Ramit Singh
Ramit Singh Aug 26, 2017

कश्यप ऋषि के श्राप के कारण शिवजी ने काटा था बालक गणेश का मस्तक

कश्यप ऋषि के श्राप के कारण शिवजी ने काटा था बालक गणेश का मस्तक

कहते है की इंसान का वर्तमान, उसके पिछले कर्मो पर और भविष्य वर्तमान कर्मों पर आधारित होता है। लेकिन यह बात केवल इंसानो पर ही नहीं अपितु भगवानों पर भी लागू होती है। हमारे पुराणों में अनेक ऐसी कथाएँ है जब भगवान द्वारा अतीत में किये गए अनुचित कार्यों के कारण उन्हें आने वाले समय में कष्ट उठाने पड़े। ऐसी ही एक कहानी भगवान शंकर से सम्बंधित है जब उन्हें कश्यप ऋषि द्वारा दिए गए शाप के कारण अपने ही पुत्र गणेश का मस्तक काटना पड़ा।


भगवान गणेश का जन्म की कहानी :
देवी पार्वती ने एक बार शिवजी के गण नन्दी के द्वारा उनकी आज्ञा पालन में त्रुटि के कारण अपने शरीर के उबटन से एक बालक का निर्माण कर उसमें प्राण डाल दिए और कहा कि तुम मेरे पुत्र हो। तुम मेरी ही आज्ञा का पालन करना और किसी की नहीं। देवी पार्वती ने यह भी कहा कि मैं स्नान के लिए जा रही हूं। कोई भी अंदर न आने पाए। थोड़ी देर बाद वहां भगवान शंकर आए और देवी पार्वती के भवन में जाने लगे।

यह देखकर उस बालक ने विनयपूर्वक उन्हें रोकने का प्रयास किया। बालक का हठ देखकर भगवान शंकर क्रोधित हो गए और उन्होंने अपने त्रिशूल से उस बालक का सिर काट दिया। देवी पार्वती ने जब यह देखा तो वे बहुत क्रोधित हो गई। उनकी क्रोध की अग्नि से सृष्टि में हाहाकार मच गया। तब सभी देवताओं ने मिलकर उनकी स्तुति की और बालक को पुनर्जीवित करने के लिए कहा।

तब भगवान शंकर के कहने पर विष्णुजी एक हाथी का सिर काटकर लाए और वह सिर उन्होंने उस बालक के धड़ पर रखकर उसे जीवित कर दिया। तब भगवान शंकर व अन्य देवताओं ने उस गजमुख बालक को अनेक आशीर्वाद दिए। देवताओं ने गणेश, गणपति, विनायक, विघ्नहरता, प्रथम पूज्य आदि कई नामों से उस बालक की स्तुति की। इस प्रकार भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ।

कश्यप ऋषि ने दिया था शिव जी को शाप :
ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार एक बार नारद जी ने श्री नारायण से पूछा कि प्रभु आप बहुत विद्वान है और सभी वेदों को जानने वाले हैं। मैं आप से ये जानना चाहता हूं कि जो भगवान शंकर सभी परेशानियों को दूर करने वाले माने जाते हैं। उन्होंने क्यों अपने पुत्र गणेश की के मस्तक को काट दिया।

यह सुनकर श्रीनारायण ने कहा नारद एक समय की बात है। शंकर ने माली और सुुमाली को मारने वाले सूर्य पर बड़े क्रोध में त्रिशूल से प्रहार किया। सूर्य भी शिव के समान तेजस्वी और शक्तिशाली था। इसलिए त्रिशूल की चोट से सूर्य की चेतना नष्ट हो गई। वह तुरंत रथ से नीचे गिर पड़ा। जब कश्यपजी ने देखा कि मेरा पुत्र मरने की अवस्था में हैं। तब वे उसे छाती से लगाकर फूट-फूटकर विलाप करने लगे। उस समय सारे देवताओं में हाहाकार मच गया। वे सभी भयभीत होकर जोर-जोर से रुदन करने लगे। अंधकार छा जाने से सारे जगत में अंधेरा हो गया। तब ब्रह्मा के पौत्र तपस्वी कश्यप जी ने शिव जी को शाप दिया वे बोले जैसा आज तुम्हारे प्रहार के कारण मेरे पुत्र का हाल हो रहा है। ठीक वैसे ही तुम्हारे पुत्र पर भी होगा। तुम्हारे पुत्र का मस्तक कट जाएगा।

यह सुनकर भोलेनाथ का क्रोध शांत हो गया। उन्होंने सूर्य को फिर से जीवित कर दिया। सूर्य कश्यप जी के सामने खड़े हो गए। जब उन्हें कश्यप जी के शाप के बारे में पता चला तो उन्होंने सभी का त्याग करने का निर्णय लिया। यह सुनकर देवताओं की प्रेरणा से भगवान ब्रह्मा सूर्य के पास पहुंचे और उन्हें उनके काम पर नियुक्त किया।

ब्रह्मा, शिव और कश्यप आनंद से सूर्य को आशीर्वाद देकर अपने-अपने भवन चले गए। इधर सूर्य भी अपनी राशि पर आरूढ़ हुए। इसके बाद माली और सुमाली को सफेद कोढ़ हो गया, जिससे उनका प्रभाव नष्ट हो गया। तब स्वयं ब्रह्मा ने उन दोनों से कहा-सूर्य के कोप से तुम दोनों का तेज खत्म हो गया है। तुम्हारा शरीर खराब हो गया है। तुम सूर्य की आराधना करो। उन दोनों ने सूर्य की आराधना शुरू की और फिर से निरोगी हो गए।

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कामेंट्स

Anil Gupta Aug 26, 2017
गणपती जी की जय भोलेनाथ की

सुरेश सबनानी Aug 26, 2017
माली ,सुमाली कौन थे। सूर्यदेव ने उन्हें क्यों मारा। जब सूर्यदेव ने मार ही दिया तो, माली,सुमाली को कोढ कैसे हो गया।

baba Aug 15, 2018

प्रिय मित्रों👤🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🐍
# सुप्रभात🌞🌞🌞🌞🌞
# ॐ साईं राम🥀🥀🥀🥀🥀
# शुभ गुरुवार🔆🔆🔆🔆🔆
#baba72344

Flower Tulsi Like +16 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 63 शेयर
Deepak Khanna Aug 15, 2018

Direct Dil Se 💓🙏🌼
Jai Hind
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Sindoor Dhoop Belpatra +68 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 40 शेयर

सभी माय मंदिर समूह सदस्य करें गणेश स्तुति और पाएं सभी अपना मनवांछित फल श्री गणेश जी से आज की यह उनकी संध्या आपको सर्व सुख देय संध्या है यदि आप सच्चे हृदय और मन से गणेश जी की स्तुति करते हैं तो आपको मनवांछित फल प्राप्त होंगे ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड...

(पूरा पढ़ें)
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Omganganpatyenamh k

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Kamal Kumar Varshney Aug 14, 2018

OM GN Ganpataye Namo Nmh
Good morning everyone,s
Jai Shri Ram Jai Shri Krishna

Pranam Flower Tulsi +38 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 641 शेयर
tapasya sharma Aug 15, 2018

🌹🌹🌹🥀🥀🥀🌺🌺🌺🌺🌻🌻🌻रानी लक्ष्मीबाई यहाँ पूजा किया करती थी। 🌹🌹🌹🥀🥀🥀🌺🌺🌺🌺🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

Pranam Fruits Jyot +14 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 11 शेयर
Komal Chand jain Aug 15, 2018

Pranam Flower Jyot +8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 28 शेयर

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