prakash patel
prakash patel Feb 26, 2021

🏡 Hast Mudra https://www.facebook.com/101139925132263/posts/197879605458294/?sfnsn=wiwspmo

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prakash patel Apr 17, 2021

☘️ *_मितली (उल्टी) होने पर अपनाए ये उपाय शर्तिया होगा लाभ मिलेगा आराम_* 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट अपनाये और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/groups/367351564605027/ *उल्टी होने पर अपनाएं ये 8 घरेलू उपाय* 1 नीबू के रस में काला नमक और काली मिर्च डालकर पीने से उल्टी आना बंद हो जाती है। 2 पेट में गर्मी बढ़ने के कारण भी उल्टी की समस्या होती है। ऐसे में छाछ में भुना हुआ जीरा और सेंधा नमक डालकर पीने से बहुत जल्दी फायदा होता है। 3 नीबू को काटकर उस पर चीनी डालकर चूसने से इस समस्या में बहुत लाभ होता है। इससे चूसने से पेट के भीतर अन्न विकार खत्म हो जाता है और उल्टी आना रूक जाता है। 4 गर्भवती स्त्री को सुबह शाम हल्के गुनगुने पानी में नीबू का रस देने पर उल्टी में लाभ होगा। 5 तुलसी के रस को शहद के साथ मिलाकर पीड़ि‍त को देने पर उल्टियां बंद हो जाती है। 6 इसके अलावा नमक और शक्कर के घोल में नीबू डालकर पीने से भी लाभ होता है। 💎 खूबसूरत त्वचा, वजन कम करने के & हर गंभीर बिमारी के एक्यूप्रेशर पॉइंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। ✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ 7 चने को भूनकर सत्तू बनाकर खाने से भी उल्टी आना बंद होता है। 8 इसके अलावा गर्भवती स्त्री के पेट पर पानी की गीली पट्टी रखने से भी उल्टियां आना बंद हो जाता है। ☘️सभी जानकारी, घरेलू और आयुर्वेदिक चिकित्सा के इस इलाज केवल शैक्षिक हेतु के लिए है.. उपचार के लिए हमेशा चिकित्सक की सलाह ले। 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट की जानकारी के लिए 📞👉 +91 9974592157 🌀 MSG 👉 +91 7016609049 हमारा संपर्क करें। और हर गंभीर बिमारी मिटाये।

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prakash patel Apr 15, 2021

💎 किशमिश के स्वास्थवर्धक गुण रंग : किशमिश भूरी और सुरखी मायल होती है। स्वाद : इसका स्वाद मीठा और हल्का खट्टा होता है। स्वरूप : किशमिश अंगूर को सुखाकर बनाया जाता है और काबुल, भारत व अन्य देशों में पाई जाती है। 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट अपनाये और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/groups/367351564605027/ प्रकृति : यह मीठी और शीतल होती है। हानिकारक : किशमिश का अधिक मात्रा में सेवन करने से बुखार हो सकता है। दोषों को दूर करने वाला : शिकंजवीन व खीरा किशमिश में मौजूद दोषों को दूर करता है। तुलना : किशमिश की तुलना मुनक्का से की जा सकती है। गुण : किशमिश वीर्य को बढ़ाती है, रुचि को बढ़ाती है, खांसी और हृदय के दर्द को दूर करती है। यह स्वरभंग तथा वात, पित्त को शान्त करती है। इसके सेवन से आमाशय नर्म बनता है और खून की गर्मी शांत होती है। इसके सेवन से शरीर मजबूत और फुर्तीला बनता है। यह पेट को साफ करती है और दिमाग को तेज करती है। विभिन्न रोगों का किशमिश से उपचार : 💎 खूबसूरत त्वचा, वजन कम करने के & हर गंभीर बिमारी के एक्यूप्रेशर पॉइंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें..✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ 1 अंडकोष का एक शिरा फूल जाना: 2 अंडकोष में पानी भरना: 3 कब्ज: 4 मासिकधर्म सम्बंधी विकार: 5 दस्त में आंव-रक्त आना (पेचिश): 6 हृदय की धड़कन: 7 निम्न रक्तचाप (लो ब्लडप्रेशर): 8 शरीर को शक्तिशाली बनाना : ☘️सभी जानकारी, घरेलू और आयुर्वेदिक चिकित्सा के इस इलाज केवल शैक्षिक हेतु के लिए है.. उपचार के लिए हमेशा चिकित्सक की सलाह ले। 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट की जानकारी के लिए 📞👉 +91 9974592157 🌀 MSG 👉 +91 7016609049 हमारा संपर्क करें। और हर गंभीर बिमारी मिटाये।

