क्या था जाति विभाजन का सत्य?

क्या था जाति विभाजन का सत्य?

हमने गीता में कई बार जाति विभाजन की बात सुनी है। क्या आप जानते है कि जाति समाज को कार्य के हिसाब से विभाजित करने का साधन था ताकि सभी अपने काम को सही ढंग से कर सके।
लेकिन आज इसे समाज मे छुआ-छूत के रूप में देखा जाता है जो पूर्णतः गलत है।

+242 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 66 शेयर

कामेंट्स

Boharidas Daiya Aug 9, 2017
गीता में वर्ण विभाग की बात आई है जिसका जाति से कोई सम्बन्ध नहीं है।वर्ण व्यवस्था का सम्बन्ध गुण और कर्म से है,जाति से नहीं।

Girish Makwana Aug 9, 2017
Everyone is SUDRA while cleaning body parts in washroom/toilet. Everyone is XATRIYA while protecting self and family members. Everyone has something good to share to others so is BHRAMHIN. Everyone going to market and negotiate to buy something is VAISHYA. FOUR IN ONE!

Badal Singh Patel Aug 9, 2017
जाति पात मज़हब धर्म प्रचीन काल में या पहले जरूरी थे! या नहीं परन्तु एक बात जरूर हे कि इसने समाज में अनेक कुरितीया फैला दी जिसका पूरा खामियाजा मानव जाति के अस्तित्व पर पड़ रहा! जाति पात धर्म ने मानव जाति में बहुत द्वेष उतंपन कर दिया है ! जाति के नाम पे धर्म के नाम पे लोग बट रहे देश बट रहा धर्म के ठेकेदार लोगों को आपस में लडा रहे आज की मांग आज की वक्त तो यह कहती है कि सभी जाति को सभी धर्म को खत्म कर दे कंयोकि ये समाज में बस नफरत फैल रहा ये लोगो को जोड नही बल्कि बस तोड रहा है! क्यों न हम सब इन जंजीरो को आज तोड दे

हरेश प्रसाद सिंह Aug 9, 2017
आज भी किसी भी संस्था में लोगों को काम को सुचारू रूप से चलाने के लिये पदवी दी जाती है। जैसे डॉक्टर, कंपाउंडर, इंजीनियर, सुपरवाइजर,श्रमिक आदि।पहले भी ऐसा ही था। designation कहिये, category कहिये या जाति।

Archana Singh Feb 23, 2020

+35 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Shuchi Singhal Feb 23, 2020

+6 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Sweta Saxena Feb 23, 2020

+14 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 0 शेयर
sunita Sharma Feb 23, 2020

+31 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 6 शेयर
Dinesh Feb 23, 2020

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
रबी Feb 23, 2020

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Dheeraj Shukla Feb 23, 2020

+6 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Kusum Lata Kusum Feb 23, 2020

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB