क्यों मनाएं हम श्राद्ध ?

क्यों मनाएं हम श्राद्ध ?

क्यों मनाएं हम श्राद्ध ???

जन्म एवं मृ्त्यु का रहस्य अत्यन्त गूढ है। वेदों में,दर्शन शास्त्रों में,उपनिषदों एवं पुराण आदि में हमारे पुर्वाचार्यों नें इस विषय पर विस्तृ्त विचार किया है। श्रीमदभागवत में भी स्पष्ठ रूप से बताया गया है कि जन्म लेने वाले की मृ्त्यु और मृ्त्यु को प्राप्त होने वाले का जन्म निश्चित है। भगवान श्री कृ्ष्ण ने स्वयं जन्म-मरण के चक्र को एक ध्रुव सत्य माना है।
मनुष्य योनि त्रिगुणात्मक है और इसमें जो गुण हो,उसके अनुसार ही उसका कर्म और स्वभाव निर्मित होता है। जिन मनुष्यों में सत्वगुण की प्रधानता रहती है--वे अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा भाव रखते हुए,धर्म का आश्रय लिए जीवनपथ पर बढते चले जाते हैं। रजोगुण प्रधान मनुष्य भूत-प्रेत,पीरों-फकीरों के चक्कर उलझा रहता है और तमोगुणी व्यक्ति को तो भौतिक सुखों के अतिरिक्त कुछ ओर दिखाई ही नहीं देता। नास्तिक भाव का प्रादुर्भाव सिर्फ तमोगुणी व्यक्ति में ही होता है।
श्रीमदभागवत गीता भी कहती है----साथ ही पूर्वजन्म संबंधी अनेक बातें अनेक सामयिकों में भी यदा कदा पढने को मिल ही जाती है। जिसमें कि किसी मनुष्य को अपने पूर्वजन्म की बातों का स्मरण रहता है। इस प्रकार की एक घटना का प्रत्यक्षदर्शी या कहें कि भुक्तभोगी तो मैं स्वयं हूँ। ऎसी ही एक घटना मेरे परिवार में घट चुकी है,जिसके कि आज भी सैकंडों की संख्या में प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं। खैर...कभी समय मिला तो उस घटना के बारे में फिर कभी लिखूँगा। बहरहाल हम मूल विषय पर बात करते हैं।
इस पूर्वजन्म के आधार पर ही कर्मकाँड में श्राद्धादि कर्म का विधान निर्मित किया गया है। अपने पूर्वजों के निमित दी गई वस्तुएँ/पदार्थ सचमुच उन्हे प्राप्त हो जाते हैं--------इस विषय में अधिकतर लोगों को संदेह है। हमारे पूर्वज अपने कर्मानुसार किस योनि में उत्पन हुए हैं,जब हमें इतना ही नहीं मालूम तो फिर उनके लिए दिए गये पदार्थ उन तक कैसे पहुँच सकते हैं? क्या एक ब्राह्मण को भोजन खिलाने से हमारे पूर्वजों का पेट भर सकता है? वैसे इन प्रश्नों का सीधे सीधे उत्तर देना तो शायद किसी के लिए भी संभव न होगा,क्यों कि वैज्ञानिक मापदंडों को इस सृ्ष्टि की प्रत्येक विषयवस्तु पर लागू नहीं किया जा सकता। दुनियाँ में कईं बातें ऎसी हैं जिनका कोई प्रमाण न मिलते हुए भी उन पर विश्वास करना पडता है। यहाँ इसके लिए हम एक व्यवहारिक उदाहरण ले सकते है---जैसे कि दवाईयाँ । अमूमन दवा के किसी भी पैक पर उसका फार्मूला या कंटेन्ट् लिखा रहता है। किन्तु हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जो दवा हम खा रहे हैं;वास्तव में उसमें उसके पैक पर लिखे सभी कंटैन्स होंगे ही!!! यहाँ हम सिर्फ श्रद्धा से काम लेते हैं। यही सोच हमें कर्मकाँड के विषय में भी रखनी चाहिए। श्रद्धा रखकर ही हम फलप्राप्ति की अपेक्षा करें। मान लीजिए यदि कुछ नहीं भी हुआ तो कोई नुक्सान तो नहीं है न ? अब ये तो बात हुई सिर्फ श्रद्धा की, लेकिन इस विषय में शास्त्रों का कथन है कि--जिस प्रकार मानव शरीर पंचतत्वों से निर्मित है,उसी प्रकार से जो देव और पितर इत्यादि योनियों हैं; प्रकृ्ति द्वारा उनकी रचना नौ तत्वों द्वारा की गई है। जो कि गंध तथा रस तत्व से तृ्प्त होते हैं,शब्द तत्व में निवास करते हैं और स्पर्श तत्व को ग्रहण करते हैं। जैसे मनुष्यों का आहार अन्न है,पशुओं का आहार तृ्णादि,ठीक उसी प्रकार इन योनियों का आहार अन्न का सार-त्तत्व है। वे सिर्फ अन्न और जल का सार-त्तत्व ही ग्रहण करते हैं,शेष जो स्थूल वस्तुएं/पदार्थ हैं,वह तो यहीं स्थित रह जाते हैं।

(श्राद्ध पक्ष 5 सितंबर से 19 सितंबर तक)

#श्राद्ध #ज्योतिष #Panditastro #Pt_D_K_Sharma_Vatsa

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अमावस्या जन्म – विश्लेषण और उपाय ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ अमावस्या अथवा कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को हुआ जन्म , अशुभ जन्म समझा जाता हैं । अमावस्या पर हुआ जन्म , कुण्डली में उपस्थित अनेकों शुभयोगों (जैसे राजयोग , धनयोग आदि) का नाश करने वाला होता हैं। शास्त्रज्ञों ने अमावस्या पर हुए जन्म के अनेकानेक दुष्परिणाम गिनाये हैं । जब तुलाराशी के नक्षत्र/नवांशों में सूर्य-चन्द्र की युति हों तब तो यह दोष और भी अधिक विषाक्त और अशुभ फलप्रद हों जाता हैं । ऐसी स्थिति अधिकांशतः दीपावली को बनती हैं । महर्षि पाराशर अपनी “बृहत् पाराशर होराशास्त्रम्” के 88वें अध्याय के प्रथम 4 श्लोकों में जिन 17 अशुभ जन्मों का उल्लेख किया हैं उनमें “दर्श जन्म” (अमावस्या का जन्म) प्रमुख और सर्वप्रथम हैं। आज अमावस्या जन्म के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेंगे :- 1👉 अमावस्या जन्म किसे कहेंगे ? ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ जब सूर्य और चन्द्र एक नक्षत्र में हों तब अमावस्या जन्म समझा जाता हैं । जब सूर्य और चन्द्र , एक नक्षत्र के साथ साथ एक ही नवांश में भी हों उस समय अमावस्या जन्म के अधिकाँश दुष्परिणाम देखने में आते हैं और जब एक नक्षत्र , एक नवांश और एक ही षष्ठ्यांश में हों तब तो अशुभ फल पूर्ण रूप से अपना रंग दिखाता हैं । जब-जब ऐसे जातकों के (जिनका जन्म अमावस्या को हुआ हैं) जन्म-नक्षत्रों पर ग्रहण आया करता हैं तब तब ग्रहण से लगाकर छः महीने उनके लिए भयंकर कष्ट देने वाले होते हैं। यदि जन्म नक्षत्र के साथ ही साथ जन्मकालिक नवांश भी ग्रहण की चपेट में हुआ (जब सूर्य और चन्द्र एक ही नवांश में हों तो) तब तो जातक को मृत्यतुल्य कष्ट प्राप्त होता हैं । 2👉 अमावस्या पर हुआ जन्म अशुभ क्यों हैं ? ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ज्योतिष-शास्त्रों में सबसे प्रमुख सूर्य और चन्द्र को माना गया हैं । सूर्य को जहां जातक की आत्मा वहीँ चन्द्र को जातक का मन/मस्तिष्क माना जाता हैं । सूर्य और चन्द्र को सदैव शुभ माना जाता हैं , यहाँ तक की अष्टमेश के दोष से भी यह दोनों मुक्त हैं। अमावस्या को चन्द्र पूर्ण-अस्त समझा जाता हैं। चन्द्र के पूर्णतः अस्त होने से चन्द्र का शुभत्व जातक के लिए गौण हों जाता हैं वहीँ चन्द्र के साथ होने से सूर्य के शुभ फलों का भी महत्त्वपूर्ण ह्रास होता हैं । मोटे तौर पर कुछ यों समझ लें की सूर्य और चन्द्र के शुभफल जातक को नगण्य अनुपात में प्राप्त होते हैं । चूँकि सारे शुभ-राज-धन योगों की पूर्णता में सूर्य और चन्द्र के शुभत्व का योगदान रहता हैं अतएव बड़े-बड़े योग कुंडली में उपस्थित होने पर भी उनका प्रभाव निष्फल हों जाता हैं। 3👉 उपाय ~~~~~~~~ जिस नक्षत्र में सूर्य और चन्द्र हैं , उस नक्षत्र के मन्त्रों से (उसी नक्षत्र के आने पर) हवनात्मक अनुष्ठान करवाना चाहिए (जन्म के दो वर्षों के भीतर)। सदैव (जीवनभर) ऐसे नक्षत्र के प्राप्त होने पर व्रत करना चाहिए और नक्षत्र के अनुरूप सामग्री का दान देना चाहिए। नक्षत्र की शान्ति और रवि-चन्द्र योग के अशुभ्त्व के नाश के लिए अपने इष्ट के अनुष्ठान जीवन भर करना चाहिए। अमावस्या जन्म शान्ति वैदिक उपाय ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ अमावस्या में उत्पन्न जातक माता-पिता को दरिद्र बनाता है। अत: दोष शमन के लिए यत्न पूर्वक शान्ति करानी चाहिए। सर्वप्रथम जल पूर्ण घड़़े में गूलर, बड़, आम, निम्ब तथा पीपल के छाल, जड़, पल्लवों और पंच रत्न को रखकर रक्त वस्त्र द्वय आच्छादित कर घट स्थापन करें। पुन आपोहिष्ठेत्यादि 'सर्वे समुद्र'इन तीन मन्त्रों से अभिमन्त्रित करें। अमावस्या के देव चन्द्र, सूर्य, की स्वर्णमयी मूर्ति अथवा सूर्य की ताम्रमयी और चन्द्रमा की चाँदी की मूर्ति बनाकर विधिवत उसकी स्थापना करें। फिर सवितेत्यादि तथा आप्यास्वेत्यादि मन्त्रों से दोनों मूर्तियों की पञ्चोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजा कर 'सवितृ' मन्त्र सोमो धेनुः इत्यादि मन्त्र से अष्टोत्तर शत संख्यक वा अष्टाविंशति प्रमित हवन करें। हवनान्तर पुत्र सहित दम्पति को कलश के जल से अभिषिक्त कर ब्राह्माणों को भोजन करावें तथा उन्हें सदक्षिणा विदा करें। इस प्रकार अमावस्योत्पन्न जातक निश्चय ही कल्याण का भागी होता है। कोई भी अशुभत्व ऐसा नहीं जो प्रभुकृपा से शांत न हों सके। अतएव सदैव प्रभु का ध्यान एवम् भगवद्भक्ति श्रेयस्कर हैं ।

