sita
sita Mar 26, 2021

🍀🌷👏जय माता दी 👏🌷🍀माता रानी आप सभी भाई बहनों का हर पल शुभ मंगलमय करें🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

🍀🌷👏जय माता दी 👏🌷🍀माता रानी आप सभी भाई बहनों का हर पल शुभ मंगलमय करें🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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कामेंट्स

dhruv wadhwani Mar 26, 2021
जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम

umeshfatfatwale Mar 27, 2021
जय श्री हनुमान जय शनि देवाय नमः सुप्रभात गुड मॉर्निंग सुबह की राम राम जी आप सदा खुश रहे हनुमान जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे राधे राधे

Ravi Kumar Taneja Mar 27, 2021
हनुमानजी की कृपा दृष्टि आप पर हमेशा बनी रहे 🙏🌹🙏 शनिदेव जी का आशीर्वाद सपरिवार आपको मिले🙏 🌼🙏 आपकी सब मनोकामना सियाराम जी पूरी करे 🙏🌷🙏 जय जय जय बजरंगबली🙏🥀🙏 जय शनिदेव महाराज🙏🌻🙏

Ajit sinh Parmar Mar 27, 2021
गुड मार्निग र।धेकृषण बहुत ही सुन्दर पोस्ट आप हरहमेश कुशल रहो जी 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

Amit Thakur Mar 27, 2021
Good Morning Didi 🙋‍♂️🙋‍♂️🙋‍♂️

Brajesh Sharma Mar 27, 2021
जय सूर्य पुत्र शनि देव महाराज श्री राम जय राम जय जय राम राम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की हर हर महादेव.... ॐ नमः शिवाय

Mira nigam 7007454854 Mar 27, 2021
श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम दो अक्षर का प्यारा नाम श्री राम जय राम जय जय राम जय श्री राम

Mira nigam 7007454854 Mar 27, 2021
को नहीं जानत है जग में संकट मोचन नाम तिहारो जय श्री राम जय हनुमान जी भगवान की जय शनि देव भगवान की जय

V K SINGH Mar 27, 2021
PREM SE BOLO JAI MATA DI 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹 JAI MAA SANTOSHI KI 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏 GOOD NIGHT 🙏

मेरे साईं (indian women) Mar 28, 2021
🔥होलिका 🔥दहन 🔥की 🔥पावन 🔥पर्व 🔥के 🔥शुभ 🔥अवसर 🔥पर 🔥आप 🔥सभी 🔥को 🔥हार्दिक 🔥शुभकामनायें 🔥🙏🙏🙏🙏🙏 🦚🦚🦚🦚🦚🦚 जय श्री सूर्य देव 🦚🦚🦚🦚🦚🦚 होली की पूर्व संध्या में होलिका दहन किया जाता है। इसके पीछे एक प्राचीन कथा है कि असुर हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु से घोर शत्रुता रखता था। इसने अपनी शक्ति के घमंड में आकर स्वयं को ईश्वर कहना शुरू कर दिया और घोषणा कर दी कि राज्य में केवल उसी की पूजा की जाएगी। उसने अपने राज्य में यज्ञ और आहुति बंद करवा दी और भगवान के भक्तों को सताना शुरू कर दिया। हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। पिता के लाख कहने के बावजूद प्रह्लाद विष्णु की भक्ति करता रहा। असुराधिपति हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को मारने की भी कई बार कोशिश की परंतु भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते रहे और उसका बाल भी बांका नहीं हुआ। असुर राजा की बहन होलिका को भगवान शंकर से ऐसी चादर मिली थी जिसे ओढ़ने पर अग्नि उसे जला नहीं सकती थी। होलिका उस चादर को ओढ़कर प्रह्लाद को गोद में लेकर चिता पर बैठ गई। दैवयोग से वह चादर उड़कर प्रह्लाद के ऊपर आ गई, जिससे प्रह्लाद की जान बच गई और होलिका जल गई। होलिका दहन के दिन होली जलाकर होलिका नामक दुर्भावना का अंत और भगवान द्वारा भक्त की रक्षा का जश्न मनाया जाता है।

