Mita Vadiwala
Mita Vadiwala Mar 31, 2020

🌷Jai Mata Di🌷Jai Maa Mahagauri🌷Jai Shri Ganesh Ji Om Shri Ganeshay Namah🌷Om Gam Ganapataye Namah🌷🌻Shubh Prabhat Vandan Ji....🌞 🌻🌸Aap Sabhi Ka Din Shubh evam Mangalmay Ho.🌹 Maa Mahagauri va Shri Ganpati Bappa Ki Aseem Krupa Aap aur Aapke Pariwar Par Sadaiv Bani Rahe. 🌹🌹🙏🙏 ⛳⛳

🌷Jai Mata Di🌷Jai Maa Mahagauri🌷Jai Shri Ganesh Ji Om Shri Ganeshay Namah🌷Om Gam Ganapataye Namah🌷🌻Shubh Prabhat Vandan Ji....🌞 🌻🌸Aap Sabhi Ka Din Shubh evam Mangalmay Ho.🌹 Maa Mahagauri va Shri Ganpati Bappa Ki Aseem Krupa Aap aur Aapke Pariwar Par Sadaiv Bani Rahe. 🌹🌹🙏🙏  ⛳⛳

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कामेंट्स

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@vinodagrawal1 Durga Ashtami Ki Aapko va Aapke Pariwar ko Hardik Shubhkamnaye 🙏 Durga Ashtami ke Shubh Avsar Par Maa Durga Aapki Har Manokamna Puri Karein 🙏🌷 Jai Mata Mahagauri Ji🌷Jai Shri Ganesh Ji🌷Shubh Prabhat Vandan Bhai Ji Maa Mahagauri aur Bhagwan Shri Ganesh Ji ki Anant Krupa Aap aur Aapke Pariwar Par Sadaiv Bani Rahe.Aapka Har Pal Shubh evam Mangalmay Ho. Aap Sadaiv Swastha va Khush Rahe.🌹🌹🙏🙏

Harpal bhanot Apr 1, 2020
jai mata rani di 🌷🌷🌷 Beautiful good Night ji my Sweet Sister Sweet dreams ji my Sister 🙏🌻🙏

Naresh Rawat Apr 1, 2020
🙏🔔जय माँ महागौरी🙏🚩🚩 ॐ卐 गणपतये नमः🕉 गणेशय नमः ऊँ गणपतये नमः जय गणेश देवा नमः🙏राधे राधे जी जय श्री कृष्ण 🙏🌷 शुभ प्रभात वंदना सिस्टर जी 🌞🙏आप हमेशा खुश रहो और स्वास्थ रहो माता रानी आप सपरिवार की हर मनोकामना पूर्ण करें जी 🙏🌷 विध्नहर्ता ,सुखकर्ता,दुखहर्ता गणपति महाराज जी की कृपा दृष्टि आशीर्वाद आप और आपके परिवार पर सदैव बना रहे सिस्टर जी🙏🌷गणपति बप्पा मोरया मंगल मूर्ती मोरया🙏🍁

Renu Singh Apr 1, 2020
Jai Mata Di Pyari Sister ji 🙏🌹 Mata Rani ki Anant kripa Aap aur Aàpke Pariwar pr hamesha Bni rhe Aàpka Din Shubh V Mangalmay ho Dear Sister ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

Babita Sharma Apr 1, 2020
पहले माँ की पूजा, सबकुछ उसके बाद आपके साथ सदा रहे, माँ का आशीर्वाद। दुर्गा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं बहना🙏🚩🚩जय माता दी मातारानी आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें।

madanpal singh Apr 1, 2020
jai Mata Diiiiiiiiii 🌹 Shubh dopahar jiiiii Mata Laxmi ki karpa sadev AAP v aapka pariwar par bani rahe jiii 🌷 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌹 🕉️🌹

D.Mir Apr 1, 2020
Jay Mata ji Ane Vala Har Pal Apka khusiuo se bhara Rahe Apka din Shub Rahe Nice post Shub Dopahar Mita ji 👌👌👌🌹🌹🌹🙏🙏🙏

Dr.ratan Singh Apr 1, 2020
😷जय माता दी वंदन दीदी😷 🎎सभी सनातन प्रेमियों को नवरात्रि के आठवें दिन की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 👣आप और आपके पूरे परिवार पर माँ महागौरी देवी और प्रथम पूजनीय श्री गणेश जी की आशिर्वाद निरंतर बनी रहे जी🎎 🍑 नवरात्रि का दिन शुभ शांतिमय ममतामय और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Balraj🌹🙏🙏 Apr 1, 2020
🌷🌹 जय हो माँ भवानी की 🙏🏽 🙏🏽माताजी मनोकामना पूर्ण करे🙏🏽 🌷🌷🌷🌷🔱🔱🔱🔱🔱