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🌺🕉️ शुभ शनिवार 🌺शुभ प्रभात् 🕉️🌺 2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 🌺-आज दिनांक--06.03.2021-🌺 श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शिक्षा नौकरी आजीविका विवाह भाग्योन्नति (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ____________________________________ _____________आज विशेष______________ पीली सरसों के कुछ सरल उपाय करने से खत्म हो सकती है आपकी परेशानियां ____________________________________ आज दिनांक..................... 06 .03.2021 कलियुग संवत्.............................. 5122 विक्रम संवत................................ 2077 शक संवत....................................1942 संवत्सर.................................. श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल......................................... .दक्षिण ऋतु.............................................वसंत मास...................................... फाल्गुन पक्ष.............................................कृष्ण तिथि......... अष्टमी. सायं. 6.10 तक/ नवमी वार..........................................शनिवार नक्षत्र.............ज्येष्ठा. रात्रि. 9.37 तक / मूल चंद्र राशि........वृश्चिक. रात्रि. 9.37 तक / धनु योग..............वज्र. सायं. 6.08 तक / सिद्धि करण................... .बालव. प्रातः 6.59 तक करण........ कौलव. सायं. 6.10 तक / तैत्तिल ____________________________________ सूर्योदय.............................6.50.55 पर सूर्यास्त..............................6.34.44 पर दिनमान...............................11.43.49 रात्रिमान...............................12.15.11 चंद्रास्त.............. प्रातः 11.57.53 AM पर चंद्रोदय............... रात्रि. 2.07.34 AM पर सूर्य.......................(कुंभ) 10.21.32.10 चंद्रमा................... (वृश्चिक) 7.21.28.09 राहुकाल..... प्रातः 9.47 से. 11.15 (अशुभ) यमघंट........ अपरा. 2.11 से 3.59 (अशुभ) अभिजित...... (मध्या)12.19 से 01.06 तक पंचक.................................आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)..............आज है दिशाशूल.................................पूर्व दिशा दोष निवारण.... उड़द का सेवन कर यात्रा करें ____________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * शुभ....................प्रातः 8.19 से 9.47 तक चंचल..............अपरा. 12.43 से 2.11 तक लाभ.................अपरा. 2.11 से 3.39 तक अमृत................अपरा. 3.39 से 5.07 तक * चौघड़िया रात्रि * लाभ............सायं-रात्रि. 6.35 से 8.07 तक शुभ................ रात्रि. 9.39 से. 11.10 तक अमृत......रात्रि. 11.10 से 12.42 AM तक चंचल...रात्रि. 12.42 AM से 2.14 AM तक लाभ......रात्रि. 5.18 AM से 6.50 AM तक ____________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ____________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 10.04 AM तक--ज्येष्ठा---2-------(या) 03.50 PM तक--ज्येष्ठा---3------ (यी) 09.37 PM तक--ज्येष्ठा---4-------(यु) (पाया - ताम्र) _______सभी की राशि वृश्चिक होगी______ __________________________________ 03.25 AM तक----मूल---1-------(ये) उपरांत रात्रि तक----मूल---2------(यो) (पाया-ताम्र) _______सभी की राशि धनु रहेगी__________ ___________________________________ ____________आज का दिन_____________ व्रत विशेष..................................... नहीं दिन विशेष.........................सीताष्टमी पर्व सर्वा.सि.योग................................. नहीं सिद्ध रवियोग.................................नहीं ___________________________________ _____________कल का दिन____________ दिनांक.............................07.03.2021 तिथि............. फाल्गुन कृष्णा नवमी रविवार व्रत विशेष.....................................नहीं दिन विशेष............... समर्थ रामदास नवमी सर्वा.सि.योग. प्रातः6.50 से रात्रि. 8.58 तक सिद्ध रवियोग.................................नहीं ___________________________________ _____________आज विशेष ____________ पीली सरसों के इन 5 आसान उपायों से दूर हो सकती हैं आपकी परेशानियां.. पीली सरसों का उपयोग यूं तो मसाले के रूप में किया जाता है, लेकिन तंत्र और ज्योतिष उपायों में भी इसका खास महत्व है। इसके कुछ उपाय तो बहुत ही आसान है। इन उपायों से ग्रहों से संबंधित दोष तो दूर होते ही हैं साथ ही अन्य परेशानियां भी दूर हो सकती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, पीली सरसों का उपयोग मुख्य तौर पर तंत्र के उपायों में किया जाता है। इसके कुछ उपाय इस प्रकार हैं... 1. देवी बगलामुखी की पूजा में पीली चीजों का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है। अगर आपको कोई परेशानी है तो पीले कपड़े में पीली सरसों बांधकर देवी बगलामुखी को अर्पित करें। इससे आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है। 2. राहु के नक्षत्र (पूर्वा भाद्रपद, स्वाती, आद्रा) में पीली सरसों अपने ऊपर से सात बार उतारकर नदी में बहा दें। इससे आपके बुरे दिन दूर हो सकते हैं। 3. अगर कोई दुश्मन आपको परेशान कर रहा है तो एक बड़ा दीपक जलाएं और उसमें थोड़ी सी पीली सरसों डालें। इसके बाद ऊं बगलायै नमः मंत्र का जाप करें। इससे आपकी परेशानी दूर हो सकती है। 4. कोई पूजा या अनुष्ठान करते समय घर के चारों ओर पीली सरसों बिखेर कर इससे रक्षा कवच बना सकते हैं। इस उपाय से कोई भी नकारात्मक ऊर्जा पूजा में रुकावट नहीं सकेगी और पूजा निर्बाध संपन्न हो सकेगी.. 5. एक लाल कपड़े में थोड़ी-सी पीली सरसों लेकर, इसमें हनुमानजी के पैर का सिंदूर लगा लें। अब इसकी पोटली बनाकर घर के पूजा स्थान पर रख दें। इस उपाय से सभी प्रकार के दोष दूर हो सकते हैं. *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ___________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज आप उम्मीदों की में हैं। आपको कमीशन, लाभांश या रोयल्टी के ज़रिए फ़ायदा होगा। परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों को तरजीह दें। उनके सुख-दुःख के भागीदार बनें, ताकि उन्हें महसूस हो कि आप वाक़ई उनका ख़याल रखते हैं। सैर-सपाटे पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है, जो आपकी ऊर्जा और उत्साह को तरोताज़ा कर देगा। आप उन लोगों की तरफ़ वादे का हाथ बढ़ाएंगे, जो आपसे मदद की गुहार करेंगे। आज आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है। अगर आज के काम को आप कल पर टाल रहे हैं तो कल आपको इसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ सकता है। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज दोस्तों के साथ आपकी शाम सुखद रहेगी लेकिन ज़्यादा खाने और मदिरापान से बचें। आर्थिक तौर पर सिर्फ़ और सिर्फ़ एक स्रोत से ही लाभ मिलेगा। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज़ देखने को मिल सकता है। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आज आपको रंग ज़्यादा चटख नज़र आएंगे, क्योंकि आपमें में प्यार का ख़ुमार चढ़ रहा है। जीवन में सरलता तभी रहती है जब आपका व्यवहार सरल रहता है। आपको भी अपने व्यवहार में सरलता लाने की जरुरत है। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आप काम के बीच-बीच में थोड़ा आराम करें और देर रात तक काम न करें। आज किसी करीबी से आपका झगड़ा हो सकता है और बात कोर्ट कचहरी तक जा सकती है। जिसकी वजह से आपका अच्छा खास धन खर्च हो सकता है। लोगों और उनके इरादों के बारे में जल्दबाज़ी में फ़ैसला न लें। हो सकता है कि वे दबाव में हों और उन्हें आपकी सहानुभूति व विश्वास की ज़रूरत हो। दिन को ख़ास बनाने के लिए स्नेह और उदारता के छोटे-छोटे तोहफ़े लोगों को दें। आज खाली वक्त का सही उपयोग करने के लिए आप अपने पुराने मित्रों से मिलने का प्लान बना सकते हैं। आज आपको अपने जीवनसाथी से एक बार फिर प्यार हो जाएगा। छोटेे कारोबारी अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए आज उन्हें पार्टी दे सकते हैं। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज के दिन घर पर काम करते समय ख़ास सावधानी बरतें। घरेलू चीज़ों को लापरवाही से इस्तेमाल करना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। व्यापाार में मुनाफा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। ऐसे लोगों से दूर रहें जिनकी बुरी आदतें आपके ऊपर असर डाल सकती हैं। प्यार-मोहब्बत के मामले में जल्दबाज़ी में क़दम उठाने से बचें। अपने बच्चों को आज समय का सदुपयोग करने की सलाह दे सकते हैं। जीवनसाथी की वजह से आपकी कोई योजना या कार्य गड़बड़ हो सकता है; लेकिन धैर्य बनाए रखें। अगर आज के काम को आप कल पर टाल रहे हैं तो कल आपको इसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ सकता है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज आप ख़ुद को ज़्यादा आशावादी बनने के लिए प्रेरित करें। इससे न सिर्फ़ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यवहार लचीला होगा, बल्कि डर, ईर्ष्या और नफ़रत जैसे नकारात्मक मनोभावों में भी कमी आएगी। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। आपका गर्मजोशी भरा बर्ताव घर का माहौल ख़ुशनुमा कर देगा। कुछ ही लोग ऐसे इंसान के आकर्षण से बच सकते हैं, जिसके पास इतनी प्यारी मुस्कान हो। जब आप लोगों के साथ होंगे, तो आपकी महक फूलों की तरह चारों ओर फैलेगी। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। समय का अच्छा इस्तेमाल करने के लिए आज आप पार्क में घूमने का प्लान बना सकते हैं लेकिन वहां किसी अनजान शख्स से आपकी बहस होने की अशंका है जिससे आपका मूड खराब हो जाएगा। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे। आज घर पर रहेंगे लेकिन घर की उलझनें आपको परेशान कर सकती। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज के दिन मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। सट्टेबाज़ी से फ़ायदा हो सकता है। आपकी भरपूर ऊर्जा और ज़बरदस्त उत्साह सकारात्मक परिणाम लाएंगे व घरेलू तनाव दूर करने में मददगार रहेंगे। थोड़ी कोशिश और करें। आज भाग्य आपका साथ ज़रूर देगा, क्योंकि यह आपका दिन है। आज ऐसे बर्ताव करें जैसे कि आप ‘सुपर-स्टार’ हैं, लेकिन सिर्फ़ उन चीज़ों की ही प्रशंसा करें जो उसके क़ाबिल हैं। आज के दिन आपके और आपके जीवनसाथी के लिए गहरी आत्मीयतापूर्ण बातें का सही समय है। अगर आज के काम को आप कल पर टाल रहे हैं तो कल आपको इसका बुरा परिणाम भुगतना पड़ सकता है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज आपकी नफ़रत की भावना महंगी पड़ सकती है। यह न केवल आपकी सहन-शक्ति घटाती है, बल्कि आपके विवेक को भी ज़ंग लगा देती है और रिश्तों में हमेशा के लिए दरार डाल देती है। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। घर में कुछ बदलाव आपको काफ़ी भावुक बना सकते हैं, लेकिन आप अपनी भावनाएँ उनके सामने ज़ाहिर करने में क़ामयाब रहेंगे जो आपके लिए ख़ास हैं। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। बिना किसी को बताए आज आप अकेले वक्त बिताने घर से बाहर जा सकते हैं। लेकिन आप अकेले तो होंगे लेकिन शांत नहीं आपके दिल में आज के दिन कई चिंताएं हैं होंगी। जीवनसाथी द्वारा परिवार और मित्रों के बीच नकारात्मक तरीक़े से आपके वैवाहिक जीवन की निजी बातें उजागर हो सकती हैं। ऑफिस के दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताना आपके लिए अच्छा नहीं है ऐसा करके आप अपने घर वालों के गुस्से का शिकार हो सकते हैं। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) गर्भवती महिलाओं के लिए आज बहुत अच्छा दिन नहीं है। चलते-फिरते समय ख़ासा ख़याल रखने की ज़रूरत है। आज आप अच्छा पैसा कमाएंगे- लेकिन ख़र्च में इज़ाफ़ा आपके लिए बचत को और ज़्यादा मुश्किल बना देगा। आपके माता-पिता की सेहत चिंता और घबराहट का कारण बन सकती है। आपको अपनी तरफ़ से सबसे बेहतर तरीक़े से बर्ताव करने की ज़रूरत है - क्योंकि आज आपका प्रिय जल्दी ही नाराज़ हो सकता है। आज कुछ नया और सृजनात्मक करने के लिए अच्छा दिन है। किसी पड़ोसी, दोस्त या रिश्तेदार की वजह से वैवाहिक जीवन में अनबन मुमकिन है। आज आप फ़ोटोग्राफ़ी करके आने वाले कल के लिए कुछ बेहतरीन यादें संजो सकते हैं; अपने कैमरे का सदुपयोग करना बिलकुल न भूलें। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज आप अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आप आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। आज आपके ऑफिस का कोई सहकर्मी आपकी कीमती वस्तु चुरा सकता है इसलिए आज आपको अपना सामान ध्यान से रखने की जरुरत है। जिन्हें आप चाहते हैं, उनके साथ उपहारों का लेन-देन करने के लिए अच्छा दिन है। आज आप कोई दिल टूटने से बचा सकते हैं। आज घर में किसी पार्टी की वजह से आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है। आपका प्यार, आपका जीवनसाथी आपको कोई ख़ूबसूरत तोहफ़ा दे सकता है। सेहत के लिहाज़ से दौड़ लगाना आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा, क्योंकि यह मुफ़्त भी है और अच्छी एक्सरसाइज़ भी। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) कुछ तनाव और मतभेद आपको चिड़चिड़ा और बेचैन बना सकते हैं। बिन बुलाया कोई मेहमान आज घर में आ सकता है लेकिन इस मेहमान की किस्मत की वजह से आज आपको आर्थिक लाभ हो सकता है। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। आपकी आँखें चमकने लगेंगी और धड़कनें तेज़ हो जाएंगी, आज जब आप अपनी सपनों की राजकुमारी से मिलेंगे। अचानक आज आप काम से छुट्टी लेने का प्लान बना सकते हैं और अपने परिवार के साथ वक्त बिता सकते हैं। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी। किसी ऐसे शख़्स का फ़ोन आ सकता है जिससे आप बहुत लंबे समय से बात करना चाहते थे। बहुत-सी पुरानी यादें ताज़ा हो जाएंगी और आप समय में पीछे लौट जाएंगे। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज आपके लिए भागमभाग भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। व्यापाार में मुनाफा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। मुमकिन है कि आपके आँसुओं को पोंछने के लिए कोई ख़ास दोस्त आगे आए। वक्त पर चलने के साथ-साथ अपनों को वक्त देना भी आवश्यक है। यह बात आज आप समझेंगे लेकिन इसके बावजूद भी आप अपने घरवालों को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे। अपने जीवनसाथी के साथ आप प्यार से भरे पुराने दिन एक बार फिर जी पाएंगे। बिना किसी को बताए आज आप घर में छोटी-मोटी पार्टी रख सकते हैं। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज आप ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। शाम के समय अपने जीवनसाथी के साथ बाहर खाना या फ़िल्म देखना आपको सुकून देगा और ख़ुशमिज़ाज बनाए रखेगा। जिनकी सगाई हो चुकी है, वे अपने मंगेतर से बहुत-सी ख़ुशियाँ पाएंगे। लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं आज आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि आज आप खाली समय में किसी से मिलना जुलना भी पसंद नहीं करेंगे और एकांत में आनंदित रहेंगे। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। यात्रा पर किसी हसीन अजनबी से मुलाकात आपको अच्छे अनुभव करा सकती है। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

