Madhav  Naral
Madhav Naral Jan 21, 2020

कृपया ध्यान दें...स्त्री के मुख से धर्मोपदेश सुनने तथा वैदिक साहित्य में स्पष्ट दोष वर्णन किया गया है ! शुक्ल यजुर्वेद शतपथ -ब्राह्मण में स्पष्ट उल्लेख है कि स्त्री के मुख से जो दुरात्मा धर्म मिमांसा या व्याख्या श्रवण करते हैं उन्होंने कौनसा पाप नहीं कर दिया दो बहुत बड़े पाप पूर्व काल से माने जाते रहे हैं ब्रह्महत्या तथा गुरु पत्नि गमन ये दोनो पाप उन दुरात्मा श्रोताओं को स्त्री मुख से धर्म मीमांसा सुनने से लग जाते हैं....... स्त्रीमुखात् धर्म मीमांसा य: श्रृणोति दुरात्मना ! किंतु ते कृतं वैराग्य पापं ब्रह्महा गुरुतल्पग:!!

कृपया ध्यान दें...स्त्री के मुख से धर्मोपदेश सुनने तथा वैदिक साहित्य में स्पष्ट दोष वर्णन किया गया है ! शुक्ल यजुर्वेद शतपथ -ब्राह्मण में स्पष्ट उल्लेख है कि स्त्री के मुख से जो दुरात्मा धर्म मिमांसा या व्याख्या श्रवण करते हैं उन्होंने कौनसा पाप नहीं कर दिया दो बहुत बड़े पाप पूर्व काल से माने जाते रहे हैं ब्रह्महत्या तथा गुरु पत्नि गमन ये दोनो पाप उन दुरात्मा श्रोताओं को स्त्री मुख से धर्म मीमांसा सुनने से लग जाते हैं.......

स्त्रीमुखात् धर्म मीमांसा य: श्रृणोति दुरात्मना !
किंतु ते कृतं वैराग्य पापं ब्रह्महा गुरुतल्पग:!!

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Radha Bansal Jan 26, 2020

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GEETA DEVI Jan 26, 2020

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Amit(mitto) Jan 26, 2020

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®singh9399525547 Jan 26, 2020

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Rajeshri Bhavsar Jan 26, 2020

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sanjay agarwal Jan 26, 2020

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Amit Kumar Jan 26, 2020

साभार राष्ट्र हित में अग्रेषित् ! मेरे भी मुस्लिम मित्र हैं। मेरे भी क्लास में मुस्लिम पढ़े हैं। मेरे भी आफिस में मुस्लिम काम करते हैं। मैं जहाँ से सामान लेता हूं वहां मुस्लिम भी सामान लेते हैं। मैं जहाँ रहता हूँ वहाँ भी मुस्लिम रहते हैं...।। वे कहते हैं, हम जुम्मे की नमाज पढ़ेंगे, सड़कों पर...। मैंने भी कहा कोई बात नहीं, संविधान ने सबको धार्मिक आजादी का हक़ दिया है। ~वे~ कहते हैं हम मांस खायेंगे, अब वह बकरे का हो या गाय का...। मैंने कहा कोई बात नहीं, संविधान ने सबको हक़ दिया है कुछ भी खाने पीने का । अब मैंने कहा, "कॉमन सिविल कोड" आना चाहिए। तो वे बोले नहीं, ये ~इस्लाम~ के खिलाफ है। मैंने कहा, "बहुपत्नी प्रथा बंद हो।" तो वे बोले, _ये ~इस्लाम~ के खिलाफ है। मैंने कहा, "जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिए कानून बनना चाहिए।" तो वे बोले, ये ~इस्लाम~ ले खिलाफ है। मैंने कहा, "तलाक़ सिर्फ कोर्ट में हो।" तो वे बोले, ये ~कुरान~ का अपमान है। मैंने बोला, "बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजना चाहिए।" वे बोले, वे हमारे ~मुस्लिम~ भाई हैं। मैंने कहा, "रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेजो।" वे बोले, ~वो~ हमारे भाई हैं। मैंने बोला, "राम मंदिर बनना चाहिए।" वो बोला, कहीं भी बना लो पर अयोधया में नहीं.. वहाँ ~बाबरी मस्जिद~ बनेगी। मैंने बोला, "कश्मीरी पंडितों को उनका घर मिलना चाहिए।" वे बोले, कश्मीर को आजादी दो। मैंने कहा, " अलगाववाद् , फिरकापरस्ती एवं इस्लामिक आतंकवाद की शिक्षा देने वाले मदरसे बंद हों, सबको समान शिक्षा मिले।" वे बोले , ये ~इस्लाम~ का अपमान है। मैंने बोला, "मोदी ने ये अच्छा किया।" वे बोले, मोदी ~मुसलमानों~ का हत्यारा है। मैंने बोला, "बंगाल में हिन्दू के साथ गलत हो रहा है।" वे बोले, ~दीदी~ ने बहुत विकास किया है। मैंने बोला, "सारे आतंकवादियों को चुन चुन कर गोली मार देनी चाहिए।" वे बोले, सुधरने का 1 मौका दो। मैंने कहा, "हमारे 3 मंदिर अयोध्या, मथुरा, काशी वापस दो।" उसने कहा, कैसे दें.. वो तो हमारी मस्जिदें हैं? भाई . . . .सारे मुसलमान एक ही होते हैं। जहाँ कम हैं, वहाँ तुम्हारे भाई हैं। पर जहाँ ज्यादा हैं.. वहाँ आप सोच भी नहीं सकते। जहाँ संख्या में कम हैं, वहाँ बड़े विनम्र दिखते हैं। जहां ज्यादा हैं, वहाँ रोज हिन्दू मर रहे हैं। जहा कम हैं, वहाँ उन्हें आपसे रोजगार मिलता है.. इसलिए आपके दोस्त हैं। मुसलमान एक जैसे ही होते हैं। अंधकार में न रहें. जयतु भारतम् !

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