sheela sharma
sheela sharma Mar 25, 2020

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Rajesh Lakhani Mar 25, 2020
JAI MATADI SHUBH PRABHAT BEHENA AAP KO OR AAP KE PARIVAR KO CHAITRI NAVRATRI KI HARDIK SUBKAMNAYE AAP KA DIN SHUBH OR MANGALMAYE HO BEHENA PRANAM

Pawan Saini Mar 25, 2020
jai Shri radhey radhey Shubh parebhat vandan sister ji 🙏💐 🌻 aap ka har ak pal manyalmay ho sister ji 🙏💐 🌻 God bless you and your family sister ji 🙏

🌵D🌹I🌴L🌻I🌲P🥀 Mar 25, 2020
Jai Shri Krishna radhe radhe ji 🙏🌹 Shri Krishna ji ki kripa aap per puri family par hamesha bani Rahe bahan ji 🙏🌹 good morning bahan ji 🙏🌹

Don.mir Mar 25, 2020
Jay Mata ji Ane Vala Har Pal Apka khusiuo se bhara Rahe Apka din Shub Rahe Nice post GooD Morning Sheela ji 👌👌👌🌹🌹🌹🙏🙏🙏

🌹राजकुमार राठोड 🌹 Mar 25, 2020
रिद्धि दे, सिद्धि दे, वंश में वृद्धि दे, ह्रदय में ज्ञान दे, चित्त में ध्यान दे, अभय वरदान दे, दुःख को दूर कर, सुख भरपूर कर, आशा को संपूर्ण कर, सज्जन जो हित दे, कुटुंब में प्रीत दे, जग में जीत दे, माया दे, साया दे, और निरोगी काया दे, मान-सम्मान दे, सुख समृद्धि और ज्ञान दे, शान्ति दे, शक्ति दे, भक्ति भरपूर दें... आप को नव वर्ष विक्रम संवत 2077 के लिए शुभकामनाएं।

Sushil Kumar Kaushik 🙏🙏🌹🌹 Mar 25, 2020
Good Morning My Sister ji 🙏🙏 Happy Navratri ji 🙏 Jay Mata di Mata Rani ji Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🔔🔔🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️.

Renu Singh Mar 25, 2020
🙏🌹 Navratri ki Hardik Shubh Kamnayein Pyari Bahena ji 🙏🌹 Mata Rani ki Anant kripa Aap aur Aàpke Pariwar pr hamesha Bni rhe Aàpka Din Shubh V Mangalmay ho Bahena Ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

hiren Mar 25, 2020
Jai Mata di Sister Navaratri ki shubhkamana

r h Bhatt Mar 25, 2020
Jai matage aapko or AAP k PURA Parivar Ko happy Navratri ki Hardik Shubh Kamna ji Vandana ji nice vedo ji

Manoj manu Mar 25, 2020
🚩🙏🔱जय माता दी 🏵🔔🙏आप सभी को चैत्र नवरात्र,हिन्दू नववर्ष,गुडी पड़वा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ जगत जननी माँ भगवती आप सभी को सदैव ही सुख,शाँति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें सदा मंगल करें जी,सादर वंदन जी दीदी 🌺🙏

Ansouya Ansouya Mar 25, 2020
जय श्री राम जय माता दी नमस्कार बहना नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई जी 🙏🙏🙏🙏🌹🌹🙏 माता रानी की कृपा आप और आपके परिवार पर हमेशा बना रहे जी मेरी प्यारी बहना 🙏🙏🙏🌹🌹🙏

brijmohan kaseara Mar 25, 2020
बिलकुल ठीक मेसेज है ।। 🌷🙏जय माता दी 🌷🙏 आपको प्रथम नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दीदी जी 🌷🌷🙏🙏🙏

🌹🌹pappu🌹🌹🌹jha🌹🌹 Mar 25, 2020
जय माता दी आपका हर पल मंगलमय हो माता रानी आपकी हर मुराद पूरी करें आप सदा ऐसे ही मुस्कुराते रहो मेरी प्यारी दीदी आपके चरणों में बारंबार प्रणाम

Brajesh Sharma Mar 25, 2020
सर्वमंगल मांग्लये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुति।। जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कृपालिनि। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। या देवि सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता नमस्तस्ये नमस्तस्ये, नमस्तस्ये नमो नमः।। प्रथम नवरात्रे की हार्दिक बधाई....... शैलपुत्री आपकी मनोकामना पूर्ण करे. मॉ दुर्गा आपकी रक्षा करें. आप को नवरात्री की हार्दिक शुभकामनायें... जय माता दी... जय माता दी ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव

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sheela sharma Mar 27, 2020

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Virtual Temple Mar 27, 2020

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Manjeet Sobti Mar 27, 2020

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Manjeet Sobti Mar 27, 2020

🙏🙏 राधेध्य्य्य्य् ♥️♥️ राधेध्य्य्य्य् 💞💕जय श्री राधे कृष्णा जी...... 💕💞 [*#जय श्री कृष्ण हरे, प्रभु जय श्री कृष्ण हरे , भक्तन के दु:ख सारे पल में दूर करे ऊँ जय कृष्ण हरे.....]🙏🙏 परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी , जय रस रास विहारी , जय जय गिरधारी ऊँ जय.....🙏 🙏🙏 बरू किंकिन कटि सोहत कानन में बाला , मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला ऊँ जय कृष्ण हरे वेणु मधुर कर सोहै , शोभा अति न्यारी , संग लसै छवि सुंदर , राधा की प्यारी ऊँ जय कृष्ण हरे... 🙏 🙏🙏 दीन सुदामा तारे , दरिद्रों के दु:ख टारे , गज के फंद छुड़ाए , भव सागर तारे ऊँ जय कृष्ण हरे हिरण्यकश्यप संहारे नरहरि रूप धरे , पाहन से प्रभु प्रगटे , जम के बीच परे ऊँ जय कृष्ण हरे.🙏 🙏🙏 केशी कंस विदारे , नल कूबर तारे , दामोदर छवि सुंदर ,भगतन के प्यारे ऊँ जय कृष्ण हरे..🙏 🙏🙏 काली नाग नथैया ,नटवर छवि सोहे , फ़न-फन नाचा करते नागन मन मोहे ऊँ जय कृष्ण हरे बंधन काटि गिराए , माता शोक हरे , द्रुपद सुता पत राखी, करुणा लाज भरे ऊँ जय कृष्ण हरे भक्तन के दु:ख सारे , पल में दूर करे...... 🙏🌹 ऊँ जय श्री कृष्ण हरे..🙏🌹 🙏🙏🙏