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@nareshrawat1 🙏🔔Jay Maa Mahagauri 🙏🚩🚩🕉 Gam Ganapataye Namah Jay Shri Ganesh Deva 🙏Radhe Radhe ji Jay Shri Krishna 🙏🌷Shubh Ratri Vandan Brother ji Aapka Har Pal Shubh va Mangalmay Ho ji Maa Mahagauri Ki Aseem Krupa Aap Sapariwar Par Sadaiv Bani Rahe Shri Ganpati Bappa Aapki Sabhi Manokamnaye Purn Karein Aap Sadaiv Swastha Khush va Sukhi Raho Brother ji 🌹🌹Thank you ji 💐 🙏🙏

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@renusingh15 Jai Mata Di 🙏🌷Mata Rani ki Aseem Krupa Aap aur Aapke Pariwar Par Sadaiv Bani Rahe Aapka Har Pal Shubh evam Mangalmay Ho Dear Sister ji 🙏🌹🌹🌹🌹

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@babitasharma2 Jai Mata Di Jai Maa Mahagauri Durga Ashtami ki Hardik Shubhkamnaye Bahena 🙏⛳🚩Mata Rani Ka Aashirwad Sadaiv Aap aur Aapke Pariwar Par Bana Rahe.

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@donmir Jay Mata ji Aapka Har Pal Khushiyon Se Bhara Rahe. Shubh Ratri ji. Thanks ji 🌹🌹🙏🙏

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@drratansingh Jay Mata Di Shubh Ratri Vandan Bhai 🙏 Aap aur Aapke Pariwar par Maa Mahagauri Devi aur Shri Ganesh ji ki Aseem Krupa Sadaiv Bani Rahe ji Aapka Har Pal Shubh evam Mangalmay Ho ji 🙏

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@hareram 🌷Jay Ho Maa Bhawani ki 🙏🙏 Mataji Aapki Sabhi Manokamna Purn Karein 🙏🌷🌷

Mita Vadiwala Apr 1, 2020
@rrathod 🌷Maa Mahagaur ki Aseem Krupa se Sabhi ka Kalyan Ho 🙏🙏 Jay Maa Mahagauri 🙏🙏

Ramesh Soni.33 May 10, 2020

+178 प्रतिक्रिया 42 कॉमेंट्स • 52 शेयर
anju May 10, 2020

+11 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 20 शेयर
Rehmat ji May 10, 2020

+8 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 42 शेयर
Sunita Pawar May 10, 2020

