क्यों मनाएं हम श्राद्ध ?

क्यों मनाएं हम श्राद्ध ?

क्यों मनाएं हम श्राद्ध ???

जन्म एवं मृ्त्यु का रहस्य अत्यन्त गूढ है। वेदों में,दर्शन शास्त्रों में,उपनिषदों एवं पुराण आदि में हमारे पुर्वाचार्यों नें इस विषय पर विस्तृ्त विचार किया है। श्रीमदभागवत में भी स्पष्ठ रूप से बताया गया है कि जन्म लेने वाले की मृ्त्यु और मृ्त्यु को प्राप्त होने वाले का जन्म निश्चित है। भगवान श्री कृ्ष्ण ने स्वयं जन्म-मरण के चक्र को एक ध्रुव सत्य माना है।
मनुष्य योनि त्रिगुणात्मक है और इसमें जो गुण हो,उसके अनुसार ही उसका कर्म और स्वभाव निर्मित होता है। जिन मनुष्यों में सत्वगुण की प्रधानता रहती है--वे अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा भाव रखते हुए,धर्म का आश्रय लिए जीवनपथ पर बढते चले जाते हैं। रजोगुण प्रधान मनुष्य भूत-प्रेत,पीरों-फकीरों के चक्कर उलझा रहता है और तमोगुणी व्यक्ति को तो भौतिक सुखों के अतिरिक्त कुछ ओर दिखाई ही नहीं देता। नास्तिक भाव का प्रादुर्भाव सिर्फ तमोगुणी व्यक्ति में ही होता है।
श्रीमदभागवत गीता भी कहती है----साथ ही पूर्वजन्म संबंधी अनेक बातें अनेक सामयिकों में भी यदा कदा पढने को मिल ही जाती है। जिसमें कि किसी मनुष्य को अपने पूर्वजन्म की बातों का स्मरण रहता है। इस प्रकार की एक घटना का प्रत्यक्षदर्शी या कहें कि भुक्तभोगी तो मैं स्वयं हूँ। ऎसी ही एक घटना मेरे परिवार में घट चुकी है,जिसके कि आज भी सैकंडों की संख्या में प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं। खैर...कभी समय मिला तो उस घटना के बारे में फिर कभी लिखूँगा। बहरहाल हम मूल विषय पर बात करते हैं।
इस पूर्वजन्म के आधार पर ही कर्मकाँड में श्राद्धादि कर्म का विधान निर्मित किया गया है। अपने पूर्वजों के निमित दी गई वस्तुएँ/पदार्थ सचमुच उन्हे प्राप्त हो जाते हैं--------इस विषय में अधिकतर लोगों को संदेह है। हमारे पूर्वज अपने कर्मानुसार किस योनि में उत्पन हुए हैं,जब हमें इतना ही नहीं मालूम तो फिर उनके लिए दिए गये पदार्थ उन तक कैसे पहुँच सकते हैं? क्या एक ब्राह्मण को भोजन खिलाने से हमारे पूर्वजों का पेट भर सकता है? वैसे इन प्रश्नों का सीधे सीधे उत्तर देना तो शायद किसी के लिए भी संभव न होगा,क्यों कि वैज्ञानिक मापदंडों को इस सृ्ष्टि की प्रत्येक विषयवस्तु पर लागू नहीं किया जा सकता। दुनियाँ में कईं बातें ऎसी हैं जिनका कोई प्रमाण न मिलते हुए भी उन पर विश्वास करना पडता है। यहाँ इसके लिए हम एक व्यवहारिक उदाहरण ले सकते है---जैसे कि दवाईयाँ । अमूमन दवा के किसी भी पैक पर उसका फार्मूला या कंटेन्ट् लिखा रहता है। किन्तु हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जो दवा हम खा रहे हैं;वास्तव में उसमें उसके पैक पर लिखे सभी कंटैन्स होंगे ही!!! यहाँ हम सिर्फ श्रद्धा से काम लेते हैं। यही सोच हमें कर्मकाँड के विषय में भी रखनी चाहिए। श्रद्धा रखकर ही हम फलप्राप्ति की अपेक्षा करें। मान लीजिए यदि कुछ नहीं भी हुआ तो कोई नुक्सान तो नहीं है न ? अब ये तो बात हुई सिर्फ श्रद्धा की, लेकिन इस विषय में शास्त्रों का कथन है कि--जिस प्रकार मानव शरीर पंचतत्वों से निर्मित है,उसी प्रकार से जो देव और पितर इत्यादि योनियों हैं; प्रकृ्ति द्वारा उनकी रचना नौ तत्वों द्वारा की गई है। जो कि गंध तथा रस तत्व से तृ्प्त होते हैं,शब्द तत्व में निवास करते हैं और स्पर्श तत्व को ग्रहण करते हैं। जैसे मनुष्यों का आहार अन्न है,पशुओं का आहार तृ्णादि,ठीक उसी प्रकार इन योनियों का आहार अन्न का सार-त्तत्व है। वे सिर्फ अन्न और जल का सार-त्तत्व ही ग्रहण करते हैं,शेष जो स्थूल वस्तुएं/पदार्थ हैं,वह तो यहीं स्थित रह जाते हैं।

(श्राद्ध पक्ष 5 सितंबर से 19 सितंबर तक)

#श्राद्ध #ज्योतिष #Panditastro #Pt_D_K_Sharma_Vatsa

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🌞 ~ आज का हिन्दू #पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 04 अगस्त 2020 ⛅ दिन - #मंगलवार ⛅ विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076) ⛅ शक संवत - 1942 ⛅ अयन - दक्षिणायन ⛅ ऋतु - वर्षा ⛅ मास - भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - श्रावण) ⛅ पक्ष - कृष्ण  ⛅ तिथि - प्रतिपदा रात्रि 09:54 तक तत्पश्चात द्वितीया ⛅ नक्षत्र - श्रवण सुबह 08:11 तक तत्पश्चात धनिष्ठा ⛅ योग - सौभाग्य 05 अगस्त प्रातः 05:16 तक तत्पश्चात शोभन ⛅ राहुकाल - शाम 03:48 से शाम 05:26 तक  ⛅ सूर्योदय - 06:14  ⛅ सूर्यास्त - 19:14  ⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में ⛅ व्रत पर्व विवरण - गायत्री पुरश्चरण प्रारंभ, ऋक् श्रावणी, मंगलागौरी पूजन   💥 विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🌷 तुलसी के बीज का चमत्कार 🌷 ➡ तुलसी के बीज पीसकर रखो। एक चुटकी बीज रात को भिगा दो। सुबह खा लो। इससे .... 🌿 पेट की तकलीफ़ भागेगी। 🌿 यादशक्ति बढेगी। 🌿 बुढ़ापे की कमजोरी से बचोगे। 🌿 heart attack नहीं होगा। 🌿 High Blood Pressure भी नहीं होगा। 🌷 वास्तु शास्त्र 🏡 यदि घर में लक्ष्मीजी की फोटो लगानी हो तो ऐसी फोटो लगाए, जिसमें वे बैठी हुई हों। जिस फोटो में लक्ष्मीजी खड़ी हुई दिखाई देती हैं, वह फोटो घर में लगाने से बचना चाहिए। 🌷 देवी महालक्ष्मी 🌷 ➡ लक्ष्मी ने इंद्र को बताई थीं ये बातें, किन लोगों के घर में करती हैं निवास 🙏🏻 देवी महालक्ष्मी की कृपा से धन और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। लक्ष्मी कृपा के लिए पूजा-अर्चना के साथ-साथ हमारे घर का वातावरण भी शुद्ध रहना चाहिए। लक्ष्मी को कैसा वातावरण चाहिए, इस संबंध में देवी लक्ष्मी और इंद्र की एक कथा प्रचलित है। यहां जानिए उस प्रचलित कथा के आधार पर किन लोगों के घर में लक्ष्मी निवास करती हैं। 🙏🏻 कथा के अनुसार प्राचीन समय में महालक्ष्मी असुरों के यहां निवास करती थीं, लेकिन एक दिन वे देवराज इंद्र के यहां पहुंचीं और उन्होंने कहा कि इंद्र, मैं आपके यहां निवास करना चाहती हूं। 🙏🏻 इंद्र ने आश्चर्य से कहा कि हे देवी, आप तो असुरों के यहां बड़े आदरपूर्वक रहती हैं। वहां आपको कोई कष्ट भी नहीं है। मैंने पूर्व में आपसे कितनी बार निवेदन किया कि आप स्वर्ग पधारें, लेकिन आप नहीं आईं। आज आप बिन बुलाए कैसे मेरे यहां पधारी हैं? कृपया इसका कारण मुझे बताइएं। 🙏🏻 देवी लक्ष्मी ने कहा कि हे इंद्र, कुछ समय पहले असुर भी धर्मात्मा हुआ करते थे, वे अपने सभी कर्तव्य निभाते थे। अब असुर अधार्मिक हो गए हैं। इसीलिए मैं अब वहां नहीं रह सकती हूं। 🙏🏻 जिस स्थान पर प्रेम की जगह ईर्ष्या-द्वेष और क्रोध-कलह आ जाए, अधार्मिक, दुर्गुण और बुरी आदतें आ जाए, वहां मैं नहीं रह सकती। असुरों में ये सब बातें आ गई हैं। इसीलिए उन्हें छोड़कर मैं तुम्हारे यहां रहने आईं हूं। 🙏🏻 तब इंद्र ने पूछा कि देवी वे और कौन-कौन से दोष हैं? जहां आप निवास नहीं करती हैं। 🙏🏻 लक्ष्मीजी ने कहा कि जो लोग विवेक और धर्म की बात नहीं करते हैं, जो ज्ञानी लोगों का अपमान करते हैं, उन लोगों के घर में मैं निवास नहीं करती हूं। जिस घर में पाप, अधर्म, स्वार्थ रहता हैं, वहां लक्ष्मी नहीं रहती है। 🙏🏻 जो लोग गुरु, माता-पिता और बड़ों का सम्मान नहीं करते, लक्ष्मी उनके यहां निवास नहीं करती। 🙏🏻 जो संतान अपने माता-पिता से मुंहजोरी करते हैं, उनका अनादर करते हैं, बिना वजह वाद-विवाद करते हैं, लक्ष्मी ऐसे लोगों पर कृपा नहीं बरसाती। 🙏🏻 महालक्ष्मी ने कहा कि मैं उन लोगों के यहां निवास करती हूं जो धार्मिक हैं। जिस घर के सदस्य पवित्र मन वाले हैं, जो सभी को आदर-सम्मान देते हैं। जिस घर के सदस्य किसी को धोखा नहीं देते, लक्ष्मी उनके यहां निवास करती है। जो व्यक्ति दूसरों की मदद करते हैं, गरीबों को दान देते हैं, अपना कार्य पूर्ण ईमानदारी से करते हैं, लक्ष्मी कृपा प्राप्त करते हैं। 🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- https://chat.whatsapp.com/Kn1JrmZ8kx0LaeeISXamK2

