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🥀🥀 Apr 14, 2021

एक मूर्ति..25 चेहरे.. 25 अलग-अलग मुस्कान.. और अभी यह बनाने में आधुनिक विज्ञान को भी पसीना आ जायेगा तो सोचिए हमारे पूर्वजों ने कितनी तल्लीनता से एक-एक मुद्रा को तराशा होगा, उनकी कुशलता का स्तर क्या रहा होगा *जबकि आज यह आधुनिक कंप्यूटर के लिए भी एक चैलेंज है I* सनातन संस्कृति आधुनिक विज्ञान के उत्कृष्ट पैमाने से भी उन्नत पद्धति समाये बैठा है I ऐतिहासिक सुचिन्द्रम थानुमलयन मंदिर कन्याकुमारी,तमिलनाडु 🙏

एक मूर्ति..25 चेहरे..
25 अलग-अलग मुस्कान.. 
और अभी यह बनाने में आधुनिक विज्ञान को भी पसीना आ जायेगा 

तो सोचिए हमारे पूर्वजों ने कितनी तल्लीनता से एक-एक मुद्रा को तराशा होगा, 

उनकी कुशलता का स्तर क्या रहा होगा 
*जबकि आज यह आधुनिक कंप्यूटर के लिए भी एक चैलेंज है I*

सनातन संस्कृति आधुनिक विज्ञान के उत्कृष्ट पैमाने से भी उन्नत पद्धति समाये बैठा है I

ऐतिहासिक सुचिन्द्रम थानुमलयन मंदिर कन्याकुमारी,तमिलनाडु 🙏

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Vishnubhai Suthar May 13, 2021

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Vishnubhai Suthar May 12, 2021

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Ragni Dhiwar May 11, 2021

*चाहत का फल* *1. बच्चे :* चाहते थे कि उनका कोई स्कूल ना हो और वह सारा दिन खेल सकें। *(और यह हो गया)* *2. महिला :* चाहती थी कि उनके पति उनके साथ समय बिताते हुए घर के हर काम में हाथ बटाएं। *(और यह हो गया)* *3. पति :* मैं इस ट्रैफिक से परेशान हूँ और चाहता हूँ कि मैं घर पर रहूँ और कोई काम भी ना करूँ और वेतन भी घर बैठे पाऊँ । *(और यह हो गया)* *4. नौकरीपेशा महिलाएं :* काश मैं अपने बच्चों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिता पाऊं। *(और यह हो गया)* *5. विद्यार्थी :* काश मैं परीक्षा के लिए अध्ययन नहीं करता और एग्जाम टल जाए। *(और यह हो गया)* *6. वृद्ध माता-पिता :* काश हमारे बच्चे रोज़ व्यस्त होने के बजाय हमारे साथ अधिक समय बिता पाते। *(और यह हो गया)* *7. कर्मचारी :* मैं नौकरी से तंग आ चूका हूँ। मुझे एक ब्रेक की जरूरत है। *(और यह हो गया)* *8. व्यापारीः* हमारा कोई जीवन नहीं है, काश घर बैठकर हम भी टीवी देख सकते। *(और यह हो गया)* *9. पृथ्वी :* मैं सांस नहीं ले पा रही। काश मुझे इस सारे प्रदूषण और अराजकता से निज़ात मिले। *(और यह हो गया)* *निष्कर्षः* अब आप ऐसे में *ईश्वर* से क्या *शिकायत* करेंगे ? आपने जो चाहा, *वह हो गया।* अतः आगे से *सोच-समझकर* ही मांगे क्योंकि आप जो चाहते हैं, *ईश्वर* पल भर में पूरा कर सकते हैं !! 🥀🙏🏻🥀

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