ANITA THAKUR
ANITA THAKUR May 4, 2021

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण

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कामेंट्स

BK WhatsApp STATUS May 4, 2021
जय श्री राधे कृष्ण शुभ रात्रि स्नेह वंदन धन्यवाद 🌹🙏🙏🙏👌👌👍👍🕉️🌄

Radhe Krishna May 4, 2021
जय श्री राधे राधे कृष्णा🌹🙏

Balaram lalawat May 4, 2021
जय श्री कृष्णा राधे राधे शुभ रात्रि 🌹🌹🌹

Archana Singh May 4, 2021
🙏🌹जय श्री राधे कृष्णा🌹🙏 शुभ रात्रि वंदन बहना जी 🙏🌹 ठाकुर जी की कृपा दृष्टि आप से परिवार पर सदैव बनी रहे ,आपका हर पल शुभ व मंगलमय हो प्यारी बहना जी🙏🙏🌹🌹

sanjay choudhary May 4, 2021
जय श्री कृष्णा।।।। जय श्री राम ।।।। आपकी रात्रि शुभ रहे।।।🙏🙏

sanjay prajapati May 4, 2021
Jay shree krishna Jay shree Radhe good night meri pyari bahena take care

Seema Sharma. Himachal (chd) May 4, 2021
हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए।” शुभ रात्रि जी 😊🙏 बहुत बहुत धन्यवाद जी 😊🙏

Mavjibhai patel May 4, 2021
जय श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम

GOVIND CHOUHAN May 4, 2021
Jai Shree Radhe Radhe Jiii 🌹 Jai Shree Radhe Krishna Jiii 🌹 Subh Ratri Vandan Jiii 🙏🌹🙏 Vvvery Nice Post Jiii 👌👌👌

Mohan Patidar May 4, 2021
jai shree Radhe krishna ji good night ji thanks you ji very happy ji ⚘🌹🌷⚘

madan pal 🌷🙏🏼 May 4, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जी शूभ रात्रि वंदन जी आपका हर पल शूभ मंगल हों जी 🌹🌹🌹👌🏼👌🏼🌷🌷🙏🏼🙏🏼

Harpal Harpal May 5, 2021
jai Shree radhe Krishna ji Beautiful good morning ji have a happy Wadnesday ji 🌻🙏🌻

Satyaveer Chauhan May 5, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जी। जय श्री गणेश जी। पार्वती पुत्र गणेश भगवान की कृपा दृष्टि आप ओर आपके परिवार पर सदैव बनी रहे।

RAJ RATHOD May 5, 2021
🌹🌹 सुप्रभात वंदन जी 🙏🙏🌺💐🌿🌹 🌹🌹 भगवान श्री गणेश जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🙏🙏🌺💐🌿🌹💐💐🌺🌿🌿🌹💐🌹🌹 🌹🌹 आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो 🌹🌹

Shanti pathak May 14, 2021

**जय श्री राधे कृष्णा जी** **शुभरात्रि वंदन** *सदैव सकारात्मक रहें* महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से हौंसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था... और वह था श्रवण के पिता का श्राप.... दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया श्राप याद आ जाता था... (कालिदास ने रघुवंशम में इसका वर्णन किया है) श्रवण के पिता ने ये श्राप दिया था कि ''जैसे मैं पुत्र वियोग में तड़प-तड़प के मर रहा हूँ वैसे ही तू भी तड़प-तड़प कर मरेगा.....'' दशरथ को पता था कि ये श्राप अवश्य फलीभूत होगा और इसका मतलब है कि मुझे इस जन्म में तो जरूर पुत्र प्राप्त होगा.... (तभी तो उसके शोक में मैं तड़प के मरूँगा) यानि यह श्राप दशरथ के लिए संतान प्राप्ति का सौभाग्य लेकर आया.... ऐसी ही एक घटना सुग्रीव के साथ भी हुई.... वाल्मीकि रामायण में वर्णन है कि सुग्रीव जब माता सीता की खोज में वानर वीरों को पृथ्वी की अलग - अलग दिशाओं में भेज रहे थे.... तो उसके साथ-साथ उन्हें ये भी बता रहे थे कि किस दिशा में तुम्हें कौन सा स्थान या देश मिलेगा और किस दिशा में तुम्हें जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिये.... प्रभु श्रीराम सुग्रीव का ये भगौलिक ज्ञान देखकर हतप्रभ थे... तो सुग्रीव ने उनसे कहा कि..."मैं बाली के भय से जब मारा मारा फिर रहा था तब पूरी पृथ्वी पर कहीं शरण न मिली... और इस चक्कर में मैंने पूरी पृथ्वी छान मारी और इसी दौरान मुझे सारे भूगोल का ज्ञान हो गया..." अब अगर सुग्रीव पर ये संकट न आया होता तो उन्हें भूगोल का ज्ञान नहीं होता और माता जानकी को खोजना कितना कठिन हो जाता... इसीलिए किसी ने बड़ा सुंदर कहा है :- "अनुकूलता भोजन है ,प्रतिकूलता विटामिन है और चुनौतियाँ वरदान हैं और जो उनके अनुसार व्यवहार करें ...वही पुरुषार्थी है..." ईश्वर की तरफ से मिलने वाला हर एक पुष्प अगर वरदान है....तो हर एक कांटा भी वरदान ही समझें.... मतलब आज मिले सुख से आप खुश हो तो...कभी अगर कोई दुख,विपदा,अड़चन आ जाये ...तो घबरायें नहीं...क्या पता वो अगले किसी सुख की तैयारी हो....*एक दिन* *एक दिन* सभी न्यूज चैनल पर आप देखेंगे कि आज कोई भी कोरोना का केस पूरे देश में नहीं आया। *एक दिन* आप पढ़ेंगे कि आज कोरोना के कारण कोई नहीं मरा। *एक दिन* हम देखेंगे कि एयरपोर्ट/ रेलवे स्टेशन पर वही लम्बी कतारें। *एक दिन* हम देखेंगे कि हमारे बच्चे फिर से स्कूल बस और वैन से स्कूल जा रहे हैं । *एक दिन* हम फिर देखेंगे सिनेमा हाल पर लगा हाउस फूल का बोर्ड। *एक दिन* हम फिर एक दूसरे से गले लगेंगे और शादियों में समारोहों में नाचेंगे एक साथ। हम सबको बस उसी दिन का इंतजार है। हम सब मानव इतिहास के सबसे मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं परंतु यह एक Time Phase है जो गुजर जायेगा। हमें बस अपने आपको प्रेरित करना है कि दूसरों कि मदद हम किस प्रकार करें या पहुंचाये या हम कम से कम कुछ ना भी करें तो गलत या बुरी खबरों को न फैलायें, या किसी भी तरह की कालाबाजारी में संलिप्त न हो। किसी कवि ने क्या खूब कहा है दिल नाउम्मीद नहीं, नाकाम ही तो है , लम्बी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है, सदैव साकारात्मक रहें

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Mamta Chauhan May 14, 2021

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Renu Singh May 14, 2021

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_*अक्षय तृतीया* (आखा तीज)_, [वैशाख ] उसका महत्व क्यों है और जानिए इस दिन कि कुछ महत्वपुर्ण जानकारियाँ: 🕉 ब्रह्माजी के पुत्र *अक्षय कुमार* का अवतरण। 🕉 *माँ अन्नपूर्णा* का जन्म।j 🕉 *चिरंजीवी महर्षी परशुराम* का जन्म हुआ था इसीलिए आज *परशुराम जन्मोत्सव* भी हैं। 🕉 *कुबेर* को खजाना मिला था। 🕉 *माँ गंगा* का धरती अवतरण हुआ था। 🕉 सूर्य भगवान ने पांडवों को *अक्षय पात्र* दिया। 🕉 महाभारत का *युद्ध समाप्त* हुआ था। 🕉 वेदव्यास जी ने *महाकाव्य महाभारत की रचना* गणेश जी के साथ शुरू किया था। 🕉 प्रथम तीर्थंकर *आदिनाथ ऋषभदेवजी भगवान* के 13 महीने का कठीन उपवास का *पारणा इक्षु (गन्ने) के रस से किया* था। 🕉 प्रसिद्ध तीर्थ स्थल *श्री बद्री नारायण धाम* का कपाट खोले जाते है। 🕉 बृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में *श्री कृष्ण चरण के दर्शन* होते है। 🕉 जगन्नाथ भगवान के सभी *रथों को बनाना प्रारम्भ* किया जाता है। 🕉 आदि शंकराचार्य ने *कनकधारा स्तोत्र* की रचना की थी। 🕉 *अक्षय* का मतलब है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो!!! 🕉 *अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है....!!!* अक्षय रहे *सुख* आपका,😌 अक्षय रहे *धन* आपका,💰 अक्षय रहे *प्रेम* आपका,💕 अक्षय रहे *स्वास्थ* आपका,💪 अक्षय रहे *रिश्ता* हमारा 🌈 अक्षय तृतीया की आपको और आपके सम्पूर्ण परिवार को *हार्दिक शुभकामनाएं*