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄 #सुप्रभातम 🌄 🗓 आज का #पञ्चाङ्ग 🗓 🌻मंगलवार, ४ अगस्त २०२०🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:४६ सूर्यास्त: 🌅 ०७:१० चन्द्रोदय: 🌝 १९:५५ चन्द्रास्त: 🌜०५:५७ अयन 🌕 दक्षिणायने (उत्तरगोलीय) ऋतु: ⛈️ वर्षा शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 भाद्रपद पक्ष 👉 कृष्ण तिथि: 👉 प्रतिपदा (२१:५४ तक) नक्षत्र: 👉 श्रवण (०८:११ तक) योग: 👉 आयुष्मान् (०५:४७ तक) क्षय योग: 👉 सौभाग्य (२९:१६ तक) प्रथम करण: 👉 बालव (०९:३७ तक) द्वितीय करण: 👉 कौलव (२१:५४ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कर्क चंद्र 🌟 कुम्भ (२०:४६ से) मंगल 🌟 मीन (उदित, पूर्व) बुध 🌟 कर्क (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (उदित, पश्चिम, वक्री) शुक्र 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:५६ से १२:४९ अमृत काल: 👉 २२:३२ से २४:१३ होमाहुति: 👉 चन्द्र अग्निवास: 👉 पृथ्वी (२१:५४ तक) दिशा शूल: 👉 उत्तर नक्षत्र शूल: 👉 ❌❌❌ चन्द्र वास: 👉 दक्षिण (पश्चिम २०:४७ से) दुर्मुहूर्त: 👉 ०८:२२ से ०९:१६ राहुकाल: 👉 १५:४३ से १७:२३ राहु काल वास: 👉 पश्चिम यमगण्ड: 👉 ०९:०२ से १०:४२ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - रोग २ - उद्वेग ३ - चर ४ - लाभ ५ - अमृत ६ - काल ७ - शुभ ८ - रोग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - काल २ - लाभ ३ - उद्वेग ४ - शुभ ५ - अमृत ६ - चर ७ - रोग ८ - काल नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पश्चिम (धनिया अथवा दलिया का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ भाद्रपदमास कृष्णपक्ष आरम्भ, पंचक आरम्भ २०:४८ से, विवाहादि मुहूर्त (हिमाचल-पंजाब) दिवा लग्न ५ (०८:११ तक मंगल परिहार), शिव प्रतिष्ठा मुहूर्त प्रातः ०८:११ तक आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज ०८:११ तक जन्मे शिशुओ का नाम श्रवण नक्षत्र के चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (खो) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम धनिष्ठा नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश (ग, गी, गू, गे) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त: ०५:४२ - ०६:३८ कर्क ०६:३८ - ०८:५६ सिंह ०८:५६ - ११:१४ कन्या ११:१४ - १३:३५ तुला १३:३५ - १५:५५ वृश्चिक १५:५५ - १७:५८ धनु १७:५८ - १९:३९ मकर १९:३९ - २१:०५ कुम्भ २१:०५ - २२:२९ मीन २२:२९ - २४:०२ मेष २४:०२ - २५:५७ वृषभ २५:५७ - २८:१२ मिथुन २८:१२ - २९:४२ कर्क 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त: ०५:४२ - ०६:३८ शुभ मुहूर्त ०६:३८ - ०८:११ मृत्यु पञ्चक ०८:११ - ०८:५६ अग्नि पञ्चक ०८:५६ - ११:१४ शुभ मुहूर्त ११:१४ - १३:३५ रज पञ्चक १३:३५ - १५:५५ शुभ मुहूर्त १५:५५ - १७:५८ चोर पञ्चक १७:५८ - १९:३९ शुभ मुहूर्त १९:३९ - २१:०५ रोग पञ्चक २१:०५ - २१:५४ शुभ मुहूर्त २१:५४ - २२:२९ मृत्यु पञ्चक २२:२९ - २४:०२ रोग पञ्चक २४:०२ - २५:५७ शुभ मुहूर्त २५:५७ - २८:१२ मृत्यु पञ्चक २८:१२ - २९:४२ अग्नि पञ्चक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन सिद्धिदायक है लेकिन आज किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी योजना बनाकर ही करें सफलता निश्चित मिलेगी इसके विपरीत जल्दबाजी में किया कार्य केवल हानि ही कराएगा। आध्यात्म में भी उन्नति के योग बन रहे है पूजा पाठ का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। नौकरी वाले जातक अधिकारियों का प्रोत्साहन मिलने से उत्साहित रहेंगे। सरकारी कार्य मे आज आलस ना करें थोड़ी सी भागदौड़ से पूर्ण हो सकते है। सरकारी क्षेत्र से शुभ समाचार मिलेंगे। लोन अथवा अन्य धन संबंधित कागजी कार्य आज करना उत्तम रहेगा। परिवार में शांति रहेगी लेकिन महिलाओ का मन आज असंतुष्ट ही रहेगा। ठंडी चीजो का सेवन करने से बचे। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज के दिन आप लापरवाहि ज्यादा करेंगे। छोटी-छोटी गलती भी आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है इसका विशेष ध्यान रखना होगा। किसी भी कार्य को दिमाग की जगह दिल से करने के कारण सफलता में संशय रहेगा। धन संबंधित उलझने दिन के आरंभ से ही खड़ी होंगी जो कि संध्या तक यथावत बनी रहेगी संध्या के आस-पास कही से थोड़ा बहुत धन मिलने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। आर्थिक मामलों को लेकर आज ज्यादा तामझाम में ना पढ़ें अन्यथा छोटे लाभ से भी वंचित रहना पडेगा। मित्र रिश्तेदारों के आगे भी धन संबंधित कार्यो को लेकर शर्मिंदा होना पड़ सकता है। उधार किसी से भी ना करे चुकाने में परेशानी आएगी। सेहत में छोटी मोटी व्याधी लगी रहेगी। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन भी प्रतिकूल रहेगा। शारीरिक रूप से असमर्थ रहने के कारण आवश्यक कार्यो में विलंब होगा स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। मन मे नकारत्मक भाव आएंगे किसी की हित मे कही बाते भी उल्टी लगेंगी। कार्य व्यवसाय में आज किसी के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी वो भी समय पर नही मिलेगा। धन की आमद अनिश्चित रहेगी खर्च निकालने के लिये भी जोड़-तोड़ करना पड़ेगा। उधार के व्यवहार से बचे अन्यथा बाद में परेशानी होगी। पारिवारिक वातावरण में विरोधाभास लगा रहेगा घर के सदस्य एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करेंगे। घर के बुजुर्ग वर्ग दुखी होंगे। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज का दिन विजय दिलाने वाला रहेगा। स्वभाव में थोड़ी तेजी रहने के कारण किसी के मार्गदर्शन को भी अहम से जोड़ेंगे आज आप किसी अन्य के आधीन होकर काम करना पसंद नही करेंगे। मनमौजी व्यवहार अन्य लोगो के लिए परेशानी खड़ी करेगा लेकिन आपके लिये शांति दायक रहेगा। जिस कार्य को करेंगे उसमे ही विलम्ब होगा फिर भी अपनी सूझ बूझ से लाभ बना ही लेंगे। व्यवसायी वर्ग जोखिम वाले कार्य शेयर सट्टे आदि से लाभ कमाएंगे। नौकरी वाले लोग भी कार्य कुशलता के बल पर सम्मान के अधिकारी बनेंगे। परिवार का वातावरण आपसी समझ की कमी के कारण कुछ समय के लिये गरम होगा। पित्त, कफ से परेशानी होगी। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन साधारण रहेगा आज आप अपनी व्यक्तिगत उलझनों के कारण अन्य लोगो को परेशान करेंगे लेकिन ध्यान रहें गुप्त बातो को आज परिजनों से भी ना बाटें। आप जिसे अपना हितैशी समझेंगे वही आपका भेद सार्वजनिक करके परेशानी बढ़ायेगा। कार्य व्यवसाय से भी निराशा ही मिलेगी फिर भी एक दो लाभ कमाने के अवसर अवश्य मिलेंगे इन्हें हाथ से ना जाने दें अन्यथा ज्यादा पाने के चक्कर मे इनसे भी हाथ धोना पड़ेगा। पारिवारिक वातावरण में स्वार्थ सिद्धि की भावना रहेगी इच्छा पूर्ति होने तक ही स्नेह सम्मान मिलेगा अन्यथा नही। स्वास्थ्य आज फिर से नरम होगा सचेत रहें। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन भी भाग-दौड़ में बीतेगा। दिन के आरम्भ से ही किसी कार्य को करने के लिए व्यस्त हो जाएंगे। कार्य व्यवसाय में आज अधूरे कार्य पूर्ण करने की जल्दबाजी रहेगी फिर भी समय से पूर्ण नही हो पाएंगे। व्यवसायी वर्ग धन सम्बन्धीत व्यवहार के कारण चिंतित रहेंगे समय पर कार्य पूर्ण ना होने कारण खरी-खोटी सुन्नी पड़ेगी। मध्यान बाद का समय राहत वाला रहेगा। धन संबंधित समस्या किसी की सहायता से सुलझेंगी लेकिज आज आर्थिक कारणों से किसी से पुराना संबंध टूटने की संभावना है। परिवार के बीच आप ज्यादा शांत एवं सुरक्षित अनुभव करेंगे। पेट खराब होने पर अन्य व्याधियां बनेगी। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज के दिन आपका स्वभाव बात-बात पर गरम होगा। किसी से किया वादा पूर्ण ना करने पर अपमानित होना पड़ेगा। जल्दबाजी में कार्य करेंगे त्रुटि होने पर बाद में अफसोस होगा। आज धन संबंधित व्यवहार अधिक आवश्यकता पडने पर ही लिख कर ही करें भूल होने की संभावना हैं। धन लाभ को लेकर मध्यान तक चिंतित रहेंगे मध्यान बाद आवश्यकता अनुसार होने से राहत मिलेगी। घर का वातावरण भी आपके रूखे व्यवहार से अशान्त रहेगा। बड़े-बुजुर्गों की बात ना मानने पर कुछ ना कुछ हानि होगी। आज शांति बनाए रखने के लिये मौन रहना ही बेहतर रहेगा। सर-बदन दर्द रक्त चाप संबंधित परेशानी होगी। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज आप दिनभर छोटी मोटी शारीरिक समस्या से जूझेंगे बीमारियों का प्रकोप परिवार के सदस्यों को भी प्रभावित कर सकता है। अव्यवस्था रहने से प्रत्येक कार्य विलम्ब से चलेंगे पूर्ण होने में भी विलम्ब होगा। कार्य व्यवसाय से आज ज्यादा उम्मीद नही रहेगी आज पूर्ण होने वाले कार्य भी दौड़-धूप की कमी के कारण आगे के लिये निरस्त होंगे। धन संबंधित समस्या नही रहेगी फिर भी व्यर्थ के खर्च आने से मन दुखी होगा। महिलाये चाह कर भी घर को व्यवस्थित रूप से चलाने मे असफल रहेंगी। संध्या के समय परेशानी बढ़ेगी। घर अथवा बाहर किसी भी प्रकार के जोखिम से बचें। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज के दिन आपके स्वभाव में आलस्य अधिक रहेगा। लापरवाहि में लाभ के अवसर हाथ से निकल सकते है सतर्क रहें। कार्य व्यवसाय में आज बीते कल की अपेक्षा तेजी रहेगी धन कमाने के मौके मिलते रहेंगे आवश्यकता अनुसार लाभ आसानी से हो जाएगा लेकिन लालच में ज्यादा कमाने की वृत्ति कुछ ना कुछ कमी ही करेगी। संतोषी वृति अपनाकर ही आज प्रत्येक कार्य निर्विघ्न सम्पन्न किया जा सकता है इसका विशेष ध्यान रखें। हर में मांगलिक कार्यक्रम होने से वातावरण शांत रहेगा। विपरीत लिंगीय आकर्षण भी कुछ अधिक रहेगा इसके कारण परिवार में गलतफहमी पनपने से खींच तान हो सकती है। सेहत बनी रहेगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज के दिन आप अपने हास्य भरे व्यवहार से आस पास का वातावरण खुशनुमा बनाएंगे। व्यवहार में भी नरमी रहने से लोग आपके साथ समय बिताना पसंद करेंगे। कार्य क्षेत्र की चुनोतियाँ कुछ समय के लिये दुविधा में डालेंगी समय पर सहयोग मिलने पर इनसे भी पार पा ही लेंगे। धन संबंधित मामलों को लेकर आज ज्यादा तामझाम में नही पड़ेंगे दोपहर तक लाभ की संभावनाए ही दिखेंगी इसके संध्या के आसपास अकस्मात होने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। महिलाये अधिक चंचल रहेंगी खुद किसी को कुछ भी बोलेंगी लेकिन किसी की मामूली बात को दिल से लगा लेंगी। जुखाम-बुखार होने से परेशानी होगी। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज का दिन आपकी आशाओ के विपरीत रहने वाला है अतिमहत्त्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले किसी अनुभवी की सलाह अवश्य लें अथवा आगे के लिए निरस्त करें। जहाँ से लाभ की उम्मीद लगाए रहेंगे वहां हानि होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र के साथ घरेलू कार्य करते समय सावधानी बरतें टूट-फुट अथवा अन्य क्षति हो सकती है। आर्थिक योजनाए आज किसी ना किसी कारण से अधर में लटकी रहेंगी। खर्च निकालने के लिये ले देकर कार्य करना पड़ेगा। मित्र रिश्तेदारों से कोई अशुभ समाचार मन की बेचैनी बढ़ायेगा। परिजन को छोड़ अन्य लोगो से मदद की आशा ना रखें। स्वास्थ्य में उतारचढ़ाव लगा रहेगा। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। पूर्व में किये शुभकर्मों का फल आज किसी ना किसी रूप में अवश्य मिलेगा। सार्वजनिक क्षेत्र से मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। विरोधी चाहकर भी आपको क्षति नही पहुचा सकेंगे। समाज के उच्चप्रतिष्ठित लोगो के साथ मेलजोल बढेगा आपकी क्षवि भी उच्चवर्गीय जैसी बनेगी। लेकिन कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी ईर्ष्या का भाव रखेंगे जानबूझ कर बना बनाया कार्य बिगाड़ सकते है सतर्क रहें। धन की कामना समय से थोड़ा विलम्ब लेकिन पूर्ण होगी। गृहस्थ सुख उत्तम रहेगा। भजन पूजन में समय देंगे। सेहत का भी ख्याल रखें। 🌐http://www.vkjpandey.in 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- https://chat.whatsapp.com/Kn1JrmZ8kx0LaeeISXamK2

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🌞 ~ आज का हिन्दू #पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 03 अगस्त 2020 ⛅ दिन - #सोमवार ⛅ विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076) ⛅ शक संवत - 1942 ⛅ अयन - दक्षिणायन ⛅ ऋतु - वर्षा ⛅ मास - श्रावण ⛅ पक्ष - शुक्ल  ⛅ तिथि - पूर्णिमा रात्रि 09:28 तक तत्पश्चात प्रतिपदा ⛅ नक्षत्र - उत्तराषाढा सुबह 07:19 तक तत्पश्चात श्रवण ⛅ योग - प्रीति सुबह 06:40 तक तत्पश्चात आयुष्मान् ⛅ राहुकाल - सुबह 07:40 से सुबह 09:18 तक  ⛅ सूर्योदय - 06:14  ⛅ सूर्यास्त - 19:15  ⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में ⛅ व्रत पर्व विवरण - व्रत पूर्णिमा, श्रावणी पूर्णिमा, नारियली पूर्णिमा, रक्षाबंधन, हयग्रीव जयंती, संस्कृत दिवस   💥 विशेष - पूर्णिमा के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) 🌷 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 🌷 👉🏻 रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 03 अगस्त 2020 सोमवार को है। ➡ मान्‍यताओं के अनुसार रक्षाबंधन के दिन अपराह्न का समय रक्षाबंधन के लिये अधिक उपयुक्त माना जाता है जो कि हिन्दू समय गणना के अनुसार दोपहर के बाद का समय है। 💥 विशेष - भद्र काल के दौरान राखी बांधना अशुभ माना जाता है 👉🏻 इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल सुबह 09:29 तक रहेगा। 👉🏻 राखी बांधने का समय सुबह 09:30 से रहेगा।  👉🏻 अपराह्न मुहूर्त दोपहर 02:02 से शाम 4:37 तक 🌷 लक्ष्मी पूजन तिथि 🌷 🙏🏻 स्कंद पुराण में लिखा है पौष मास की शुक्ल पक्ष की दसमी तिथि, चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की और सावन महिने की पूनम (श्रावणी पूनम- 03 अगस्त 2020 सोमवार) ये दिन लक्ष्मी पूजा के खास बताये गये हैं। इन दिनों में अगर कोई आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है। पैसों की बहुत तंगी है घर में तो 12 मंत्र लक्ष्मी माता के बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करें और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी की प्राप्त होती है, लाभ होता है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती है। उसके घर से आर्थिक समस्याएं धीरे धीरे किनारा करती हैं। बारह मंत्र इसप्रकार हैं – 🌷 ॐ ऐश्‍वर्यै नम: 🌷 ॐ कमलायै नम: 🌷 ॐ लक्ष्मयै नम: 🌷 ॐ चलायै नम: 🌷 ॐ भुत्यै नम: 🌷 ॐ हरिप्रियायै नम: 🌷 ॐ पद्मायै नम:  🌷 ॐ पद्माल्यायै नम: 🌷 ॐ संपत्यै नम: 🌷 ॐ ऊच्चयै नम: 🌷 ॐ श्रीयै नम:  🌷 ॐ पद्मधारिन्यै नम: 🙏🏻 सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि। मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते।। द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत। स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस:।। 🙏🏻 उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है। जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करता है। 🌷 विद्यार्थी विशेष 🌷 👧🏻 विद्यार्थी पढ़ने में ज्यादा कमजोर हो तो –विद्यार्थी को सारस्वत मंत्र तो बापूजी देते ही है। ➡ पर समझो कोई बच्चा कमजोर है ज्यादा... पढ़ नहीं सकता तो उसको सिखा दें ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम :अपने आराध्य को स्मरण करके जप करें। 🙏🏻 भगवान विष्णु के चौबीस अवतार थे उसमे हयग्रीव अवतार हैं। ये अग्निपुराण में अग्निदेव वशिष्ठ से कहते हैं। 💥 विशेष - 03 अगस्त 2020 सोमवार को हयग्रीव जयंती हैं। 🌷 रक्षाबंधनः संकल्पशक्ति का प्रतीक 🌷 🙏🏻 रक्षाबंधन के दिन बहन भैया के ललाट पर तिलक-अक्षत लगाकर संकल्प करती है कि 'मेरा भाई भगवत्प्रेमी बने। जैसे शिवजी त्रिलोचन हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, वैसे ही मेरे भाई में भी विवेक-वैराग्य बढ़े, मोक्ष का ज्ञान, मोक्षमय प्रेमस्वरूप ईश्वर का प्रकाश आये। मेरा भाई धीर-गम्भीर हो। मेरे भैया की सूझबूझ, यश, कीर्ति और ओज-तेज अक्षुण्ण रहे।' भाई सोचे कि 'हमारी बहन भी चरित्रप्रेमी, भगवत्प्रेमी बने।' 🙏🏻 इस पर्व पर धारण किया हुआ रक्षासूत्र सम्पूर्ण रोगों तथा अशुभ कार्यों का विनाशक है। इसे वर्ष में एक बार धारण करने से वर्ष भर मनुष्य रक्षित हो जाता है। (भविष्य पुराण) 🙏🏻 रक्षाबंधन के पर्व पर बहन भाई को आयु, आरोग्य पुष्टि की बुद्धि की भावना से राखी बाँधती है। अपना उद्देश्य ऊँचा बनाने का संकल्प लेकर ब्राह्मण लोग जनेऊ बदलते हैं। 🙏🏻 समुद्र का तूफानी स्वभाव श्रावणी पूनम के बाद शांत होने लगता है। इससे जो समुद्री व्यापार करते हैं, वे नारियल फोड़ते हैं। 🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- https://chat.whatsapp.com/Kn1JrmZ8kx0LaeeISXamK2

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻सोमवार, ३ अगस्त २०२०🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:४६ सूर्यास्त: 🌅 ०७:११ चन्द्रोदय: 🌝 १९:१४ चन्द्रास्त: 🌜❌❌❌ अयन 🌕 दक्षिणायने (उत्तरगोलीय) ऋतु: ⛈️ वर्षा शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 श्रावण पक्ष 👉 शुक्ल तिथि: 👉 पूर्णिमा (२१:२८ तक) नक्षत्र: 👉 उत्तराषाढा (०७:१९ तक) योग: 👉 प्रीति (०६:४० तक) प्रथम करण: 👉 विष्टि (०९:२५ तक) द्वितीय करण: 👉 बव (२१:२८ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कर्क चंद्र 🌟 मकर मंगल 🌟 मीन (उदित, पूर्व) बुध 🌟 कर्क (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (उदित, पश्चिम, वक्री) शुक्र 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:५६ से १२:५० अमृत काल: 👉 २१:२५ से २३:०४ होमाहुति: 👉 चन्द्र अग्निवास: 👉 पाताल (२१:२८ से पृथ्वी) भद्रावास: 👉 पाताललोक (०९:२५ तक) दिशा शूल: 👉 पूर्व नक्षत्र शूल: 👉 ❌❌❌ चन्द्र वास: 👉 दक्षिण दुर्मुहूर्त: 👉 १२:५० से १३:४३ राहुकाल: 👉 ०७:२१ से ०९:०२ राहु काल वास: 👉 उत्तर-पश्चिम यमगण्ड: 👉 १०:४२ से १२:२३ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - अमृत २ - काल ३ - शुभ ४ - रोग ५ - उद्वेग ६ - चर ७ - लाभ ८ - अमृत ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - चर २ - रोग ३ - काल ४ - लाभ ५ - उद्वेग ६ - शुभ ७ - अमृत ८ - चर नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (दर्पण देखकर अथवा खीर का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ श्रावणी पूर्णिमा, रक्षाबंधन पर्व (भद्रोपरांत) दिन भर, वेदमाता गायत्री जन्मोत्सव, श्रावणी उपाकर्म, संस्कृत दिवस आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज ०६:५२ तक जन्मे शिशुओ का नाम पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ढा) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम उत्तराषाढ़ नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश (भे, भो, ज, जी) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त: ०५:४१ - ०६:४२ कर्क ०६:४२ - ०९:०० सिंह ०९:०० - ११:१८ कन्या ११:१८ - १३:३९ तुला १३:३९ - १५:५८ वृश्चिक १५:५८ - १८:०२ धनु १८:०२ - १९:४३ मकर १९:४३ - २१:०९ कुम्भ २१:०९ - २२:३३ मीन २२:३३ - २४:०६ मेष २४:०६ - २६:०१ वृषभ २६:०१ - २८:१६ मिथुन २८:१६ - २९:४२ कर्क 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त: ०५:४१ - ०६:४२ चोर पञ्चक ०६:४२ - ०७:१९ शुभ मुहूर्त ०७:१९ - ०९:०० रोग पञ्चक ०९:०० - ११:१८ शुभ मुहूर्त ११:१८ - १३:३९ मृत्यु पञ्चक १३:३९ - १५:५८ अग्नि पञ्चक १५:५८ - १८:०२ शुभ मुहूर्त १८:०२ - १९:४३ रज पञ्चक १९:४३ - २१:०९ शुभ मुहूर्त २१:०९ - २१:२८ चोर पञ्चक २१:२८ - २२:३३ शुभ मुहूर्त २२:३३ - २४:०६ शुभ मुहूर्त २४:०६ - २६:०१ चोर पञ्चक २६:०१ - २८:१६ शुभ मुहूर्त २८:१६ - २९:४२ रोग पञ्चक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आपका आज का दिन सफलता दायक रहेगा परिस्थितियां आपके अनुकूल बनी रहेंगी। दिन के पहले भाग में किसी बहुप्रतीक्षित कार्य के बनने से प्रसन्नता बढ़ेगी। कार्य क्षेत्र पर धन लाभ के साथ-साथ मान-सम्मान भी बढ़ेगा। नौकरी पेशा जातक विशेष कार्य के लिए नियुक्त किये जा सकते है। उधारी को लेकर चिंतित भी रहेंगे परन्तु मध्यान के बाद धन का आगमन होने से समस्याएं सुलझने लगेंगी। परिवार में किसी सदस्य के बीमार होने से थोड़ी भागदौड़ करनी पड़ सकती है। दाम्पत्य जीवन में प्रेम बना रहेगा। व्यावसायिक यात्रा से लाभ होगा। सामाजिक क्षेत्र में आज चाह कर भी योगदान नहीं कर पाएंगे। अधिक व्यस्तता के कारण थकान अनुभव होगी। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज आपको पूर्व में की किसी गलती अथवा आचरण का अफसोस होगा गलती मान लेने पर आपसी मतभेद शांत होंगे। घरेलू कार्य अथवा परिजनों की आवश्यकता पूर्ति समय से करेंगे। कार्य क्षेत्र से आज लाभ की संभावनाए कम ही रहेंगी धन की आमद अल्प रहने से खर्चो पर नियंत्रण करना पड़ेगा। घर का वातावरण मंगलमय रहेगा धार्मिक पूजापाठ में सम्मिलित होने के अवसर मिलेंगे। दैनिक जीवन की उलझनों के बाद भी विवेक जाग्रत रहने से मन शांत रहेगा। विरोधी किसी भी प्रकार से आपकी शांति को भंग नही कर पाएंगे। आरोग्य अच्छा रहेगा। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आपका आज का दिन मिलाजुला रहेगा। दिन के पूर्वार्ध में सेहत सम्बंधित समस्या रहने से कार्यो में आलस करेंगे घरेलू कार्यो की व्यस्तता के कारण कार्य क्षेत्र पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। मध्यान के बाद थोड़ा सुधार आने लगेगा। कार्य व्यवसाय थोड़े इन्तजार के बाद गति आ जायेगी लेकिन आर्थिक मंदी रहने से धन सम्बंधित आयोजनो में।विलंब होगा आर्थिक एवं पारिवारिक कारणों से मन भारी रहेगा किसी अन्य की खीज कही और उतारेंगे यंत्रों की सार-संभाल एवं परिजनों पर खर्च करना पड़ेगा। भागीदारी के कार्यो में लाभ हो सकता है। खान-पान एवं असंयमित दिनचर्या के कारण उदर शूल अथवा कब्ज सम्बंधित परेशानिया बनेगी। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज का दिन भी आपके पक्ष में रहेगा। दिन के आरम्भ थोड़ी परेशानियों के बाद कार्य में गति आने लगेगी। मध्यान के बाद का समय कई सुनहरे अवसर लाएगा। थोड़ा बहुत उतार चढ़ाव भी देखना पड़ सकता है परंतु आज धन एवं परिवार को लेकर संतोषजनक स्थिति बनेगी कंजूसी से खर्च पर नियंत्रण कर लेंगे। परिजनों अथवा रिश्तेदारो विशेष कर स्त्री पक्ष के सहयोग से लाभ अथवा कोई महत्तवपूर्ण काम बनेगा। जोखिम से ना घबराएं आज किये निवेश आगे लाभदायक रहेंगे। सुख के साधनों पर खर्च करेंगे। लघु व्यावसायिक यात्रा करनी पड़ेगी मध्यान बाद अत्यधिक थकान रहेगी। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन भी आपके धन कोष अथवा अन्य सुख के साधनों में वृद्धि करेगा। कार्य व्यवसाय में पहले से चल रही योजना फलीभूत होने से धन की आमद होगी। भविष्य के लिये भी लाभ के सौदे हाथ लगेंगे। सहकर्मियों का साथ मिलने से निश्चित कार्य समय से पूर्ण कर सकेंगे। महिलाये को शारीरिक कमजोरी के कारण दैनिक कार्यो के अतिरिक्त घर की व्यवस्था सुधारने में परेशानी होगी। कंजूस प्रवृति के कारण घर के किसी सदस्य से मतभेद की संभावना है। आज आप अपनी गलती जानते हुए भी अपनी बात पर अडिग रहेंगे जिससे आस-पास का वातावरण कुछ समय के लिये खराब होगा। व्यवसायिक यात्रा से लाभ हो सकता है। छोटी-मोटी व्याधि को छोड़ सेहत सामान्य रहेगी। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज आपको अपनी बुद्धि चातुर्य पर गर्व रहेगा। अतिआत्मविश्वास से भरे रहेंगे प्रत्येक कार्य को मामूली समझ कर बाद के लिये टालेंगे परन्तु अंत समय मे पूर्ण करने में पसीने छूटेंगे। सरकारी कार्य को लेकर भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। काम-धंधा पहले से कुछ कम रहेगा जोड़ तोड़ कर ही धन की प्राप्ति हो सकेगी। आज कम समय और परिश्रम से अधिक लाभ कमाने की योजना मन मे रहेगी लेकिन अवसर ना मिलने के कारण लाभ नही उठा सकेंगे। महिलाये जितना कार्य करेंगी उससे ज्यादा सुनाएंगी। घर के सभी सदस्य स्वय को दूसरे से बेहतर प्रदर्शित करेंगे। छोटी-छोटी बातों पर नोकझोंक होगी। दिनचार्य संयमित ना रहने से सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन सावधानी से बिताने की सलाह है। दिन के आरंभ से ही मन मे अकारण क्रोध रहेगा। परिजनों से जिस बात का भय रहेगा मध्यान तक उसके पूर्ण होने पर वातावरण खराब होगा। भाई बंधुओ में भी किसी ना किसी कारण से अनबन रहेगी। कार्य क्षेत्र पर सामान्य दिनचार्य रहते हुए भी किसी से धन को लेकर उग्र वार्ता होने की संभावना है। आज आप वरिष्ठ व्यक्तियों के परामर्श को भी नजरअंदाज करेंगे जिसके परिणाम स्वरूप किसी ना किसी रूप में धन एवं सम्मान हानि देखनी पड़ेगी। लोगो को शक की दृष्टि से देखने आपको महत्त्व नही मिलेगा। औरो को बेचैनी में डालकर स्वयं अपने मे मस्त रहेंगे। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आपका आज का दिन प्रायः सामान्य ही रहेगा। परन्तु आज फिजूल खर्ची पर नियंत्रण आयवश्यक है अन्यथा आर्थिक संकट में फंस सकते है। आज के दिन आप भावनाओ में बहकर अनुचित कदम उठा सकते है। लोगो के बहकावे में ना आये अन्यथा मान हानि कोर्ट-कचहरी की नौबत आ सकती है। प्रेम प्रसंगों से आज दूर रहना ही बेहतर रहेगा विलासी प्रवृति का लाभ शत्रु उठा सकते है सावधान रहें। परिवार के सदस्यों की मांगें एवं मनोरंजन के पीछे आज अधिक खर्च होगा। कार्य क्षेत्र पर भी आज परिश्रम अधिक रहेगा। पूर्वार्ध के बाद थोड़ा धन लाभ होने से कार्य चलते रहेंगे। यात्रा के भी योग बन रहे है। वाहन चलाने में सावधानी बरतें। घर में स्त्री वर्ग से अनबन हो सकती है। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन थोड़ा उठापटक वाला रहेगा। दिनभर विविध कार्य रहने से मानसिक एवं आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। कार्यो में बार-बार प्रयत्न करने पर भी विलम्ब, असफलता मिलने से गुस्सा बढेगा क्रोध की अधिकता एवं वाकपटुता आज बनते कामो को बिगाड़ेगी। अनैतिक कृत्यों में पड़कर बदनामी मिल सकती है। परिवार में फिजूल खर्ची बढ़ने से धन सम्बंधित उलझने बढ़ेंगी व्यवहार शून्यता के कारण प्रियजनों से मन-मुटाव होगा अशांति भी रहेगी। कार्य व्यवसाय मध्यम चलेगा। दिन के समय अत्यादिक आलस्य रहेगा। सेहत अकस्मात ख़राब हो सकती है सावधान रहें। सरकार विरोधी वर्जित कार्यो में समय एवं धन बर्बाद हो सकता है। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज के दिन आप दैनिक कार्यो में व्यस्त रहेंगे दिनचार्य उटपटांग रहने से निराश भी होंगे मध्यान तक किसी भी कार्य को दिशा ना मिलती देख मेहनत व्यर्थ होती प्रतीत होगी लेकिन हताश ना हो आज देर से ही सही लाभ अवश्य होगा। आर्थिक मामले अन्य कार्यो की अपेक्षा ज्यादा उलझेंगे फिर भी संध्या तक धन की आमद संतोषजनक हो जाएगी। अधिकारियो से सतर्क रहना पड़ेगा गलती करने पर ज्यादा भार सौपेंगे। महिलाओ का मन आध्यात्म में डूबा रहेगा मनोकामना पूर्ति में विलंब से उदास रहेंगी। आकस्मिक कार्य आने से यात्रा अथवा अन्य आवश्यक कार्य निरस्त करने पड़ेंगे। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन आपको प्रतिकूल फल मिलने से मानसिक कष्ट होगा। दिन आपके लिए अधिक परिश्रम वाला रहेगा। परिश्रम के बाद भी बनते काम व्यवहार की कमी के कारण बिगाड़ लेंगे। कार्यो की असफलता हताशा बढ़ायेगी। वाणी एवं व्यवहार में कटुता आने से घर एवं बाहर व्यर्थ के वाद-विवाद हो सकते है। वाणी में मधुरता ना ला सकें तो मौन ही रहे मान हानि की प्रबल संभावना है। नए कार्यो को आज आरम्भ न करें। यात्रा में चोटादि का भय है सावधान रहें। परिवार के सदस्यों से मन मुटाव के प्रसंग बनेंगे आवश्यकताओ को नजर अंदाज करने से माहौल बिगड़ सकता है। किसी विदेशी व्यक्ति से लाभ हो सकता है। आर्थिक उलझनों के कारण चिंताग्रस्त रहेंगे। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज आप अपनी व्यवहार कुशलता से बिगड़े कार्यो को भी बनाने की क्षमता रखेंगे। मित्र परिजन विषम परिस्थितियों से बाहर निकालने के लिये आपका सहयोग मांगेंगे अपना महत्त्व बढ़ता देख थोड़ी बहुत अहम की भावना भी आएगी जरूरत मंदों को व्यर्थ के चक्कर लगवाएंगे। कार्य क्षेत्र पर जिस काम को हाथ मे लेंगे उसमे निश्चित सफलता मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षा में भी सफल होने की संभावना अधिक है। बेरोजगार लोग आज प्रयास करें अवश्य अनुकूल रोजगार से जुड़ सकते है। व्यवसाय में मंदी के बाद भी धन का प्रबंध आवश्यकता के समय कही ना कही से हो ही जायेगा। खान-पान संयमित रखें सेहत खराब हो सकती है। 🌐http://www.vkjpandey.in 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा 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🌞 ~ आज का हिन्दू #पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 02 अगस्त 2020 ⛅ दिन - #रविवार ⛅ विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076) ⛅ शक संवत - 1942 ⛅ अयन - दक्षिणायन ⛅ ऋतु - वर्षा ⛅ मास - श्रावण ⛅ पक्ष - शुक्ल  ⛅ तिथि - चतुर्दशी रात्रि 09:28 तक तत्पश्चात पूर्णिमा ⛅ नक्षत्र - पूर्वाषाढा सुबह 06:52 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा ⛅ योग - विष्कम्भ सुबह 07:53 तक तत्पश्चात प्रीति ⛅ राहुकाल - शाम 05:26 से शाम 07:04 तक  ⛅ सूर्योदय - 06:13  ⛅ सूर्यास्त - 19:15  ⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में 💥 विशेष - रविवार, चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) 💥 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90) 💥 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75) 💥 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। 🌷 रक्षाबंधन के दिन 🌷 🙏🏻 यदि आप भी इस रक्षाबंधन पर धन व व्यापार से जुड़ी सभी परेशानियां खत्म करना चाहते हैं तो अपनाएं ये ज्योतिष शास्त्र के आसान उपाय... ➡ रक्षाबंधन पर करें इन 10 में से कोई 1 काम, हमेशा भरी रहेगी तिजोरी 👉🏻 व्यापार वृद्धि के लिए रक्षाबंधन के दिन महालक्ष्मी मंदिर में या घर पर ही देवी लक्ष्मी का पूजन कर दूध, चावल, केला व पंच मेवा से बनी खीर देवी को अर्पण करें व बालकों में प्रसाद बांटे। 👉🏻 शत्रु ज्यादा परेशान कर रहे हों तो शत्रु परेशान कर रहे हों तो रक्षाबंधन के दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाकर, गुड़ का भोग लगाएं व गुलाब के फूल चढ़ाएं। इस समस्या का समाधान हो जाएगा। 👉🏻 दरिद्रता दूर करने के लिए कोई भी ऐसा पौधा जो वटवृक्ष के नीचे उगा हुआ हो, राखी के दिन उसे अपने घर के किसी गमले में लाकर लगा लें। ऐसा करने से दरिद्रता दुर होती है और घर में स्थाई लक्ष्मी का निवास होता है। 👉🏻 पैसा वापस न मिल रहा हो तो किसी ने आपसे पैसा उधार लिया हो और वापस न लौटा रहा हो तो रक्षाबंधन के दिन सूखे कपूर का काजल बनाकर एक कागज पर उसका नाम इस काजल से लिखकर एक भारी पत्थर से दबा दें।पैसा बहुत जल्दी वापस मिल जाएगा।  👉🏻 बीमार रहते हों तो यदि आप अक्सर बीमार रहते हैं तो रात को एक सिक्का सिरहाने रखें और सुबह उस सिक्के को श्मशान में बाहर से फेंक आएं।ये बीमारी की समस्या जल्द ही खत्म हो जाएगी। 👉🏻 व्यापार में सफलता न मिल रही हो तो यदि आप व्यापार में लगातार असफल हो रहे हों तो रक्षाबंधन के दिन दोपहर में पांच कागजी नींबू, एक मुट्ठी काली मिर्च व एक मुट्ठी पीली सरसों के साथ रख दें।अगले दिन सुबह इन सभी चीजों को किसी समसान स्थान पर गाड़ दें। 👉🏻 ऋण मुक्ति के लिए रक्षाबंधन के दिन गेहूँ के आटे में गुड़ मिलाकर पुए बनाएं और किसी हनुमान मंदिर में जाकर चढ़ाएं और गरीबों में बाँट दें।कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी। 👉🏻 धन-समृद्धि के लिए अगर आप अपार धन-समृद्धि चाहते हैं, तो रक्षाबंधन के दिन लाल रंग के मिट्टी के घड़े में नारियल रखकर उस पर लाल कपड़ा ढ़ककर झोली बांधकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। 👉🏻 आर्थिक काम में असफलता मिल रही हो तो सरसों के तेल में सिके गेहूँ के आटे व पुराने गुड़ से तैयार सात पुए, सात मदार (आक) के फूल, सिंदूर, आटे से तैयार सरसों के तेल का दीपक, पत्तल या अरंडी के पत्ते पर रखकर रक्षाबंधन की रात में किसी चौराहे पर रख कर कहें - हे मेरे दुर्भाग्य तुझे यही छोड़े जा रहा हूं कृपा करके मेरा पीछा ना करना। 👉🏻 कार्य सिद्धि के लिए रक्षाबंधन के दिन गणेशजी के चित्र के सामने लौंग व सुपारी रखें।जब भी कहीं काम पर जाना हो, तो इस लौंग और सुपारी को साथ ले कर जाएं, तो काम सिद्ध होगा। 🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- https://chat.whatsapp.com/Kn1JrmZ8kx0LaeeISXamK2

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dev sharma Aug 2, 2020

रक्षाबंधन मुहूर्त 〰️〰️🔸〰️〰️ भाई बहन के पावन रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन हिन्दू धर्मावलंबियों द्वारा युगों से मनाया जा रहा है इस त्योहार के माध्यम से भाई बहन के बीच आपसी जिम्मेदारी और स्नेह में वृद्धि होती है। रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं परन्तु ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बाँधी जाती है। कभी-कभी सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बाँधी जाती है। रक्षाबंधन के मौके पर अक्सर भद्रा काल में राखी नहीं बांधी जाती है लेकिन इस साल भी पिछले साल की ही तरह भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन का त्योहार श्रावणी पूर्णिमा 15 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि शाम 5.58 तक होने से यह त्योहार पूरे दिन मनाया जाएगा। शास्त्रानुसार रक्षाबंधन में भद्रा टाली जाती है, जो इस बार पूरे दिन नहीं है। चार साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है तब रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। रक्षाबंधन शुभ समय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ रक्षा बंधन का पर्व श्रावण मास में उस दिन मनाया जाता है जिस दिन पूर्णिमा अपराह्ण काल में पड़ रही हो। हालाँकि आगे दिए इन नियमों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है– 1👉  यदि पूर्णिमा के दौरान अपराह्ण काल में भद्रा हो तो रक्षाबन्धन नहीं मनाना चाहिए। ऐसे में यदि पूर्णिमा अगले दिन के शुरुआती तीन मुहूर्तों में हो, तो पर्व के सारे विधि-विधान अगले दिन के अपराह्ण काल में करने चाहिए। 2👉  लेकिन यदि पूर्णिमा अगले दिन के शुरुआती 3 मुहूर्तों में न हो तो रक्षा बंधन को पहले ही दिन भद्रा के बाद प्रदोष काल के उत्तरार्ध में मना सकते हैं। यद्यपि पंजाब आदि कुछ क्षेत्रों में अपराह्ण काल को अधिक महत्वपूर्ण नहीं माना जाता है, इसलिए वहाँ आम तौर पर मध्याह्न काल से पहले राखी का त्यौहार मनाने का चलन है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार भद्रा होने पर रक्षाबंधन मनाने का पूरी तरह निषेध है, चाहे कोई भी स्थिति क्यों न हो। ग्रहण सूतक या संक्रान्ति होने पर यह पर्व बिना किसी निषेध के मनाया जाता है। ज्योतिष पंचांगों के अनुसार पूर्णिमा तिथि का आरम्भ 2 अगस्त 2020 को प्रात:काल 09:27 से होगा और 3 अगस्त 21:25 तक व्याप्त रहेगी। 3 अगस्त को भद्रा प्रात: काल 09:27 तक ही रहेगा। इसके बाद भद्रा मुक्त समय होने से रक्षाबंधन संपन्न किया जाएगा। यदि भद्रा काल में यह कार्य करना हो तो भद्रा मुख को त्यागकर भद्रा पुच्छ काल में इसे करना चाहिए। 3 अगस्त को रक्षाबंधन का समय- 09:27 से 21:16 और शुभ मुहूर्त- 13:45 से 16:25. तक रहेगा. रक्षा बंधन के लिए प्रदोष काल समय 19:05 से 21:16 तक रहेगा। भद्रा पुच्छ प्रात:काल 05:15 से 06:07 तक, और भद्रा मुख का समय 06:27 से 08:27 तक होगा। वैसे तो रक्षा बंधन का मुहूर्त सुबह 09:27 से शाम 21:16 तक रहेगा लेकिन स्थानीय मान्यताओं अनुसार कुछ लोग शुभ चौघड़िए या अभिजीत मुहूर्त देखकर भी राखी बांधते है उनकी सुविधा अनुसार चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त भी दिए जा रहे है। चौघड़िया अनुसार राखी बांधने का शुभ समय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ प्रातः 09:00 से 10:41 तक शुभ दिन 02:04 से 03:46 तक चर दिन 03:46 से 05:27 तक लाभ सायं 05:27 से 07:09 तक अमृत 11:56 से 12:50 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा अन्य समय की अपेक्षा इस समय राखी बांधना ज्यादा शुभ रहेगा। रक्षाबंधन के विशेष उपाय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ यदि आप बहनो का कोई भाई ज्यादा बीमार रहता हो या किसी अन्य परेशानी में हो तो निम्न उपाय करना चाहिए। रक्षा बंधन के दिन राखी बांधने से ठीक पहले अपनी दायीं मुट्ठी में पीली सरसों (1चम्मच) व 7 लोंग लेवे। उस सामग्री को भाई के ऊपर से एन्टी क्लॉक वाइज 27 बार लगातार उल्टा उसार देवे। फिर उसी वक्त उस सामग्री को गर्म तवे पर डाल कर ऊपर से कटोरी उल्टी रखे। जब सारी सामग्री काले रंग की हो जाये तब नीचे उतार लेवे व चौराहे पर किसी से फिकवां देवे। खुद नही फेके। ध्यान रहे सरसो व लोंग आपको अपने घर से लेकर जाने है यदि आप शादी सुदा है तो । अन्यथा खुद ही बाजार से नए खरीदे। घर के काम मे नही लेवे। उपाय के बाद तवे को भी अच्छे से धो लें सरसो उसरने के बाद ज्यादा देर घर मे ना रखें तुरंत बाहर ले जाएं। इस उपाय को राखी के दिन ही करना है। पुनरावृत्ति न करे। पं देवशर्मा 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄 #सुप्रभातम 🌄 🗓 आज का #पञ्चाङ्ग 🗓 🌻रविवार, २ अगस्त २०२०🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:४५ सूर्यास्त: 🌅 ०७:१२ चन्द्रोदय: 🌝 १८:२७ चन्द्रास्त: 🌜२८:५७ अयन 🌕 दक्षिणायने (उत्तरगोलीय) ऋतु: ⛈️ वर्षा शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 श्रावण पक्ष 👉 शुक्ल तिथि: 👉 चतुर्दशी (२१:२८ तक) नक्षत्र: 👉 पूर्वाषाढा (०६:५२ तक) योग: 👉 विष्कुम्भ (०७:५३ तक) प्रथम करण: 👉 गर (०९:३८ तक) द्वितीय करण: 👉 वणिज (२१:२८ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कर्क चंद्र 🌟 मकर (१२:५५ से) मंगल 🌟 मीन (उदित, पूर्व) बुध 🌟 कर्क (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (उदित, पश्चिम, वक्री) शुक्र 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त: 👉 ११:५६ से १२:५० अमृत काल: 👉 २४:४८ से २६:२६ होमाहुति: 👉 चन्द्र अग्निवास: 👉 पृथ्वी (२१:२८ तक) दिशा शूल: 👉 पश्चिम नक्षत्र शूल: 👉 ❌❌❌ चन्द्र वास: 👉 पूर्व (दक्षिण १२:५७ से) दुर्मुहूर्त: 👉 १७:१८ से १८:१२ राहुकाल: १७:२५ से १९:०५ राहु काल वास: 👉 उत्तर यमगण्ड: 👉 १२:२३ से १४:०३ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - उद्वेग २ - चर ३ - लाभ ४ - अमृत ५ - काल ६ - शुभ ७ - रोग ८ - उद्वेग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - शुभ २ - अमृत ३ - चर ४ - रोग ५ - काल ६ - लाभ ७ - उद्वेग ८ - शुभ नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (पान का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ भद्रावास पाताललोक में २१:२८ से, श्रावणी व्रत पूर्णिमा आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज ०६:५२ तक जन्मे शिशुओ का नाम पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ढा) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम उत्तराषाढ़ नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश (भे, भो, ज, जी) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त: ०५:४० - ०६:४५ कर्क ०६:४५ - ०९:०४ सिंह ०९:०४ - ११:२२ कन्या ११:२२ - १३:४३ तुला १३:४३ - १६:०२ वृश्चिक १६:०२ - १८:०६ धनु १८:०६ - १९:४७ मकर १९:४७ - २१:१३ कुम्भ २१:१३ - २२:३६ मीन २२:३६ - २४:१० मेष २४:१० - २६:०५ वृषभ २६:०५ - २८:२० मिथुन २८:२० - २९:४१ कर्क 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त: ०५:४० - ०६:४५ शुभ मुहूर्त ०६:४५ - ०६:५२ रज पञ्चक ०६:५२ - ०९:०४ शुभ मुहूर्त ०९:०४ - ११:२२ चोर पञ्चक ११:२२ - १३:४३ शुभ मुहूर्त १३:४३ - १६:०२ रोग पञ्चक १६:०२ - १८:०६ शुभ मुहूर्त १८:०६ - १९:४७ मृत्यु पञ्चक १९:४७ - २१:१३ अग्नि पञ्चक २१:१३ - २१:२८ शुभ मुहूर्त २१:२८ - २२:३६ रज पञ्चक २२:३६ - २४:१० अग्नि पञ्चक २४:१० - २६:०५ शुभ मुहूर्त २६:०५ - २८:२० रज पञ्चक २८:२० - २९:४१ शुभ मुहूर्त 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन उन्नति कारक रहेगा। आज पारिवारिक प्रतिष्ठा भाग्योन्नति में सहायक बनेगी। सेहत भी साथ देने से लाभ के अवसर हाथ से निकलने नहीं देंगे। घर के बुजुर्गो की कृपा दृष्टि आप पर रहने से आसानी से अपनी बातों को मनवा लेंगे लेकिन घर के वातावरण की अनदेखी के कारण आपकी आलोचना भी हो सकती है। आज आप किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे कार्य क्षेत्र पर आशा के अनुरूप व्यवसाय नहीं हो पाने से थोड़े हताश भी रहेंगे परंतु प्रयास जारी रखे धन लाभ अवश्य होगा। दूर रहने वाले जानकारों से शुभ समाचार मिलेंगे। बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज सेहत में सुधार आने से काफी राहत अनुभव करेंगे। रुके हुए कार्यो में गति आएगी फिर भी सरकारी कार्य आज ना करे तो बेहतर रहेगा। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए आप पूरी तरह से तैयार रहेंगे। परिजनों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वाश में बढ़ोतरी होगी। धन सम्बंधित लेन-देन थोड़े विघ्न के बाद पूर्ण होंगे। भागीदारी के कार्य में नुक्सान हो सकता है। मध्यान बाद परिस्थितियां पूर्ण रूप से आपके पक्ष में रहेंगी। समाज के वरिष्ठ व्यक्ति की सहायता से भाग्योदय के अवसर मिलेंगे। घर में धार्मिक पूजा पाठ होने से मांगलिक वातावरण बनेगा। धन लाभ के लिए थोड़ा परिश्रम करना पड़ेगा। जायदाद सम्बंधित कार्यो में आंशिक सफलता मिलेगी। कामुकता भी अधिक रहेगी। अनैतिक कार्यो से दूर रहें। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन आपको शारीरिक समस्या का सामना करना पड़ेगा दिन के आरंभ से ही शरीर में विकार उत्पन्न होंगे मध्यान तक इनकी अनदेखी करेंगे बढ़ने पर ही इलाज करेंगे वह भी मनमर्जी से जिसके परिणाम आगे गंभीर भी हो सकते है। कार्य क्षेत्र पर लाभ की संभावनाए बनते बनते बिगड़ेंगी आपकी मनोदशा का विरोधी लाभ उठाएंगे। धन लाभ फिर भी अवश्य होगा लेकिन खर्च की तुलना में बहुत कम। भाग दौड़ में असमर्थ रहने के कारण महत्त्वपूर्ण सौदा अथवा पैतृक कार्य में विलंब अथवा हानि होने की संभावना है। परिवार के सदस्य आपसे काफी आशाएं लगाए रहेंगे परन्तु परिस्थितिवश बोल नही पाएंगे स्वयं ही इनका निराकरण करने का प्रयास करें आगे परिणाम सकारत्मक मिलेंगे। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज आप जिस भी कार्य को करने का मन बनायेगे परिस्थिति स्वतः ही उसके अनुकूल बन जाएगी। लेकिन आशाजनक धन लाभ के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ेगा फिर भी आज की जगह कल ही होगा। मध्यान का समय थोड़ा उतार चढ़ाव वाला रहेगा आपके रूखे व्यवहार से किसी के मन को दुख पहुचेगा लेकिन स्थित को भांप इसमें तुरंत सुधार कर स्थिति नियंत्रण में कर लेंगे। आज आप मीठा बोलकर कठिन से कठिन कार्य भी सहज बना लेंगे। धन की कामना है तो उसी क्षेत्र में प्रयास जारी रखें थोड़े विलम्ब से लेकिन सफल अवश्य होंगे। घर का वातावरण आनंद प्रदान करेगा आवश्यकता पूर्ति पर निसंकोच खर्च करेंगे। आरोग्य बना रहेगा पुरानी बीमारी में सुधार आएगा। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज आपका लक्ष्य अधिक से अधिक सुख सुविधा जुटाने पर रहेगा आपकी मानसिकता भी कम समय मे ज्यादा मुनाफा पाने की रहेगी। इसके लिये अनैतिक मार्ग अपनाने से भी नही हिचकेंगे। आज आप जिस कार्य को लग्न से करेंगे उसकी अपेक्षा बेमन से किया कार्य अधिक शीघ्र एवं ज्यादा लाभदायक रहेगा। नौकरी करने वाले सतर्क रहें इल्जाम लग लगने अथवा मान भंग की संभावना है। व्यवसाय में मध्यान तक उदासीनता के बाद गति आएगी। घर मे सुख के साधन बढ़ाने का विचार मन मे चलता रहेगा लेकिन आज कुछ विघ्न के कारण कामना पूर्ति संधिग्ध रहेगी। दौड़ भाग के कारण अत्यधिक थकान अनुभव होगी फिर भी मनोरंज से नही चूकेंगे। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज आपकी छवि घर को छोड़ अन्य सभी जगह बुद्धिमानो जैसी बनेगी मन मे कुछ समय के लिये आतिआत्मविश्वास के भाव भी आयंगे लेकिन आध्यात्म के प्रभाव से कोई हानि नही होगी। कार्य क्षेत्र से आज एक ही बार मे लाभ कमाने के चक्कर मे रहेंगे इससे अन्य लोगो के ऊपर आपकी लोभी छवि बनेगी फिर भी स्वार्थवश कह नही पाएंगे। आज आप अपने कार्य बनाने में पीछे परन्तु अन्य लोगो के लिये अवश्य ही सहयोगी रहेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र पर आपसे महत्त्वपूर्ण विषय मे सलाह ली जाएगी लेकिन घर मे इसके विपरीत हास्य के पात्र बनेंगे। धन लाभ अवश्य होगा लेकिन इच्छानुसार नही लोभ से बचे आगे समय लाभ वाला ही है। शारीरिक कारणों से मन मे।अस्थिरता आएगी। स्त्री सुख मिलेगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज आप व्यर्थ के विवादों में ना पड़कर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। हवाई बातों पर यकीन ना करें अपने बुद्धि बल से योजनाएं बनाये सफलता अवश्य मिलेगी प्रलोभनो से बचें। सामाजिक वर्चस्व में वृद्वि होगी परन्तु कल्पना से बाहर निकल यथार्थ की बाते सोचें। आज परिश्रम के बाद लाभदायक सौदे मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी परन्तु खर्चो पर नियंत्रण नहीं रहेगा। आप व्यापार विस्तार के कारण लंबी यात्रा कर सकते है जोकि आगे के लिये लाभदायक रहेगी। सामाजिक क्षेत्र पर वरिष्ठ लोगो से जान-पहचान बढ़ेगी। मनोरंजन के अवसरों को खाली नहीं जाने देंगे। मित्र परिचितों के साथ आनंद के क्षण बितायेंगे। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज आपको अपने स्वास्थ्य की संभाल करने की अत्यंत आवश्यकता है। मौसमी बीमारियों के कारण शरीर एवं दिमाग कम सक्रीय रहेंगे। आज के दिन परिश्रम से बचें। कार्य क्षेत्र पर गलत निर्णय के कारण हानि हो सकती है। लेकिन संध्या के आस पास थोडी मेहनत से संतोषजनक लाभ कमा लेंगे। परन्तु खर्च भी बराबर बने रहने से बचत मुश्किल से होगी। परिजनों से सम्बन्ध असामान्य रहेंगे। प्रियजनों के स्वभाव में स्वार्थ छलकेगा। आज आप मानसिक शान्ति पाने के लिये आध्यात्म का सहारा ले सकते है। काम के बोझ से दूर रहकर धर्म के रहस्यों को जानने का प्रयास करेंगे। स्त्री से अनबन रहेगी परन्तु सहयोग भी मिलेगा। दान-पुण्य के अवसर हाथ से ना जाने दें। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) कार्य क्षेत्र का वातावरण सामान्य रहने से रोजगार सही दिशा में चलेगा। दिन नविन व्यापारिक अनुबंधों को क्रिया में लाने के लिए शुभ रहेगा। नौकरी पेशा जातक भी आज कार्य क्षेत्र में बदलाव कर सकते है। किसी खोई वस्तु के मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक संबंधो से आज लाभ के साथ मान बढ़ने की अधिक सम्भावना रहेगी। सेहत का भी ध्यान रखें सर्दी के कारण परेशानी हो सकती है। माँ अथवा किसी स्त्री के सहयोग से दोपहर के बाद आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। गृहस्थ जीवन में प्रेम बना रहेगा। ससुराल पक्ष से लाभ की संभावना है। अविवाहितो को विवाह के प्रस्ताव आएंगे। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज आपसी तालमेल की कमी हर जगह अव्यवस्था फैलाएगी। दिन के आरंभ में मानसिक रूप से शांत रहेंगे धर्म-कर्म में भी निष्ठा रहने से पूजा पाठ के लिये समय निकालेंगे लेकिन स्वभाव में अकड़ एवं जिद बनते कार्यो में बाधा डालेगी। आज आपके पक्ष में बोलने वालों से भी विपरीत व्यवहार करेंगे बाद में समय निकलने पर पछतायेंगे। धन को लेकर आज कोई नई समस्या खड़ी होगी। कार्य क्षेत्र पर भी आर्थिक अभाव रहने के कारण अपने विचारों को साकार रूप नही दे पाएंगे। घर मे मामूली तकरार के बाद स्थित सामान्य हो जाएगी। सेहत की अनदेखी बाद में भारी पड़ने वाली है सतर्क रहें। बुजुर्ग वर्ग को छोड़ अन्य सभी से पटेगी। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन भी आपके लिए लाभदायक स्थिति बनेगी दिन व्यस्तता से भरा एवं खर्चीला रहेगा। आज आपके अंदर आत्मविश्वाश बढ़-चढ़ कर रहेगा शारीरिक रूप से भी चुस्त रहेंगे। शेयर प्रोपर्टी में निवेश निकट भविष्य में लाभ कराएगा निर्माण के क्षेत्र से जुड़े जातको को नए अनुबंध मिलेंगे। दैनिक उपभोग की वस्तुओ के व्यापार से अधिक लाभ होगा। वैसे तो सभी आवश्यक कार्य मध्यान से पहले पूर्ण करेंगे परंतु धन लाभ के लिए संध्या तक इन्तजार करना पड़ेगा। सामाजिक एवं धार्मिक आयोजन में महत्त्वपूर्ण योगदान देंगे। परिवार में थोड़ी खींचतान युक्त शांति बनी रहेगी। अन्य महिलाओं से निकटता परेशानी कर सकती है। परिवार में सुख के साधनो पर अधिक खर्च करने पर भी शांति का अभाव रहेगा। सर्दी-जुखाम की समस्या हो सकती है। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन आप जिस भी कार्य को करेंगे उसमे अन्य लोग टांग अड़ायेंगे जिससे कुछ समय के लिये भ्रामक स्थिति बनेगी लेकिन ध्यान रहे आज परिस्थिति सफ़लतादायक बनी है अन्य लोगो के ऊपर ध्यान ना दें अपनी बुद्धि से कार्य करे विजय अवश्य मिलेगी भले ही थोड़ा विलम्ब से ही। कार्य व्यवसाय से पुरानी योजनाए धन लाभ कराएंगी नए अनुबंध हथियाने के लिये कुटिल बुद्धि का इस्तेमाल करना पड़ेगा सरल स्वभाव का प्रयोग आज काम नही आएगा। विरोधी प्रबल रहेंगे पीछे से आपकी हानि पहुचाने का हर संभव प्रयास करेंगे मन को लक्ष्य पर केंद्रित रख ही इनपर विजय पाई जा सकती है। घर एवं शारीरिक सुख उत्तम रहेगा। 🌐http://www.vkjpandey.in 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- https://chat.whatsapp.com/Kn1JrmZ8kx0LaeeISXamK2

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वस्तु शास्त्र का निर्णय,आय आदि के ज्ञान से भी घर की वस्तुस्थिति का पता लगता है। घर की चौड़ाई को लंबाई से गुणा करने पर जो गुणनफल आता है ,उसे पद कहते हैं। उस पद को छह स्थानों में रखकर क्रमशः 8, 3, 9, 8, 9, 6 से गुणा करें और गुणनफल में क्रमशः 12, 8, 8, 27, 7,  9 से भाग दे। फिर जो शेष बचे वह क्रमशः धन, ऋण, आय, नक्षत्र, वार तथा अंश होते हैं। उदाहरणार्थ घर की चौड़ाई 15 फीट और लंबाई 25 फिट इनको परस्पर गुणा करने से गुणनफल 375 पद हुआ अब इसे धन, ऋण आदि इस प्रकार निकाले जाएंगे। धन निकालने के लिए 375 को 8 से गुणा करेंगे और 12 का भाग देंगे तो 0 अर्थात 12 शेष धन प्राप्त हुआ। ऋण निकालने के लिए 375 को 3 से गुणा करेंगे और 8 का भाग देंगे अतः 5 शेष ऋण प्राप्त हुआ। आय को निकालने के लिए 375 को 9 से गुणा करेंगे और 8 का भाग देंगे तो हमें 7 अंक शेष प्राप्त हुआ यहीं आय हैं। नक्षत्र निकालने के लिए 375 को 8 से गुणा करेंगे और 27 का भाग देंगे तो शेष 3 आएगा यही नक्षत्र है। वार निकालने के लिए 375 को 9 से गुणा करेंगे और 7 का भाग देंगे तो शेष 1 बचेगा यही वार है। अंश निकालने के लिए 375 को 6 से गुणा करेंगे और 9 का भाग देंगे तो शेष 0 अर्थात 9 अंक बचेगा यही अंश है। अब इनका फल इस प्रकार समझना चाहिए- यदि ऋण की अपेक्षा धन अधिक हो तो वह घर शुभ होता है। यदि धन की अपेक्षा अधिक हो तो वह घर अशुभ होता है। आय आठ प्रकार की होती है-  1 ध्वज  2 धूम्र  3 सिंह  4 श्वान  5 वृषभ  6 खर  7 गज  8 उष्ट्र अथवा काक यदि आय विषम संख्या में हो तो शुभ होता है और सम संख्या हो तो अशुभ होता है। नक्षत्र- घर का जो नक्षत्र हो, वहां से अपने नाम के नक्षत्र तक गिनकर जो संख्या हो,उसमें सर्वप्रथम 9 का भाग देवे। यदि शेष 3 अंक बचे तो धन का नाश, यदि 5 शेष बचे तो यश सम्मान की हानि और यदि 7 शेष बचे तो गृह कर्ता की स्वास्थ्य हानि होती है। घर की राशि और अपनी राशि गिनने पर परस्पर 2 या 12 हो तो धन की हानि, 9 और 5 हो तो पुत्र को कष्ट और 6 , 8 हो तो अनिष्ट होता है। अन्य संख्या हो तो शुभ समझना चाहिए। वार तथा अंश- गणना अनुसार सूर्य का 1 अंक और मंगल का 3 अंक होता है अतः सूर्य और मंगल के वार तथा अंश हो तो उस घर में अग्नि भय तथा अशुभता रहती है। अन्य वार तथा अंश होने से संपूर्ण सुख सुविधाएं व लाभ प्राप्त होता है। यहां पर जो ऊपर उदाहरण दिया गया है उसमें केवल वार एक रविवार अशुभ है। घर की लंबाई चौड़ाई के गुणनफल को 8 से गुणा करें फिर 120 का भाग देवे तो घर की आयु का ज्ञान होता है। घर और घर के स्वामी का एक नक्षत्र हो तो घर के स्वामी की स्वास्थ्य हानि होती है। ध्वज आय में गृह आरंभ करने पर अधिक धन तथा कीर्ति मिलती है। धूम्र आय में गृह आरंभ करने पर मानसिक भ्रम तथा शौक होता है। सिंह आय में गृह आरंभ करने पर विशेष लक्ष्मी तथा विजय की प्राप्ति होती है। श्वान आय में गृह आरंभ करने पर कलह तथा  वैर होता है। वृषभ आय में गृहारंभ करने पर धन और संपत्ति की प्राप्ति होती है। खर आय में गृहारंभ करने पर पत्नी को स्वास्थ्य हानि तथा आय में कमी होती है। गज आय में गृहारंभ करने पर पुत्र लाभ तथा सुख प्राप्त होता है। उष्ट्र अथवा काक आय में गृहारंभ करने पर शून्यता तथा रोग होता है। ध्वज आय हो तो सब दिशाओं में, सिंह आय हो तो पूर्व, दक्षिण, उत्तर दिशाओं में, वृषभ आय हो तो पश्चिम दिशा में और गज आय हो तो पूर्व और दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार बनाना उत्तम होता है। ब्राह्मण के लिए ध्वज आय और पश्चिम में द्वार बनाना उत्तम है। क्षत्रिय के लिए सिंह आय और उत्तर में द्वार बनाना उत्तम है। वैश्य के लिए वृषभ आय और पूर्व में द्वार बनाना उत्तम है। शूद्र के लिए गज आय और दक्षिण में द्वार बनाना उत्तम है।

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