Amit Thakur Mar 28, 2021
Happy Holika Dahan Meri Pyari Didi Aap Hmesha Khushi Rho Ji God Bless You and your family

Ravi Kumar Taneja Mar 28, 2021
*आप एवं आपके परिवार को रंग 🌈और उमंग 💦के पर्व होली की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।*🙏 *यह पर्व आप सभी के जीवन में नई खुशियां एवं नई सफलताओं के रंग लेकर आएं यही परमपिता परमेश्वर से कामना करते हैं।*🙏 🦋🎻🙏🌹🙏🎻🦋 🌈💦🌈💦🌈💦🌈 *जय श्री राधे कृष्णा जी*🙏🌷🙏 *होली के रसिया ठाकुर श्री बांकेबिहारी लाल की कृपा आप व आपके परिवार🌻 पर सदैव बनी रहे जी*🙏🌻🙏 🕉🦋🎻🌺🦋🎻🕉

Ravi Kumar Taneja Mar 28, 2021
*आप एवं आपके परिवार को रंग 🌈और उमंग 💦के पर्व होली की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।*🙏 *यह पर्व आप सभी के जीवन में नई खुशियां एवं नई सफलताओं के रंग लेकर आएं यही परमपिता परमेश्वर से कामना करते हैं।*🙏 🦋🎻🙏🌹🙏🎻🦋 🌈💦🌈💦🌈💦🌈 *जय श्री राधे कृष्णा जी*🙏🌷🙏 *होली के रसिया ठाकुर श्री बांकेबिहारी लाल की कृपा आप व आपके परिवार🌻 पर सदैव बनी रहे जी*🙏🌻🙏 🕉🦋🎻🌺🦋🎻🕉

babulal Mar 28, 2021
radhe radhe ji happy holi ji

प्रवीण चौहान २४७ Mar 28, 2021
ओम नमो भगवते वासुदेवाय 🙏🏻🌺 जय जय श्री राम 🙏🏻🌹 ओम सूर्य देवाय नमः 🙏🏻🌼 शुभ होली आज के होली में आपके सब दुख दर्द जल जाए, और कल ही रंगपंचमी के सारे रंग आपके जीवन को खुशियों से भर जाए… आप एवं आपके परिवार के सभी सदस्‍य को होलिकादहन और होली की शुभकामनाए।

surinder Kumar bittu Mar 30, 2021
jai Jai shri shri Lakshmi narayan narayan hari hari ji very sweet good night ji

Manju_chuahan_ May 10, 2021

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Shashi Bhushan Singh May 10, 2021

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💗 Geeta 💓 May 10, 2021

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*मनुष्य का स्वभाव है “कमाना, संग्रह करना” फिर चाहे वो धन हो, नाते हो, संबंध हो या हो प्रसन्नता, परन्तु क्या आपने कभी सोचा है? नियति ने ये संग्रह करने की प्रकृति मनुष्य में क्यों डाली ?* *एक बीज से पौधा पनपता है, उसके भोजन से फल संग्रहित होता है क्यों? इसलिए ताकि वृक्ष उसे स्वयं खा सके? नहीं, बल्कि इसलिए ताकि वो भूखे जीवों में बाँट सके। अब आप पूछेंगे कि इसमें वृक्ष का क्या लाभ ?* *लाभ है, क्योंकि जो बांटता है वो मिटता नहीं। जो फल ये जीव खाते है वो उसके बीजों को वातावरण में बिखेर देते है जिससे जन्म लेते है नए वृक्ष, उसकी जाति, उसका गुण, उसकी मिठास अमर हो जाती है !* *इसलिए स्मरण रखियेगा अमीर होने के लिए एक-एक क्षण संग्रह करना पड़ता है।* *!!!...बुराई बड़ी मीठी है,* *उसकी चाहत कम नहीं होती* *सच्चाई बड़ी कड़वी है,* *सबको हजम नहीं होती...!!!* *जय माता दी*🙏🙏 *कुमार रौनक कश्यप*🙏🙏

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Smt Neelam Sharma May 9, 2021

