मा Mar 26, 2019
श्री गणेशाय नमः सुप्रभात । पुजारी संजय पण्डित

Mahendra umraniya Mar 26, 2019
Jay sri Krishna Good morning ji have a beautiful day radhe radhe🌷

NK Pandey Mar 26, 2019
Jai Shri Ram Bahen Aap ka Har Pl Mangalmay Ho Bahen

🌹 LALIT SAHGAL 🌹 Mar 26, 2019
radhe radhe good morning bahna ji ☺️ apka din shubh ho 🙂 AP sda khush rhe bahna ji ☺️

༺꧁अंजू जोशी ꧂༻ Mar 26, 2019
राम राम बहना जी 🍁💐👣👣💐🍁 ॐ में ही आस्था हैं, ॐ में ही विश्वास हैं, ॐ में ही शक्ति हैं, ॐ में ही संसार, ॐ से होती हैं अच्छे दिन की शुरूआत. 🍁💐👣👣💐🍁

Niranjan Pal Mar 27, 2019
ओम गणेशाय नमः ॐ गणेशाय नमः। बरखा बहन शायद कुछ गलत प्रचार कर रहे हैं,_ लडकी किसी की बेटी, किसी की बहन, किसी की बीबी, किसी की मां और किसी की दादी बनती है, उसके स्वरुप को समझना , बुद्धि मतो काम काम है। बेटियां हर एक घर में पैदा होती है,जो लोग बेटियां काम अपमान करते हैं क्या उनके घर में बेटी नहीं है, फिर उसका अपमान श्रष्टि कैसे बर्दाश्त कर सकती हैं। ई.

Sajjan Singhal Apr 21, 2019

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anju mishra Apr 21, 2019

कैसे होती है उच्छिष्ट गण‍पति की साधना...  उच्छिष्ट गणपति की साधना में साधक का मुंह जूंठा होना चाहिए। जैसे पान, इलायची, सुपारी आदि कोई चीज साधना के समय मुंह में होनी चाहिए। अलग-अलग कामना के लिए अलग-अलग वस्तु का प्रयोग करना चाहिए। * वशीकरण के लौंग और इलायची का प्रयोग करना चाहिए। * किसी भी फल की कामना के लिए सुपारी का प्रयोग करना चाहिए। * अन्न या धन वृद्धि के लिए गुड़ का प्रयोग करना चाहिए। * सर्वसिद्धि के लिए ताम्बुल का प्रयोग करना चाहिए। मंत्र और विनियोग...  ।। हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा ।। विनियोग ॐ अस्य श्री उच्छिष्ट गणपति मंत्रस्य कंकोल ऋषि:,  विराट छन्द:, श्री उच्छि गणपति देवता,  मम अभीष्ट (जो भी कामना हो) या सर्वाभीष्ट सिद्धयर्थे जपे विनियोग:। न्यास  ॐ अस्य श्री उच्छिष्ट गणपति मंत्रस्य कंकोल ऋषि: नम: शिरीस।  विराट छन्दसे नम: मुखे। उच्छिष्ट गणपति देवता नम: हृदये। सर्वाभीष्ट सिद्धयर्थे जपे विनियोगाय नम: सर्वांगे।  ऐसा कहकर निर्दिष्ट अंगों पर हाथ लगाएं... ॐ हस्ति अंगुष्ठाभ्यां नम: हृदयाय नम: ॐ पिशाचि तर्जनीभ्यां नम: शिरसे स्वाहा ॐ लिखे मध्यमाभ्यां नम: शिखाये वषट्‍ ॐ स्वाहा अनामिकाभ्यां नम: कवचाय हुँ ॐ हस्ति पिशाचि लिखे कनिष्ठकाभ्यां नम: नैत्रत्रयाय वोषट्‍ ॐ हस्ति पिशाचि लिख स्वाहा करतल कर पृष्ठाभ्यां नम: अस्त्राय फट्‍ ध्यान ।। रक्त वर्ण त्रिनैत्र, चतुर्भुज, पाश, अंकुश, मोदक पात्र तथा हस्तिदंत धारण किए हुए। उन्मत्त गणेशजी का मैं ध्यान करता हूं। हर गणेश का फल भी अलग  गणेशजी को घी से तथा दुग्ध धारा द्वारा व जलधारा द्वारा शुद्ध करके पोंछ कर रखें तथा पूजन करें। गणेश प्रतिमा श्वेतार्क की (हस्ति चित्र पर बैठकर) बनाएं। इसे रवि पुष्य या गुरु पुष्य में बनाने का विशेष महत्व है।  * श्वेतार्क मूर्ति को गल्ले या तिजोरी में रखने से धन बढ़ता है।  * शत्रु नाश के लिए नीम की लकड़ी से बने गणेशजी की आराधना करें। * गुड़ की प्रतिमा से धन की वृद्धि होती है। आठ हजार जप नित्य कर दशांस हवन करें। भोजन से पूर्व गणपति के निमित्त ग्रास निकालें। ऐसी मान्यता है कि उच्छिष्ट गणपति की आराधना से कुबेर को नौ निधियां प्राप्त हुई थीं और विभिषण लंकापति बने थे। विशेष : इस तरह की साधना किसी योग्य गुरु या आचार्य के मार्गदर्शन में करें। क्योंकि अकेले में इस तरह के प्रयोग से व्यक्ति को नुकसान भी हो सकता है।