☆◆◉* *▪️▪️▪️ {10॥05॥2020}......* *╭─❀⊰╯* *╨────────────━❥* 🟪🟩🟪🟩🟪🟩🟪 *सकट चौथ आज, जानें पूजा की विधि* 🟪🟩🟪🟩🟪🟩🟪 *‼️आज यानी 10 मई को सकट चौथ यानी संकष्ट चतुर्थी है।‼️* हिन्दु कैलेण्डर में प्रत्येक चन्द्र मास में दो चतुर्थी होती हैं। पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं और अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। हालाँकि संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर महीने में होता है लेकिन सबसे मुख्य संकष्टी चतुर्थी पूर्णिमांत पञ्चाङ्ग के अनुसार माघ के महीने में पड़ती है और अमांत पञ्चाङ्ग के अनुसार पौष के महीने में पड़ती है। संकष्टी चतुर्थी अगर मंगलवार के दिन पड़ती है तो उसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं और इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। पश्चिमी और दक्षिणी भारत में और विशेष रूप से महाराष्ट्र और तमिलनाडु में संकष्टी चतुर्थी का व्रत अधिक प्रचलित है। संकष्ट चतुर्थी की कथा- ============== एक समय की बात है कि विष्णु भगवान का विवाह लक्ष्‍मीजी के साथ निश्चित हो गया। विवाह की तैयारी होने लगी। सभी देवताओं को निमंत्रण भेजे गए, परंतु गणेशजी को निमंत्रण नहीं दिया, कारण जो भी रहा हो। अब भगवान विष्णु की बारात जाने का समय आ गया। सभी देवता अपनी पत्नियों के साथ विवाह समारोह में आए। उन सबने देखा कि गणेशजी कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। तब वे आपस में चर्चा करने लगे कि क्या गणेशजी को नहीं न्योता है? या स्वयं गणेशजी ही नहीं आए हैं? सभी को इस बात पर आश्चर्य होने लगा। तभी सबने विचार किया कि विष्णु भगवान से ही इसका कारण पूछा जाए। विष्णु भगवान से पूछने पर उन्होंने कहा कि हमने गणेशजी के पिता भोलेनाथ महादेव को न्योता भेजा है। यदि गणेशजी अपने पिता के साथ आना चाहते तो आ जाते, अलग से न्योता देने की कोई आवश्यकता भी नहीं थीं। दूसरी बात यह है कि उनको सवा मन मूंग, सवा मन चावल, सवा मन घी और सवा मन लड्डू का भोजन दिनभर में चाहिए। यदि गणेशजी नहीं आएंगे तो कोई बात नहीं। दूसरे के घर जाकर इतना सारा खाना-पीना अच्छा भी नहीं लगता। इतनी वार्ता कर ही रहे थे कि किसी एक ने सुझाव दिया- यदि गणेशजी आ भी जाएं तो उनको द्वारपाल बनाकर बैठा देंगे कि आप घर की याद रखना। आप तो चूहे पर बैठकर धीरे-धीरे चलोगे तो बारात से बहुत पीछे रह जाओगे। यह सुझाव भी सबको पसंद आ गया, तो विष्णु भगवान ने भी अपनी सहमति दे दी। होना क्या था कि इतने में गणेशजी वहां आ पहुंचे और उन्हें समझा-बुझाकर घर की रखवाली करने बैठा दिया। बारात चल दी, तब नारदजी ने देखा कि गणेशजी तो दरवाजे पर ही बैठे हुए हैं, तो वे गणेशजी के पास गए और रुकने का कारण पूछा। गणेशजी कहने लगे कि विष्णु भगवान ने मेरा बहुत अपमान किया है। नारदजी ने कहा कि आप अपनी मूषक सेना को आगे भेज दें, तो वह रास्ता खोद देगी जिससे उनके वाहन धरती में धंस जाएंगे, तब आपको सम्मानपूर्वक बुलाना पड़ेगा। अब तो गणेशजी ने अपनी मूषक सेना जल्दी से आगे भेज दी और सेना ने जमीन पोली कर दी। जब बारात वहां से निकली तो रथों के पहिए धरती में धंस गए। लाख कोशिश करें, परंतु पहिए नहीं निकले। सभी ने अपने-अपने उपाय किए, परंतु पहिए तो नहीं निकले, बल्कि जगह-जगह से टूट गए। किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या किया जाए। तब तो नारदजी ने कहा- आप लोगों ने गणेशजी का अपमान करके अच्छा नहीं किया। यदि उन्हें मनाकर लाया जाए तो आपका कार्य सिद्ध हो सकता है और यह संकट टल सकता है। शंकर भगवान ने अपने दूत नंदी को भेजा और वे गणेशजी को लेकर आए। गणेशजी का आदर-सम्मान के साथ पूजन किया, तब कहीं रथ के पहिए निकले। अब रथ के पहिए निकल को गए, परंतु वे टूट-फूट गए, तो उन्हें सुधारे कौन? पास के खेत में खाती काम कर रहा था, उसे बुलाया गया। खाती अपना कार्य करने के पहले 'श्री गणेशाय नम:' कहकर गणेशजी की वंदना मन ही मन करने लगा। देखते ही देखते खाती ने सभी पहियों को ठीक कर दिया। तब खाती कहने लगा कि हे देवताओं! आपने सर्वप्रथम गणेशजी को नहीं मनाया होगा और न ही उनकी पूजन की होगी इसीलिए तो आपके साथ यह संकट आया है। हम तो मूरख अज्ञानी हैं, फिर भी पहले गणेशजी को पूजते हैं, उनका ध्यान करते हैं। आप लोग तो देवतागण हैं, फिर भी आप गणेशजी को कैसे भूल गए? अब आप लोग भगवान श्री गणेशजी की जय बोलकर जाएं, तो आपके सब काम बन जाएंगे और कोई संकट भी नहीं आएगा। ऐसा कहते हुए बारात वहां से चल दी और विष्णु भगवान का लक्ष्मीजी के साथ विवाह संपन्न कराके सभी सकुशल घर लौट आए। हे गणेशजी महाराज! आपने विष्णु को जैसो कारज सारियो, ऐसो कारज सबको सिद्ध करजो। बोलो गजानन भगवान की जय। संकट चतुर्थी व्रत विधि : - =============== प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष 4 के दिन संकट चतुर्थी तथा चौथमाता का व्रत किया जाता है। दिनभर निराहार उपवास किया जाता है। चन्द्रोदय होने पर अर्घ्य देकर तथा गणेशजी एवं चौथ माता की पूजा करके लड्डू का भोग लगाकर भोजन करते हैं। वैशाख कृष्ण 4 से ही चौथमाता का व्रत प्रारंभ करते हैं।```

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