*माँ* आप सभी मातृ शक्तियों को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।। *अर्थात, माता के समान कोई छाया नहीं है, माता के समान कोई सहारा नहीं है। माता के समान कोई रक्षक नहीं है और माता के समान कोई प्रिय चीज नहीं है।* 'माँ' यह वो अलौकिक शब्द है, जिसके स्मरण मात्र से ही रोम−रोम पुलकित हो उठता है, हृदय में भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ता है और मनो मस्तिष्क स्मृतियों के अथाह समुद्र में डूब जाता है। 'माँ' वह अमोघ मंत्र है, जिसके उच्चारण मात्र से ही हर पीड़ा का नाश हो जाता है। 'माँ' की ममता और उसके आँचल की महिमा को शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता है, नौ महीने तक गर्भ में रखना, प्रसव पीड़ा झेलना, स्तनपान करवाना, रात−रात भर बच्चे के लिए जागना, खुद गीले में रहकर बच्चे को सूखे में रखना, मीठी−मीठी लोरियां सुनाना, ममता के आंचल में छुपाए रखना, तोतली जुबान में संवाद व अठखेलियां करना, पुलकित हो उठना, ऊंगली पकड़कर चलना सिखाना, प्यार से डांटना−फटकारना, रूठना−मनाना, दूध−दही−मक्खन का लाड़−लड़ाकर खिलाना−पिलाना, बच्चे के लिए अच्छे−अच्छे सपने बुनना, बच्चे की रक्षा के लिए बड़ी से बड़ी चुनौती का डटकर सामना करना और बड़े होने पर भी वही मासूमियत और कोमलता भरा व्यवहार.....ये सब ही तो हर 'माँ' की मूल पहचान है। इस सृष्टि के हर जीव और जन्तु की 'माँ' की यही मूल पहचान है। मां का अर्थ ही होता है पृथ्वी पर ईश्वर उपस्थिति वैसे तो मां के साथ हर दिन ही जन्नत सा महसूस होता है पर इसके लिए एक विशेष दिन बनाया गया है *मातृ दिवस* मातृ दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य मां के प्रति सम्मान और प्रेम को प्रदर्शित करना है। *आइए जानते हैं मातृ दिवस सर्वप्रथम कहां से प्रारंभ हुआ* मातृ दिवस मनाने का शुरुआत सर्वप्रथम ग्रीस देश में हुई थी, जहां देवताओं की मां को पूजने का चलन शुरु हुआ था। इसके बाद इसे त्योहार की तरह मनाया जाने लगा। हर मां अपने बच्चों के प्रति जीवन भर समर्पित होती है। मां के त्याग की गहराई को मापना भी संभव नहीं है लेकिन उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता को प्रकट करना हमारा कर्तव्य है। *भारत में मातृ दिवस मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस वर्ष भारत में मातृ दिवस 9 मई को मनाया जाएगा।* मैं अक्सर देखता हूं कि लोग अपनी माताजी को मातृ दिवस पर कोई ना कोई उपहार अवश्य ही भेंट करते हैं। मेरा व्यक्तिगत विचार है कि माँ को देने लायक कोई उपहार नहीं हो सकता है। फिर भी, अगर आप अपनी माँ को मातृ दिवस पर कोई उपहार देना ही चाहते हैं केवल मातृ दिवस पर ही नहीं उन्हें प्रतिदिन सम्मान देना प्रारंभ करें। उनकी इच्छाओं का सम्मान करें। हमारा प्रयास रहना चाहिए जैसे बचपन में हमारी माता हमारा केवल चेहरा देखकर हमारे मन के भाव समझ जाती थी हमें भी बड़े होकर उनके मन के भावों को समझना चाहिए। आप प्रतिदिन उन्हें प्यार से गले भी लगा लेंगे तो उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान यही होगा। अपनी सामर्थ्य के अनुसार अपनी इच्छा अनुसार जो भी आप अपनी माता जी को देना चाहें उससे वह प्रसन्न हीं होंगी।🙏🏻🙏🏻 🙏🏻🙏🏻मां🙏🏻🙏🏻

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Vinay Mishra May 8, 2021

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💗 Geeta 💓 May 10, 2021

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