व्यसन विराम पूर्ण प्रयास बाड़मेर राजस्थान में

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जय दूधेश्वर महादेव

आज श्रीमहन्त नारायण गिरी जी महाराज श्री दुधेश्वर पीठाधीश्वर गाजियाबाद अंतरराष्ट्रीय मंत्री श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा वाराणसी उत्तर प्रदेश का कार्यक्रम बाड़मेर जैसलमेर देव दर्शन भक्तो का जन सम्पर्क विशेष रूप से नशा से मुक्ति के लिये महाराज श्री एवं स्वामी आर के शिवानन्द जी ने दोनो जिलो काफी भक्तो से सम्पर्क करके नशा से मुक्त होने के लिये प्रेरणा दिया कि अफीम जीवन मे एक प्रकार का जहर है अफीम डोडा सभी नशो से दूर रहिये व्यसन विराम एक प्रयास के तहत लोगो को जागरूक किया हिन्दू तत्व जागरण अभियान के तहत हिन्दूओ मे धर्म चेतना भावना व अपने धर्म के प्रति जागरूक होना प्रेरणा लेना है भोला गिरि जी का धूना गुलामलानी दूधेश्वर मन्दिर बाडमेर मे सभी उपस्थित सन्तो की उपस्थिति मे प्रस्ताव रखा कि सन्त समाज भक्तो को प्रेरणा दे कि वो लोग नशो से दूर रहे क्योंकि नशे से सर्वनाश हो जाता है दहेज लेन देन की प्रथा भी समाप्त हो छूआ छुत जाति पाति को छोड़कर ह्रदय रूपए मंच पर आकर सभी को वैदिक हिन्दू सनातन धर्म का संरक्षण करना है आज के समय में संतों के ऊपर कुछ मुसीबतें आई हुई हैं उन मुसीबतों में संत को सत्य मार्ग पर चलते हुए सतर्क रहते हुए भक्तों को प्रेरणा देना है जिस से कि हमारा भारत विश्व गुरु बन सके

हर हर महादेव

विश्व संवाद संपर्क सचि
अमित कुमार शर्मा
श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर गाजियाबाद उत्तर प्रदेश

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Gopal Krishna Oct 6, 2017
गो धन गज धन बाजिधन और रतन धन खान । जब आवै संतोष धन, सब धन धूरि समान ।। श्री राम राज राजेश्वर की जय श्री हनुमान जी महाराज की जय हर हर महादेव शुभ प्रभात वंदन

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आध्यात्मिक ज्ञान। प्रश्नोपषिद्। 1! का 8 विश्वरूपम हरिणं जातवेदसं परायणं ज्योतिरेकं तपन्तम्। सहस्त्र रश्मि: शतधा वर्तमान: प्राण: प्रजानामुदयत्येष सूर्य:।। व्याख्या--- इस सूर्य के तत्व को जानने वालों का कहना है कि यह किरण जाल से मण्डित एवं प्रकाशमय, तपता हुआ सूर्य विश्व के समस्त रूपों का केन्द्र है। सभी रूप ( रंग और आकृतियाँ) सूर्य से उत्पन्न और प्रकाशित होते हैं। यह सविता ही सबका उत्पत्ति स्थान है और यही सबकी जीवनज्येतिका मूल स्त्रोत है। यह सर्वज्ञ और सर्वाधार है, वैश्वानर अग्नि और प्राण शक्ति के रूप में सर्वत्र व्याप्त है और सबको धारण किये हुए है। समस्त जगत्का प्राणरूप सूर्य एक ही है --- इसके समान इस जगत में दूसरी कोई भी जीवनी शक्ति नहीं है। यह सहस्त्रों किरणों वाला सूर्य हमारे सैकड़ों प्रकार के व्यवहार सिद्ध करता हुआ उदय होता है। जगत् में उष्णता और प्रकाश फैलाना, सबको जीवन प्रदान करना ऋतुओं का परिवर्तन करना आदि हमारी सैकड़ों प्रकार की आवश्यकताओं को पूर्ण करता हुआ सम्पूर्ण सृष्टि का जीवन दाता प्राण ही सूर्य के रूप में उदित होता है। ८ धन्यवाद जी शिवचरण परमार भुलवाना

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