सत्य कथा। यहां एक गाय रोज इस शिवलिंग पर चढ़ाती थी दूध।

सत्य कथा। यहां एक गाय रोज इस शिवलिंग पर चढ़ाती थी दूध।

छत्तीसगढ के कोरबा जिले में हसदेव नदी के तट पर कनकी नाम का एक छोटा सा गांव है। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर कनकी का कनकेश्वर महादेव मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थान है।


इसे चक्रेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है। आचार्य मनोज शर्मा कहते हैं, मान्यता है कि एक गाय रोज जाकर इस शिवलिंग पर दूध चढाती थी। एक दिन गाय को ग्वाले ने ऐसा करते देख लिया। गुस्से में उसने जहां दूध गिर रहा था वहां डंडे से प्रहार कर दिया। तत्पचात कुछ टूटने की आवाज आई और कनकी (चावल के टुकडे) के दाने वहां बिखर गए। उस जगह की सफाई करने पर वहां एक टूटा हुआ शिवलिंग मिला।

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बाद में इसी स्थान पर मंदिर का निर्माण करवाया गया। उन्होंने बताया कि शिवलिंग के पास कनकी के दाने पड़े होने के कारण मंदिर का नाम कनकेश्वर महादेव रखा गया। मंदिर के स्थापित होने के बाद वहां पर गांव भी बस गया जिसका नाम कनकी रखा गया। इस तरह यहां प्रत्येक वर्ष सावन में भोले के भक्तों की काफी भीड़ एकत्रित हो जाती है।

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Krishna Sharma Sep 8, 2017
जय भोले नाथ जी को कोटि कोटि प्रणाम

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