आञ्जनेय स्वामी अर्थात हनुमान जी का दुर्लभ अभिषेक दर्शन।

🌻श्री मारुतिस्तोत्रम्🌻

ॐ नमो भगवते विचित्रवीरहनुमते प्रलयकालानलप्रभाप्रज्वलनाय ।
प्रतापवज्रदेहाय । अंजनीगर्भसंभूताय ।
प्रकटविक्रमवीरदैत्यदानवयक्षरक्षोगणग्रहबंधनाय ।
भूतग्रहबंधनाय । प्रेतग्रहबंधनाय । पिशाचग्रहबंधनाय ।
शाकिनीडाकिनीग्रहबंधनाय । काकिनीकामिनीग्रहबंधनाय ।
ब्रह्मग्रहबंधनाय । ब्रह्मराक्षसग्रहबंधनाय । चोरग्रहबंधनाय ।
मारीग्रहबंधनाय । एहि एहि । आगच्छ आगच्छ । आवेशय आवेशय ।
मम हृदये प्रवेशय प्रवेशय । स्फुर स्फुर । प्रस्फुर प्रस्फुर । सत्यं कथय ।
व्याघ्रमुखबंधन सर्पमुखबंधन राजमुखबंधन नारीमुखबंधन सभामुखबंधन
शत्रुमुखबंधन सर्वमुखबंधन लंकाप्रासादभंजन । अमुकं मे वशमानय ।
क्लीं क्लीं क्लीं ह्रुीं श्रीं श्रीं राजानं वशमानय ।
श्रीं हृीं क्लीं स्त्रिय आकर्षय आकर्षय शत्रुन्मर्दय मर्दय मारय मारय
चूर्णय चूर्णय खे खे
श्रीरामचंद्राज्ञया मम कार्यसिद्धिं कुरु कुरु
ॐ हृां हृीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः फट् स्वाहा
विचित्रवीर हनुमत् मम सर्वशत्रून् भस्मीकुरु कुरु ।
हन हन हुं फट् स्वाहा ॥
एकादशशतवारं जपित्वा सर्वशत्रून् वशमानयति नान्यथा इति ॥
इति श्रीमारुतिस्तोत्रं संपूर्णम् ॥

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कामेंट्स

Devel Dublish Aug 21, 2017
!! शुभ प्रभात दोस्तों....जय श्री सीताराम!! !! जय भक्तशिरोमणि हनुमान.!! ⭐◾⭐◾⭐◾⭐◾⭐◾⭐⭐ !! ऊँ हं हनुमते रूद्रात्मकाय हूँ फट्.!!

Jai Mata Di Mar 7, 2021

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Manoj manu Mar 6, 2021

🚩🏵जय श्री राम जी जय वीर बजरंग वली 🔔🙏 🌹रामदूत अतुलितबलधामा, अंजनीपुत्र पवनसुत नामा", ये पंक्तियाँ है तुलसीदास जी की लिखी गई बहुत ही प्रभावी कृति हनुमान चालीसा की। इसमें हनुमान जी को अतुलितबलधामा कहा गया, अतुलितबल धामा मतलब अद्वितीय, बेजोड़, अनुपम, अपरिमित,अतुल्य,अपार परम शक्तिशाली जिसके समान पूरा विश्व में कोई ना हो। हनुमान जी की शक्ति का वर्णन नहीं किया जा सकता। महासिंधु को लांघना, लंका दहन, संजीवनी के लिए द्रोंणगिरी को उठाना, रावण को मुक्का मार कर मूर्छित करना आदि ऐसे बहुत से प्रसंग है जो हनुमान जी को अतुलितबलधामा प्रमाणित करते है। हनुमान जी अतिशक्ति सम्पन्न तथा परम पराक्रमी होने के साथ-साथ अत्यंत बुद्धिमान, शास्त्रों के ज्ञाता, कुशल राजनीतिज्ञ, सरलता की मूर्ति, समस्त अमंगलो का नाश करने वाले तथा अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता है। हनुमान जी को चिरंजीवी भी कहा गया है। माता सीता ने हनुमान जी को चिरंजीवी होने का वरदान दिया था। 🌹अश्वथामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषण:। 🌿कृप: परशुरामश्च सप्तैते चिरजीविन: ।। अर्थात अश्वथामा, राजा बलि, महर्षि व्यास, हनुमान जी, विभीषण, कृपाचार्य और भगवान परशुराम ये सातों अमर है।🌿🌹🌹हनुमान जी महाराज सभी का सदा कल्याण करें सदा मंगल प्रदान करें जय श्री राम जी 🌺🌿🌺🙏

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Malti Bansal Mar 5, 2021

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🌹Simran S 🌹 Mar 6, 2021

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pandey ji Mar 5, 2021

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