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Madan Kaushik Mar 5, 2021

***अपना पोस्ट*** **नक्षत्रवाणी** *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻*  गजाननं भूतगनादि सेवितम, कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम। उमासुतं शोकविनाशकारकम, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम।। श्रीमते रघुवीराय सेतूल्लङ्घितसिन्धवे। जितराक्षसराजाय रणधीराय मङ्गलम्।। भुजगतल्पगतं घनसुन्दरं गरुडवाहनमम्बुजलोचनम् । नलिनचक्रगदाकरमव्ययं भजत रे मनुजाः कमलापतिम् ।।  क्यों भटके मन बावरा, दर-दर ठोकर खाये...! शरण श्याम की ले ले प्यारे, जनम सफल हो जाये...!! 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मित्रों...! सबसे पहले तो नित्यप्रति आपकी प्रिय पोस्ट "नक्षत्रवाणी" की पोस्टिंग में होने वाले विलंब के लिए आप सभी से हृदयपूर्वक क्षमा प्रार्थना सहित...🙏🙏 आप सभी परम प्रिय धर्मपारायण, ज्योतिषविद्या प्रेमी विद्वतजनों को आचार्य/पं.मदन तुलसीराम जी कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले) की ओर से सादर-सप्रेम 🌸 जय गणेश 🌸 जय अंबे 🌸 *जय श्री कृष्ण*🌷मंगल प्रभात🌷इसी के साथ आप सभी सनातनी, धर्म-उत्सवप्रेमी, राम-कृष्ण-हरि-शिवभक्त, शक्ति उपासक व राष्ट्रप्रेमी मित्र-बंन्धुओं को आज **फाल्गुन कृष्ण/बदी सप्तमी/सातम की, मासिक कालाष्टमी व्रत/पर्व की एवं उत्तराखंड के ऋषिकेश में चल रहे सप्तदिवसीय अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव (प्रतिवर्ष 01 से 07 मार्च)** की भी बहुत-बहुत हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं...!!!** ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ आइये...! अब चलें आपके प्रिय पोस्ट 'नक्षत्रवाणी' के अंतर्गत आज कुछ विशेष महत्वपूर्ण जानकारी, दृकपंचांग, चन्द्र राशिफल' एवं 'आरोग्य मंत्र' की ज्ञानयात्रा पर...🙏 ```༺⊰🕉⊱༻ ``` *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻* ☘️🌸!! ॐ श्री गणेशाय नमः!! 🌸☘️ ****************************** 𴀽𴀊🕉श्री हरिहरौविजयतेतराम्🕉 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :- आज दिनांक *05 मार्च सन २०२१ ईस्वी* शुक्रवार/फ्राइडे* *🇮🇳 राष्ट्रीय सौर दिनांक १४* **चन्द्रमास माध, सौर फाल्गुन** प्रस्तुत है ««« *आज का दृकपंचांग:««« 👉 ध्यान दें **यहाँ दिये गए तिथि, नक्षत्र, योग व करण आदि के समय इनके समाप्ति काल हैं और सूर्योदयास्त व चंद्रोदय का गणना स्थल मुंबई हैं।** कलियुगाब्द......5122 (५१२२) विक्रम संवत्.....२०७७/2077 (प्रमादी नाम) शक संवत्......१९४२/1942 मास....फाल्गुन (संस्कृत/हिंदी)/फागण (मारवाड़ी)/फ़ग्गन (पंजाबी) पक्ष........कृष्ण/अंधेर/बदी/लागतो फागण **तिथी...(०७/07) सप्तमी/सातम** *संध्या 07.54 पर्यंत पश्चात अष्टमी* **वार/दिन...भृगुवासर/शुक्रवार** **नक्षत्र.......अनुराधा** *रात्रि 10.38 पर्यंत पश्चात ज्येष्ठा* योग...........हर्षण रात्रि 08.41 पर्यंत पश्चात वज्र करण.........विष्टि प्रातः 08.55 पर्यंत पश्चात बव सूर्योदय......प्रातः 06.55.00 पर सूर्यास्त.......संध्या 06.45.00 पर चंद्रोदय.......दिन 24.58.00 पर। रवि(अयन-दृक)......उत्तरायण रवि(अयन-वैदिक)...उत्तरायण **ऋतु (दृक).....वसंत** **ऋतु वैदिक)...शिशिर** **सूर्य राशि.......कुंभ** **चन्द्र राशि..... वृश्चिक** **गुरु राशी.......मकर (पूर्व में उदय, मार्गी)** 🚦 *दिशाशूल :-* पश्चिमदिशा - यदि बहुत ही आवश्यक हो तो घी/काजू/तिल या जौ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। ☸ शुभ अंक...०५/05 🔯 शुभ रंग.....श्वेत/आसमानी नीला/गुलाबी/सुर्ख लाल ⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-* मध्यान्ह/दोप. 12.27 से 01.14 तक । 👁‍🗨 *राहु काल :-* पूर्वाह्न/दिन 11:21 से 12:50 तक। 👁‍🗨 *गुलिक काल :-* पूर्वाह्न/प्रातः 08:24 से 09:52 तक। ************************** *उदय लग्न मुहूर्त -* *कुम्भ* 05:42:37 07:20:28 *मीन* 07:20:28 08:47:23 *मेष* 08:47:23 10:28:05 *वृषभ* 10:28:05 12:26:43 *मिथुन* 12:26:43 14:40:24 *कर्क* 14:40:24 16:56:35 *सिंह* 16:56:35 19:08:24 *कन्या* 19:08:24 21:19:03 *तुला* 21:19:03 23:33:40 *वृश्चिक* 23:33:40 25:49:51 *धनु* 25:49:51 27:55:29 *मकर* 27:55:29 29:42:37 ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 08.15 से 09.42 तक लाभ प्रात: 09.42 से 11.10 तक अमृत दोप. 12.37 से 02.05 तक शुभ सायं 05.00 से 06.27 तक चंचल रात्रि 09.32 से 11.04 तक लाभ । ************************** आज के विशेष योगायोग/युति संयोग, वेध, ग्रहचार (ग्रहचाल), व्रत/पर्व/प्रकटोत्सव, जयंती/जन्मोत्सव व मोक्ष दिवस/स्मृतिदिवस/पुण्यतिथि आदि 🙏👇:- 👉 **आज फाल्गुन कृष्णपक्ष शुक्रवार को 👉 वर्ष का 346 वाँ/तीन सौ छियालीसवां दिन 👉 फाल्गुन बदी सप्तमी/सातम 19:54 तक पश्चात् अष्टमी शुरु, मासिक कालाष्टमी व्रत/पर्व (पंचांगभेद से कल भी), बुध धनिष्ठा नक्षत्र में 07:13 पर, सर्वदोषनाशक रवि योग 22:38 तक, राजयोग, विघ्नकारक भद्रा 08:57 तक, मूल संज्ञक नक्षत्र 22:38 से, श्रीरामभक्तिन शबरी जयंती (फाल्गुन कृष्ण सप्तमी), श्रीनाथ जी पाटोत्सव (नाथद्वारा, फाल्गुन कृष्ण सप्तमी नुसार), भगवान सुपार्श्वनाथ जी मोक्ष कल्याणक (जैन, फाल्गुन कृष्ण सप्तमी), भगवान चन्द्रप्रभु जी ज्ञान - मोक्ष कल्याणक (जैन, फाल्गुन कृष्ण सप्तमी), श्री शिवराजसिंह चौहान जन्म दिवस, श्री गंगाप्रसाद बिरला स्मृतिदिवस व पंचायती राज दिवस उड़ीसा (श्री बीजू पटनायक जयन्ती)।** ************************* 👉 1) **🏡वास्तु टिप्स🏡 यदि आपके घर या दुकान में बार-बार चोरी होती हो तो घर/ऑफिस की दहलीज मे "सर्वसिद्ध मंगल यंत्र'' पूजा कर स्थापित करना चाहिए।।** 2) यदि आपके घर से अगर अकारण ही बरकत जा रही है या आपको नेगेटिव एनर्जी दिख रही है या परिवार में निरंतर कलह रहता है, तो कपूर और फिटकरी को पीस के गौझारण (गौमूत्र) जो बहुत ही आसानी से मिल जाता है (अन्यथा पतंजलि आदि का ले लें), इससे घर मे पोछा लगाने वाले क्लीनर या पानी मे मिला लें और रोज़ सुबह-शाम घर मे पोछा लगाये और गंगाजल का पूजा-आरती के बाद छिड़काव भी करें फिर चमत्कारिक परिवर्तन देखें। 3)** रसोईघर में पूजा स्थल कभी नहीं बनाना चाहिए। बहुत ही आवश्यक हो तो इसे ईशान कोण में बनाएँ।** 🙏 💥 **विशेष ध्यातव्य👉 सप्तमी /सातम को ताड़ के फल का सेवन करना कलंककारक व बुधिनाशक होता है, इसलिए इसका सेवन पूर्णतः वर्जित है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* साभार: 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞।** 📿 *आज का आराधना मंत्र* **🕉 द्रां द्रीं द्रों सः शुक्राय नमः।।🎪🚩** **🕉 ॐ लक्ष्मी नारायणाभ्यां नमः ॥ *🚩🕉️ महालक्ष्म्यै नमः ‼️🎪🚩* 📿 *आज का उपासना मंत्र :- 🚩* ।। ॐ आदिकराय नम:।।🚩* ********************** ⚜ 👉🙏 🚩 ☸ *तिथि विशेष :* 🚩 **फाल्गुन कृष्ण/बदी सप्तमी/सातम, कालाष्टमी व्रत/पर्व (पंचांगभेद से कल भी)।** 👉 **बहुत अच्छे से ध्यान दें मित्रों...!!!**👇 ** वे श्रद्धालुगण जो शत्रुवृद्धि/शत्रुबाधा या जीवन के सभी क्षेत्रों में तरह-2 के संकटों या कष्टों का सामना कर रहे हैं और जिनकी प्रगति पूरी तरह से रुक गई है वे...! वे इसपर ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे संपर्क कर सकते हैं और इसका कारण हमसे पूर्णतः निःशुल्क जान सकते हैं और आपको इसके लिए हमें व्हाट्सएप्प message भर करना हैं। हमारे मोबाइल नम्बर्ज़ हैं: 9987815015/9991610514. ध्यान रखें कृपया सीधा कॉल ना करके पहले आप हमें व्हाट्सएप्प मैसेज ही करें...!!! **जो भी मातृभक्त प्रोफेशनल्ज/कामकाजी होने के चलते या अन्य कारणों से षष्टम नवरात्र से शास्त्रोक्त 'कात्यायनी साधना' प्रारंभ ना कर सकी हों वे सौभाग्यकांक्षिणियाँ 'सर्वसिद्ध कात्यायनी महायंत्र' प्रयोग के द्वारा अपने मनवांछित वर की प्राप्ति के लिए हमसे तुरंत संपर्क करें। धन्यवाद...!!** ************************ 📢 *संस्कृत सुभाषितानि -* पूर्वे वयसि तत्कुर्याधेन वृद्धः सुखं वसेत् । यावज्जीवेन तत्कुर्याद्येनामुत्रसुखं वसेत् ॥ अर्थात :- युवानी में ऐसा करना जिससे बूढापा सुख से कटे । यह जीवन ऐसे जीना जिससे परलोक (या दूसरे जन्म) में चैन मिले । 🍃 *आरोग्य मंत्र :-* *थायराइड रोग के बचने के टिप्स -* 1. धूम्रपान कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से हर तीन मौतों में से एक का कारण बनता है। यदि आप धूम्रपान कर रहे हैं और आपको थायराइड की बीमारी है, तो आप दिल की समस्याओं के लिए अपना जोखिम बढ़ा रहे हैं। ⚜*🐑🐂🦔आज का संभावित चन्द्र राशिफल🦂🐊🐟:- 👉 किंतु पहले सबसे एक करबद्ध निवेदन🙏 मित्रों सर्वप्रथम तो कुछ तकनीकी कारणों से आपको आपकी प्रिय पोस्ट नक्षत्रवानी विलंब से मिल पाती है इसके लिए मैं आप सभी से क्षमा प्रार्थी हूँ। ततपश्चात मैं निवेदन करना चाहता हूँ कि आपकी इस परमप्रिय ज्ञानवर्धक 'अपना पोस्ट' *नक्षत्रवाणी* को आप जितना हो सकता हो उतना लाइक व शेयर/फॉरवर्ड तो करें ही, आलस्य त्याग कर कृपया इसपर अपनी बुद्धि व विवेक के अनुसार अपने सही-सही कमैंट्स भी अवश्य करें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मुझे निराश नहीं करेंगे और अपने फीडबैक से व लाइक/सराहना करके भी अवश्य ही मेरा उत्साहवर्धन करेंगे। नक्षत्रवाणी के संदर्भ में आप सभी के बहुमूल्य सुझाव भी सदैव सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद...!!! 💐💐 **ख़ुशख़बर।। सबसे बड़ी ख़ुशख़बर।।**👇 🙏👉 किसी भी जन्मलग्न या जन्मराशि या अपनी प्रसिद्ध राशि के लिए भाग्यशाली रत्न-रुद्राक्ष हमसे जानें फ्री ऑफ Charge यानि पूर्णतः निःशुल्क व निःसंकोच। इसके अलावा लैब टेस्टेड उच्चतम क्वालिटी के रत्न-रुद्राक्ष प्राप्त करने के लिए भी हमसे संपर्क करें :👇 9987815015 या 9991610514 पर। प्रियवरों पीछे गणेशोत्सव के अंतर्गत और भाद्रपद मास के अंतिम सोमवार के शुभावसर पर त्रिगुणात्मक भगवान महाकालेश्वर शिव जो कि एकादश रुद्र रूपों में भी तीनों लोकों में प्रस्फुटित होते हैं, उनके साक्षत स्वरूप व कृपाप्रसाद *पंचमुखी 'रुद्राक्ष रत्न*" जिसे रुद्र के अक्ष या भगवान शिव के अक्ष के रूप में भी जाना जाता है, को पहली बार अब हम विधिवत् **अभिमंत्रित** करके आपको आपके सभी दैहिक-दैविक-भौतिक कष्टों से मुक्ति दिलाने हेतु, विषेषतः इस **कोरोना काल** में बहुत अधिक बढ़ चुके मानसिक संताप (Mental stress/depression) को पूर्ण रूप से दूर करने के लिए, आपकी आर्थिक तँगीं की स्थिति को समझते हुए **केवल मात्र 111₹** में आप शिवभक्त सुधि पाठकों के लिए उपलब्ध करवाना प्रारंभ किया है। जिसे भी यह दिव्य सर्वसिद्ध **रुद्राक्ष रत्न** चाहिए, वे कृपया हमें इसी नम्बर पर व्हाट्सएप्प करें। ध्यान रखें यह योजना सीमित समय के लिए ही है, इसलिए इस सुनहरे अवसर को आप चूकें नहीं। 🙏 👉 **एक विशेष व अति शुभ सूचना:** **मित्रों हमारे 'ऐस्ट्रो वर्ल्ड' के दिव्य कोष में शुद्ध केसर (काश्मीरी व ईरानी A तथा B दोनों ग्रेड की), पारिजात, चम्पा, अनन्त, पुन्नाग, श्वेत/सफ़ेद ऊद, केसर, खस, भीना गुलाब व असली चंदन जैसे दिव्य इत्रों की पूरी रेंज, भीमसेनी कर्पूर, उत्तम क्वालिटी की शुद्ध गुग्गल व शुद्ध लोबान, शुद्ध राशि रत्न-उपरत्न, असली नेपाली रुद्राक्ष रत्न व गण्डकी नदी से प्राप्त असली शालग्राम जी भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा हमारे इस संग्रहालय में और भी कई दिव्य व चमत्कारिक वस्तुएं उपलब्ध हैं। ये सभी दिव्य वस्तुएं हम अपने ज्योतिष-वास्तु एवं वैदिक पूजा-अनुष्ठानों के नियमित यजमानों के लिए बहुत ही सही रेट पर और कम मार्जिन पर देते हैं तथा इनके असली होने की मनी बैक गारंटी के साथ भी। तो आप 'नक्षत्रवाणी' के सभी पाठक भी हमारे परम प्रिय होने से इसका लाभ निःसन्देह ले सकते हैं। इसके लिए आप हमें इसी नम्बर पर व्हाट्सएप्प करें। जल्दी रिप्लाई ना मिलने पर आप कॉल भी कर सकते हैं। धन्यवाद...!!!** *****""""""******"""*******"""******** 🐐 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। संतान पर नजर रखें। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। चिंता रहेगी। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ोतरी होगी। अर्थ संबंधी काम होंगे। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* व्यवसाय सामान्य रहेगा। कार्य निर्णय बहुत ही शांति से विचार करके करना चाहिए। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। शोक संदेश मिल सकता है। विवाद से क्लेश होगा। व्यर्थ के कार्यों से तनाव की पूर्ण संभावना रह सकती है। 👫🏻 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* यात्रा मनोरंजक रहेगी। उत्तम मनोबल से समस्याओं का हल निकलेगा। दिखावे एवं आडंबरों से दूर रहना चाहिए। रोग व भय का माहौल बन सकता है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। दांपत्य जीवन शुभतापूर्ण रहेगा। लापरवाही की प्रवृत्ति का त्याग करें। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। नौकरी में अधिकारियों का उचित सहयोग नहीं रहेगा। लेन-देन के विषय में विवाद हो सकता है। चोट व रोग से बाधा संभव है। बेरोजगारी दूर होगी। राजकीय क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे जो आपको लाभ प्रदान करेंगे। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। मित्रों में वर्चस्व बढ़ेगा। आजीविका में नए प्रस्ताव मिलेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। आय बढ़ेगी। मांगलिक आयोजन होंगे। 🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य के प्रति सफलता के योग बनेंगे। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। ईश्वर पर आस्था बढ़ेगी। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* अध्यात्म में रुचि रहेगी। भूमि-आवास की समस्याओं में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय सामान्य चलेगा। शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। प्रियजनों से पूरी मदद मिलेगी। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धैर्य एवं संयम बना रहेगा। नई योजना बनेगी। रुके कार्य बनेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। निजीजनों में असंतोष का वातावरण रहेगा। आर्थिक चिंता रहेगी। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। संतान के कार्यों में उन्नति के योग हैं। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। लेनदारी वसूल होगी। आय में वृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। रुके हुए काम समय पर होने की संभावना है। धन प्राप्ति के योग हैं। 🐊 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* स्वास्थ्य कमजोर होगा। व्यावसायिक चिंताएं दूर होंगी। प्रयास में आलस्य व विलंब नहीं करना चाहिए। अप्रत्य‍ाशित खर्च होंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। विरोधी परास्त होंगे। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। प्रसन्नता रहेगी। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। व्यापार में इच्छित लाभ होगा। सत्कार्य में रुचि बढ़ेगी। बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रियजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 🐋 *राशि फलादेश मीन :-* *(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* रोजगार में वृद्धि होगी। चिंता रहेगी। संतान की प्रगति संभव है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। ईष्ट मित्रों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। भूमि व संपत्ति संबंधी कार्य होंगे। पूर्व कर्म फलीभूत होंगे। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। ********************** *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह की वर्षगांठ हैं, उन सभी प्रिय मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉* ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ और ज़रा इन बातों पर भी ज़रूर ध्यान दें मित्रों...! अगर...??? 1) खूब मेहनत के बाद भी या व्यापार-व्यवसाय में पर्याप्त इन्वेस्टमेंट करने के बाद भी आप अकारण आर्थिक दृष्टी से निरंतर पिछड़ते ही जा रहे हैं....? 2) एक ही नौकरी में लम्बे समय तक कार्य नहीं कर पाते हैं या वहां दिल से काम करते हुए भी आपको कोई पूछता ही नहीं है...? आपकी प्रमोशन ड्यू है कब से लेकिन आप बस दूसरों को आगे बढ़ते देख कर अपने नसीब को कोस रहे हैं...? आपके प्रतिद्वंदी अलग से परेशान करते रहते हैं...? 3) आपस में निरंतर अकारण क्लेश होता रहता है..? 4) शेयर मार्किट से कमाना चाहते हैं पर हर बार नुकसान उठा बैठते हैं...? 5) बीमारी आपको छोड़ ही नहीं रही है...? घर का हर एक व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से त्रस्त है...? आमदनी का एक बड़ा हिस्सा हमेशां इसी पर खर्च हो जाता है...? 6) अकारण ही विवाह योग्य बच्चों के विवाह में दिक्कतें आ रही हैं...? 7) शत्रुओं ने आपकी रात की नींद और दिन का चैन हराम किया हुआ है...? 8) पैतृक सम्पति विवाद सुलझ ही नहीं रहा है...? और संपति केवास्तविक हकदार आप हैं तथा आप इसे अपने हक में सुलझना चाहते हैं...? 9) विदेश यात्रा या विदेश में सेटलमेंट को लेकर बहुत समय से परेशान हैं...? 10) आपको डरावने सपने आते हैं..? सपने में सांप या भूत-प्रेत या ऐसे ही नींद उड़ाने वाले दृश्य दीखते हैं...? 11) फिल्म या मीडिया में बहुत समय से संघर्ष के बाद भी सफलता​ नहीं मिल रही...? 12) राजनीति को ही आप अपना कैरियर बनाना चाहते हैं पर आपको कुछ भी समझ नहीं आ रहा...? यदि हाँ...??? तो यह सब अकारण ही नहीं है...! इसके पीछे बहुत ठोस कारण हैं जो कि आपकी जन्म कुंडली या आपके घर-आफिस का वास्तु देखकर या आपकी जन्मकुंडली भी ना होने की स्थिति में हमारे दीर्घ अध्ययन और प्रैक्टिकल ज्योतिषीय अनुभव के आधार पर अन्य विधियों से जाने जा सकते हैं...? तो अब आप और देरी ना करें और तुरंत हमें फोन करें...! आपकी उन्नति निश्चित है और आपकी मंजिल अब दूर नहीं...! ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ प्रस्तुति: आचार्य मदन टी.कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले, मूल निकास: गौड़ बंगाल एवं तत्पश्चात ढाणी भालोट-झुंझनूँ-राज.) (चयनित/Appointed/) ज्योतिष एवं वास्तु शोध वैज्ञानिक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष: TARF, Dadar-Mumbai साभार: बाँके बिहारी (धुरंधर वैदिक विद्वानों का अद्वितीय वैश्विकमंच) कार्यकारी अध्यक्ष: एस्ट्रो-वर्ल्ड मुंबई व सिरसा (सभी दैहिक दैविक भौतिक समस्याओं का एक ही जगह सटीक निदान व स्थायी समाधान) अध्यक्ष: सातफेरे डॉट कॉम मुंबई व सिरसा (आपके अपनों के दिव्य एवं सुसंस्कारी वैवाहिक जीवन की झटपट शुरूआत हेतु अनूठा संस्थान) नोट: हमारी या हमारे संस्थान 'एस्ट्रो-वर्ल्ड' तथा आपके अपनों के वैवाहिक जीवन सम्बन्धी सभी समस्याओं का एकमात्र हल एवं विश्व के इस सबसे अनूठे मंच 'सातफेरे डॉट कॉम' मुंबई या सिरसा की किसी भी प्रकार की गरिमापूर्ण सेवा जैसे वैज्ञानिकतापूर्ण ज्योतिष-वास्तु मार्गदर्शन, सभी प्रकार के मुहूर्त शोधन, नामकरण संस्कार, विवाह संस्कार या अन्य कोई भी वैदिक पूजा-अनुष्ठान आयोजित करवाने, रत्न अभिमन्त्रण, सभी राशिरत्न-उपरत्न, मणि-माणिक्य, दक्षिणावर्ती शँख (जो कि घर में विधिवत रखने मात्र से ही बदल दे आपका भाग्य हमेशां-2 के लिए...!), सियारसिंगी, भुजयुग्म (हत्थाजोड़ी, जो तिज़ोरी आपकी कभी ख़ाली ना होने दे), नागकेसर, विविध प्रकार के वास्तु पिरामिडज एवं अन्य कई प्रकार की सौभाग्यवर्धक वस्तुओं की प्राप्ति हेतु हमारे... सम्पर्क सूत्र: 9987815015 / 9991610514 ईमेल आई डी: [email protected] 🌺आपका दिन आदि वैद्य (भगवान धन्वंतरि जी) की कृपा से परम मंगलमय हो मित्रो! *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩* 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩 ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※