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sheela sharma Mar 26, 2020

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Sarla rana Mar 27, 2020

*"गाय का झूठा गुड़"* *एक शादी के निमंत्रण पर जाना था, पर मैं जाना नहीं चाहता था।* *एक व्यस्त होने का बहाना और दूसरा गांव की शादी में शामिल होने से बचना..लेक‌िन घर परिवार का दबाव था सो जाना पड़ा।* *उस दिन शादी की सुबह में काम से बचने के लिए सैर करने के बहाने दो- तीन किलोमीटर दूर जा कर मैं गांव को जाने बाली रोड़ पर बैठा हुआ था, हल्की हवा और सुबह का सुहाना मौसम बहुत ही अच्छा लग रहा था , पास के खेतों में कुछ गाय चारा खा रही थी कि तभी वहाँ एक लग्जरी गाड़ी आकर रूकी,* *और उसमें से एक वृद्ध उतरे,अमीरी उसके लिबास और व्यक्तित्व दोनों बयां कर रहे थे।* *वे एक पॉलीथिन बैग ले कर मुझसे कुछ दूर पर ही एक सीमेंट के चबूतरे पर बैठ गये, पॉलीथिन चबूतरे पर उंडेल दी, उसमे गुड़ भरा हुआ था, अब उन्होने आओ आओ करके पास में ही खड़ी ओर बैठी गायो को बुलाया, सभी गाय पलक झपकते ही उन बुजुर्ग के इर्द गिर्द ठीक ऐसे ही आ गई जैसे कई महीनो बाद बच्चे अपने मांबाप को घेर लेते हैं, कुछ गाय को गुड़ उठाकर खिला रहे थे तो कुछ स्वयम् खा रही थी, वे बड़े प्रेम से उनके सिर पर गले पर हाथ फेर रहे थे।* *कुछ ही देर में गाय अधिकांश गुड़ खाकर चली गई,इसके बाद जो हुआ वो वाक्या हैं जिसे मैं ज़िन्दगी भर नहीं भुला सकता,* *हुआ यूँ कि गायो के गुड़ खाने के बाद जो गुड़ बच गया था वो बुजुर्ग उन टुकड़ो को उठा उठा कर खाने लगे,मैं उनकी इस क्रिया से अचंभित हुआ पर उन्होंने बिना किसी परवाह के कई टुकड़े खाये और अपनी गाडी की और चल पड़े।* *मैं दौड़कर उनके नज़दीक पहुँचा और बोला श्रीमानजी क्षमा चाहता हूँ पर अभी जो हुआ उससे मेरा दिमाग घूम गया, क्या आप मेरी इस जिज्ञासा को शांत करेंगे कि आप इतने अमीर होकर भी गाय का झूठा गुड क्यों खाया ??* *उनके चेहरे पर अब हल्की सी मुस्कान उभरी उन्होंने कार का गेट वापस बंद करा और मेरे कंधे पर हाथ रख वापस सीमेंट के चबूतरे पर आ बैठे, और बोले ये जो तुम गुड़ के झूठे टुकड़े देख रहे हो ना बेटे मुझे इनसे स्वादिष्ट आज तक कुछ नहीं लगता।* *जब भी मुझे वक़्त मिलता हैं मैं अक्सर इसी जगह आकर अपनी आत्मा में इस गुड की मिठास घोलता हूँ।* *मैं अब भी नहीं समझा श्री मान जी आखिर ऐसा क्या हैं इस गुड में ???* *वे बोले ये बात आज से कोई 40 साल पहले की हैं उस वक़्त मैं 22 साल का था घर में जबरदस्त आंतरिक कलह के कारण मैं घर से भाग आया था, परन्तू दुर्भाग्य वश ट्रेन में कोई मेरा सारा सामान और पैसे चुरा ले गया। इस अजनबी से छोटे शहर में मेरा कोई नहीं था, भीषण गर्मी में खाली जेब के दो दिन भूखे रहकर इधर से उधर भटकता रहा, और शाम को भूख मुझे निगलने को आतुर थी।* *तब इसी जगह ऐसी ही एक गाय को एक महानुभाव गुड़ डालकर चले गए ,यहाँ एक पीपल का पेड़ हुआ करता था तब चबूतरा नहीं था,मैं उसी पेड़ की जड़ो पर बैठा भूख से बेहाल हो रहा था, मैंने देखा कि गाय ने गुड़ छुआ तक नहीं और उठ कर वहां से चली गई, मैं कुछ देर किंकर्तव्यविमूढ़ सोचता रहा और फिर मैंने वो सारा गुड़ उठा लिया और खा लिया। मेरी मृतप्रायः आत्मा में प्राण से आ गये।* *मैं उसी पेड़ की जड़ो में रात भर पड़ा रहा, सुबह जब मेरी आँख खुली तो काफ़ी रौशनी हो चुकी थी, मैं नित्यकर्मो से फारिक हो किसी काम की तलाश में फिर सारा दिन भटकता रहा पर दुर्भाग्य मेरा पीछा नहीं छोड़ रहा था, एक और थकान भरे दिन ने मुझे वापस उसी जगह निराश भूखा खाली हाथ लौटा दिया।* *शाम ढल रही थी, कल और आज में कुछ भी तो नहीं बदला था, वही पीपल, वही भूखा मैं और वही गाय।* *कुछ ही देर में वहाँ वही कल वाले सज्जन आये और कुछ गुड़ की डलिया गाय को डालकर चलते बने, गाय उठी और बिना गुड़ खाये चली गई, मुझे अज़ीब लगा परन्तू मैं बेबस था सो आज फिर गुड खा लिया।* *और वही सो गया, सुबह काम तलासने निकल गया, आज शायद दुर्भाग्य की चादर मेरे सर पे नहीं थी सो एक ढ़ाबे पर मुझे काम मिल गया। कुछ दिन बाद जब मालिक ने मुझे पहली पगार दी तो मैंने 1 किलो गुड़ ख़रीदा और किसी दिव्य शक्ति के वशीभूत 7 km पैदल पैदल चलकर उसी पीपल के पेड़ के नीचे आया।* *इधर उधर नज़र दौड़ाई तो गाय भी दिख गई,मैंने सारा गुड़ उस गाय को डाल दिया, इस बार मैं अपने जीवन में सबसे ज्यादा चौंका क्योकि गाय सारा गुड़ खा गई, जिसका मतलब साफ़ था की गाय ने 2 दिन जानबूझ कर मेरे लिये गुड़ छोड़ा था,* *मेरा हृदय भर उठा उस ममतामई स्वरुप की ममता देखकर, मैं रोता हुआ बापस ढ़ाबे पे पहुँचा,और बहुत सोचता रहा, फिर एक दिन मुझे एक फर्म में नौकरी भी मिल गई, दिन पर दिन मैं उन्नति और तरक्की के शिखर चढ़ता गया,* *शादी हुई बच्चे हुये आज मैं खुद की पाँच फर्म का मालिक हूँ, जीवन की इस लंबी यात्रा में मैंने कभी भी उस गाय माता को नहीं भुलाया , मैं अक्सर यहाँ आता हूँ और इन गायो को गुड़ डालकर इनका झूँठा गुड़ खाता हूँ,* *मैं लाखो रूपए गौ शालाओं में चंदा भी देता हूँ , परन्तू मेरी मृग तृष्णा मन की शांति यही आकर मिटती हैं बेटे।* *मैं देख रहा था वे बहुत भावुक हो चले थे, समझ गये अब तो तुम,* *मैंने सिर हाँ में हिलाया, वे चल पड़े,गाडी स्टार्ट हुई और निकल गई ,मैं उठा उन्ही टुकड़ो में से एक टुकड़ा उठाया मुँह में डाला वापस शादी में शिरकत करने सच्चे मन से शामिल हुआ।* *सचमुच वो कोई साधारण गुड़ नहीं था।* *उसमे कोई दिव्य मिठास थी जो जीभ के साथ आत्मा को भी मीठा कर गई थी।* *घर आकर गाय के बारे जानने के लिए कुछ किताबें पढ़ने के बाद जाना कि.....,* *गाय गोलोक की एक अमूल्य निधि है, जिसकी रचना भगवान ने मनुष्यों के कल्याणार्थ आशीर्वाद रूप से की है।* *ऋग्वेद में गौ को‘अदिति’ कहा गया है। ‘दिति’ नाम नाश का प्रतीक है और ‘अदिति’ अविनाशी अमृतत्व का नाम है। अत: गौ को ‘अदिति’ कहकर वेद ने अमृतत्व का प्रतीक बतलाया है।* जय गौ माता की 🚩🚩

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pinky kumawat Mar 27, 2020

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pinky kumawat Mar 27, 2020

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