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Archana Singh May 14, 2021

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ANITA THAKUR May 14, 2021

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🔆💥 शुभ रात्रि🔆💥 ‼️ *स्नेह के आँसू* ‼️ सब्जी वाले ने तीसरी मंजिल की घंटी का बटन दबाया। ऊपर बालकनी का दरवाजा खोलकर बाहर आई महिला ने नीचे देखा। "बीबी जी ! सब्जी ले लो ।" बताओ क्या- क्या तोलना है। कई दिनों से आपने सब्जी नहीं खरीदी मुझसे, कोई और देकर जा रहा है क्या ? सब्जी वाले ने कहा। "रुको भैया! मैं नीचे आती हूँ।" महिला नीचे उतर कर आई और सब्जी वाले के पास आकर बोली - "भैया ! तुम हमारे घर की घंटी मत बजाया करो। हमें सब्जी की जरूरत नहीं है।" "कैसी बात कर रही हैं बीबी जी ! सब्जी खाना तो सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। किसी और से लेती हो क्या सब्जी ?" सब्जीवाले ने कहा। "नहीं भैया ! उनके पास अब कोई काम नहीं है। किसी तरह से हम लोग अपने आप को जिंदा रखे हुए हैं। जब सब ठीक हो जाएगा, घर में कुछ पैसे आएंगे, तो तुमसे ही सब्जी लिया करूंगी। मैं किसी और से सब्जी नहीं खरीदती हूँ। तुम घंटी बजाते हो तो उन्हें बहुत बुरा लगता है ! उन्हें अपनी मजबूरी पर गुस्सा आने लगता है। इसलिए भैया अब तुम हमारी घंटी मत बजाया करो।" ईतना कहकर महिला अपने घर में वापिस जाने लगी। "बहन जी ! तनिक रुक जाओ। हम इतने बरस से आपको सब्जी दे रहे हैं । जब तुम्हारे अच्छे दिन थे, तब तुमने हमसे खूब सब्जी और फल लिए थे। अब अगर थोड़ी-सी परेशानी आ गई है, तो क्या हम तुमको ऐसे ही छोड़ देंगे ? सब्जी वाले हैं ! कोई नेता जी तो है नहीं कि वादा करके छोड़ दें। रुके रहो दो मिनिट।" और सब्जी वाले ने एक थैली के अंदर टमाटर , आलू, प्याज, घीया, कद्दू और करेले डालने के बाद धनिया और मिर्च भी उसमें डाल दिया । महिला हैरान थी... उसने तुरंत कहा – "भैया ! तुम मुझे उधार सब्जी दे रहे हो, कम से कम तोल तो लेते और मुझे पैसे भी बता दो। मैं तुम्हारा हिसाब लिख लूंगी। जब सब ठीक हो जाएगा तो तुम्हें तुम्हारे पैसे वापस कर दूंगी।" महिला ने कहा। "वाह ! ये क्या बात हुई भला ? तोला तो इसलिए नहीं है कि कोई मामा अपने भांजी -भाँजे से पैसे नहीं लेता हैं और बहिन ! मैं कोई अहसान भी नहीं कर रहा हूँ । ये सब तो यहीं से कमाया है, इसमें तुम्हारा हिस्सा भी है। गुड़िया के लिए ये आम रख रहा हूँ, और भाँजे के लिए मौसमी । बच्चों का खूब ख्याल रखना, ये बीमारी बहुत बुरी है और आखिरी बात भी सुन लो ! "घंटी तो मैं जब भी आऊँगा, जरूर बजाऊँगा।" ईतना कहकर सब्जी वाले ने मुस्कुराते हुए दोनों थैलियाँ महिला के हाथ में थमा दीं। महिला की आँखें मजबूरी की जगह स्नेह के आंसुओं से भरी हुईं थीं। *सेवा का दिखावा करने के बजाय कहीं और न जाकर अपने आसपास के लोगों की सेवा यदि प्रत्येक व्यक्ति कर ले तो यह मुश्किल घड़ी भी आसानी से गुजर जाएगी और आत्मा आनंद अमृत से तृप्त होगी।* 😷 *केवल अपना ही नहीं... अपने परिजनों का भी ध्यान रखें !* *_घर पर रहिए, दूरी बनाये रखिये, कोरोना से बचे रहिए, अभी लड़ाई बाकी है, अपनी जीत निश्चित है_* *ज्ञानरहित भक्ति-अंधविश्वास* *भक्तिरहित ज्ञान-नास्तिकता* *जय श्री राम* *सदैव प्रसन्न रहिये* *जो प्राप्त है-पर्याप्त है*

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