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अगर कोई ग्रह बन रहा हैआपके विवाह में बाधा तो करें ये उपाय वास्तु के अनुसार माना जाता है कि व्यक्ति की वैवाहिक जिंदगी ग्रहों से प्रभावित होती है. अगर ग्रह ठीक ना हों तो शादी होने में समस्याएं आती हैं. और अगर शादी हो भी गई तो रिश्ते में समस्याएं आती रहती हैं. ज्योतिष के अनुसार माना जाता है कि व्यक्ति की वैवाहिक जिंदगी ग्रहों से प्रभावित होती है. अगर ग्रह ठीक ना हों तो शादी होने में समस्याएं आती हैं. और अगर शादी हो भी गई तो रिश्ते में समस्याएं आती रहती हैं. आइए जानते हैं वे कौन से ग्रह हैं जो आपके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करते हैं और क्या है बचने के उपाय. शनि- वैवाहिक जीवन के टूटने में सबसे बड़ी भूमिका शनि निभाता है. अगर शनि का सम्बन्ध विवाह भाव या इसके ग्रह से हो, तो विवाह भंग होता ही है. शनि अगर विवाह भंग करने का कारण हो तो इसके पीछे घर के लोग जिम्मेदार माने जाते हैं. अगर शनि की वजह से वैवाहिक जीवन में समस्या आ रही हो तो शिव जी को नित्य प्रातः जल चढ़ाएं. साथ ही हर शनिवार को लोहे के बर्तन में भरकर सरसों के तेल का दान करें. मंगल- वैवाहिक जीवन में विच्छेदन के अलावा अगर मामला हिंसा तक पहुंच गया हो तो इसके पीछे मंगल होता है. मंगल जब वैवाहिक जीवन में समस्या देता है. तो मामला मार पीट तक पहुंच जाता है. इसमें वैवाहिक सम्बन्ध, विवाह के बाद बहुत ही जल्दी भंग हो जाता है. इसमें मामला कोर्ट कचहरी तक भी तुरंत पहुचता है. अगर मंगल की वजह से समस्या आ रही हो तो मंगलवार का उपवास रखें. लाल रंग का प्रयोग कम से कम करे राहु-केतु- विवाह के मामलों में शक और वहम जैसी चीजों को पैदा करना राहु-केतु का काम है. अगर राहु-केतु विवाह संबंधों में बाधा देते हैं तो बेवजह शक पैदा होता है. और कभी-कभी जीवनसाथी दूसरे को छोड़कर दूर चला जाता है. इसमें वैवाहिक जीवन रहने के बावजूद, जीवन भर अलगाव झेलना पड़ता है. भगवान विष्णु की उपासना करें. जल में कुश डालकर स्नान करें. सूर्य- विवाह के मामलों में सूर्य का दुष्प्रभाव हो तो जीवनसाथी के करियर में बाधाएं आती हैं. या कभी-कभी अहंकार के कारण आपसी सम्बन्ध खराब हो जाते हैं. यहां पर बहुत सोच समझकर शांतिपूर्ण तरीके से विवाह भंग होता है. हालांकि शादी के काफी समय बीत जाने के बाद यहां विवाह विच्छेद होता है. नित्य प्रातः सूर्य को रोली मिला हुआ जल अर्पित करें. एक ताम्बे का छल्ला जरूर धारण करें. गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करना भी शुभ परिणाम देगा बृहस्पति- कुंडली में अगर बृहस्पति अच्छा हो तो विवाह की बाधाओं को समाप्त करता है. अगर सप्तम भाव के स्वामी पर इसकी दृष्टि हो तो विवाह की बाधा को समाप्त करता है. लग्न में बैठा हुआ बृहस्पति सर्वाधिक शक्तिशाली होता है. और वह समस्त बाधाओं का नाश कर देता है. परन्तु अगर बृहस्पति सप्तम भाव में हो तो कभी-कभी व्यक्ति अविवाहित भी रहता है. अगर बृहस्पति अनुकूल हो तो पीली चीजों का दान कभी न करें. अगर बृहस्पति खराब हो तो केले का दान करें, सर्वोत्तम होगा. अगर बृहस्पति के कारण विवाह ही न हो पा रहा हो तो विद्या का दान करें. शुक्र- बिना शुक्र के वैवाहिक या पारिवारिक सुख मिल ही नहीं सकता. अगर शुक्र कमजोर हो तो वैवाहिक जीवन खराब होता है. अगर शुक्र पर पाप ग्रहों की दृष्टि हो, या शुक्र खराब हो तो विवाह सम्बन्ध टूट जाता है. अगर जरा भी अच्छा हो तो व्यक्ति को जीवन में विवाह का सुख मिल ही जाता है. अगर शुक्र अनुकूल हो तो शुक्र की वस्तुओं का दान कभी न करें. शुक्र खराब हो तो शुक्र की वस्तुओं का दान करें, और हीरा कभी भी न पहनें. शिव जी की उपासना जरूर करें, इससे शुक्र बलवान होता है. 🌴🚩🏵️🌿🍁🍋🌸🌱🌼🌷🌻🕉️🙏🌺🌹

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🌺🕉️ शुभ शुक्रवार 🌺शुभ प्रभात् 🕉️🌺 2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 🌺-आज दिनांक--05.03.2021-🌺 श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शिक्षा नौकरी आजीविका विवाह भाग्योन्नति (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ____________________________________ _____________आज विशेष______________ हिंदू मान्यता के अनुसार माथे पर तिलक लगाने होती है मानसिक एकाग्रता मैं वृद्धि ____________________________________ आज दिनांक..................... 05 .03.2021 कलियुग संवत्.............................. 5122 विक्रम संवत................................ 2077 शक संवत....................................1942 संवत्सर.................................. श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल......................................... .दक्षिण ऋतु.............................................वसंत मास...................................... फाल्गुन पक्ष.............................................कृष्ण तिथि.........सप्तमी. रात्रि. 7.54 तक/ अष्टमी वार..........................................शुक्रवार नक्षत्र.....अनुराधा. रात्रि. 10.37 तक / ज्येष्ठा चंद्र राशि...............वृश्चिक .संपूर्ण (अहोरात्र) योग..............हर्षण. रात्रि. 8.42 तक / वज्र करण............ .विष्टि(भद्रा)- प्रातः 8.54 तक करण............ बव. रात्रि. 7.54 तक / बालव ____________________________________ सूर्योदय.............................6.51.53 पर सूर्यास्त..............................6.34.14 पर दिनमान............................... 11.42.21 रात्रिमान...............................12.16.40 चंद्रास्त.............. .प्रातः 11.08.09 AM पर चंद्रोदय............... रात्रि. 1.03.42 AM पर सूर्य...................... .(कुंभ) 10.20.32.12 चंद्रमा.................. . (वृश्चिक) 7.07.26.48 राहुकाल.. पूर्वाह्न.11.15 से. 12.43 (अशुभ) यमघंट........ अपरा. 3.39 से 5.06 (अशुभ) अभिजित...... (मध्या)12.20 से 01.06 तक पंचक................................. आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)....... आज नहीं है दिशाशूल............................. पश्चिम दिशा दोष निवारण....... जौ का सेवन कर यात्रा करें ____________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * चंचल................. प्रातः 6.52 से 8.20 तक लाभ.................. प्रातः 8.20 से 9.47 तक अमृत............... प्रातः 9.47 से 11.15 तक शुभ...............अपरा. 12.43 से 2.11 तक चंचल..................सायं.5.06 से 6.34 तक * चौघड़िया रात्रि * लाभ................ रात्रि. 9.38 से 11.10 तक शुभ... रात्रि. 12.43 AM से. 2.15 AM तक अमृत... रात्रि. 2.15 AM से 3.47 AM तक चंचल.... रात्रि. 3.47 AM से 5.19 AM तक __________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ___________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 11.45 AM तक--अनुराधा---2------(नी) 04.55 PM तक--अनुराधा---3------ (नू) 10.37 PM तक--अनुराधा---4-------(ने) 04.20 AM तक-----ज्येष्ठा---1------(नो) उपरांत रात्रि तक-----ज्येष्ठा---2------(या) (पाया-ताम्र) _______सभी की राशि वृश्चिक रहेगी_______ ___________________________________ ____________आज का दिन_____________ व्रत विशेष..................................... नहीं दिन विशेष.............. भद्रा. प्रातः 8.56 तक दिन विशेष......धनिष्ठायां बुध प्रातः 7.13 पर दिन विशेष......श्री नाथ पाटोत्सव (नाथद्वारा) सर्वा.सि.योग.....प्रातः 6.52 से रात्रि. 10.37 सिद्ध रवियोग.....प्रातः6.52 से रात्रि. 10.37 ___________________________________ _____________कल का दिन____________ दिनांक.............................06.03.2021 तिथि................माघ कृष्णा अष्टमी शनिवार व्रत विशेष..................................... नहीं दिन विशेष.........................सीताष्टमी पर्व सर्वा.सि.योग................................. नहीं सिद्ध रवियोग.................................नहीं ___________________________________ _____________आज विशेष ____________ माथे पर तिलक लगाने से एकाग्रता में बढ़ोतरी होती है..हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार.. रीति-रिवाज और परंपराएं हर किसी की व्यक्तिगत आस्था का सवाल होती हैं। लेकिन हिंदू धर्म में बहुत से ऐसे रीति-रिवाज हैं जिनके वैज्ञानिक आधार हैं. हाथ जोड़कर नमस्कार करना हिंदू धर्म की प्राचीन परंपरा और सभ्यता है। दोनों हाथों को जोड़कर नमस्कार करने से आप सामने वाले को सम्मान भी देते हैं साथ ही इस क्रिया के वैज्ञानिक महत्व के कारण आपको शारीरिक लाभ भी मिल जाता है. जब हम दोनों हाथों को आपस में जोड़ते हैं तो हमारी हथेलियों और उंगलियों के उन बिंदुओं पर दबाव पड़ता है जो आंख, नाक, कान, दिल आदि शरीर के अंगों से सीधा संबंध रखते हैं. इस तरह दबाव पड़ने को एक्वा प्रेशर चिकित्सा भी कहते हैं। इस तरह नमस्कार करने से हम सामने वाले के स्पर्श में भी नहीं आते हैं, जिससे किसी प्रकार के संक्रमण का खतरा भी नहीं रहता है. दोनों भौहों के बीच माथे पर तिलक लगाने से उस बिंदू पर दवाब पड़ता है जो हमारे तंत्रिका तंत्र का सबसे खास हिस्सा माना जाता है। तिलक लगाने से इस खास हिस्से पर दबाव पड़ते ही ये सक्रिय हो जाता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होने लगता है। तिलक लगाने से एकाग्रता में बढ़ोतरी होती है। चेहरे की मांसपेशियों में रक्त का संचार भी सही होता है. *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ___________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज आप पर बहुत ज़्यादा मानसिक दबाव और थकान परेशानी की वजह बन सकता है। सेहत को ठीक बनाए रखने के लिए पर्याप्त आराम करें। आज आपके भाई-बहन आपसे आर्थिक मदद मांग सकते हैं और उनकी मदद करके आप खुद आर्थिक दबाव में आ सकते हैं। हालांकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। परिवार वालों का हँसी-मज़ाक भरा बर्ताव घर के वातावरण को हल्का-फुल्का और ख़ुशनुमा बना देगा। आज के दिन अपने प्रिय से कोई तल्ख़ बात न कहें। अपने उद्देश्यों की ओर शान्ति से बढ़ते रहें और सफलता मिलने से पहले अपने पत्ते न खोलें। प्रेमी को वक्त देने की कोशिश करेंगे लेकिन किसी जरुरी काम के आ जाने के कारण आप उनको समय दे पाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे। कोई रिश्तेदार अचानक आपके घर आ सकता है, जिसके चलते आपकी योजनाएँ गड़बड़ा सकती हैं। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज आपके लिए शाम का वक़्त अपने जीवनसाथी के साथ किसी फ़िल्म, थिएटर या रेस्टोरेंट में बिताना आपको सुकून देगा और आपका मन तरोताज़ा रखेगा। अतिरिक्त धन को रिअल एस्टेट में निवेश किया जा सकता है। दूसरों की कमियाँ ढूंढने का ग़ैर-ज़रूरी काम रिश्तेदारों की आलोचना का रुख़ आपकी ओर मोड़ सकता है। आपको समझना चाहिए कि यह केवल समय की बर्बादी है और इससे कुछ हासिल नहीं होता है। बेहतर रहेगा कि आप अपनी यह आदत बदल दें। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। आज कार्यक्षेत्र में आपके किसी पुराने काम की तारीफ हो सकती है। आपके काम को देखते हुए आज आपकी तरक्की भी संभव है। कारोबारी आज अनुभवी लोगों से करोबार को आगे बढ़ाने की सलाह ले सकते हैं। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आपका बाहर घूमना-फिरना, पार्टी और मौज-मस्ती आपको अच्छे मूड में रखेंगे। आर्थिक दृष्टि से आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। आज आपको धन लाभ तो हो सकता है लेकिन इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। बेवजह का शक रिश्तों को खराब करने का काम करता है। आपको भी अपने प्रेमी पर शक नहीं करना चाहिए। यदि किसी बात को लेकर आपके मन में उनके प्रति संशय है तो उनके साथ बैठकर हल निकालने की कोशिश करें। बिना गहराई से समझे-बूझे किसी व्यावसायिक/क़ानूनी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर न करें। कार्यक्षेत्र में किसी काम के अटकने की वजह से आज आपका शाम का कीमती वक्त खराब हो सकता है। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज आप सामाजिक मेलजोल से ज़्यादा सेहत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आज आपके माता-पिता में से कोई आपको धन की बचत करने को लेकर लेक्चर दे सकता है, आपको उनकी बातोें को बहुत गौर से सुनने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में परेशानी आपको ही उठानी पड़ेगी। परिवार के सदस्य सहयोगी होंगे, लेकिन उनकी काफ़ी सारी मांगें होंगी। आज आपके और आपके प्यार के बीच कोई आ सकता है। आपके बॉस किसी भी बहाने में दिलचस्पी नहीं ज़ाहिर करेंगे- इसलिए निगाहों में बने रहने के लिए अपना काम अच्छी तरह से करें। दिक़्क़तों का तेज़ी से मुक़ाबला करने की आपकी क्षमता आपको ख़ास पहचान दिलाएगी। आपके वैवाहिक जीवन से सारा मज़ा खो सा गया मालूम होता है। अपने जीवनसाथी से बात करें और कुछ मस्तीभरी योजना बनाएँ। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज आपको अपने बच्चे का प्रदर्शन आपको बहुत ख़ुशी देगा। जो लोग अब तक पैैसे को बिना सोचे विचारे उड़ा रहे थे उन्हें आज पैसे की बहुत आवश्यकता पड़ सकती है और आज आपको समझ में आ सकता है कि पैसे की जीवन में क्या अहमियत है। पारिवारिक सदस्यों से मतभेद ख़त्म कर आप अपने उद्देश्यों की पूर्ति आसानी से कर सकते हैं। अपने प्रिय से दूर होने के बावजूद आप उसकी मौजूदगी महसूस करेंगे। अगर आप यक़ीन करते हैं कि वक़्त ही पैसा है तो आपको अपनी क्षमताओं को शीर्ष पर पहुँचाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने होंगे। भरपूर रचनात्मकता और उत्साह आपको एक और फ़ायदेमंद दिन की ओर ले जाएंगे। यह समय जीवन में आपको वैवाहिक जीवन का भरपूर आनन्द देगा। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आपका मनमौजी बर्ताव सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। बच्चों की उनसे जुड़े मामलों में मदद करना आवश्यक है। आपके प्रिय का प्यारा बर्ताव आपको ख़ास होने का अनुभव कराएगा; इन लम्हों का पूरा लुत्फ़ उठाएँ। अपना क़ीमती समय सिर्फ़ योजना बनाने में बर्बाद न करें, बल्कि उसकी ओर क़दम बढ़ाएँ और उसपर अमल करना शुरू करें। चंंद्रमा की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि आज आपके पास काफी खाली वक्त होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप वो काम नहीं कर पाएंगे जो आपको करना था। आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा नहीं रहेगा क्योंकि कई मामलों में आपसी असहमति रह सकती है; और इससे आपके रिश्ते कमजोर होंगे। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज आपकी सेहत ठीक रहेगी, लेकिन यात्रा आपके लिए थकाऊ और तनावपूर्ण साबित हो सकती है। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। यह परिवार में दबदबा बनाए रखने की अपनी आदतों को छोड़ने का वक़्त है। ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव में उनके कंधे से कंधा मिलाकर साथ दें। आपका बदला हुआ बर्ताव उनके लिए ख़ुशी का सबब साबित होगा। अप्रत्याशित रोमांस आपको अचानक मिल सकता है, अगर आप दोस्तों के साथ शाम को बाहर घूमने जाते हैं तो। अगर आप सीधा जवाब नहीं देंगे तो आपके सहयोगी आपसे नाराज़ हो सकते हैं। आज काफ़ी दिगाग़ी कसरत मुमकिन है। आपमें से कुछ शतरंज खेल सकते हैं, वर्ग-पहेली हल कर सकते हैं, कोई कविता-कहानी लिख सकते हैं या भविष्य की योजनाओं पर गहराई से सोच सकते हैं। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) जिस तरह मिर्च खाने को स्वादिष्ट बनाती है, उसी तरह थोड़ा-सा दुःख भी जीवन में ज़रूरी है और तभी सुख की असली क़ीमत पता लगती है। अपने निवेश और भविष्य की योजनाओं को गुप्त रखें। एक मज़ेदार शाम के लिए दोस्त आपको अपने घर पर बुलाएंगे। प्यार का भरपूर लुत्फ़ मिल सकता है। कारोबारी जितना हो अपने कारोबार से जुड़ी बातों को किसी से शेयर न करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। जीवनसाथी के साथ थोड़ा हँसी-मज़ाक़, आपको किशोरावस्था के दिनों की याद दिला देंगे। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज अपनी ख़ुशियों को दूसरों के साथ साझा करना आपकी सेहत को भी बेहतर करेगा। लेकिन ख़याल रखें कि इसे नज़रअंदाज़ करना बाद में भारी पड़ सकता है। घर की जरुरतों को देखते हुए आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। अपने प्रिय की ग़ैरमौजूदगी में आप ख़ुद को बिल्कुल खाली महसूस करेंगे। तब तक कोई वादा न करें, जब तक कि आप पूरी तरह उसे पूरा करने में सक्षम न हों। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत उम्दा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। रिश्तेदारों का दख़ल शादीशुदा ज़िन्दगी में परेशानी पैदा कर सकता है। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज आप महसूस करेंगे कि आस-पास के लोग आप से बहुत ज़्यादा मांग करने वाले हैं। लेकिन जितना आप कर सकते हैं, उससे ज़्यादा करने का वादा न करें और केवल दूसरे को ख़ुश करने के लिए ख़ुद को तनाव से नहीं थकाएँ। आज इस राशि के कुछ बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। घर वालों के साथ मिलकर कुछ अलग और रोमांचक किया जाना चाहिए। आज आप कुछ अलग क़िस्म के रोमांस का अनुभव कर सकते हैं। आज ऑफिस में आपको अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे। आपका कोई खास ही आज आपके साथ विश्वासघात कर सकता है। जिसकी वजह से आप दिनभर परेशान रह सकते हैं। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। कोई पुराना दोस्त अपने साथ आपके जीवनसाथी के पुराने यादगार क़िस्से लेकर आ सकता है। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज व्यस्त दिनचर्या के बावजूद आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। परिवार के साथ रिश्ते-नातों में नयी जान डालने का सही समय है। आज हो सकता है कि पहली नज़र में ही आपको कोई पसंद कर ले। आपको बढ़िया परिणामों को पाने के लिए अपनी तरफ़ से बेहतरीन प्रयास करने की आवश्यकता है। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है - जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा - लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। आज आपको अपने जीवनसाथी से एक बार फिर प्यार हो जाएगा। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज अपनी शारीरिक सेहत सुधारने के लिए संतुलित आहर लें बिन बुलाया कोई मेहमान आज घर में आ सकता है लेकिन इस मेहमान की किस्मत की वजह से आज आपको आर्थिक लाभ हो सकता है। कुछ दिनों से आपका व्यक्तिगत जीवन ही आपके ध्यान का केंद्र रहा है। लेकिन आज आप सामाजिक कार्यों पर ज़्यादा ध्यान देंगे और ज़रूरतमंदों की मदद करने की कोशिश करेंगे। आज आपके और आपके प्यार के बीच कोई आ सकता है। नौकरों और सहकर्मियों से परेशानी होने की संभावना को ख़ारिज नहीं किया जा सकता है। अगर कहीं बाहर जाने की योजना है तो वह आख़िरी वक़्त पर टल सकती है। ठीक कम्यूनिकेशन न होने के चलते परेशानी खड़ी हो सकती है, लेकिन मिल-बैठकर बात करने से चीज़ें सुजझाई जा सकती हैं। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

