m.sreenivasareddy
m.sreenivasareddy May 16, 2019

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर
Pawan Saini May 21, 2019

+52 प्रतिक्रिया 9 कॉमेंट्स • 6 शेयर

रामदरबार में हनुमानजी महाराज राम की सेवा में इतने तन्मय हो गए कि, ऋषि विश्वामित्र के आने का उनको ध्यान ही नहीं रहा। सबने उठ कर उनका अभिवादन किया पर हनुमानजी नहीं कर पाए। विश्वामित्र जी ने अपमान से क्रोधित हो राम से हनुमान के लिए मृत्युदंड माँगा वो भी राम के अमोघ बाण से जो अचूक शस्त्र था। राम ने कहा कि उन्हे यह स्वीकार है। दरबार में राम ने घोषणा की कि कल संध्याकाल में सरयु नदी के तट पर, हनुमानजी को मैं स्वयं अपने अमोघ बाण से मृत्यु दण्ड दूँगा। हनुमानजी के घर पहुँचने पर माता अंजनी ने हनुमान से उदासी का कारण पूछा तो हनुमान ने अनजाने में हुई अपनी गलती और अन्य सारा घटनाक्रम बताया। माता अंजनी को मालूम था कि इस समस्त ब्रम्हाण्ड में हनुमान को कोई मार नहीं सकता और राम के अमोघ बाण से भी कोई बच नहीं सकता l माता अंजनी ने कहा - " मैंने भगवान शंकर से, "राम नाम" मंत्र प्राप्त किया था और तुम्हें यह नाम घुटी में पिलाया है। उस राम नाम के होते कोई तुम्हारा बाल भी बांका नहीं कर सकता। चाहे वे स्वयं राम ही क्यों ना हों। राम नाम की शक्ति के सामने खुद राम की शक्ति और राम के अमोघ शक्तिबाण की शक्तियाँ महत्वहीन हो जाएँगी। जाओ मेरे लाल, अभी से सरयु नदी के तट पर जाकर राम नाम का उच्चारण आरंभ कर दो। " माता का आशीष लेकर हनुमान सरयु तट पर पहुँचकर राम राम राम राम रटने लगे। शाम को सरयु तट पर सारा राम दरबार एकत्रित हो गया। राम ने हनुमान पर अमोघ बाण चलाया किन्तु कोई असर नहीं हुआ। राम ने बार - बार रामबाण, अपने महान शक्तिधारी, अमोघशक्ति बाण चलाये पर हनुमानजी के उपर उनका कोई असर नहीं हुआ तो, ऋषि विश्वामित्र जी ने शंका बतायी कि, " राम तुम अपनी पुर्ण निष्ठा से बाणों का प्रयोग कर रहे हो ? " राम ने कहा - "हाँ, गुरुवर। " तो तुम्हारे बाण अपना कार्य क्यों नहीं कर रहे हैं ? तब राम ने कहा - गुरुदेव, हनुमान, राम राम राम की अंखण्ड रट लगाए हुए है। मेरी शक्तियों का अस्तित्व राम नाम के प्रताप के समक्ष महत्वहीन हो रहा है। आप ही बताएँ गुरु देव ! मैं क्या करूँ ? गुरु देव बोले - हे राम ! आज से मैं तुम्हारा साथ, तुम्हारा दरबार, त्याग कर अपने आश्रम जा रहा हूँ। वहाँ मैं राम नाम का जप करूँगा। हे राम ! मैं जानकर, मानकर, यह घोषणा करता हूँ कि, स्वयं राम से, राम का नाम बड़ा है। जय श्री राम शुभ मंगलवार की प्रातःकाल की

+277 प्रतिक्रिया 35 कॉमेंट्स • 296 शेयर

+20 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 19 शेयर
Babita Soni-Jaipur May 21, 2019

+16 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 3 शेयर
Rajeev Pal May 21, 2019

+9 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 4 शेयर
Vikash Srivastava May 21, 2019

+12 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 61 शेयर
Neeru Raj May 21, 2019

+15 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB