पवन सिंह
पवन सिंह Nov 14, 2017

सभी मित्रों को उत्पन्ना एकादशी की शुभकामनाएं....

सभी मित्रों को उत्पन्ना एकादशी की शुभकामनाएं....

उत्पन्ना एकादशी .....

मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का बड़ा महत्व है। इस एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के नाम भी से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसी तिथि से एकादशी व्रत प्रारम्भ हुआ था।

क्योंकि सतयुग के समय इसी एकादशी तिथि को भगवान विष्णु के शरीर से एक सुन्दर देवी का जन्म हुआ था। एवं इसी देवी ने भगवान विष्णु के प्राण बचाए जिससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने इन्हें एकादशी नाम दिया।

इस पर एक कथा है कि मुर नामक असुर से युद्ध करते समय जब भगवान विष्णु थक गए जब वह बद्रीकाश्रम में गुफा में जाकर आराम करने लगे। मुर भगवान विष्णु के पीछे पीछे बद्रीकाश्रम पहुंच गया। नींद में लीन भगवान को मुर ने मारना चाहा की तभी विष्णु भगवान के शरीर से एक सुन्दर देवी का जन्म हुआ और इस देवी ने मुर नामक असुर का वध कर दिया और देवी के कार्य से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने कहा कि देवी आपका जन्म मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को हुआ है इसलिए आज से आपका नाम एकादशी होगा। आज से प्रत्येक एकादशी को मेरे साथ आपकी भी पूजा होगी। जो भी भक्त एकादशी का व्रत रखेगा वह सभी पापों से मुक्त हो जाएगा।

यह भी कहा जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा के भाव से उत्पन्ना एकादशी का उपवास रखता है वह मोहमाया के बंधन से मुक्त हो जाता है, छल-कपट की भावना भी उसमें कम हो जाती है और अपने पुण्य के फल से व्यक्ति विष्णु लोक में स्थान पाने योग्य उम्मीदवार बन जाता है।

उत्पन्ना एकादशी की शुभकामनाएं....

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कामेंट्स

Captain Nov 14, 2017
तेरे माया का ना पाया कोई पार के लीला तेरी तु ही जाने ॐ नमो भगवते श्री वासुदेवाय नमः

Champ Kanhaiya Nov 18, 2017
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