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गृह कलह से मुक्ति के उपाय ~~~~~~~~~~~~~~~~~ कहा जाता है कि जिस घर में क्लेश होता है, वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता। हर किसी की अपने गृहस्थ जीवन में सुख और शांति की कामना होती है। घर और जीवन की खुशहाली ही व्यक्ति को जीवन में प्रगति के मार्ग पर ले जाती है। परिवार में व्याप्त कलह यानी की क्लेश से व्यक्ति का जीवन कठिनाइयों से भर जाता है। गृह क्लेश से बचने या उसे कम करने के लिए ज्योतिष एवं वास्तु के मिश्रित रुप का आधार लेकर कई प्रकार के उपाय बताए गए हैं। हम आगे आपको ऐसे ही कुछ उपाय बता रहे हैं, जिनके इस्तेमाल से आपका जीवन सुखमय और खुशहाल बनाया जा सकता है। सोने की दिशा ~~~~~~~~ आप किस दिशा में सिर और पैर करके सोते हैं यह गृह कलह में काफी अहम भूमिका निभाता है। गृह कलह से मुक्ति के लिए रात को सोते समय पूर्व की और सिर रखकर सोए। इससे आपको तनाव से राहत मिलेगी। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हनुमान उपासना ~~~~~~~~~~ हनुमान जी की नियमित रूप से की गई उपासना आपको सभी प्रकार के संकट और गृह कलह से दूर रखता है। यदि कोई महिला गृह कलह से परेशान हैं तो भोजपत्र पर लाल कलम से पति का नाम लिखकर तथा ‘हं हनुमंते नम:’ का 21 बार उच्चारण करते हुए उस पत्र को घर के किसी कोने में रख दें। इसके अलावा 11 मंगलवार नियमित रूप से हनुमान मंदिर में सिंदूर चढाएं तथा वहाँ पर बैठ कर हनुमान जी की पूजा करे.. ऐसा करने से परेशानियों से राहत प्राप्त होगी। जलाभिषेक ~~~~~~~ प्रतिदिन सुबह में स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर मंदिर में शिवलिंग के सामने बैठकर शिव उपासना करें। आप इसके बाद आप शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। ऐसा नियमित करने से प्पति-पत्नी के वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहती है। गणेश उपासना ~~~~~~~~~ यदि किसी घर में पति-पत्नी या बाप-बेटे के बीच कलह है या किसी भी बात पर विवाद चल रहा है तो इसमें गणेश उपासना फायदेमंद रहेगी। वैवाहिक जीवन को सुखी बनाने के लिए आप लड्डू का भोग लगाकर प्रतिदिन श्री गणेश जी और शक्ति की उपासना करे। चीटियों को भोजन ~~~~~~~~~~~ चीटियों के बिल के पास शक्कर या आटा व चीनी मिलाकर डालने से गृहस्थ की समस्याओं का निवारण होता है। ऐसा नियमित 40 दिन तक करें। ध्यान रखें कि इस प्रक्रिया में कोई नागा न हो। कुमकुम लगाए ~~~~~~~~~ एक गेंदे के फूल पर कुमकुम लगाकर उसे किसी देव स्थान में मूर्ति के सामने रख दें। ऐसा करने से रिश्तों में आया तनाव और मतभेद दूर होते हैं। साथ ही छोटी कन्या को शुक्रवार को मीठी वस्तु खिलाने और भेंट करने से आपके संकटों का निवारण होता है। घर में रखी हर वस्तु परिवार के सदस्यों के बीच संबंधों पर प्रभाव डालती है। सभी वस्तुओं की अलग-अलग सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जा होती हैं। वास्तु के अनुसार बताई गई वस्तु सही जगह रखने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रीय होती है। सामान्यत: शादी के बाद पति-पत्नी के बीच छोटे-छोटे झगड़े होते रहते हैं लेकिन कई बार यही छोटे झगड़े काफी बढ़ जाते हैं। इन झगड़ों की वजह से दोनों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में मानसिक तनाव बढऩे लगता है और वैवाहिक जीवन में खटास घुल जाती है। इससे बचने के लिए वास्तु और ज्योतिष में कई सटीक उपाय बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार श्रीगणेश को परिवार का देवता माना गया है। श्रीगणेश की आराधना से परिवार की सुख-समृद्धि और परस्पर प्रेम बना रहता है। इसी वजह से प्रथम पूज्य गणेशजी की मूर्ति घर में रखी जाती है। श्रीगणेश की चांदी की प्रतिमा घर में रखने से पति-पत्नी के बीच झगड़े नहीं होते और प्रेम बढ़ता रहता है। ।। जय श्री हरि ।। ~~~~~~~~~ साभार 🙏🌹🕉️💐🌺🍋🌻🌷🏵️🌴🍁🌿🌼🌱🚩

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🌺🕉️ शुभ गुरुवार 🌺शुभ प्रभात् 🕉️🌺 2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 🌺-आज दिनांक--04.03.2021-🌺 श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शिक्षा नौकरी आजीविका विवाह भाग्योन्नति (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ___________________________________ _____________आज विशेष_____________ प्रातःकाल पैसा यदि कहीं मिले या हाथ से गिरे तो उसके क्या होते हैं प्रभाव...? ____________________________________ आज दिनांक..................... 04 .03.2021 कलियुग संवत्.............................. 5122 विक्रम संवत................................ 2077 शक संवत....................................1942 संवत्सर.................................. श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल......................................... .दक्षिण ऋतु.............................................वसंत मास...................................... फाल्गुन पक्ष.............................................कृष्ण तिथि............षष्ठी. रात्रि. 9.58 तक/ सप्तमी वार.......................................... गुरुवार नक्षत्र..विशाखा. रात्रि. 11.56 तक / अनुराधा चंद्र राशि..... तुला. सायं. 6.19 तक / वृश्चिक योग........व्याघात्. रात्रि. 11.33 तक / हर्षण करण................... गर. पूर्वाह्न. 11.08 तक करण..........वणिज. रात्रि. 9.58 तक / विष्टि ____________________________________ सूर्योदय.............................6.52.51 पर सूर्यास्त..............................6.33.43 पर दिनमान............................... 11.40.52 रात्रिमान...............................12.18.09 चंद्रास्त...............प्रातः 10.22.59 AM पर चंद्रोदय..............रात्रि. 11.58.31 PM पर सूर्य.......................(कुंभ) 10.19.32.13 चंद्रमा......................(तुला) 6.23.11.46 राहुकाल......अपरा. 2.11 से. 3.39 (अशुभ) यमघंट.......... प्रातः 6.53 से 8.20 (अशुभ) अभिजित.......(मध्या)12.20 से 01.07 तक पंचक.................................आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)..............आज है दिशाशूल.............................दक्षिण दिशा दोष निवारण......दही का सेवन कर यात्रा करें ____________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * शुभ...................प्रातः 6.53 से 8.20 तक चंचल...........पूर्वाह्न. 11.16 से 12.43 तक लाभ..............अपरा. 12.43 से 2.11 तक अमृत...............अपरा. 2.11 से 3.39 तक शुभ................... सायं.5.06 से 6.34 तक * चौघड़िया रात्रि * अमृत......... सायं-रात्रि. 6.34 से 8.06 तक चंचल.............. रात्रि. 8.06 से. 9.38 तक लाभ...रात्रि.12.43 AM से 2.15 AM तक शुभ......रात्रि. 3.47 AM से 5.20 AM तक अमृत...........5.20 AM से 6.52 AM तक ___________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ____________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 07.09 AM तक--विशाखा ---1------(ती) 12.43 PM तक--विशाखा---2------ (तु) 06.19 PM तक--विशाखा---3-------(ते) (पाया - ताम्र) ________सभी की राशि तुला होगी_______ __________________________________ 11.56 PM तक--विशाखा---4------(तो) 05.35 AM तक--अनुराधा---1------(ना) उपरांत रात्रि तक--अनुराधा ---2------(नी) (पाया-ताम्र) _______सभी की राशि वृश्चिक रहेगी_______ ___________________________________ ____________आज का दिन_____________ व्रत विशेष..................................... नहीं दिन विशेष....भद्रा. रात्रि. 9.58 से रात्रि पर्यंत दिन विशेष.....पू.भाद्रपदे रवि. 5.58.PM पर दिन विशेष......धनिष्ठायां गुरु. रात्रि. 1.57 पर सर्वा.सि.योग.......रात्रि. 11.56 से रात्रि पर्यंत सिद्ध रवियोग.. प्रातः6.53 से सायं.5.58 तक सिद्ध रवियोग..... रात्रि. 11.56 से रात्रि. पर्यंत ____________________________________ _____________कल का दिन_____________ दिनांक.............................05.03.2021 तिथि............... माघ कृष्णा सप्तमी शुक्रवार व्रत विशेष..................................... नहीं दिन विशेष.............. भद्रा. प्रातः 8.56 तक दिन विशेष......धनिष्ठायां बुध प्रातः 7.13 पर दिन विशेष......श्री नाथ पाटोत्सव (नाथद्वारा) सर्वा.सि.योग..... प्रातः 6.52 से रात्रि. 10.37 सिद्ध रवियोग..... प्रातः6.52 से रात्रि. 10.37 ___________________________________ _____________आज विशेष ____________ जीवन में पैसे का महत्व किसी से आज के दौर में छिपा नहीं है, ऐसे में आज के दौर में व्यक्ति कठीन से कठीन परिश्रम करके भी पैसा कमाता है, ताकि व जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा पैसा कमा सके। लेकिन ऐसे में कई बार अचानक हमारी जेब से कई बार पैसा गिर जाता है तो कई बार किसी गलती के चलते हम कुछ पैसा गंवा भी देते हैं, जिसका हमें बाद में दुख भी होता है। दरअसल व्यक्ति बहुत मेहनत से पैसा कमाता है। ऐसे में जब यह गलती से कहीं गिर जाए या गुम जाए तो बहुत दुख होना भी स्वाभाविक ही है। लेकिन यही पैसा यदि सुबह सुबह आप से गुम हो जाए यानि खो जाए, तो कई जानकारों के अनुसार इसका गम मनाने की बजाय खुश होना चाहिए। मान्यताओं की मानें तो सुबह के समय यदि आपके जेब से पैसा गलती से गिर जाए तो यह बेहद शुभ होता है। इसका अर्थ है कि भविष्य में आपको कोई लाभ होने वाला है। सुबह सुबह पैसा गिरना - यानि... माना जाता है कि रुपए के अलावा यदि सिक्का सुबह सुबह आपके पास से जमीन पर अचानक गिर जाए तो ये भी एक शुभ संकेत माना जाता है। इसका मतलब है कि भविष्य में आपको किसी सौदे के चलते बहुत अच्छा धन लाभ होगा। हालांकि ये सिक्का आपको जानबूझकर नहीं गिराना चाहिए। क्योंकि ऐसा करना मां लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। फिर धन लाभ की जगह हानि होने लगती है। वहीं यदि आप किसी को पैसे दे रहे हैं और वह अचानक से पैसे जमीन पर गिर जाएं तो ये पैसे देने वाले और लेने वाले दोनों के लिए ही शुभ होता है। इसका अर्थ है कि आपको कहीं से रुका हुआ धन मिलने वाला है। संकेत : सुबह सुबह पैसों का मिलना - यानि... सुबह सुबह आप घूम रहे हो और रास्ते में अचानक आपको पैसे पड़े मिल जाएं तो ये भी शुभ संकेत होता है। इसका मतलब है कि आपकी तरक्की होने वाली है। आपको जो पैसा मिले उसे खर्च नहीं करना चाहिए, बल्कि गुडलक चार्म के रूप में अपने पास संभालकर रखना चाहिए। सुबह के समय पैसों से भरा पर्स मिलना भी बहुत शुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि मां लक्ष्मी आपके ऊपर मेहरबान है। उनका आशीर्वाद आपके साथ है। अब आप जो भी कार्य करेंगे उसमें लाभ ही लाभ होगा। वैसे पैसों का पर्स मिलने पर पहले आपको उसे उसके मालिक तक लौटाने का प्रयास भी करना चाहिए। वहीं यदि सुबह के समय आपको जमीन पर सिक्का पड़ा हुआ मिल जाए, तो उसे अपने पास संभालकर रख लें। ये सिक्का आपके भाग्य को बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है। सिक्का धातु से बना होता है और कई लोगों के हाथों से होकर गुजरता है। ऐसे में माना जाता है कि इसके अंदर बेहिसाब ऊर्जा समाहित रहती है, इसलिए ऊर्जा के भंडार वाले इस सिक्के को पास में रखने से आपके सभी कार्य अच्छे से पूर्ण होते हैं। *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ___________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) अब तक अपने नकारात्मक रवैये के चलते आप प्रगति नहीं कर पा रहे हैं। यह इस बात को समझने का सही वक़्त है कि चिंता की आदत ने आपके सोचने की क्षमता को ख़त्म कर दिया है। हालात के उजले पहलू की ओर देखें और आप पाएंगे कि चीज़ें सुधर रही हैं। आपके द्वारा धन को बचाने के प्रयास आज असफल हो सकते हैं हालांकि आपको इससे घबराने की जरुरत नहीं है स्थिति जल्द ही सुधरेगी। बुज़ुर्ग रिश्तेदार अपनी बेजा मांगों से आपको परेशान कर सकते हैं। अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में इधर-उधर ज़्यादा बातें न करें। आपका वर्चस्ववादी स्वभाव आलोचना की वजह बन सकता है। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज के दिन घर पर तनाव का माहौल आपको नाराज़ कर सकता है। इसे दबाना आपकी शारीरिक समस्याओं में इज़ाफ़ा कर सकता है। शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाकर इससे निजात पाएँ। ख़राब हालात से दूर रहना ही बेहतर है। कुछ ख़रीदने से पहले उन चीज़ों का इस्तेमाल करें, जो पहले से आपके पास हैं। दूसरों के मामलों में दख़ल देने से आज बचें। अपनी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाकर आप करिअर में नए दरवाज़े खोल सकते हैं। अपने क्षेत्रे में आपको अपार सफलता मिलने की संभावना भी है। अपनी सभी क्षमताओं को निखारकर औरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज बेकार का तनाव और चिंताएँ ज़िंदगी का रस निचोड़कर आपको पूरी तरह चूस सकती हैं। भलाई इसी में है कि इन आदतों को छोड़ दें, नहीं तो इनसे केवल आपकी परेशानियों में बढ़ोतरी ही होगी। भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें। दोस्तों के साथ शाम को घूमने बाहर जाएँ, इससे आपको बहुत फ़ायदा होगा। शाम के लिए कोई ख़ास योजना बनाएँ और जितना हो सके, इसे उतना रुमानी बनाने की कोशिश करें। अपने काम और प्राथमिकताओं पर ध्यान एकाग्र करें। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज के दिन आप काम को अलग रखकर थोड़ा आराम करें और कुछ ऐसा करें जिसमें आपकी दिलचस्पी हो। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें आज अपने बच्चों की पढ़ाई पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। आम परिचितों से व्यक्तिगत बातों को बांटने से बचें। अपने प्रिय की पुरानी बातों को माफ़ करके आप अपनी ज़िंदगी में सुधार ला सकते हैं। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज आपकी जी-तोड़ मेहनत और परिवार का सहयोग इच्छित परिणाम देने में क़ामयाब रहेंगे। लेकिन तरक़्क़ी की रफ़्तार बरक़रार रखने के लिए मेहनत इसी तरह जारी रखें। इस राशि केे कुछ लोगों को आज संतान पक्ष से आर्थिक लाभ होने की उम्मीद है। आज आपको अपनी संतान पर गर्व महसूस होगा। आपके आकर्षण और व्यक्तित्व के ज़रिए आपको कुछ नए दोस्त मिलेंगे। बहुत ख़ूबसूरत और प्यारे इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। आज के दिन आप सबके ध्यान का केंद्र होंगे और सफलता आपकी पहुँच में होगी। यात्रा और भ्रमण वग़ैरह न सिर्फ़ आनन्ददायक सिद्ध होंगे, बल्कि काफ़ी शिक्षाप्रद भी रहेंगे। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आप अच्छी सेहत के लिए दूर तक पैदल घूमें। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। पारिवारिक तनावों को अपनी एकाग्रता भंग न करने दें। बुरा दौर ज़्यादा सिखाता है। उदासी के भंवर में ख़ुद को खोकर वक़्त बर्बाद करने से बेहतर है कि ज़िंदगी के सबक़ को जानने और सीखने की कोशिश की जाए। आपके जीवन में प्रेम की बहार आ सकती है; आपको ज़रूरत है तो बस अपने आँख-कान खुले रखने की। काम में आपकी दक्षता की आज परीक्षा होगी। इच्छित परिणाम देने के लिए आपको अपनी कोशिशों पर एकाग्रता बनाए रखने की ज़रूरत है। आज आप सारे रिश्तों और रिश्तेदारों से दूर होकर अपना दिन किसी ऐसी जगह पर बिताना पसंद करेंगे जहां जाकर आपको शांति प्राप्त होती है। अगर थोड़ी-सी कोशिश की जाए तो जीवनसाथी के साथ आज का दिन आपकी ज़िन्दगी के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज आपको लंबे समय से महसूस हो रही थकान और तनाव से आराम मिलेगा। इन परेशानियों से स्थायी निजात पाने के लिए जीवन-शैली में बदलाव लाने का सही समय है। बिना विचार किये आपको किसी को भी अपना पैसा नहीं देना चाहिए नहीं तो आपको आने वाले वक्त में बड़ी परेशानी है सकती है। परिवार के लोगों से अपनी परेशानियां साझा करके आप हल्का महसूस करते हैं, लेकिन कई बार आप अपने अहम को आगे रखकर घर वालों को जरुरी बातें नहीं बताते। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसा करके परेशानी और भी बढ़ेगी कम नहीं होगी। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। पेशेवर तौर पर अपने अच्छे काम की पहचान आपको मिल सकती है। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आप चोट से बचने के लिए सावधानी से बैठें। साथ ही सही तरीक़े से कमर सीधी करके बैठना न केवल व्यक्तित्वमें सुधार लाता है, बल्कि सेहत और आत्म-विश्वास के स्तर को भी ऊपर ले जाता है। केवल एक दिन को नज़र में रखकर जीने की अपनी आदत पर क़ाबू करें और ज़रूरत से ज़्यादा वक़्त व पैसा मनोरंजन पर ख़र्च न करें। पिता का तल्ख़ बर्ताव आपको नाराज़ कर सकता है। लेकिन हालात को नियंत्रण में रखने के लिए शांत रहें। इससे आपको फ़ायदा होगा। आपका प्यार न सिर्फ़ परवान चढ़ेगा, बल्कि नई ऊँचाइयों को भी छूएगा। दिन की शुरुआत प्रिय की मुस्कान से होगी और रात उसके सपनों में ढलेगी। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ और विचार सुझाएगा। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। प्यार, नज़दीकी, मस्ती-मज़ा - जीवनसाथी के साथ यह एक अच्छा दिन रहेगा। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज आप अपने दफ़्तर से जल्दी निकलने की कोशिश करें और वे काम करें जिन्हें आप वाक़ई पसंद करते हैं। जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअन्दाज़ करना ही बेहतर रहेगा। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। अपने प्रिय के साथ आज अच्छी तरह बर्ताव करें। कामकाज के नज़रिए से आज का दिन वाक़ई सुचारू रूप से चलेगा। आज का दिन फ़ायदेमंद साबित होगा, क्योंकि ऐसा लगता है कि चीज़ें आपके पक्ष में जाएंगी और आप हर काम में अव्वल रहेंगे। जीवनसाथी की ख़राब सेहत के चलते आप चिंताग्रस्त हो सकते हैं। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज का दिन आपके लिए फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। अपने निवेश और भविष्य की योजनाओं को गुप्त रखें। नवजात शिशु की ख़राब तबियत परेशानी का सबब बन सकती है। इस ओर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। डॉक्टर से भली-भांति सलाह लें, क्योंकि ज़रा-सी लापरवाही बीमारी को बद से बदतर बना सकती है। प्यार एक ऐसा जज़्बा है जिसे न सिर्फ़ महसूस किया जाना चाहिए, बल्कि अपने प्रिय के साथ बांटना भी चाहिए। ऐसे लोगों से हाथ मिलाएँ जो रचनात्मक हैं और जिनके ख़यालात आपसे मिलते हैं। आज आपको अचानक किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है जिसकी वजह से घरवालों के साथ समय बिताने का आपका प्लान खराब हो सकता है। आपको ख़ुश करने के लिए आपका जीवनसाथी काफ़ी कोशिशें कर सकता है। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज का दिन ऐसे काम करने के लिए बेहतरीन है, जिन्हें करके आप ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। घर बदलने के लिए बढ़िया दिन है। काम के दबाव के चलते मानसिक उथल-पुथल और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिन के उत्तरार्ध में ज़्यादा तनाव न लें और आराम करें। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। आज आपको रिश्तों की अहमियत का अंदाज हो सकता है क्योंकि आज के दिन का ज्यादातर समय आप अपने परिवार के लोगों के साथ बिताएंगे। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह थोड़ा मुश्किल वक़्त है। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज आप आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। आपकी ग़ैर-यथार्थवादी योजनाएँ आपके धन को कम कर सकती हैं। रिश्तेदारों के साथ अपने संबंधों को फिर तरोताज़ा करने का दिन है। कामकाज के मामलों को सुलझाने के लिए अपनी होशियारी और प्रभाव का इस्तेमाल करें। समय का अच्छा इस्तेमाल करने के लिए आज आप पार्क में घूमने का प्लान बना सकते हैं लेकिन वहां किसी अनजान शख्स से आपकी बहस होने की अशंका है जिससे आपका मूड खराब हो जाएगा। वैवाहिक जीवन के लिहाज़़ से यह बढ़िया दिन है। साथ में एक अच्छी शाम गुज़ारने की योजना बनाएँ। प्रेम प्रसंग के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