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|| एक अंजान सी अंतहीन दौड़ ||📚🕉️ एक किसान के घर एक दिन उसका कोई परिचित मिलने आया। उस समय वह घर पर नहीं था। उसकी पत्नी ने कहा-'वह खेत पर गए हैं। मैं बच्चे को बुलाने के लिए भेजती हूं। तब तक आप इंतजार करें।' कुछ ही देर में किसान खेत से अपने घर आ पहुंचा। उसके साथ-साथ उसका पालतू कुत्ता भी आया। कुत्ता जोरों से हांफ रहा था। उसकी यह हालत देख, मिलने आए व्यक्ति ने किसान से पूछा-'क्या तुम्हारा खेत बहुत दूर है?' किसान ने कहा-'नहीं, पास ही है। लेकिन आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं?' उस व्यक्ति ने कहा-'मुझे यह देखकर आश्चर्य हो रहा है कि तुम और तुम्हारा कुत्ता दोनों साथ-साथ आए, लेकिन तुम्हारे चेहरे पर रंच मात्र थकान नहीं जबकि कुत्ता बुरी तरह से हांफ रहा है।' किसान ने कहा-'मैं और कुत्ता एक ही रास्ते से घर आए हैं। मेरा खेत भी कोई खास दूर नहीं है। मैं थका नहीं हूं। मेरा कुत्ता थक गया है। इसका कारण यह है कि मैं सीधे रास्ते से चलकर घर आया हूं, मगर कुत्ता अपनी आदत से मजबूर है। वह आसपास दूसरे कुत्ते देखकर उनको भगाने के लिए उसके पीछे दौड़ता था और भौंकता हुआ वापस मेरे पास आ जाता था। फिर जैसे ही उसे और कोई कुत्ता नजर आता, वह उसके पीछे दौड़ने लगता। अपनी आदत के अनुसार उसका यह क्रम रास्ते भर जारी रहा। इसलिए वह थक गया है।' देखा जाए तो यही स्थिति आज के इंसान की भी है। जीवन के लक्ष्य तक पहुंचना यूं तो कठिन नहीं है, लेकिन लोभ,मोह अहंकार और ईर्ष्या जीव को उसके जीवन की सीधी और सरल राह से भटका रही है। अपनी क्षमता के अनुसार जिसके पास जितना है, उससे वह संतुष्ट नहीं। आज लखपति, कल करोड़पति, फिर अरबपति बनने की चाह में उलझकर इंसान दौड़ रहा है। अनेक लोग ऐसे हैं जिनके पास सब कुछ है। भरा-पूरा परिवार, कोठी, बंगला, एक से एक बढ़िया कारें, क्या कुछ नहीं है। फिर भी उनमें बहुत से दुखी रहते हैं। बड़ा आदमी बनना, धनवान बनना बुरी बात नहीं, बनना चाहिए। यह हसरत सबकी रहती है। उसके लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी तो थकान नहीं होगी। लेकिन दूसरों के सामने खुद को बड़ा दिखाने की चाह के चलते आदमी राह से भटक रहा है और यह भटकाव ही इंसान को थका रहा है।

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MAHESH MALHOTRA Apr 21, 2019

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