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*इस फल को खाएं, उग आएंगे सिर के उड़े हुए बाल.!* * सीताफल (शरीफा) एक बड़ा ही स्‍वादिष्‍ट फल है लेकिन लोग इसके बारे में थोड़ा कम जानकारी रखते हैं। सीताफल अगस्त से नवम्बर के आस पास अर्थात् आश्विन से माघ मास के बीच आने वाला फल है। अगर आयुर्वेद की बात माने तो सीताफल शरीर को शीतलता पहुंचाता है। यह पित्तशामक, तृषाशामक, उलटी बंद करने वाला, पौष्टिक, तृप्तिकर्ता, कफ एवं वीर्यवर्धक, मांस एवं रक्तवर्धक, बलवर्धक, वातदोषशामक एवं हृदय के लिए बहुत ही लाभदायी होता है। * सीताफल को भगवन राम एवं माता सीता से जोड़ते हैं। ऐसी मान्यता है कि सीता ने वनवास के समय जो वन फल राम को भेंट किया, उसी का नाम सीताफल पड़ा। अगर आप दिन में एक सीताफल का सेवन करते हैं, तो आपको अनेको बीमारियों से निजात मिलेगा। आइये जानते हैं सीताफल खाने से हम किन-किन बीमारियों से निजात पा सकते हैं। * सीताफल सिर्फ फल नहीं, दवा भी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग शरीर से दुबले पतले होते हैं उन्हें सीताफल खाना चाहिए। सीताफल खाने से शरीर की दुर्बलता तो दूर होती ही है साथ ही मैनपावर भी बढता है। * सीताफल एक मीठा फल है। इसमें काफी मात्रा में कैलोरी होती है। यह आसानी से पचने वाला और अल्सर व एसिडिटी में लाभकारी होता है। इसमें आयरन और विटामिन-सी की मात्रा अच्छी होती है। इसके अलावा सीताफल कई रोगों में रामबाण की तरह काम करता है। * सीताफल के बीजों को बकरी के दूध के साथ पीस कर बालों में लगाने से सिर के उड़े हुए बाल फिर से उग आते हैं। * सीताफल के बीजों को बारीक पीस कर रात को सिर में लगा लें और किसी मोटे कपड़े से सिर को अच्छी तरह बांध कर सो जाएं। इससे जुएं मर जाती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि यह आंखों तक न पहुंचे, क्योंकि इससे आंखों में जलन व अन्य नुकसान हो सकता है। शरीफा के पत्तों का रस बालों की जड़ो में अच्छी तरह मालिश करने से जुएं मर जाती हैं। सीताफल के बीजों को महीन चूर्ण बनाकर पानी से लेप तैयार कर रात को सिर में लगाएं एवं सबेरे धो लें। दो तीन रात ऐसा करने से जुएं समाप्त हो जाती हैं। चूंकि बीज से निकलने वाला तेल विषला होता है, इसलिए बालों में इसका लेप लगाते समय आंख को बचाकर रखना चाहिये। * सीताफल घबराहट को दूर करता है। हार्ट बीट को सही करता है। इसकी एक बड़ी किस्म और होती है, जिसे रामफल कहते हैं। जिनका हृदय कमजोर हो, हृदय का स्पंदन खूब ज्यादा हो, घबराहट होती हो, उच्च रक्तचाप हो ऐसे रोगियों के लिए भी सीताफल का सेवन लाभप्रद है। * सीताफल खाने से इसके गूदे से बने शरबत को पीने से शरीर की जलन को ठीक करता है। वे लोग जिनका शरीर हर वक्‍त जलता रहता है और गर्म रहता है, उन्‍हें नियमित रूप से सीताफल का सेवन करना चाहिये। * शरीफा में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार होता है। यह त्वचा पर आने वाले एजिंग के निशानों से भी बचाता है। * पेट के लिये... इसमें घुलनशील रेशे होते हैं, जो कि पाचक्रिया के लिये बेहतरीन होते हैं। * इसमे खूब सारा विटामिन ए होता है, जो कि हमारे बालों, आंखों और त्‍वचा के लिये बहुत ही फायदेमंद होता है। * सीताफल के पत्तों को पीस कर फोड़ों पर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते हैं। * सीताफल शरीर की दुर्बलता, थकान, मांस-पेशियां क्षीण होने की दशा में सीताफल का खाना लाभकारी होता है। * सीताफल का कच्चा फल खाना अतिसार और पेचिश में उपयोगी है। यह शरीर के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फल है। जब फल कच्‍चा हो तब उसे काट कर सुखा दें और पीस कर रोगी को खिलाएं। इससे डायरिया की समस्‍या सही हो जाएगी।

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Ranveer soni Apr 17, 2021

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Shyam Yadav Apr 16, 2021

*सुबह सिर्फ एक दो मुट्ठी चने खाकर हेल्थ जबरदस्त हो सकती है.!* *(1).* एक सस्ता और आसान सा दिखने वाला चना हमारे सेहत के लिए कितना फायदेमंद है जानिये... *(2).* काले चने भुने हुए हों, अंकुरित हों या इसकी सब्जी बनाई हो, यह हर तरीके से सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। *(3).* इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन्स, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और विटामिन्स पाए जाते हैं। *(4).* शरीर को सबसे ज्यादा फायदा अंकुरित काले चने खाने से होता है, क्योंकि अंकुरित चने क्लोरोफिल, विटामिन ए, बी, सी, डी और के, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मिनरल्स का अच्छा स्रोत होते हैं। साथ ही इसे खाने के लिए किसी प्रकार की कोई खास तैयारी नहीं करती पड़ती। रातभर भिगोकर सुबह एक-दो मुट्ठी खाकर हेल्थ अच्छी हो सकती है। *(5).* चने ज्यादा महंगे भी नहीं होते और इसमें बीमारियों से लड़ने के गुण भी छिपा हुए हैं। कब्ज से राहत मिलती है, चने में मौजूद फाइबर की मात्रा पाचन के लिए बहुत जरूरी होती है। *(6).* रातभर भिगोए हुए चने से पानी अलग कर उसमें नमक, अदरक और जीरा मिक्स कर खाने से कब्ज जैसी समस्या से राहत मिलती है। साथ ही जिस पानी में चने को भिगोया गया था, उस पानी को पीने से भी राहत मिलती है। लेकिन कब्ज दूर करने के लिए चने को छिलके सहित ही खाएं। *(7).* ये एनर्जी बढ़ाता है। कहा तो यहाँ तक जाता है इंस्टेंट एनर्जी चाहिए, तो रात भर भिगोए हुए या अंकुरित चने में हल्का सा नमक, नींबू, अदरक के टुकड़े और काली मिर्च डालकर सुबह नाश्ते में खाएं, बहुत फायदेमंद होता है। चने का सत्तू भी खा सकते हैं। यह बहुत ही फायदेमंद होता है। गर्मियों में चने के सत्तू में नींबू और नमक मिलाकर पीने से शरीर को एनर्जी तो मिलती ही है, साथ ही भूख भी शांत होती है। *(8).* पथरी की प्रॉब्लम दूर करता है। दूषित पानी और खाने से आजकल किडनी और गॉल ब्लैडर में पथरी की समस्या आम हो गई है। हर दूसरे-तीसरे आदमी के साथ स्टोन की समस्या हो रही है। इसके लिए रातभर भिगोए हुए काले चने में थोड़ी सी शहद की मात्रा मिलाकर खाएं। रोजाना इसके सेवन से स्टोन के होने की संभावना काफी कम हो जाती है और अगर स्टोन है तो आसानी से निकल जाता है। इसके अलावा चने के सत्तू और आटे से मिलकर बनी रोटी भी इस समस्या से राहत दिलाती है। *(9).* काला चना शरीर की गंदगी को पूरी तरह से बाहर भी निकालता है। *अन्य फायदे...* ● एनर्जी बढ़ाता है, ● डायबिटीज से छुटकारा मिलता है, ● एनीमिया की समस्या दूर होती है, ● बुखार में पसीना आने की समस्या दूर होती है, ● पुरुषों के लिए फायदेमंद, ● हिचकी में राहत दिलाता है, ● जुकाम में आराम मिलता है, ● मूत्र संबंधित रोग दूर होते हैं, ● त्वचा की रंगत निखारता है। *डायबिटीज से छुटकारा दिलाता है।