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अगर बरकत चाहते हैं तो ये 13 काम करें 'बरकत' अर्थात वह शुभ स्थिति जिसमें कोई चीज या चीजें इस मात्रा में उपलब्ध हों कि उनसे आवश्यकताओं की पूर्ति होने के बाद भी वह बची रहे अर्थात अन्न इतना हो कि घर के सदस्यों सहित अतिथि आए तो वह भी खा ले। धन इतना हो कि आवश्यकताओं की पूर्ति के बावजूद वह बचा रहे। आओ हम जानते हैं कि बरकत बनी रहने के ऐसे कौन से 13 अचूक उपाय हैं जिनको करने से आपके घर और आपकी जेब की बरकत बनी रहे। भरपूर रहे मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा की कृपा। दान दें : प्रकृति का यह नियम है कि आप जितना देते हैं वह उसे दोगुना करके लौटा देती है। यदि आप धन या अन्न को पकड़कर रखेंगे तो वह छूटता जाएगा। दान में सबसे बड़ा दान है अन्नदान। निम्नलिखित उपाय करने से घर में अन्न के भंडार भरे रहते हैं। गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और पक्षी के हिस्से का भोजन निकालना जरूरी है। हिन्दू धर्म के अनुसार सबसे पहले गाय की रोटी बनाई जाती है और अंत में कुत्ते की। इस तरह सभी का हिस्सा रहता है। इस तरह के दान को पंच यज्ञ में से एक वैश्वदेवयज्ञ भी कहा जाता है। 5 यज्ञ इस प्रकार हैं- ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ, वैश्वदेवयज्ञ, अतिथि यज्ञ। अतिथि यज्ञ से अर्थ मेहमानों की सेवा करना व उन्हें अन्न-जल देना। अपंग, महिला, विद्यार्थी, संन्यासी, चिकित्सक और धर्म के रक्षकों की सेवा-सहायता करना ही अतिथि यज्ञ है। अग्निहोत्र कर्म करें : हिन्दू धर्म में बताए गए मात्र 5 तरह के यज्ञों में से एक है देवयज्ञ जिसे अग्निहोत्र कर्म भी कहते हैं। इससे जहां देव ऋण चुकता होता है, वहीं अन्न और धान में बरकत बनी रहती है। अग्निहोत्र कर्म दो तरह से होता है। पहला यह कि हम जब भी भोजन खाएं उससे पहले उसे अग्नि को अर्पित करें। अग्नि द्वारा पकाए गए अन्न पर सबसे पहला अधिकार अग्नि का ही होता है। दूसरा तरीका यज्ञ की वेदी बनाकर हवन किया जाता है। भोजन के नियम : भोजन की थाली को हमेशा पाट, चटाई, चौक या टेबल पर सम्मान के साथ रखें। खाने की थाली को कभी भी एक हाथ से न पकड़ें। ऐसा करने से खाना प्रेत योनि में चला जाता है। भोजन करने के बाद थाली में ही हाथ न धोएं। थाली में कभी जूठन न छोड़ें। भोजन करने के बाद थाली को कभी किचन स्टैंड, पलंग या टेबल के नीचे न रखें, ऊपर भी न रखें। रात्रि में भोजन के जूठे बर्तन घर में न रखें। भोजन करने से पूर्व देवताओं का आह्वान जरूर करें। भोजन करते वक्त वार्तालाप या क्रोध न करें। परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर भोजन करें। भोजन करते वक्त अजीब-सी आवाजें न निकालें। रात में चावल, दही और सत्तू का सेवन करने से लक्ष्मी का निरादर होता है अत: समृद्धि चाहने वालों को तथा जिन व्यक्तियों को आर्थिक कष्ट रहते हों, उन्हें इनका सेवन रात के भोजन में नहीं करना चाहिए। भोजन सदैव पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके करना चाहिए। संभव हो तो रसोईघर में ही बैठकर भोजन करें इससे राहु शांत होता है। जूते पहने हुए कभी भोजन नहीं करना चाहिए। सुबह कुल्ला किए बिना पानी या चाय न पीएं। जूठे हाथों से या पैरों से कभी गौ, ब्राह्मण तथा अग्नि का स्पर्श न करें। टपकता नल ठीक करवाएं : नल से पानी का टपकना आर्थिक क्षति का संकेत है। टपकते नल को जल्द से जल्द ठीक करवाएं। घर में किसी भी बर्तन से पानी रिस रहा हो तो उसे भी ठीक करवाएं। छत पर रखी पानी की टंकी से पानी बहता हो तो उसे भी ठीक करवाएं। क्रोध-कलह से बचें : घर में क्रोध, कलह और रोना-धोना आर्थिक समृद्धि व ऐश्वर्य का नाश कर देता है इसलिए घर में कलह-क्लेश पैदा न होने दें। आपस में प्रेम और प्यार बनाए रखने के लिए एक-दूसरे की भावनाओं को समझें और परिवार के लोगों को सुनने और समझने की क्षमता बढ़ाएं। अपने विचारों के अनुसार घर चलाने का प्रयास न करें। सभी के विचारों का सम्मान करें। घर की सफाई : कभी भी ब्रह्ममुहूर्त या संध्याकाल को झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। झाड़ू को ऐसी जगह रखें, जहां किसी अतिथि की नजर न पहुंचे। झाड़ू को पलंग के नीचे न रखें। घर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाकर रखें। घर के चारों कोने साफ हों, खासकर ईशान, उत्तर और वायव्य कोण को हमेशा खाली और साफ रखें। वॉशरूम को गीला रखना आर्थिक स्थिति के लिए बेहतर नहीं होता है। प्रयोग करने के बाद उसे कपड़े से सुखाने का प्रयास करना चाहिए। दक्षिण और पश्चिम दिशा खाली या हल्का रखना करियर में स्थिरता के लिए शुभ नहीं है इसलिए इस दिशा को खाली न रखें। घर में काले, कत्थई, मटमैले, जामुनी और बैंगनी रंग का इस्तेमाल न करें चाहे चादर, पर्दे या हो दीवारों का रंग। घर में सीढ़ियों को पूर्व से पश्चिम या उत्तर से दक्षिण की ओर ही बनवाएं। कभी भी उत्तर-पूर्व में सीढ़ियां न बनवाएं। घर में फर्श, दीवार या छत पर दरार न पड़ने दें। अगर ऐसा हो तो उन्हें तुरंत भरवा दें। घर में दरारों का होना अशुभ माना जाता है। खुद को सुधारें : घर की स्त्री का सम्मान करें। दक्षिण दिशा में पैर करके न सोएं शर्ट और पेंट की जेब फटी हो तो उसे ठीक करवाएं। बटुए या रुपए को पेंट की पीछे वाली जेब में न रखें। किसी भी प्रकार का नशा न करें झूठ बोलते रहने से बरकत जाती रहती है। दांतों को अच्छे से साफ और चमकदार बनाए रखें। बार-बार थूकने, झींकने या खांसने की आदत को बदलें। घर में हर कही गंदगी फैलाने का कार्य न करें। नाखून और बाल बढ़ाकर न रखें। प्रतिदिन शरीर के सभी छिद्रों को तीन वक्त जल से धोएं- सुबह, शाम और रात्रि। पूजाघर और तिजोरी : घर में अगर पूजाघर नहीं हो तो किसी लाल किताब के विशेषज्ञ से पूछकर ही पूजाघर बनवाएं। यदि वह बनाने की छूट देता है तो किसी वास्तुशास्त्री से संपर्क करके ही पूजाघर बनवाएं। ऐसा इसलिए लिखना पड़ रहा है, क्योंकि किसी की कुंडली के अनुसार घर में पूजाघर रखना नुकसानदायक होता है। किसी देवी-देवता की एक से ज्यादा मूर्ति या तस्वीर न रखें। पूजाघर के अलावा देवी या देवता की मूर्ति या चित्र घर के अन्य किसी हिस्से में न लगाएं। किसी भी देवता की 2 तस्वीरें ऐसे न लगाएं कि उनका मुंह आमने-सामने हो। देवी-देवताओं की तस्वीर कभी नैऋत्य कोण में न लगाएं, वरना कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंसने की पूरी आशंका रहती है। तिजोरी में हल्दी की कुछ गांठ एक पीले वस्त्र में बांधकर रखें। साथ में कुछ कौड़ियां और चांदी, तांबे आदि के सिक्के भी रखें। कुछ चावल पीले करके तिजोरी में रखें। तिजोरी में इत्र की शीशी, चंदन की बट्टी या अगरबत्ती का पैकेट भी रख सकते हैं जिससे उसमें सुगंध बनी रहेगी। घर में देवी-देवताओं पर चढ़ाए गए फूल या हार के सूख जाने पर भी उन्हें घर में रखना अलाभकारी होता है। संधिकाल में मौन रहें : संधिकाल में अनिष्ट शक्तियां प्रबल होने के कारण इस काल में निम्नलिखित बातें निषिद्ध बताई गई हैं- सोना, खाना-पीना, गालियां देना, झगड़े करना, अभद्र एवं असत्य बोलना, क्रोध करना, शाप देना, यात्रा के लिए निकलना, शपथ लेना, धन लेना या देना, रोना, वेद मंत्रों का पाठ, शुभ कार्य करना, चौखट पर खड़े होना। उपरोक्त नियम का पालन नहीं करने से जहां एक ओर बरकत चली जाती है वहीं व्यक्ति कई तरह के संकटों से घिर जाता है। द्वार-देहरी पूजा : घर की वस्तुओं को वास्तु के अनुसार रखकर प्रतिदिन घर को साफ और स्वच्छ कर प्रतिदिन देहरी पूजा करें। घर के बाहर देली (देहली या डेल) के आसपास स्वस्तिक बनाएं और कुमकुम-हल्दी डालकर उसकी दीपक से आरती उतारें। इसी के साथ ही प्रतिदिन सुबह और शाम को कर्पूर भी जलाएं और घर के वातावरण को सुगंधित बनाएं। जो नित्य देहरी की पूजा करते हैं, देहरी के आसपास घी के दीपक लगाते हैं, उनके घर में स्थायी लक्ष्मी निवास करती है। घर के बाहर शुद्ध केसर से स्वस्तिक का निर्माण करके उस पर पीले पुष्प और अक्षत चढ़ाएं। घर में लक्ष्मी का आगमन होगा। पीपल की पूजा : पीपल में देवताओं का वास होता है। पीपल को सिर्फ शनिवार को ही छूना चाहिए। शनिवार को पीपल के वृक्ष में काले तिल, कच्चा दूध, गंगा जल, शहद, गुड़ को स्टील या चांदी के बर्तन में डालकर अर्पित करें व सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें। बस यह कार्य प्रत्येक शनिवार को करते जाएंगे, तो धीरे-धीरे दुर्भाग्य दूर होता जाएगा। पीपल के वृक्ष की जड़ में तेल का दीपक जला दें, फिर वापस घर आ जाएं और पीछे मुड़कर न देखें। इससे आपको धनलाभ के साथ ही हर बिगड़ा काम बन जाएगा। केसर और कपूर : श्री महालक्ष्मी का ध्यान करके मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक लगाएं। धनलाभ के समाचार मिलेंगे। प्रतिदिन सुबह और शाम को कपूर जलाएं। घर के किसी स्थान पर वास्तुदोष हो तो वहां कपूर की एक डली बगैर जलाए रख दें। कर्पूर अति सुगंधित पदार्थ होता है तथा इसके दहन से वातावरण सुगंधित हो जाता है। कर्पूर जलाने से देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। मां, बेटी और पत्नी का सम्मान जरूरी : पत्नी और बेटी लक्ष्मी का रूप होती हैं, भूलकर भी इन्हें न दुत्कारें, न कोसें तथा न ही कोई अशुभ वचन कहें। मां को साक्षात देवी पार्वती माना गया है। मां को दुखी रखने वाला कभी जीवन में सुखी नहीं रह सकता। पत्नी और बेटी के दुखी रखने से आप कभी सुखी नहीं रह सकते। एक बार यदि पत्नी रोती हुई अपने माता-पिता के घर चली गई तो याद रहे, इस पापकर्म से आपके घर की बरकत भी चली जाएगी। धन, वस्त्र व मान देकर पत्नी को मनाएं। पोंछा लगाना : सप्ताह में एक बार (गुरुवार को छोड़कर) समुद्री नमक से पोंछा लगाने से घर में शांति रहती है। घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर घर में झगड़े भी नहीं होते हैं तथा लक्ष्मी का वास स्थायी रहता है। अगर पर्याप्त पैसा कमाने के बाद भी धन संचय नहीं हो रहा हो, तो काले कुत्ते को प्रत्येक शनिवार को कड़वे तेल (सरसों के तेल) से चुपड़ी रोटी खिलाएं। शाम के समय सोना, पढ़ना और भोजन करना निषिद्ध है। सोने से पूर्व पैरों को ठंडे पानी से धोना चाहिए किंतु गीले पैर नहीं सोना चाहिए। इससे धन का नाश होता है। मकड़ी का जाला : घर में या वॉशरूम में कहीं भी मकड़ी का जाला न बनने दें अटाला : घर में कहीं भी कचरा या अटाला जमा न होने दें। छत रखें साफ : छप्पर पर बांस न रखें और किसी भी प्रकार की अनुपयोगी वस्तुएं भी न रखें। 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌿🌿🌿🌱🌱🌴🌿🌿🌺🍁🙏🚩

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Madan Kaushik Mar 4, 2021

***अपना पोस्ट*** **नक्षत्रवाणी** *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻*  गजाननं भूतगनादि सेवितम, कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम। उमासुतं शोकविनाशकारकम, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम।। श्रीमते रघुवीराय सेतूल्लङ्घितसिन्धवे। जितराक्षसराजाय रणधीराय मङ्गलम्।। भुजगतल्पगतं घनसुन्दरं गरुडवाहनमम्बुजलोचनम् । नलिनचक्रगदाकरमव्ययं भजत रे मनुजाः कमलापतिम् ।।  क्यों भटके मन बावरा, दर-दर ठोकर खाये...! शरण श्याम की ले ले प्यारे, जनम सफल हो जाये...!! 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मित्रों...! सबसे पहले तो नित्यप्रति आपकी प्रिय पोस्ट "नक्षत्रवाणी" की पोस्टिंग में होने वाले विलंब के लिए आप सभी से हृदयपूर्वक क्षमा प्रार्थना सहित...🙏🙏 आप सभी परम प्रिय धर्मपारायण, ज्योतिषविद्या प्रेमी विद्वतजनों को आचार्य/पं.मदन तुलसीराम जी कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले) की ओर से सादर-सप्रेम 🌸 जय गणेश 🌸 जय अंबे 🌸 *जय श्री कृष्ण*🌷मंगल प्रभात🌷इसी के साथ आप सभी सनातनी, धर्म-उत्सवप्रेमी, राम-कृष्ण-हरि-शिवभक्त, शक्ति उपासक व राष्ट्रप्रेमी मित्र-बंन्धुओं को आज **फाल्गुन कृष्ण/बदी षष्टी/छठ की, श्री माता यशोदा जयन्ती (फाल्गुन कृष्ण षष्ठीनुसर) की एवं उत्तराखंड के ऋषिकेश में चल रहे सप्तदिवसीय अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव (प्रतिवर्ष 01 से 07 मार्च)** की भी बहुत-बहुत हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं...!!!** ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ आइये...! अब चलें आपके प्रिय पोस्ट 'नक्षत्रवाणी' के अंतर्गत आज कुछ विशेष महत्वपूर्ण जानकारी, दृकपंचांग, चन्द्र राशिफल' एवं 'आरोग्य मंत्र' की ज्ञानयात्रा पर...🙏 ```༺⊰🕉⊱༻ ``` *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻* ☘️🌸!! ॐ श्री गणेशाय नमः!! 🌸☘️ ****************************** 𴀽𴀊🕉श्री हरिहरौविजयतेतराम्🕉 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :- आज दिनांक *04 मार्च सन २०२१ ईस्वी* गुरूवार/थर्सडे* *🇮🇳 राष्ट्रीय सौर दिनांक १३* **चन्द्रमास माध, सौर फाल्गुन** प्रस्तुत है ««« *आज का दृकपंचांग:««« 👉 ध्यान दें **यहाँ दिये गए तिथि, नक्षत्र, योग व करण आदि के समय इनके समाप्ति काल हैं और सूर्योदयास्त व चंद्रोदय का गणना स्थल मुंबई हैं।** कलियुगाब्द......5122 (५१२२) विक्रम संवत्.....२०७७/2077 (प्रमादी नाम) शक संवत्......१९४२/1942 मास....फाल्गुन (संस्कृत/हिंदी)/फागण (मारवाड़ी)/फ़ग्गन (पंजाबी) पक्ष........कृष्ण/अंधेर/बदी/लागतो फागण **तिथी...(०३/03) षष्ठी/छठ रात्रि 09.58 पर्यंत पश्चात सप्तमी **वार/दिन.....गुरुवार/बृहस्पतिवार/वीरवार/भिसपत** **नक्षत्र.......विशाखा** *रात्रि 11.58 पर्यंत पश्चात अनुराधा* योग...........व्याघात रात्रि 11.32 पर्यंत पश्चात हर्षण करण...........गरज प्रातः 11.10 पर्यंत पश्चात वणिज सूर्योदय.......प्रातः 06.56.00 पर सूर्यास्त.......संध्या 06.45.00 पर चंद्रोदय.........दिन 23.56.00 पर। रवि(अयन-दृक)......उत्तरायण रवि(अयन-वैदिक)...उत्तरायण **ऋतु (दृक).....वसंत** **ऋतु वैदिक)...शिशिर** **सूर्य राशि.......कुंभ** **चन्द्र राशि......(तुला 18.21बजे तक पश्चात वृश्चिक)** **गुरु राशी.......मकर (पूर्व में उदय, मार्गी)** 🚦 *दिशाशूल :-* दक्षिण दिशा - यदि अति आवश्यक हो तो बेसन के लड्डु/दही/केसर या जीरा का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। ☸ शुभ अंक.....०४/04 🔯 शुभ रंग....... पीत/पीला/सुनहरा/केसरिया ⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-* मध्याह्न/दोप. 12.27 से 01.14 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* अपराह्न 02.19 से 0३.48 तक । 👁‍🗨 *गुलिक काल :-* पूर्वाह्न/दिन 09:53 से 11:22 तक। **************************** 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *कुम्भ* 05:46:34 07:23:52 *मीन* 07:23:52 08:51:19 *मेष* 08:51:19 10:32:02 *वृषभ* 10:32:02 12:30:39 *मिथुन* 12:30:39 14:44:21 *कर्क* 14:44:21 17:00:31 *सिंह* 17:00:31 19:12:20 *कन्या* 19:12:20 21:23:00 *तुला* 21:23:00 23:37:37 *वृश्चिक* 23:37:37 25:53:47 *धनु* 25:53:47 27:59:25 *मकर* 27:59:25 29:46:34 ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 11.10 से 12.37 तक चंचल दोप. 12.37 से 02.05 तक लाभ दोप. 02.05 से 03.32 तक अमृत सायं 04.59 से 06.27 तक शुभ सायं 06.27 से 07.59 तक अमृत रात्रि 07.59 से 09.32 तक चंचल | ************************** आज के विशेष योगायोग/युति संयोग, वेध, ग्रहचार (ग्रहचाल), व्रत/पर्व/प्रकटोत्सव, जयंती/जन्मोत्सव व मोक्ष दिवस/स्मृतिदिवस/पुण्यतिथि आदि 🙏👇:- 👉 **आज फाल्गुन कृष्ण पक्ष गुरुवार को 👉 वर्ष का 345 वाँ/तीन सौ पैंतालीसवां दिन, फाल्गुन बदी षष्ठी/छठ 21:58 तक पश्चात् सप्तमी शुरु, सूर्य पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में 18:00 पर, गुरु धनिष्ठा नक्षत्र में 25:56 पर, सर्वार्थसिद्धियोग/कार्यसिद्धियोग 23:57 से सूर्योदय तक, सर्वदोषनाशक रवि योग 17:58 तक, विघ्नकारक भद्रा 21:59 से, माता यशोदा जयन्ती (फाल्गुन कृष्ण षष्ठी), भगवान सुपार्श्वनाथ जी ज्ञान (फाल्गुन कृष्ण षष्ठी), श्री पूर्ण ऐजिटक संगमा (पी.ए.संगमा) स्मृतिदिवस, लाला हरदयाल स्मृतिदिवस व राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा)।** ************************* 👉 1) **🏡वास्तु टिप्स🏡 यदि आपके घर या दुकान में बार-बार चोरी होती हो तो घर/ऑफिस की दहलीज मे "सर्वसिद्ध मंगल यंत्र'' पूजा कर स्थापित करना चाहिए।।** 2) यदि आपके घर से अगर अकारण ही बरकत जा रही है या आपको नेगेटिव एनर्जी दिख रही है या परिवार में निरंतर कलह रहता है, तो कपूर और फिटकरी को पीस के गौझारण (गौमूत्र) जो बहुत ही आसानी से मिल जाता है (अन्यथा पतंजलि आदि का ले लें), इससे घर मे पोछा लगाने वाले क्लीनर या पानी मे मिला लें और रोज़ सुबह-शाम घर मे पोछा लगाये और गंगाजल का पूजा-आरती के बाद छिड़काव भी करें फिर चमत्कारिक परिवर्तन देखें। 3)** रसोईघर में पूजा स्थल कभी नहीं बनाना चाहिए। बहुत ही आवश्यक हो तो इसे ईशान कोण में बनाएँ।** 🙏 💥 **विशेष ध्यातव्य👉 षष्टी/क्ठ को नीम की दातुन, पत्ती या निंबोली फल का सेवन करना कलंक कारक व बुधिनाशक होता है, इसलिए इसका सेवन पूर्णतः वर्जित है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* साभार: 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞।** 📿 *आज का आराधना मंत्र* **🕉 ग्रां ग्रीं ग्रों सः गुरुवे नमः‼️🎪🚩** *🚩ॐ विष्णवे नमः ‼️🎪 🚩* 📿 *आज का उपासना मंत्र :- ।। ॐ महाहनवे नमः ।। ********************** ⚜ 👉🙏 🚩 ☸ *तिथि विशेष :* 🚩 **फाल्गुन कृष्ण/बदी षष्टी/छठ, माता यशोदा जयन्ती।** 👉 **बहुत अच्छे से ध्यान दें मित्रों...!!!**👇 ** वे श्रद्धालुगण जो शत्रुवृद्धि/शत्रुबाधा या जीवन के सभी क्षेत्रों में तरह-2 के संकटों या कष्टों का सामना कर रहे हैं और जिनकी प्रगति पूरी तरह से रुक गई है वे...! वे इसपर ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे संपर्क कर सकते हैं और इसका कारण हमसे पूर्णतः निःशुल्क जान सकते हैं और आपको इसके लिए हमें व्हाट्सएप्प message भर करना हैं। हमारे मोबाइल नम्बर्ज़ हैं: 9987815015/9991610514. ध्यान रखें कृपया सीधा कॉल ना करके पहले आप हमें व्हाट्सएप्प मैसेज ही करें...!!! **जो भी मातृभक्त प्रोफेशनल्ज/कामकाजी होने के चलते या अन्य कारणों से षष्टम नवरात्र से शास्त्रोक्त 'कात्यायनी साधना' प्रारंभ ना कर सकी हों वे सौभाग्यकांक्षिणियाँ 'सर्वसिद्ध कात्यायनी महायंत्र' प्रयोग के द्वारा अपने मनवांछित वर की प्राप्ति के लिए हमसे तुरंत संपर्क करें। धन्यवाद...!!** ************************ 📢 *सुभाषितानि :-* विद्या रुपं धनं शौर्यं कुलीनत्वमरोगता । राज्यं स्वर्गश्च मोक्षश्च सर्वं धर्मादवाप्यते ॥ अर्थात :- विद्या, रुप, धन, शौर्य, कुलीनता, स्वस्थ शरीर, राज्य, स्वर्ग और मोक्ष – ये सब धर्म से पाये जा सकते हैं । **💊💉🍃 *आरोग्य मन्त्र🌿🍃:** *बुढ़ापा रोकने की औषधि -* *5. बिलबेरी -* बिलबेरी एंटीऑक्सीडेंट का एक भंडार है। यह झुर्रियों को रोकने में मदद करता है और त्वचा पर धब्बे को कम करता है। इसके अलावा, यह सेल जेनरेशन को बढ़ाता है, खासतौर से रोडोप्सिन जो आपकी आंखों में मौजूद हल्के संवेदनशील कोशिकाएं हैं। रोडोप्सिन आंखों के लिए ऐसा प्रोटीन होता है जिससे रेटिना के रिसेप्टर में रोशनी को समाहित करने की शक्ति आती है। खराब आँखों की दृष्टि और झुर्रियां वृद्धावस्था में एक बड़ी चिंता है। बिलबेरी दोनों से लड़ने में मदद करता है। यह मोतियाबिंद को भी रोकता है और आपके बुजुर्ग शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखता है। ⚜*🐑🐂🦔आज का संभावित चन्द्र राशिफल🦂🐊🐟:- 👉 किंतु पहले सबसे एक करबद्ध निवेदन🙏 मित्रों सर्वप्रथम तो कुछ तकनीकी कारणों से आपको आपकी प्रिय पोस्ट नक्षत्रवानी विलंब से मिल पाती है इसके लिए मैं आप सभी से क्षमा प्रार्थी हूँ। ततपश्चात मैं निवेदन करना चाहता हूँ कि आपकी इस परमप्रिय ज्ञानवर्धक 'अपना पोस्ट' *नक्षत्रवाणी* को आप जितना हो सकता हो उतना लाइक व शेयर/फॉरवर्ड तो करें ही, आलस्य त्याग कर कृपया इसपर अपनी बुद्धि व विवेक के अनुसार अपने सही-सही कमैंट्स भी अवश्य करें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मुझे निराश नहीं करेंगे और अपने फीडबैक से व लाइक/सराहना करके भी अवश्य ही मेरा उत्साहवर्धन करेंगे। नक्षत्रवाणी के संदर्भ में आप सभी के बहुमूल्य सुझाव भी सदैव सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद...!!! 💐💐 **ख़ुशख़बर।। सबसे बड़ी ख़ुशख़बर।।**👇 🙏👉 किसी भी जन्मलग्न या जन्मराशि या अपनी प्रसिद्ध राशि के लिए भाग्यशाली रत्न-रुद्राक्ष हमसे जानें फ्री ऑफ Charge यानि पूर्णतः निःशुल्क व निःसंकोच। इसके अलावा लैब टेस्टेड उच्चतम क्वालिटी के रत्न-रुद्राक्ष प्राप्त करने के लिए भी हमसे संपर्क करें :👇 9987815015 या 9991610514 पर। प्रियवरों पीछे गणेशोत्सव के अंतर्गत और भाद्रपद मास के अंतिम सोमवार के शुभावसर पर त्रिगुणात्मक भगवान महाकालेश्वर शिव जो कि एकादश रुद्र रूपों में भी तीनों लोकों में प्रस्फुटित होते हैं, उनके साक्षत स्वरूप व कृपाप्रसाद *पंचमुखी 'रुद्राक्ष रत्न*" जिसे रुद्र के अक्ष या भगवान शिव के अक्ष के रूप में भी जाना जाता है, को पहली बार अब हम विधिवत् **अभिमंत्रित** करके आपको आपके सभी दैहिक-दैविक-भौतिक कष्टों से मुक्ति दिलाने हेतु, विषेषतः इस **कोरोना काल** में बहुत अधिक बढ़ चुके मानसिक संताप (Mental stress/depression) को पूर्ण रूप से दूर करने के लिए, आपकी आर्थिक तँगीं की स्थिति को समझते हुए **केवल मात्र 111₹** में आप शिवभक्त सुधि पाठकों के लिए उपलब्ध करवाना प्रारंभ किया है। जिसे भी यह दिव्य सर्वसिद्ध **रुद्राक्ष रत्न** चाहिए, वे कृपया हमें इसी नम्बर पर व्हाट्सएप्प करें। ध्यान रखें यह योजना सीमित समय के लिए ही है, इसलिए इस सुनहरे अवसर को आप चूकें नहीं। 🙏 👉 **एक विशेष व अति शुभ सूचना:** **मित्रों हमारे 'ऐस्ट्रो वर्ल्ड' के दिव्य कोष में शुद्ध केसर (काश्मीरी व ईरानी A तथा B दोनों ग्रेड की), पारिजात, चम्पा, अनन्त, पुन्नाग, श्वेत/सफ़ेद ऊद, केसर, खस, भीना गुलाब व असली चंदन जैसे दिव्य इत्रों की पूरी रेंज, भीमसेनी कर्पूर, उत्तम क्वालिटी की शुद्ध गुग्गल व शुद्ध लोबान, शुद्ध राशि रत्न-उपरत्न, असली नेपाली रुद्राक्ष रत्न व गण्डकी नदी से प्राप्त असली शालग्राम जी भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा हमारे इस संग्रहालय में और भी कई दिव्य व चमत्कारिक वस्तुएं उपलब्ध हैं। ये सभी दिव्य वस्तुएं हम अपने ज्योतिष-वास्तु एवं वैदिक पूजा-अनुष्ठानों के नियमित यजमानों के लिए बहुत ही सही रेट पर और कम मार्जिन पर देते हैं तथा इनके असली होने की मनी बैक गारंटी के साथ भी। तो आप 'नक्षत्रवाणी' के सभी पाठक भी हमारे परम प्रिय होने से इसका लाभ निःसन्देह ले सकते हैं। इसके लिए आप हमें इसी नम्बर पर व्हाट्सएप्प करें। जल्दी रिप्लाई ना मिलने पर आप कॉल भी कर सकते हैं। धन्यवाद...!!!** *****""""""******"""*******"""******** 🐐 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। मेहनत का फल कम मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी। व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी। 👫🏻 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे। 🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। व्यापारिक लाभ होगा। कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न उठाएं। आज का दिन आपके लिए शुभ रहने की संभावना है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसर मिलेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। 🐊 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा। 🐋 *राशि फलादेश मीन :-* *(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें। ********************** *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह की वर्षगांठ हैं, उन सभी प्रिय मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉* ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ और ज़रा इन बातों पर भी ज़रूर ध्यान दें मित्रों...! अगर...??? 1) खूब मेहनत के बाद भी या व्यापार-व्यवसाय में पर्याप्त इन्वेस्टमेंट करने के बाद भी आप अकारण आर्थिक दृष्टी से निरंतर पिछड़ते ही जा रहे हैं....? 2) एक ही नौकरी में लम्बे समय तक कार्य नहीं कर पाते हैं या वहां दिल से काम करते हुए भी आपको कोई पूछता ही नहीं है...? आपकी प्रमोशन ड्यू है कब से लेकिन आप बस दूसरों को आगे बढ़ते देख कर अपने नसीब को कोस रहे हैं...? आपके प्रतिद्वंदी अलग से परेशान करते रहते हैं...? 3) आपस में निरंतर अकारण क्लेश होता रहता है..? 4) शेयर मार्किट से कमाना चाहते हैं पर हर बार नुकसान उठा बैठते हैं...? 5) बीमारी आपको छोड़ ही नहीं रही है...? घर का हर एक व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से त्रस्त है...? आमदनी का एक बड़ा हिस्सा हमेशां इसी पर खर्च हो जाता है...? 6) अकारण ही विवाह योग्य बच्चों के विवाह में दिक्कतें आ रही हैं...? 7) शत्रुओं ने आपकी रात की नींद और दिन का चैन हराम किया हुआ है...? 8) पैतृक सम्पति विवाद सुलझ ही नहीं रहा है...? और संपति केवास्तविक हकदार आप हैं तथा आप इसे अपने हक में सुलझना चाहते हैं...? 9) विदेश यात्रा या विदेश में सेटलमेंट को लेकर बहुत समय से परेशान हैं...? 10) आपको डरावने सपने आते हैं..? सपने में सांप या भूत-प्रेत या ऐसे ही नींद उड़ाने वाले दृश्य दीखते हैं...? 11) फिल्म या मीडिया में बहुत समय से संघर्ष के बाद भी सफलता​ नहीं मिल रही...? 12) राजनीति को ही आप अपना कैरियर बनाना चाहते हैं पर आपको कुछ भी समझ नहीं आ रहा...? यदि हाँ...??? तो यह सब अकारण ही नहीं है...! इसके पीछे बहुत ठोस कारण हैं जो कि आपकी जन्म कुंडली या आपके घर-आफिस का वास्तु देखकर या आपकी जन्मकुंडली भी ना होने की स्थिति में हमारे दीर्घ अध्ययन और प्रैक्टिकल ज्योतिषीय अनुभव के आधार पर अन्य विधियों से जाने जा सकते हैं...? तो अब आप और देरी ना करें और तुरंत हमें फोन करें...! आपकी उन्नति निश्चित है और आपकी मंजिल अब दूर नहीं...! ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ प्रस्तुति: आचार्य मदन टी.कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले, मूल निकास: गौड़ बंगाल एवं तत्पश्चात ढाणी भालोट-झुंझनूँ-राज.) (चयनित/Appointed/) ज्योतिष एवं वास्तु शोध वैज्ञानिक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष: TARF, Dadar-Mumbai साभार: बाँके बिहारी (धुरंधर वैदिक विद्वानों का अद्वितीय वैश्विकमंच) कार्यकारी अध्यक्ष: एस्ट्रो-वर्ल्ड मुंबई व सिरसा (सभी दैहिक दैविक भौतिक समस्याओं का एक ही जगह सटीक निदान व स्थायी समाधान) अध्यक्ष: सातफेरे डॉट कॉम मुंबई व सिरसा (आपके अपनों के दिव्य एवं सुसंस्कारी वैवाहिक जीवन की झटपट शुरूआत हेतु अनूठा संस्थान) नोट: हमारी या हमारे संस्थान 'एस्ट्रो-वर्ल्ड' तथा आपके अपनों के वैवाहिक जीवन सम्बन्धी सभी समस्याओं का एकमात्र हल एवं विश्व के इस सबसे अनूठे मंच 'सातफेरे डॉट कॉम' मुंबई या सिरसा की किसी भी प्रकार की गरिमापूर्ण सेवा जैसे वैज्ञानिकतापूर्ण ज्योतिष-वास्तु मार्गदर्शन, सभी प्रकार के मुहूर्त शोधन, नामकरण संस्कार, विवाह संस्कार या अन्य कोई भी वैदिक पूजा-अनुष्ठान आयोजित करवाने, रत्न अभिमन्त्रण, सभी राशिरत्न-उपरत्न, मणि-माणिक्य, दक्षिणावर्ती शँख (जो कि घर में विधिवत रखने मात्र से ही बदल दे आपका भाग्य हमेशां-2 के लिए...!), सियारसिंगी, भुजयुग्म (हत्थाजोड़ी, जो तिज़ोरी आपकी कभी ख़ाली ना होने दे), नागकेसर, विविध प्रकार के वास्तु पिरामिडज एवं अन्य कई प्रकार की सौभाग्यवर्धक वस्तुओं की प्राप्ति हेतु हमारे... सम्पर्क सूत्र: 9987815015 / 9991610514 ईमेल आई डी: [email protected] 🌺आपका दिन आदि वैद्य (भगवान धन्वंतरि जी) की कृपा से परम मंगलमय हो मित्रो! *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩* 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩 ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※

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नमक के चमत्कारी टोटके नमक को अक्सर आपने सब्जी में खाने में इस्तेमाल किया होगा। साथ ही नमक में मौजूद आयोडीन शरीर के मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है। लेकिन आज हम आपके लिए नमक के कुछ असरदायक टोटके लेकर आए हैं जो घर में सुख समृद्धि, धन की वृद्धि और असंभव कार्यों को संभव करने में भी काफी सहायता देंगे। आइए बताते है ज्योतिष शास्त्र में मौजूद नमक किस तरीके से आपका कष्ट हरने में मदद करेगा। नज़र दोष में करें ये टोटका- वैसे आपने नमक के उपयोग से ‘नजर दोष’ दूर करने के उपाय के बारे में तो सुना ही होगा। भारतीय परिवारों में यह उपाय काफी प्रसिद्ध है। इस उपाय के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को नजर लग गई है तो चुटकी भर नमक लेकर उसके सिर से पांव तक घुमाना चाहिए और बाद में इसे बहते पानी में बहा देना चाहिए। वास्तु दोष का टोटका- वास्तु विज्ञान के अनुसार शीशे के गिलास में नमक भरकर बेडरूम और बेड के गद्दे के नीचे रखना चाहिए इससे वास्तुदोष दूर होता है। घर में ग्रह कलेश, पति पत्नी के बीच लड़ाई झगडे की दिक्कत आदि वास्तुदोष होता है। जिसे दूर करने में नमक बहुत असरदायक होता है। बिमारियों से बचने का टोटका- शास्त्रों के अनुसार बिमारियों का होना राहु का नकारात्मक प्रभाव होता है। घर में पूजा करते वक़्त पूजा थाली में थोड़ा सा नमक रखें और उससे सारे घर की नज़र उतार कर चौराहे में रख आयें और पीछे मुड़कर ना देखें। घर में बुरी आत्मा से मुक्ति- नमक के उपयोग से होने वाला ऐसा ही एक और मिलता-जुलता वास्तु उपाय मौजूद है। किसी व्यक्ति को घर में नकारात्मक ऊर्जा के होने का आभास हो रहा हो, या किसी रूह के होने का डर सता रहा हो या किसी भी चिंता की वजह से वह परेशान हो तो शीशे के बर्तन में नमक डालकर घर के किसी भी कोने में रख दें। नकारात्मक ऊर्जा घर से निकल जाएगी। धन की प्राप्ति का टोटका- अगर आपके घर में भी धन की कमी हो रही है तो डली वाला नमक (रॉक साल्ट) को लाल रंग के कपडे में बांधकर मुख्य द्वार में टांग दें। जल्द ही धन की प्राप्ति होगी। राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करता है- यदि रात को सोने से पहले आप गुनगुने पानी में नमक मिलाकर हाथ-पांव धोकर सोएंगे तो इससे आपके ऊपर मंडरा रहा राहु-केतु का बुरा साया टल जाएगा। साथ ही आप हर प्रकार के तनाव से मुक्त हो जाएंगे और अच्छी नींद पाएंगे। बच्चों के अच्छे स्वास्थ के लिए- अगर आपका बच्चा ज्यादा बीमार होता है, या फिर आप अपने बच्चे की बीमारी से परेशान चल रहे हैं तो रोजाना बच्चों के स्नान के पानी में नमक डाल देना चाहिए। यह उन्हें बुरी नजर के दोष से बचाए रखता है। इस पानी से नहाने के बाद नमक उनकी बॉडी पर सकारात्मक लेयर बना देती है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं होती। साइंस में भी नमक के पानी से नहाना लाभकारी माना गया है। 🕉️🌱🍋🌴🌺🌿🍁🙏🌿🌺🌿🍋🌿🌻🌴

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