* चना ताकतवर होने के साथ ही शरीर में एक्स्ट्रा ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए कारगर होता है। लेकिन इसका सेवन सुबह सुबह खाली पेट करना चाहिए। चने का सत्तू डायबिटीज़ से बचाता है। एक से दो मुट्ठी ब्लड चने का सेवन ब्लड शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित करने के साथ ही जल्द आराम पहुंचाता है। *एनीमिया की समस्या दूर होती है।* शरीर में आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया की समस्या को रोजाना चने खाकर दूर किया जा सकता है। चने में शहद मिलाकर खाना जल्द असरकारक होता है। आयरन से भरपूर चना एनीमिया की समस्या को काफी हद तक कम कर देता है। चने में 27% फॉस्फोरस और 28% आयरन होता है जो न केवल नए बल्ड सेल्स को बनाता है, बल्कि हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है। *हिचकी में राहत दिलाए* हिचकी की समस्या से ज्यादा परेशान हैं, तो चने के पौधे के सूखे पत्तों का धूम्रपान करने से हिचकी आनी बंद हो जाती है। साथ ही चना आंतों/इंटेस्टाइन की बीमारियों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। *बुखार में पसीना आने पर* बुखार में ज्यादा पसीना आने पर भुने हुए चने को पीसकर, उसमें अजवायन मिलाएं। फिर इससे मालिश करें। ऐसा करने से पसीने की समस्या खत्म हो जाती है। *मूत्र संबंधित रोग में आराम* भुने हुए चने का सेवन करने से बार-बार पेशाब जाने की बीमारी दूर होती है। साथ ही गुड़ व चना खाने से यूरीन से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या में राहत मिलती है। रोजाना भुने हुए चनों के सेवन से बवासीर ठीक हो जाती है। *पुरुषत्व के लिए फायदेमंद* चीनी मिट्टी के बर्तन में रात भर भिगोए हुए चने को चबा चबाकर खाना पुरुषों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पुरुषों की कई प्रकार की कमजोरी की समस्या खत्म होती है। जल्द असर के लिए भीगे हुए चने के साथ दूध भी पिएं। भीगे हुए चने के पानी में शहद मिलाकर पीने से पुरुषत्व बढ़ता है। *त्वचा की रंगत निखारता है।* चना केवल हेल्थ के लिए ही नहीं, स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है। चना खाकर चेहरे की रंगत को बढ़ाया जा सकता है। वैसे चने की फॉर्म बेसन को हल्दी के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। नहाने से पहले बेसन में दूध या दही मिक्स करें और इसे चेहरे पर 15-20 लगा रहने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। रंगत के साथ ही कील मुहांसों, दाद-खुजली और त्वचा से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं। *युवा महिलाओं को हफ्ते में कम से कम एक बार चना और गुड़ खाना चाहिए।* गुड़ आयरन का समृद्ध स्रोत है और चने में बड़ी मात्रा में प्रोटीन होता है। ये दोनों मिलकर महिलाओं की माहवारी के दौरान होने वाले रक्त के नुकसान को पूरा करते हैं। तथा सभी महिलाओं को आने वाले माघ महीने में हर रोज कम से कम 40-60 मिनट धूप में बैठकर तिल के लड्डू या गजक खाने चाहिए, जिसमें कैल्शियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इससे उनके शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी पूरी हो जाएगी। *जुकाम में राहत* गर्म चने को किसी साफ कपड़े में बांधकर सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है।

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